प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के गुरुग्राम जोनल कार्यालय ने मैसर्स सिद्धार्थ बिल्ड होम प्राइवेट लिमिटेड (SBPL) के प्रमोटर सिद्धार्थ चौहान, उनकी कंपनियों और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने घर खरीदारों के साथ की गई धोखाधड़ी के एक मामले में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के तहत गुरुग्राम में स्थित 94.82 करोड़ कीमत की प्रॉपर्टी को अटैच किया है। अटैच की गई प्रॉपर्टी में एक आवासीय घर और वाणिज्यिक भवन भी शामिल हैं। ईडी की यह कार्रवाई हरियाणा पुलिस और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। फ्लैट्स देने के नाम पर लिए 520 करोड़ जांच में पाया गया कि सिद्धार्थ चौहान और उनकी कंपनियों ने संभावित घर खरीदारों को झूठे वादों के साथ लुभाया और उनके साथ धोखाधड़ी की। आरोप है कि सिद्धार्थ बिल्ड होम ने गुरुग्राम में विभिन्न आवासीय परियोजनाओं में फ्लैट्स बेचने के नाम पर आरोपी कंपनी और उसके प्रमोटर ने 950 से अधिक घर खरीदारों से लगभग 520 करोड़ रुपए एकत्र किए, लेकिन वादे के मुताबिक खरीदारों को घर उपलब्ध नहीं कराए। समय कर फ्लैट नहीं दिया सिद्धार्थ बिल्ड होम की स्थापना 1995 में हुई थी और इसका मुख्यालय गुरुग्राम में स्थित है। कंपनी के प्रमोटर सिद्धार्थ चौहान उद्यमी हैं, जिनके पास रियल एस्टेट और इन्फ्रास्ट्रक्चर में एक दशक से अधिक का अनुभव है। कंपनी ने गुरुग्राम के सेक्टर 63, 67 और अन्य इलाकों में कई आवासीय परियोजना लॉन्च की थी। दूसरी जगह किया निवेश ईडी की जांच से पता चला कि सिद्धार्थ चौहान और उनकी कंपनियों ने अपराध से प्राप्त आय को विभिन्न संपत्तियों में निवेश किया था। अटैच की गई संपत्तियों का मूल्यांकन 94.82 करोड़ रुपए आंका गया है। घर खरीदारों से हो रही धोखाधड़ी गुरुग्राम में रियल एस्टेट क्षेत्र में धोखाधड़ी के मामले पिछले कुछ वर्षों में बढ़े हैं। इससे पहले भी ईडी ने गुरुग्राम में रियल एस्टेट से जुड़े कई मामलों में कार्रवाई की है। ईडी ने हाल ही में कई बिल्डरों और उनके प्रमोटरों के खिलाफ पीएमएलए के तहत कार्रवाई तेज की है। जनवरी 2025 में ईडी ने वाटिका लिमिटेड से संबंधित 68.59 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की थी और जुलाई 2024 में एम3एम इंडिया इन्फ्रास्ट्रक्चर की 300.11 करोड़ रुपए की संपत्ति पर कार्रवाई की थी। ये मामले घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी और धन के गैरकानूनी हस्तांतरण से जुड़े थे। ईडी की जांच जारी ईडी अधिकारियों का कहना है कि, जांच अभी जारी है और सिद्धार्थ चौहान सहित अन्य संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। प्रभावित खरीदारों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि उन्हें उनका पैसा या संपत्ति मिल सकेगी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के गुरुग्राम जोनल कार्यालय ने मैसर्स सिद्धार्थ बिल्ड होम प्राइवेट लिमिटेड (SBPL) के प्रमोटर सिद्धार्थ चौहान, उनकी कंपनियों और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने घर खरीदारों के साथ की गई धोखाधड़ी के एक मामले में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के तहत गुरुग्राम में स्थित 94.82 करोड़ कीमत की प्रॉपर्टी को अटैच किया है। अटैच की गई प्रॉपर्टी में एक आवासीय घर और वाणिज्यिक भवन भी शामिल हैं। ईडी की यह कार्रवाई हरियाणा पुलिस और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। फ्लैट्स देने के नाम पर लिए 520 करोड़ जांच में पाया गया कि सिद्धार्थ चौहान और उनकी कंपनियों ने संभावित घर खरीदारों को झूठे वादों के साथ लुभाया और उनके साथ धोखाधड़ी की। आरोप है कि सिद्धार्थ बिल्ड होम ने गुरुग्राम में विभिन्न आवासीय परियोजनाओं में फ्लैट्स बेचने के नाम पर आरोपी कंपनी और उसके प्रमोटर ने 950 से अधिक घर खरीदारों से लगभग 520 करोड़ रुपए एकत्र किए, लेकिन वादे के मुताबिक खरीदारों को घर उपलब्ध नहीं कराए। समय कर फ्लैट नहीं दिया सिद्धार्थ बिल्ड होम की स्थापना 1995 में हुई थी और इसका मुख्यालय गुरुग्राम में स्थित है। कंपनी के प्रमोटर सिद्धार्थ चौहान उद्यमी हैं, जिनके पास रियल एस्टेट और इन्फ्रास्ट्रक्चर में एक दशक से अधिक का अनुभव है। कंपनी ने गुरुग्राम के सेक्टर 63, 67 और अन्य इलाकों में कई आवासीय परियोजना लॉन्च की थी। दूसरी जगह किया निवेश ईडी की जांच से पता चला कि सिद्धार्थ चौहान और उनकी कंपनियों ने अपराध से प्राप्त आय को विभिन्न संपत्तियों में निवेश किया था। अटैच की गई संपत्तियों का मूल्यांकन 94.82 करोड़ रुपए आंका गया है। घर खरीदारों से हो रही धोखाधड़ी गुरुग्राम में रियल एस्टेट क्षेत्र में धोखाधड़ी के मामले पिछले कुछ वर्षों में बढ़े हैं। इससे पहले भी ईडी ने गुरुग्राम में रियल एस्टेट से जुड़े कई मामलों में कार्रवाई की है। ईडी ने हाल ही में कई बिल्डरों और उनके प्रमोटरों के खिलाफ पीएमएलए के तहत कार्रवाई तेज की है। जनवरी 2025 में ईडी ने वाटिका लिमिटेड से संबंधित 68.59 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की थी और जुलाई 2024 में एम3एम इंडिया इन्फ्रास्ट्रक्चर की 300.11 करोड़ रुपए की संपत्ति पर कार्रवाई की थी। ये मामले घर खरीदारों के साथ धोखाधड़ी और धन के गैरकानूनी हस्तांतरण से जुड़े थे। ईडी की जांच जारी ईडी अधिकारियों का कहना है कि, जांच अभी जारी है और सिद्धार्थ चौहान सहित अन्य संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। प्रभावित खरीदारों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि उन्हें उनका पैसा या संपत्ति मिल सकेगी। हरियाणा | दैनिक भास्कर
