कानपुर में मां ने बेटी को 5 लाख में बेचा:अनैतिक कार्यों का विरोध करने पर खरीदार ने छत से नीचे फेंका, रीढ़ की हड्‌डी टूटी

कानपुर में मां ने बेटी को 5 लाख में बेचा:अनैतिक कार्यों का विरोध करने पर खरीदार ने छत से नीचे फेंका, रीढ़ की हड्‌डी टूटी

एक 17 साल की नाबालिग को उसकी मां ने शादी के लिए 10 साल बड़े लड़के को 5 लाख में बेच दिया। जानकारी होने पर लड़की गुरुग्राम से भागकर कानपुर के रेउना थाने पहुंचा। यहां ननिहाल वालों की मदद से तहरीर दी। फिर पुलिस ने बेटी को बेचने वाली मां के हवाले कर दिया। वहीं घर पहुंचते की बच्ची को खरीदने वाला युवक पहुंचा और किशोरी को उठा ले गया। अनैतिक कामों का विरोध करने पर किशोरी को छत से फेंक दिया। इससे उसकी रीढ़ की हड्‌डी में फ्रैक्चर आ गया है। पीड़ित परिवार ने मामले की शिकायत दोबारा डीसीपी साउथ से की है। बच्ची गिड़गिड़ाती रही, पुलिस ने आरोपी मां के हवाले किया
पीड़िता ने बताया- मेरी मां मुझे 5 लाख में मकान मालिक को बेचकर उसके बेटे से शादी कराना चाहती हैं। मामले की जानकारी मिलते ही मैं गुड़गांव से भागकर 17 मार्च को अपने ननिहाल कानपुर रेउना थाना क्षेत्र के गिरसी गांव पहुंच गई। मैंने अगले ही दिन रेउना थाने में अपनी मां और उसके साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी। यहां रेउना थाने की पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की। मेरी मां को इस बात का पता चला तो वो मुझे खरीदने वाले मकान मालिक शम्मी ठाकरान, राजू और एक अन्य व्यक्ति के साथ अपने मायके पहुंच गई। वहां मुझे जबरन खींचकर अपने साथ ले जाने लगी। यहां हंगामा शुरू हो गया। सूचना पर पुलिस भी पहुंची। पीड़िता ने बताया- 19 मार्च को मां ने थाने में साठगांठ की और पुलिस ने जबरन मुझे मां के हवाले कर दिया। जबकि मैं नारी निकेतन जाने तक को तैयार थी, लेकिन रेउना थाना प्रभारी ने एक नहीं सुनी और मुझे जबरन मां और उनके साथियों के हवाले सौंप दिया। पीड़िता ने कहा- मां और उनके साथ आए लोग मारते-पीटते हुए मुझे गुरुग्राम ले गए और वहां पर एक बार फिर से मेरे साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया। विरोध करने पर पहली मंजिल से नीचे फेंक दिया। इससे मेरी रीढ़ की हड्‌डी टूट गई। पिता ने वहां के सिविल हॉस्पिटल में एडमिट कराया। यहां जान का खतरा होने के चलते मुझे कानपुर के हैलट अस्पताल भेज दिया गया। जहां इलाज चल रहा है। एडीसीपी साउथ महेश कुमार ने बताया- अभी तक इस संबंध में मेरे पास कोई प्रार्थना पत्र नहीं आया है। अगर रेउना थानेदार ने ऐसा किया है तो जांच के बाद थानेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित ने आरोपी और पुलिस के खिलाफ भी दिए साक्ष्य
पीड़िता ने बताया- उसके पास एक-एक साक्ष्य हैं। पुलिस ने लिखापढ़ी में मुझे जबरन मेरी मां और उसके साथी शम्मी ठाकरान के हवाले किया था। रेउना थाने की पुलिस ने इसकी रिसीविंग भी दी है। डायल-112 की सूचना के दौरान इवेंट की डिटेल और गांव के 20 से ज्यादा लोग पूरे मामले को लेकर गवाही देने को तैयार हैं। रेउना थानेदार की गलती की वजह से मैं दोबारा खरीदारों के चंगुल में फंस गई। पुलिस निजी गाड़ी से मुझे घर पर लेने आई है। इसके बाद मुझे जबरन मेरी मां और उसके साथियों के सुपुर्द कर दिया। इसी वजह से आरोपियों ने मारपीट के साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया और फिर मुझे पहली मंजिल से नीचे फेंक दिया। एक 17 साल की नाबालिग को उसकी मां ने शादी के लिए 10 साल बड़े लड़के को 5 लाख में बेच दिया। जानकारी होने पर लड़की गुरुग्राम से भागकर कानपुर के रेउना थाने पहुंचा। यहां ननिहाल वालों की मदद से तहरीर दी। फिर पुलिस ने बेटी को बेचने वाली मां के हवाले कर दिया। वहीं घर पहुंचते की बच्ची को खरीदने वाला युवक पहुंचा और किशोरी को उठा ले गया। अनैतिक कामों का विरोध करने पर किशोरी को छत से फेंक दिया। इससे उसकी रीढ़ की हड्‌डी में फ्रैक्चर आ गया है। पीड़ित परिवार ने मामले की शिकायत दोबारा डीसीपी साउथ से की है। बच्ची गिड़गिड़ाती रही, पुलिस ने आरोपी मां के हवाले किया
पीड़िता ने बताया- मेरी मां मुझे 5 लाख में मकान मालिक को बेचकर उसके बेटे से शादी कराना चाहती हैं। मामले की जानकारी मिलते ही मैं गुड़गांव से भागकर 17 मार्च को अपने ननिहाल कानपुर रेउना थाना क्षेत्र के गिरसी गांव पहुंच गई। मैंने अगले ही दिन रेउना थाने में अपनी मां और उसके साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी। यहां रेउना थाने की पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की। मेरी मां को इस बात का पता चला तो वो मुझे खरीदने वाले मकान मालिक शम्मी ठाकरान, राजू और एक अन्य व्यक्ति के साथ अपने मायके पहुंच गई। वहां मुझे जबरन खींचकर अपने साथ ले जाने लगी। यहां हंगामा शुरू हो गया। सूचना पर पुलिस भी पहुंची। पीड़िता ने बताया- 19 मार्च को मां ने थाने में साठगांठ की और पुलिस ने जबरन मुझे मां के हवाले कर दिया। जबकि मैं नारी निकेतन जाने तक को तैयार थी, लेकिन रेउना थाना प्रभारी ने एक नहीं सुनी और मुझे जबरन मां और उनके साथियों के हवाले सौंप दिया। पीड़िता ने कहा- मां और उनके साथ आए लोग मारते-पीटते हुए मुझे गुरुग्राम ले गए और वहां पर एक बार फिर से मेरे साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया। विरोध करने पर पहली मंजिल से नीचे फेंक दिया। इससे मेरी रीढ़ की हड्‌डी टूट गई। पिता ने वहां के सिविल हॉस्पिटल में एडमिट कराया। यहां जान का खतरा होने के चलते मुझे कानपुर के हैलट अस्पताल भेज दिया गया। जहां इलाज चल रहा है। एडीसीपी साउथ महेश कुमार ने बताया- अभी तक इस संबंध में मेरे पास कोई प्रार्थना पत्र नहीं आया है। अगर रेउना थानेदार ने ऐसा किया है तो जांच के बाद थानेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित ने आरोपी और पुलिस के खिलाफ भी दिए साक्ष्य
पीड़िता ने बताया- उसके पास एक-एक साक्ष्य हैं। पुलिस ने लिखापढ़ी में मुझे जबरन मेरी मां और उसके साथी शम्मी ठाकरान के हवाले किया था। रेउना थाने की पुलिस ने इसकी रिसीविंग भी दी है। डायल-112 की सूचना के दौरान इवेंट की डिटेल और गांव के 20 से ज्यादा लोग पूरे मामले को लेकर गवाही देने को तैयार हैं। रेउना थानेदार की गलती की वजह से मैं दोबारा खरीदारों के चंगुल में फंस गई। पुलिस निजी गाड़ी से मुझे घर पर लेने आई है। इसके बाद मुझे जबरन मेरी मां और उसके साथियों के सुपुर्द कर दिया। इसी वजह से आरोपियों ने मारपीट के साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया और फिर मुझे पहली मंजिल से नीचे फेंक दिया।   उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर