करनाल में 7 दिन बाद भी महेंद्र का शव लापता:बेटे ने मां-बाप की हत्या कर नहर में फेंका, सिर में ड्रिल मशीन घुसाई

करनाल में 7 दिन बाद भी महेंद्र का शव लापता:बेटे ने मां-बाप की हत्या कर नहर में फेंका, सिर में ड्रिल मशीन घुसाई

करनाल के कमालपुर रोड़ान गांव में अपने माता-पिता की बेरहमी से हत्या करने वाला एकमात्र आरोपी और इकलौता बेटा पुलिस हिरासत में है और पांच दिन के रिमांड पर है। उधर, एसडीआरएफ की टीम ने गगसीना से खूबड़ू तक नहर में सर्च ऑपरेशन चलाया है लेकिन मृतक महेंद्र का शव अभी तक बरामद नहीं हो पाया है। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ में बड़े खुलासे भी किए हैं। आरोपी बेटे ने अपने माता-पिता की इतनी बेरहमी से हत्या की कि सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। वह 13-14 की मध्य रात्रि को दीवार फांदकर अपने घर में घुसा था। चूंकि होली वाले दिन उसके पिता ने शराब पी रखी थी और नशे के कारण वह बेहोश था। बताया जा रहा है कि आरोपी बेटे का अपने पिता के साथ प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था और मामला कोर्ट में भी चल रहा था। महेंद्र अपने बेटे को कानूनी तौर पर बेदखल करना चाहता था और 13 मार्च को वह कोर्ट में तारीख पर भी गया था। पिता ने कोर्ट में अपने बेटे को अपनी प्रॉपर्टी से बेदखल करने का फैसला सुनाया था। लेकिन आरोपी पूरी प्रॉपर्टी अपने नाम करवाना चाहता था। इसीलिए उसने अपने पिता को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। वह अच्छी तरह जानता था कि उसके पिता महेंद्र होली पर शराब जरूर पीते हैं, इसलिए उसने इसका फायदा उठाया और दीवार फांदकर घर में घुस गया। पहले मारा पिता को बाद में मां को रिमांड के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि पिता महेंद्र शराब के नशे में चारपाई लेटा हुआ था। तभी हिम्मत ने पहले अपने पिता का मुंह दबाया और ड्रिल मशीन से सिर व गले सुराख कर दिया कर दी। ड्रिल मशीन की आवाज सुनकर मां बाला देवी वहां पहुंची और बेटे को पिता की हत्या करते हुए देखा तो जोर जोर से चिल्लाने लगी। उसके बाद उसने मां का मुंह दबाया और कहा कि मेरा बाप गंदा आदमी था, हमेशा हमें परेशान करता था, इसे मार दिया है, आप किसी को मत बताना। अब हम एक साथ इकट्ठे रहेंगे। लेकिन मां जोर जोर से रोने व चिल्लाने लगी, उसे लगा कि उसकी मां अब लोगों को सब कुछ बता देगी। जिसके बाद उसने मां का गला दबा दिया और वह बेहोश हो गई। बेहोश होने के बाद मां की सिर में ड्रिल मशीन से सुराग कर हत्या कर दी। मां चीखती रही चिल्लाती रही। दोनों की हत्या करने के बाद वह कार को घर के अंदर लगाया और मेन गेट बंद करके दोनों लाशों को कार की डिग्गी में डाला। जिसके बाद वह यहां से मेन गेट का ताला लगाकर निकला और गगसीना नहर पर बिल्कुल किनारे पर कार को लगाकर दोनों लाशों को डाल दिया। शादी के बाद पिता से हुई अनबन शुरू गांव कमालपुर रोडान में महेंद्र सिंह अपनी पत्नी बाला के साथ घर पर रहता था। उसका हिम्मत नाम का बेटा है और एक बेटी है। बेटी की भी शादी हो चुकी है और बेटे ने करीब 9 महीने पहले शादी की थी। लेकिन महेंद्र उसकी शादी से नाराज थे। जिसके बाद बाप बेटे में अनबन शुरू हो गई थी। हिम्मत अपने पिता से प्रॉपटी में हिस्सा मांग रहा था। जिसके चलते कोर्ट में केस चल रहा था। इसी के चलते 1 माह पहले ही बेटा हिम्मत अपनी पत्नी के साथ उचाना गांव में किराये के मकान में रहने लगा था और करनाल के डीपीएस स्कूल में ड्राइवर की नौकरी करता था। 7 दिन बाद भी महेंद्र का नहीं लगा सुराग जानकारी के अनुसार महेंद्र के दाहिने हाथ का अंगूठा और एक अंगूली बचपन से कटी हुई थी। इसी आधार पर उसकी तस्वीर को आसपास के इलाकों में सर्कुलेट किया गया है ताकि कोई भी शव मिलने पर उसकी पहचान की जा सके। 18 मार्च से ही इंद्री पुलिस ने गगसीना के पास एसडीआरएफ की टीम के साथ महेंद्र की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया हुआ है लेकिन आज 7 दिन बाद भी उसाका कोई सुराग नहीं लगा। एसडीआरएफ की टीम अबतक गगसीना गांव से सोनीपत जिले में पड़ेन वाले गांव खूबड़ू तक सर्च ऑप्रेशन कर चुकी है। लेकिन कोई सुराग नहीं लग पाया। पुलिस कर रही आरोपी से पूछताछ इंद्री थाना के एसएचओ विपिन कुमार ने बताया कि आरोपी हिम्मत को 23 मार्च को रिमांड पुरा हो जाएगा। अबतक रिमांड के दौरान उसने काफी सारे खुलासे किए है। पुलिस ने गाड़ी व ड्रिल मशीन को बरामद कर लिया है। फिलहाल उससे और पूछताछ जारी है। वहीं महेंद्र के शव की तलाश में एसडीआरएफ व पुलिस की टीमें नहर में सर्च ऑपरेशन चला रही है। करनाल के कमालपुर रोड़ान गांव में अपने माता-पिता की बेरहमी से हत्या करने वाला एकमात्र आरोपी और इकलौता बेटा पुलिस हिरासत में है और पांच दिन के रिमांड पर है। उधर, एसडीआरएफ की टीम ने गगसीना से खूबड़ू तक नहर में सर्च ऑपरेशन चलाया है लेकिन मृतक महेंद्र का शव अभी तक बरामद नहीं हो पाया है। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ में बड़े खुलासे भी किए हैं। आरोपी बेटे ने अपने माता-पिता की इतनी बेरहमी से हत्या की कि सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। वह 13-14 की मध्य रात्रि को दीवार फांदकर अपने घर में घुसा था। चूंकि होली वाले दिन उसके पिता ने शराब पी रखी थी और नशे के कारण वह बेहोश था। बताया जा रहा है कि आरोपी बेटे का अपने पिता के साथ प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था और मामला कोर्ट में भी चल रहा था। महेंद्र अपने बेटे को कानूनी तौर पर बेदखल करना चाहता था और 13 मार्च को वह कोर्ट में तारीख पर भी गया था। पिता ने कोर्ट में अपने बेटे को अपनी प्रॉपर्टी से बेदखल करने का फैसला सुनाया था। लेकिन आरोपी पूरी प्रॉपर्टी अपने नाम करवाना चाहता था। इसीलिए उसने अपने पिता को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। वह अच्छी तरह जानता था कि उसके पिता महेंद्र होली पर शराब जरूर पीते हैं, इसलिए उसने इसका फायदा उठाया और दीवार फांदकर घर में घुस गया। पहले मारा पिता को बाद में मां को रिमांड के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि पिता महेंद्र शराब के नशे में चारपाई लेटा हुआ था। तभी हिम्मत ने पहले अपने पिता का मुंह दबाया और ड्रिल मशीन से सिर व गले सुराख कर दिया कर दी। ड्रिल मशीन की आवाज सुनकर मां बाला देवी वहां पहुंची और बेटे को पिता की हत्या करते हुए देखा तो जोर जोर से चिल्लाने लगी। उसके बाद उसने मां का मुंह दबाया और कहा कि मेरा बाप गंदा आदमी था, हमेशा हमें परेशान करता था, इसे मार दिया है, आप किसी को मत बताना। अब हम एक साथ इकट्ठे रहेंगे। लेकिन मां जोर जोर से रोने व चिल्लाने लगी, उसे लगा कि उसकी मां अब लोगों को सब कुछ बता देगी। जिसके बाद उसने मां का गला दबा दिया और वह बेहोश हो गई। बेहोश होने के बाद मां की सिर में ड्रिल मशीन से सुराग कर हत्या कर दी। मां चीखती रही चिल्लाती रही। दोनों की हत्या करने के बाद वह कार को घर के अंदर लगाया और मेन गेट बंद करके दोनों लाशों को कार की डिग्गी में डाला। जिसके बाद वह यहां से मेन गेट का ताला लगाकर निकला और गगसीना नहर पर बिल्कुल किनारे पर कार को लगाकर दोनों लाशों को डाल दिया। शादी के बाद पिता से हुई अनबन शुरू गांव कमालपुर रोडान में महेंद्र सिंह अपनी पत्नी बाला के साथ घर पर रहता था। उसका हिम्मत नाम का बेटा है और एक बेटी है। बेटी की भी शादी हो चुकी है और बेटे ने करीब 9 महीने पहले शादी की थी। लेकिन महेंद्र उसकी शादी से नाराज थे। जिसके बाद बाप बेटे में अनबन शुरू हो गई थी। हिम्मत अपने पिता से प्रॉपटी में हिस्सा मांग रहा था। जिसके चलते कोर्ट में केस चल रहा था। इसी के चलते 1 माह पहले ही बेटा हिम्मत अपनी पत्नी के साथ उचाना गांव में किराये के मकान में रहने लगा था और करनाल के डीपीएस स्कूल में ड्राइवर की नौकरी करता था। 7 दिन बाद भी महेंद्र का नहीं लगा सुराग जानकारी के अनुसार महेंद्र के दाहिने हाथ का अंगूठा और एक अंगूली बचपन से कटी हुई थी। इसी आधार पर उसकी तस्वीर को आसपास के इलाकों में सर्कुलेट किया गया है ताकि कोई भी शव मिलने पर उसकी पहचान की जा सके। 18 मार्च से ही इंद्री पुलिस ने गगसीना के पास एसडीआरएफ की टीम के साथ महेंद्र की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया हुआ है लेकिन आज 7 दिन बाद भी उसाका कोई सुराग नहीं लगा। एसडीआरएफ की टीम अबतक गगसीना गांव से सोनीपत जिले में पड़ेन वाले गांव खूबड़ू तक सर्च ऑप्रेशन कर चुकी है। लेकिन कोई सुराग नहीं लग पाया। पुलिस कर रही आरोपी से पूछताछ इंद्री थाना के एसएचओ विपिन कुमार ने बताया कि आरोपी हिम्मत को 23 मार्च को रिमांड पुरा हो जाएगा। अबतक रिमांड के दौरान उसने काफी सारे खुलासे किए है। पुलिस ने गाड़ी व ड्रिल मशीन को बरामद कर लिया है। फिलहाल उससे और पूछताछ जारी है। वहीं महेंद्र के शव की तलाश में एसडीआरएफ व पुलिस की टीमें नहर में सर्च ऑपरेशन चला रही है।   हरियाणा | दैनिक भास्कर