कोर्ट ने झारखंड में रामनवमी शोभा यात्रा के दौरान बिजली काटने की दी अनुमति, कपिल सिब्बल ने की थी सरकार की पैरवी, बोले- ‘ऐसी यात्राओं…’

कोर्ट ने झारखंड में रामनवमी शोभा यात्रा के दौरान बिजली काटने की दी अनुमति, कपिल सिब्बल ने की थी सरकार की पैरवी, बोले- ‘ऐसी यात्राओं…’

<p style=”text-align: justify;”><strong>Jharkhand Ram Navami Shobha Yatra 2025:</strong> सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार को राहत देते हुए उसे रामनवमी के दौरान शोभा यात्रा के मार्गों पर बिजली आपूर्ति काटने की शुक्रवार को अनुमति दे दी ताकि करंट लगने की घटनाएं न हों. झारखंड सरकार की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि अप्रैल 2000 में लगभग 28 लोगों की करंट लगने से दुखद मौत होने के बाद राज्य सरकार ने यह निवारक तंत्र अपनाया था.</p>
<p style=”text-align: justify;”>प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेतृत्व वाली सरकार की एक तत्काल याचिका पर सुनवाई के दौरान यह फैसला सुनाया. इस याचिका में हाईकोर्ट के तीन अप्रैल के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) और राज्य के अन्य प्राधिकारियों को धार्मिक अवसरों पर बिजली काटने से रोक दिया गया था.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश में किया गया संशोधन</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>सुप्रीम कोर्ट ने सिब्बल की इन दलीलों पर गौर किया कि इन शोभा यात्राओं के दौरान दो दशक से अधिक समय से बिजली आपूर्ति बाधित की जाती रही है ताकि करंट लगने की घटनाएं न हों. इसके बाद शीर्ष अदालत ने झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश में संशोधन किया. सिब्बल ने कहा कि रामनवमी के अवसर पर एक धार्मिक शोभा यात्रा के दौरान भगदड़ भी मची थी.</p>
<p style=”text-align: justify;”>रामनवमी के दौरान बिजली कटौती की अवधि पर राज्य सरकार के प्रस्ताव पर गौर करने के बाद प्रधान न्यायाधीश ने कहा, &lsquo;&lsquo;इससे लोगों का जीवन कैसे बच सकता है.&rsquo;&rsquo; सिब्बल ने कहा कि ऐसी यात्राओं में लोग अकसर लंबे झंडे लेकर चलते हैं, जिससे करंट लगने का खतरा रहता है. पीठ ने झारखंड सरकार से कहा कि वह बिजली कम से कम काटे और शोभा यात्रा वाले मार्गों पर ही बिजली काटी जाए.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>अस्पतालों में बिजली आपूर्ति बाधित न हो- कोर्ट</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>कोर्ट ने राज्य सरकार से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि इस दौरान अस्पतालों में बिजली आपूर्ति बाधित न हो. कोर्ट&nbsp;ने झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के प्रमुख से हाईकोर्ट में पांच अप्रैल को दोपहर तक यह हलफनामा दाखिल करने को कहा कि बिजली न्यूनतम अवधि के लिए काटी जाएगी और अस्पतालों में आपातकालीन आपूर्ति जारी रखी जाएगी.</p>
<p style=”text-align: justify;”>पीठ ने हाईकोर्ट की रजिस्ट्री को नोटिस जारी किया और मामले में आगे की सुनवाई के लिए आठ अप्रैल की तारीख तय की. राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश पर &lsquo;&lsquo;अंतरिम एकपक्षीय रोक&rsquo;&rsquo; लगाए जाने का अनुरोध किया था. भगवान राम के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाने वाली रामनवमी छह अप्रैल को है.</p> <p style=”text-align: justify;”><strong>Jharkhand Ram Navami Shobha Yatra 2025:</strong> सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार को राहत देते हुए उसे रामनवमी के दौरान शोभा यात्रा के मार्गों पर बिजली आपूर्ति काटने की शुक्रवार को अनुमति दे दी ताकि करंट लगने की घटनाएं न हों. झारखंड सरकार की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि अप्रैल 2000 में लगभग 28 लोगों की करंट लगने से दुखद मौत होने के बाद राज्य सरकार ने यह निवारक तंत्र अपनाया था.</p>
<p style=”text-align: justify;”>प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेतृत्व वाली सरकार की एक तत्काल याचिका पर सुनवाई के दौरान यह फैसला सुनाया. इस याचिका में हाईकोर्ट के तीन अप्रैल के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) और राज्य के अन्य प्राधिकारियों को धार्मिक अवसरों पर बिजली काटने से रोक दिया गया था.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश में किया गया संशोधन</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>सुप्रीम कोर्ट ने सिब्बल की इन दलीलों पर गौर किया कि इन शोभा यात्राओं के दौरान दो दशक से अधिक समय से बिजली आपूर्ति बाधित की जाती रही है ताकि करंट लगने की घटनाएं न हों. इसके बाद शीर्ष अदालत ने झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश में संशोधन किया. सिब्बल ने कहा कि रामनवमी के अवसर पर एक धार्मिक शोभा यात्रा के दौरान भगदड़ भी मची थी.</p>
<p style=”text-align: justify;”>रामनवमी के दौरान बिजली कटौती की अवधि पर राज्य सरकार के प्रस्ताव पर गौर करने के बाद प्रधान न्यायाधीश ने कहा, &lsquo;&lsquo;इससे लोगों का जीवन कैसे बच सकता है.&rsquo;&rsquo; सिब्बल ने कहा कि ऐसी यात्राओं में लोग अकसर लंबे झंडे लेकर चलते हैं, जिससे करंट लगने का खतरा रहता है. पीठ ने झारखंड सरकार से कहा कि वह बिजली कम से कम काटे और शोभा यात्रा वाले मार्गों पर ही बिजली काटी जाए.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>अस्पतालों में बिजली आपूर्ति बाधित न हो- कोर्ट</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>कोर्ट ने राज्य सरकार से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि इस दौरान अस्पतालों में बिजली आपूर्ति बाधित न हो. कोर्ट&nbsp;ने झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के प्रमुख से हाईकोर्ट में पांच अप्रैल को दोपहर तक यह हलफनामा दाखिल करने को कहा कि बिजली न्यूनतम अवधि के लिए काटी जाएगी और अस्पतालों में आपातकालीन आपूर्ति जारी रखी जाएगी.</p>
<p style=”text-align: justify;”>पीठ ने हाईकोर्ट की रजिस्ट्री को नोटिस जारी किया और मामले में आगे की सुनवाई के लिए आठ अप्रैल की तारीख तय की. राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश पर &lsquo;&lsquo;अंतरिम एकपक्षीय रोक&rsquo;&rsquo; लगाए जाने का अनुरोध किया था. भगवान राम के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाने वाली रामनवमी छह अप्रैल को है.</p>  झारखंड वक्फ अमेंडमेंट बिल पास होने पर मुस्लिम समाज ने मनाया जश्न, निकाला धन्यवाद जुलूस