जस्टिस वर्मा के ट्रांसफर पर UP में प्रदर्शन:इलाहाबाद हाईकोर्ट में 10 हजार केस की सुनवाई रुकी, वाराणसी में झाड़ू लगाकर वकील बोले- जस्टिस वर्मा गो बैक

जस्टिस वर्मा के ट्रांसफर पर UP में प्रदर्शन:इलाहाबाद हाईकोर्ट में 10 हजार केस की सुनवाई रुकी, वाराणसी में झाड़ू लगाकर वकील बोले- जस्टिस वर्मा गो बैक

कैश कांड में फंसे जस्टिस यशवंत वर्मा का दिल्ली हाईकोर्ट से इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर किए जाने पर वकील अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। आज सुबह से इलाहाबाद हाईकोर्ट के बाहर वकील यज्ञ और सुंदरकांड का पाठ कर रहे हैं। वकीलों ने कहा- ये यज्ञ इसलिए कर रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट के वकीलों को सद्बुद्धि आए। हम किसी भी हाल में यशवंत वर्मा को हाईकोर्ट में बैठने नहीं देंगे। उधर, वाराणसी में कोर्ट के बाहर वकीलों ने झाड़ू लगाई। ‘जस्टिस वर्मा गो बैक’ के नारे लगाए। वकीलों के प्रदर्शन से करीब 10 हजार केस की सुनवाई मंगलवार को टल गई। बता दें कि 14 मार्च को जस्टिस वर्मा के बंगले पर एक रूम में आग लगी। इसके बाद नोटों के कई बंडल जले होने का वीडियो सामने आया। करीब 15 करोड़ कैश की आशंका जताई गई। फिर 20 मार्च को जस्टिस वर्मा का ट्रांसफर इलाहाबाद हाईकोर्ट करने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके विरोध में इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने सीजेआई और कॉलेजियम को एक लेटर भेजा, जिसमें लिखा- यह कोई कूड़ेदान नहीं है। फिर एक दिन पहले यानी 23 मार्च को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने जनरल हाउस बुलाई। जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की मांग का प्रस्ताव पारित किया। कैश कांड में फंसे जस्टिस यशवंत वर्मा का दिल्ली हाईकोर्ट से इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर किए जाने पर वकील अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। आज सुबह से इलाहाबाद हाईकोर्ट के बाहर वकील यज्ञ और सुंदरकांड का पाठ कर रहे हैं। वकीलों ने कहा- ये यज्ञ इसलिए कर रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट के वकीलों को सद्बुद्धि आए। हम किसी भी हाल में यशवंत वर्मा को हाईकोर्ट में बैठने नहीं देंगे। उधर, वाराणसी में कोर्ट के बाहर वकीलों ने झाड़ू लगाई। ‘जस्टिस वर्मा गो बैक’ के नारे लगाए। वकीलों के प्रदर्शन से करीब 10 हजार केस की सुनवाई मंगलवार को टल गई। बता दें कि 14 मार्च को जस्टिस वर्मा के बंगले पर एक रूम में आग लगी। इसके बाद नोटों के कई बंडल जले होने का वीडियो सामने आया। करीब 15 करोड़ कैश की आशंका जताई गई। फिर 20 मार्च को जस्टिस वर्मा का ट्रांसफर इलाहाबाद हाईकोर्ट करने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके विरोध में इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने सीजेआई और कॉलेजियम को एक लेटर भेजा, जिसमें लिखा- यह कोई कूड़ेदान नहीं है। फिर एक दिन पहले यानी 23 मार्च को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने जनरल हाउस बुलाई। जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की मांग का प्रस्ताव पारित किया।   उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर