कुर्मी-लोधी-जाट विधायकों के खिलाफ सबसे ज्यादा गुस्सा:भास्कर सर्वे में यूपी के लोग बोले- वादे पूरे करने में भाजपा विधायक आगे

कुर्मी-लोधी-जाट विधायकों के खिलाफ सबसे ज्यादा गुस्सा:भास्कर सर्वे में यूपी के लोग बोले- वादे पूरे करने में भाजपा विधायक आगे

जातियों को दरकिनार कर यूपी की राजनीति की पड़ताल संभव नहीं है। दैनिक भास्कर सर्वे पार्ट–1 में आपने पढ़ा कि किस पार्टी के कितने विधायकों को अगले चुनाव में जनता टिकट देने के खिलाफ है। आज पार्ट-2 में पढ़िए, जातियों के अनुसार विधायकों की परफॉर्मेंस क्या है? इसके लिए हमने विधायकों को 4 श्रेणी सामान्य, ओबीसी, एससी-एसटी और मुस्लिम में बांटकर सर्वे-रिजल्ट का एनालिसिस किया। सबसे ज्यादा नाराजगी ओबीसी में शामिल कुर्मी, लोधी और जाट विधायकों के लिए है। लोगों ने इन तीनों जातियों के 75 विधायकों में से 95% को 2027 में टिकट नहीं देने की राय जताई है। सर्वे के मुताबिक, 32 मुस्लिम विधायकों में से 84% को लोगों ने दोबारा टिकट देने से मना कर दिया। सबसे बेहतर परफॉर्मेंस सामान्य वर्ग के विधायकों की है। लोगों की राय है कि 137 विधायकों में से 26% को अगली बार भी टिकट मिलना चाहिए। ओवरऑल परफार्मेंस में किस जाति और पार्टी के विधायक अव्वल, कौन फिसड्‌डी
एससी में 6 विधायकों को 50% से अधिक अंक मिले हैं। इनमें भाजपा के 5 और आरएलडी के एक विधायक शामिल हैं। तीन अव्वल परफॉर्मेंस में शामिल भाजपा विधायकों में बलरामपुर से पलटूराम, हापुड़ से विजय पाल आढ़ती और हरगांव के सुरेश राही शामिल हैं। खराब परफॉर्मेंस में भाजपा विधायकों में मिलक से राजबाला सिंह को 10%, खजनी से श्रीराम चौहान को 13% और रामकोला से विनय प्रकाश गोंड को 18% स्कोर मिला है। वहीं, सपा विधायकों में केराकत से तूफानी सरोज को 20%, मेहनगर से पूजा को 20% और मोहम्मदाबाद गोहना से राजेंद्र कुमार को 23% ही स्कोर मिले हैं। अच्छी परफॉर्मेंस करने वाले कुर्मी विधायकों में भाजपा के उतरौला से रामप्रताप वर्मा, लखीमपुर से योगेश वर्मा, जहानाबाद से राजेंद्र सिंह पटेल और सपा के भिनगा से इंद्राणी, लहरपुर से अनिल कुमार वर्मा व कप्तानगंज से कविंद्र चौधरी शामिल हैं। वहीं खराब परफॉर्मेंस में भाजपा के लम्भुआ से सीताराम वर्मा को 16%, सेवापुरी से नीलरतन सिंह को 22% व निघासन से शशांक वर्मा को 24% और सपा के रानीगंज से डॉ. आरके वर्मा को 22%, रुधौली से राजेंद्र प्रसाद चौधरी को 25% व सगड़ी से डॉ हृदयनरायण सिंह पटेल को 27% स्कोर मिले हैं। ओवरऑल प्रदर्शन करने वाले ठाकुर विधायकों में भाजपा के महसी से सुरेश्वर सिंह, सिकंदराबाद से लक्ष्मीराज सिंह, दातागंज से राजीव सिंह और सपा के जमनिया से ओमप्रकाश सिंह व गौरीगंज से राकेश प्रताप सिंह शामिल हैं। खराब प्रदर्शन करने वाले विधायकों में भाजपा के सिंकदरा राऊ से वीरेंद्र सिंह राणा को 21%, छर्रा से रविंद्र पाल सिंह को 22%, बबीना से राजीव सिंह को 28% और सपा के सरेनी से देवेंद्र प्रताप सिंह को 22%, गोसाईंगंज से अभय सिंह को 31% व घोषी सुधाकर सिंह को 35% स्कोर मिले हैं। पंजाबी विधायकों से मिलना सबसे आसान
दैनिक भास्कर सर्वे में पहला सवाल था कि किस जाति के विधायकों से मिलना आसान है? सर्वे के मुताबिक, पंजाबी विधायकों से मिलना सबसे आसान है। विधानसभा में 6 पंजाबी विधायक हैं। 86% पंजाबी विधायकों से लोग आसानी से मिल पाते हैं। कुल 403 विधायकों में सर्वे के मुताबिक, 166 विधायकों से मिलना आसान है। इनमें 59% ठाकुर, 53% यादव, 49% ब्राह्मण, 40% कुर्मी, 37% मुस्लिम और 29% एससी विधायक शामिल हैं, जिनसे मिलना आसान है। सपा के 100% एससी विधायकों के कामकाज से लोग असंतुष्ट
सर्वे में दूसरा सवाल था कि कितने विधायकों के कामकाज से लोग संतुष्ट हैं? लोगों की राय के मुताबिक, 94% एससी विधायकों के कामकाज से लोग खुश नहीं हैं। पार्टीवार रिजल्ट के मुताबिक, सपा के सभी 15 एससी विधायक इसमें शामिल हैं। वहीं, भाजपा के 59 एससी विधायकों में से 93% के कामकाज पर लोगों ने असंतुष्टि जाहिर की। कुर्मी समाज की राजनीति करने वाली अपना दल (एस) के सभी 5 और सपा के सभी 12 विधायकों के कामकाज से लोग खुश नहीं हैं। भाजपा के 24 कुर्मी विधायकों में 91% के कामकाज से लोग संतुष्ट नहीं हैं। वादे पूरे करने में भाजपा विधायक अव्वल
सर्वे में तीसरा सवाल था कि उनके विधायकों ने कितने वादे पूरे किए? इसमें भाजपा के विधायक अव्वल बताए गए हैं। सर्वे के मुताबिक, कुल 41 विधायक ही अपने वाले पूरे कर पाए हैं। एससी की बात करें, तो भाजपा के 59 विधायकों में सिर्फ 5% ही वादे पूरे कर पाए। सपा, अपना दल, सुभासपा, जेडीएल और आरएलडी के एक भी एससी विधायक वादे पूरे नहीं कर पाए। 42 कुर्मी विधायकों में सिर्फ 3 अपने वादे पूरे कर पाए। इसमें भी भाजपा के 2 और अपना दल (एस) के 1 विधायक शामिल हैं। इसी तरह 52 ठाकुर विधायकों में 11 ही वादे पूरे कर पाए। इनमें भाजपा के 9, बसपा और जेडीएल के एक-एक विधायक शामिल हैं। 53 ब्राह्मण विधायकों में भाजपा के 8 और सपा के एक ने वादे पूरे किए। वादे पूरे करने वाले दोनों मुस्लिम और तीनों यादव विधायक सपा के हैं। जबकि वादे पूरे करने वाले दोनों वैश्य विधायक भाजपा के हैं। सर्वे रिपोर्ट : 95% कुर्मी विधायकों को अगली बार टिकट न देने की राय
सर्वे में चौथा सवाल था कि किस जाति के कितने विधायकों को 2027 में टिकट नहीं मिलना चाहिए? रिजल्ट के मुताबिक, लोग नहीं चाहते कि कुर्मी समाज के 95% विधायकों को अगली बार टिकट मिले। 42 कुर्मी विधायकों में सिर्फ 2 बिलग्राम-मल्लावां के आशीष कुमार सिंह और गौरा के विधायक प्रभात कुमार वर्मा को ही लोगों ने दोबारा टिकट देने के लिए कहा है। दोनों भाजपा के विधायक हैं। लोधी समाज के 18 विधायकों में गरौठा से भाजपा के जवाहरलाल राजपूत और 15 जाट विधायकों में बागपत से भाजपा विधायक योगेश धाम को लोगों ने दोबारा टिकट देने को कहा है। 53 ब्राह्मण विधायकों में भाजपा से सेवता के ज्ञान तिवारी, दरियाबाद से सतीश चंद्र शर्मा, पयागपुर से सुभाष त्रिपाठी, देवरिया से डा. शलभ मणि त्रिपाठी, बदलापुर से रमेश चंद्र मिश्र, तरबगंज से प्रेमनारायण पांडे, मेहनौन से विनय कुमार द्विवेदी, गाजियाबाद से संजीव शर्मा, सपा के आर्यनगर (कानपुर शहर) से अमिताभ बाजपेई और रामपुर खास से कांग्रेस की आराधना मिश्रा को जनता ने 2027 में फिर से टिकट देने को कहा है। 52 ठाकुर विधायकों में कुंडा से जेडीएल के रघुराज प्रताप सिंह, रसड़ा से बसपा के उमाशंकर सिंह, जमानिया से सपा के ओमप्रकाश और भाजपा के सवायजपुर से माधवेंद्र प्रताप सिंह, ददरौल से अरविंद कुमार सिंह, मोहम्मदी से लोकेंद्र प्रताप सिंह, सरोजनीनगर से डॉ. राजेश्वर सिंह, कुंदरकी से रामवीर सिंह, सैयदराजा से सुशील सिंह, जेवर से धीरेंद्र सिंह, कैम्पियरगंज से फतेहबहादुर सिंह, कर्नलगंज से अजय, बिठूर से अभिजीत सिंह सांगा, अलीगंज से सत्यपाल सिंह राठौर, एत्मादपुर से डॉ. धर्मपाल सिंह, तिलोई से मयंकेश्वर शरण सिंह को जनता ने अगली बार भी टिकट देने के लिए राय दी है। 32 मुस्लिम विधायकों में सपा के कैराना के नाहिद हसन, किठोर से शाहिद मंजूर, ठाकुरद्वारा से नवाबजान, बहेड़ी से अताउर रहमान, सीसामऊ से नसीम सोलंकी को जनता ने अगली बार टिकट देने की राय व्यक्त की है। 26 यादव विधायकों में सपा के असमौली से पिंकी सिंह, गुन्नौर से रामखिलाड़ी सिंह, गैसड़ी से राकेश कुमार यादव, शेखपुर से हिमांशु यादव, सहसवान से बृजेश यादव, जसराना से इं सचिन यादव, जसवंतनगर से शिवपाल यादव को 2027 में टिकट देने की राय दी है। ओवरऑल में ठाकुर विधायकों की परफॉर्मेंस सबसे अच्छी
सभी 4 सवालों के आधार पर ओवरऑल 403 विधायकों में किस जाति के विधायकों की परफॉर्मेंस सबसे अच्छी है? सर्वे एनालिसिस के मुताबिक, ठाकुर विधायकों का ओवरऑल प्रदर्शन सबसे अच्छा आया। 53 ठाकुर विधायकों में 32% को 50% से ज्यादा स्कोर मिला। इनमें भाजपा के 5 तो जेएलडी के 1 विधायक शामिल हैं। परफॉर्मेंस में दूसरे नंबर में यादव और वैश्य विधायक हैं। दोनों के 23%-23% विधायकों को 50% से ज्यादा स्कोर मिला है। इनमें सभी 6 यादव विधायक सपा के, तो सभी 3 वैश्य विधायक भाजपा के हैं।
तीसरे नंबर पर ब्राह्मण विधायक हैं। इनमें 20% को 50% से ज्यादा स्कोर मिला है। मुस्लिम के 18% और जाट के 13% विधायकों की परफॉर्मेंस लोगों ने अच्छी मानी है। सबसे खराब प्रदर्शन एससी और लोधी समाज के विधायकों का है। एससी के 7% और लोधी के 5% विधायकों को ही 50% से ज्यादा का स्कोर मिला है। विधानसभा में एससी के 84, तो लोधी समाज के 18 विधायक हैं। खबर के आखिरी पड़ाव पर 403 विधायकों को लेकर हुए सर्वे के 4 सवाल और उनके जवाब पढ़ लें- कितने विधायकों से मिलना आसान है? कितने विधायकों के काम से संतुष्ट हैं? कितने विधायकों के वादे पूरे हुए? कितने विधायकों को 2027 में टिकट नहीं मिलना चाहिए? —————- कल आखिरी सीरीज पढ़िए : विधायकों का सर्वे पार्ट–3 … आपके क्षेत्र के विधायकों की परफॉर्मेंस कैसी है? किस विधायक से जनता आसानी से मिल पाती है? किस विधायक के वादे पूरे हुए? किस विधायक से उनके क्षेत्र की जनता संतुष्ट है? सीएम और उनके मंत्रियों का क्या है रिपोर्ट कार्ड… जातियों को दरकिनार कर यूपी की राजनीति की पड़ताल संभव नहीं है। दैनिक भास्कर सर्वे पार्ट–1 में आपने पढ़ा कि किस पार्टी के कितने विधायकों को अगले चुनाव में जनता टिकट देने के खिलाफ है। आज पार्ट-2 में पढ़िए, जातियों के अनुसार विधायकों की परफॉर्मेंस क्या है? इसके लिए हमने विधायकों को 4 श्रेणी सामान्य, ओबीसी, एससी-एसटी और मुस्लिम में बांटकर सर्वे-रिजल्ट का एनालिसिस किया। सबसे ज्यादा नाराजगी ओबीसी में शामिल कुर्मी, लोधी और जाट विधायकों के लिए है। लोगों ने इन तीनों जातियों के 75 विधायकों में से 95% को 2027 में टिकट नहीं देने की राय जताई है। सर्वे के मुताबिक, 32 मुस्लिम विधायकों में से 84% को लोगों ने दोबारा टिकट देने से मना कर दिया। सबसे बेहतर परफॉर्मेंस सामान्य वर्ग के विधायकों की है। लोगों की राय है कि 137 विधायकों में से 26% को अगली बार भी टिकट मिलना चाहिए। ओवरऑल परफार्मेंस में किस जाति और पार्टी के विधायक अव्वल, कौन फिसड्‌डी
एससी में 6 विधायकों को 50% से अधिक अंक मिले हैं। इनमें भाजपा के 5 और आरएलडी के एक विधायक शामिल हैं। तीन अव्वल परफॉर्मेंस में शामिल भाजपा विधायकों में बलरामपुर से पलटूराम, हापुड़ से विजय पाल आढ़ती और हरगांव के सुरेश राही शामिल हैं। खराब परफॉर्मेंस में भाजपा विधायकों में मिलक से राजबाला सिंह को 10%, खजनी से श्रीराम चौहान को 13% और रामकोला से विनय प्रकाश गोंड को 18% स्कोर मिला है। वहीं, सपा विधायकों में केराकत से तूफानी सरोज को 20%, मेहनगर से पूजा को 20% और मोहम्मदाबाद गोहना से राजेंद्र कुमार को 23% ही स्कोर मिले हैं। अच्छी परफॉर्मेंस करने वाले कुर्मी विधायकों में भाजपा के उतरौला से रामप्रताप वर्मा, लखीमपुर से योगेश वर्मा, जहानाबाद से राजेंद्र सिंह पटेल और सपा के भिनगा से इंद्राणी, लहरपुर से अनिल कुमार वर्मा व कप्तानगंज से कविंद्र चौधरी शामिल हैं। वहीं खराब परफॉर्मेंस में भाजपा के लम्भुआ से सीताराम वर्मा को 16%, सेवापुरी से नीलरतन सिंह को 22% व निघासन से शशांक वर्मा को 24% और सपा के रानीगंज से डॉ. आरके वर्मा को 22%, रुधौली से राजेंद्र प्रसाद चौधरी को 25% व सगड़ी से डॉ हृदयनरायण सिंह पटेल को 27% स्कोर मिले हैं। ओवरऑल प्रदर्शन करने वाले ठाकुर विधायकों में भाजपा के महसी से सुरेश्वर सिंह, सिकंदराबाद से लक्ष्मीराज सिंह, दातागंज से राजीव सिंह और सपा के जमनिया से ओमप्रकाश सिंह व गौरीगंज से राकेश प्रताप सिंह शामिल हैं। खराब प्रदर्शन करने वाले विधायकों में भाजपा के सिंकदरा राऊ से वीरेंद्र सिंह राणा को 21%, छर्रा से रविंद्र पाल सिंह को 22%, बबीना से राजीव सिंह को 28% और सपा के सरेनी से देवेंद्र प्रताप सिंह को 22%, गोसाईंगंज से अभय सिंह को 31% व घोषी सुधाकर सिंह को 35% स्कोर मिले हैं। पंजाबी विधायकों से मिलना सबसे आसान
दैनिक भास्कर सर्वे में पहला सवाल था कि किस जाति के विधायकों से मिलना आसान है? सर्वे के मुताबिक, पंजाबी विधायकों से मिलना सबसे आसान है। विधानसभा में 6 पंजाबी विधायक हैं। 86% पंजाबी विधायकों से लोग आसानी से मिल पाते हैं। कुल 403 विधायकों में सर्वे के मुताबिक, 166 विधायकों से मिलना आसान है। इनमें 59% ठाकुर, 53% यादव, 49% ब्राह्मण, 40% कुर्मी, 37% मुस्लिम और 29% एससी विधायक शामिल हैं, जिनसे मिलना आसान है। सपा के 100% एससी विधायकों के कामकाज से लोग असंतुष्ट
सर्वे में दूसरा सवाल था कि कितने विधायकों के कामकाज से लोग संतुष्ट हैं? लोगों की राय के मुताबिक, 94% एससी विधायकों के कामकाज से लोग खुश नहीं हैं। पार्टीवार रिजल्ट के मुताबिक, सपा के सभी 15 एससी विधायक इसमें शामिल हैं। वहीं, भाजपा के 59 एससी विधायकों में से 93% के कामकाज पर लोगों ने असंतुष्टि जाहिर की। कुर्मी समाज की राजनीति करने वाली अपना दल (एस) के सभी 5 और सपा के सभी 12 विधायकों के कामकाज से लोग खुश नहीं हैं। भाजपा के 24 कुर्मी विधायकों में 91% के कामकाज से लोग संतुष्ट नहीं हैं। वादे पूरे करने में भाजपा विधायक अव्वल
सर्वे में तीसरा सवाल था कि उनके विधायकों ने कितने वादे पूरे किए? इसमें भाजपा के विधायक अव्वल बताए गए हैं। सर्वे के मुताबिक, कुल 41 विधायक ही अपने वाले पूरे कर पाए हैं। एससी की बात करें, तो भाजपा के 59 विधायकों में सिर्फ 5% ही वादे पूरे कर पाए। सपा, अपना दल, सुभासपा, जेडीएल और आरएलडी के एक भी एससी विधायक वादे पूरे नहीं कर पाए। 42 कुर्मी विधायकों में सिर्फ 3 अपने वादे पूरे कर पाए। इसमें भी भाजपा के 2 और अपना दल (एस) के 1 विधायक शामिल हैं। इसी तरह 52 ठाकुर विधायकों में 11 ही वादे पूरे कर पाए। इनमें भाजपा के 9, बसपा और जेडीएल के एक-एक विधायक शामिल हैं। 53 ब्राह्मण विधायकों में भाजपा के 8 और सपा के एक ने वादे पूरे किए। वादे पूरे करने वाले दोनों मुस्लिम और तीनों यादव विधायक सपा के हैं। जबकि वादे पूरे करने वाले दोनों वैश्य विधायक भाजपा के हैं। सर्वे रिपोर्ट : 95% कुर्मी विधायकों को अगली बार टिकट न देने की राय
सर्वे में चौथा सवाल था कि किस जाति के कितने विधायकों को 2027 में टिकट नहीं मिलना चाहिए? रिजल्ट के मुताबिक, लोग नहीं चाहते कि कुर्मी समाज के 95% विधायकों को अगली बार टिकट मिले। 42 कुर्मी विधायकों में सिर्फ 2 बिलग्राम-मल्लावां के आशीष कुमार सिंह और गौरा के विधायक प्रभात कुमार वर्मा को ही लोगों ने दोबारा टिकट देने के लिए कहा है। दोनों भाजपा के विधायक हैं। लोधी समाज के 18 विधायकों में गरौठा से भाजपा के जवाहरलाल राजपूत और 15 जाट विधायकों में बागपत से भाजपा विधायक योगेश धाम को लोगों ने दोबारा टिकट देने को कहा है। 53 ब्राह्मण विधायकों में भाजपा से सेवता के ज्ञान तिवारी, दरियाबाद से सतीश चंद्र शर्मा, पयागपुर से सुभाष त्रिपाठी, देवरिया से डा. शलभ मणि त्रिपाठी, बदलापुर से रमेश चंद्र मिश्र, तरबगंज से प्रेमनारायण पांडे, मेहनौन से विनय कुमार द्विवेदी, गाजियाबाद से संजीव शर्मा, सपा के आर्यनगर (कानपुर शहर) से अमिताभ बाजपेई और रामपुर खास से कांग्रेस की आराधना मिश्रा को जनता ने 2027 में फिर से टिकट देने को कहा है। 52 ठाकुर विधायकों में कुंडा से जेडीएल के रघुराज प्रताप सिंह, रसड़ा से बसपा के उमाशंकर सिंह, जमानिया से सपा के ओमप्रकाश और भाजपा के सवायजपुर से माधवेंद्र प्रताप सिंह, ददरौल से अरविंद कुमार सिंह, मोहम्मदी से लोकेंद्र प्रताप सिंह, सरोजनीनगर से डॉ. राजेश्वर सिंह, कुंदरकी से रामवीर सिंह, सैयदराजा से सुशील सिंह, जेवर से धीरेंद्र सिंह, कैम्पियरगंज से फतेहबहादुर सिंह, कर्नलगंज से अजय, बिठूर से अभिजीत सिंह सांगा, अलीगंज से सत्यपाल सिंह राठौर, एत्मादपुर से डॉ. धर्मपाल सिंह, तिलोई से मयंकेश्वर शरण सिंह को जनता ने अगली बार भी टिकट देने के लिए राय दी है। 32 मुस्लिम विधायकों में सपा के कैराना के नाहिद हसन, किठोर से शाहिद मंजूर, ठाकुरद्वारा से नवाबजान, बहेड़ी से अताउर रहमान, सीसामऊ से नसीम सोलंकी को जनता ने अगली बार टिकट देने की राय व्यक्त की है। 26 यादव विधायकों में सपा के असमौली से पिंकी सिंह, गुन्नौर से रामखिलाड़ी सिंह, गैसड़ी से राकेश कुमार यादव, शेखपुर से हिमांशु यादव, सहसवान से बृजेश यादव, जसराना से इं सचिन यादव, जसवंतनगर से शिवपाल यादव को 2027 में टिकट देने की राय दी है। ओवरऑल में ठाकुर विधायकों की परफॉर्मेंस सबसे अच्छी
सभी 4 सवालों के आधार पर ओवरऑल 403 विधायकों में किस जाति के विधायकों की परफॉर्मेंस सबसे अच्छी है? सर्वे एनालिसिस के मुताबिक, ठाकुर विधायकों का ओवरऑल प्रदर्शन सबसे अच्छा आया। 53 ठाकुर विधायकों में 32% को 50% से ज्यादा स्कोर मिला। इनमें भाजपा के 5 तो जेएलडी के 1 विधायक शामिल हैं। परफॉर्मेंस में दूसरे नंबर में यादव और वैश्य विधायक हैं। दोनों के 23%-23% विधायकों को 50% से ज्यादा स्कोर मिला है। इनमें सभी 6 यादव विधायक सपा के, तो सभी 3 वैश्य विधायक भाजपा के हैं।
तीसरे नंबर पर ब्राह्मण विधायक हैं। इनमें 20% को 50% से ज्यादा स्कोर मिला है। मुस्लिम के 18% और जाट के 13% विधायकों की परफॉर्मेंस लोगों ने अच्छी मानी है। सबसे खराब प्रदर्शन एससी और लोधी समाज के विधायकों का है। एससी के 7% और लोधी के 5% विधायकों को ही 50% से ज्यादा का स्कोर मिला है। विधानसभा में एससी के 84, तो लोधी समाज के 18 विधायक हैं। खबर के आखिरी पड़ाव पर 403 विधायकों को लेकर हुए सर्वे के 4 सवाल और उनके जवाब पढ़ लें- कितने विधायकों से मिलना आसान है? कितने विधायकों के काम से संतुष्ट हैं? कितने विधायकों के वादे पूरे हुए? कितने विधायकों को 2027 में टिकट नहीं मिलना चाहिए? —————- कल आखिरी सीरीज पढ़िए : विधायकों का सर्वे पार्ट–3 … आपके क्षेत्र के विधायकों की परफॉर्मेंस कैसी है? किस विधायक से जनता आसानी से मिल पाती है? किस विधायक के वादे पूरे हुए? किस विधायक से उनके क्षेत्र की जनता संतुष्ट है? सीएम और उनके मंत्रियों का क्या है रिपोर्ट कार्ड…   उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर