गाजियाबाद में पॉलिथिन का जुर्माना वसूलने के लिए बार्गेनिंग, VIDEO:दुकानदार से कहा- नगद 5 हजार दो, चेक के थ्रू दोगे तो 50 हजार चाहिए

गाजियाबाद में पॉलिथिन का जुर्माना वसूलने के लिए बार्गेनिंग, VIDEO:दुकानदार से कहा- नगद 5 हजार दो, चेक के थ्रू दोगे तो 50 हजार चाहिए

गाजियाबाद में पॉलिथिन के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच नगर निगम टीम और व्यापारी के बीच बार्गेनिंग की वीडियो सामने आई है। टीम ने शर्त रखी कि व्यापारी नगद जुर्माना देगा तो पांच हजार रुपए और चेक के थ्रू देगा तो 50 हजार रुपए। इस बात पर खूब नोकझोंक हुई कि ये जुर्माने की कैसी शर्त है। नगर आयुक्त ने बार्गेनिंग की इस वीडियो पर जांच का आदेश दे दिया है। वीडियो में बातचीत के अंश पढ़िए…
नगर निगम टीम : क्या कह रहे हो आप?
दुकानदार : जो जायज है, वो जुर्माना भर दो
टीम : जायज आप बताओगे?
दुकानदार : 10 हजार रुपए मैं कहां से लाकर दूंगा। 10 हजार रुपए हम कमा रहे क्या, जो आपको दे देंगे।
टीम : पांच हजार रुपए दो, चलो
दुकानदार : बात तो कर लूं जरा
टीम : पांच हजार रुपए दे रहे हो या नहीं दे रहे हो
दुकानदार : चेक दे देता हूं
टीम : चेक नहीं। पांच हजार रुपए कैश देना है।
दुकानदार : अब कैश कहां से दे दूं?
टीम : चेक दोगे तो 50 हजार रुपए का। चेक लेंगे तो 50 हजार का लेंगे, नहीं तो कैश 5 हजार रुपए दो। दोनों में अंतर है। जुर्माना आपका 50 हजार रुपए बनता है। क्योंकि आप पर दूसरी बार जुर्माना हो रहा है।
दुकानदार : अजी 50 लाख का बना दो सीधा। 50 हजार में क्या होगा। वीडियो पर बैठाई जांच, सफाई इंस्पेक्टर को नोटिस जारी
इस बारे में नगर निगम के नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर मिथिलेश ने कहा- ‘शहर में पॉलिथिन मुक्त अभियान जारी है। रोस्टर के क्रम में 21 जून को सिटी जोन क्षेत्र में ये अभियान चलाया। वायरल वीडियो में सफाई इंस्पेक्टर संजीव और अन्य टीम द्वारा पॉलिथिन पाए जाने पर जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है। बकायदा जुर्माना वसूली के बाद संबंधित व्यापारी को उसकी रसीद भी दी गई है। जुर्माने से वसूली गई रकम नगर निगम के कोष में भी जमा कराई गई है। वीडियो में दर्शायी जा रही बहस पर नगरायुक्त ने जांच का आदेश दे दिया है। साथ ही सिटी जोन के सफाई इंस्पेक्टर संजीव को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है।’ गाजियाबाद में पॉलिथिन के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच नगर निगम टीम और व्यापारी के बीच बार्गेनिंग की वीडियो सामने आई है। टीम ने शर्त रखी कि व्यापारी नगद जुर्माना देगा तो पांच हजार रुपए और चेक के थ्रू देगा तो 50 हजार रुपए। इस बात पर खूब नोकझोंक हुई कि ये जुर्माने की कैसी शर्त है। नगर आयुक्त ने बार्गेनिंग की इस वीडियो पर जांच का आदेश दे दिया है। वीडियो में बातचीत के अंश पढ़िए…
नगर निगम टीम : क्या कह रहे हो आप?
दुकानदार : जो जायज है, वो जुर्माना भर दो
टीम : जायज आप बताओगे?
दुकानदार : 10 हजार रुपए मैं कहां से लाकर दूंगा। 10 हजार रुपए हम कमा रहे क्या, जो आपको दे देंगे।
टीम : पांच हजार रुपए दो, चलो
दुकानदार : बात तो कर लूं जरा
टीम : पांच हजार रुपए दे रहे हो या नहीं दे रहे हो
दुकानदार : चेक दे देता हूं
टीम : चेक नहीं। पांच हजार रुपए कैश देना है।
दुकानदार : अब कैश कहां से दे दूं?
टीम : चेक दोगे तो 50 हजार रुपए का। चेक लेंगे तो 50 हजार का लेंगे, नहीं तो कैश 5 हजार रुपए दो। दोनों में अंतर है। जुर्माना आपका 50 हजार रुपए बनता है। क्योंकि आप पर दूसरी बार जुर्माना हो रहा है।
दुकानदार : अजी 50 लाख का बना दो सीधा। 50 हजार में क्या होगा। वीडियो पर बैठाई जांच, सफाई इंस्पेक्टर को नोटिस जारी
इस बारे में नगर निगम के नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर मिथिलेश ने कहा- ‘शहर में पॉलिथिन मुक्त अभियान जारी है। रोस्टर के क्रम में 21 जून को सिटी जोन क्षेत्र में ये अभियान चलाया। वायरल वीडियो में सफाई इंस्पेक्टर संजीव और अन्य टीम द्वारा पॉलिथिन पाए जाने पर जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है। बकायदा जुर्माना वसूली के बाद संबंधित व्यापारी को उसकी रसीद भी दी गई है। जुर्माने से वसूली गई रकम नगर निगम के कोष में भी जमा कराई गई है। वीडियो में दर्शायी जा रही बहस पर नगरायुक्त ने जांच का आदेश दे दिया है। साथ ही सिटी जोन के सफाई इंस्पेक्टर संजीव को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है।’   उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर