पंजाब के जालंधर में फोकल पॉइंट के पास एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक व्यक्ति की मौत भीषण गर्मी के कारण हुई है। मृतक की पहचान नहीं हो पाई है और ना ही मृतक के शरीर पर किसी प्रकार का कोई निशान मिला है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जालंधर के सिविल अस्पताल में भेज दिया है। मृतक की उम्र करीब 55 से 60 साल व्यतीत हो रही है। थाना डिवीजन नंबर 8 की चौकी फोकल पॉइंट के इंचार्ज अवतार सिंह ने बताया कि पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी गई थी कि फोकल पॉइंन फ्लाईओवर, संजय गांधी नगर के पास एक व्यक्ति बेसुध हालत में पड़ा हुआ है। पुलिस ने तुरंत उक्त व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 72 घंटे पहचान के लिए सिविल अस्पताल में रखा शव फोकल पॉइंट चौकी के इंचार्ज अवतार सिंह ने बताया कि मृतक की जेब से कोई पहचान पत्र या अन्य दस्तावेज नहीं मिला है। जिसके चलते उसकी पहचान नहीं हो पाई है। मृतक की पहचान करवाने के लिए उसके शव को 72 घंटे तक सिविल अस्पताल में रखवाया गया है। अगर इस दौरान मृतक की पहचान नहीं होती तो पुलिस खुद मृतक का संस्कार करवाएगी। पंजाब के जालंधर में फोकल पॉइंट के पास एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक व्यक्ति की मौत भीषण गर्मी के कारण हुई है। मृतक की पहचान नहीं हो पाई है और ना ही मृतक के शरीर पर किसी प्रकार का कोई निशान मिला है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जालंधर के सिविल अस्पताल में भेज दिया है। मृतक की उम्र करीब 55 से 60 साल व्यतीत हो रही है। थाना डिवीजन नंबर 8 की चौकी फोकल पॉइंट के इंचार्ज अवतार सिंह ने बताया कि पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी गई थी कि फोकल पॉइंन फ्लाईओवर, संजय गांधी नगर के पास एक व्यक्ति बेसुध हालत में पड़ा हुआ है। पुलिस ने तुरंत उक्त व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 72 घंटे पहचान के लिए सिविल अस्पताल में रखा शव फोकल पॉइंट चौकी के इंचार्ज अवतार सिंह ने बताया कि मृतक की जेब से कोई पहचान पत्र या अन्य दस्तावेज नहीं मिला है। जिसके चलते उसकी पहचान नहीं हो पाई है। मृतक की पहचान करवाने के लिए उसके शव को 72 घंटे तक सिविल अस्पताल में रखवाया गया है। अगर इस दौरान मृतक की पहचान नहीं होती तो पुलिस खुद मृतक का संस्कार करवाएगी। पंजाब | दैनिक भास्कर
Related Posts

होटल में बंधक बना पीड़िता को शराब पिलाते रहे, फिर 6-7 लोगों ने युवती से गैंगरेप किया
होटल में बंधक बना पीड़िता को शराब पिलाते रहे, फिर 6-7 लोगों ने युवती से गैंगरेप किया होटल में बंधक बनाकर युवती के साथ 6-7 युवकों ने गैंगरेप किया। युवती को शराब पिलाकर आरोपियों ने बार-बार दुष्कर्म किया। आरोपियों ने युवती को दो दिनों तक अगवा कर होटल के कमरे में रखा था। इसका खुलासा पीड़िता की ओर से कोर्ट में दिए बयान में हुआ है। डिवीजन नंबर-2 पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने होटल का कमरा सील कर दिया है। युवती मानसिक रूप से अक्षम बताई गई है। 37 वर्षीय पीड़िता 17 अक्टूबर सुबह घर के पास की दुकान से सामान लेने गई थी। दोपहर तक वह घर नहीं लौटी। युवती के भाई ने जनकपुरी पुलिस चौकी को सूचना दी। 21 अक्टूबर की दोपहर युवती चीमा चौक के पास एक पार्क में मिली। सूचना पर परिजन युवती को लेने पहुंचे। युवती ने आपबीती परिजनों को बताई। पीड़िता ने परिजनों को बताया कि वह घर का रास्ता भूल गई। रास्ते में कुछ लोग मिले, जो मदद करने की बात कहकर उसे अपने साथ सूफियां चौक स्थित होटल में ले गए। युवती का आरोप है कि होटल स्काई में युवकों ने उसे जबरन शराब पिलाकर उसके साथ गैंगरेप किया। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की और रजिस्टर चेक किए। जांच में सामने आया है कि युवती के साथ आरोपी सौरव पुत्र विपिन कुमार, सुनील कुमार पुत्र नानकु शुक्ला और दमन शर्मा पुत्र हरीश कुमार ने गैंगरेप किया। पुलिस ने तीनों को काबू कर लिया। अब पुलिस अन्य आरोपियों की शिनाख्त में जुटी है। गैंगरेप की घटना में होटल प्रबंधन की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। सबसे बड़ा सवाल ये है कि होटल में युवती को लेकर 3 युवक गए थे। होटल मैनेजर व कर्मचारियों ने बिना जांच के कमरा उन्हें दे दिया। अभी जांच में ये सामने आया है कि आरोपियों ने एक कमरा लिया और छह आदमी उसमें मौजूद थे। सवाल ये उठ रहा है कि किसकी सहमति से आरोपियों को एक ही कमरा दे दिया गया। दो दिन तक युवती को अगवा कर होटल में रखा गया लेकिन होटल प्रबंधन ने इसे लेकर संजीदगी नहीं दिखाई। 3 लोगों को 1 कमरा कैसे मिला कितने आरोपी ने गैंगरेप किया? -6-7 आरोपी थे, तीन पकड़ लिए गए हैं। कितने दिन होटल में बंधक बनाकर रखा? -दो दिन होटल में रखा था। होटल में छह लोगों को एक कमरा कैसे मिल गया? -जांच अभी खत्म नहीं हुई है। होटल प्रबंधन की भूमिका की जांच होगी और जांच बैठा दी गई है। संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। आरोपियों की पहचान कैसे हो पाई? -आरोपियों ने अपनी आईडी होटल में जमा कराई थी। अनिल कुमार, एसीपी सेंट्रल

चंडीगढ़ ED ने जांच कर वसूली 185 करोड़ की संपत्ति:सूर्या फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड पर कार्रवाई; SBI के सहयोगी बैंकों से ठगे 828.50 करोड़
चंडीगढ़ ED ने जांच कर वसूली 185 करोड़ की संपत्ति:सूर्या फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड पर कार्रवाई; SBI के सहयोगी बैंकों से ठगे 828.50 करोड़ चंडीगढ़ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सूर्या फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड से भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह को 185.13 करोड़ रुपए की संपत्तियों को लौटा दिया है। चंडीगढ़ ईडी द्वारा देर रात जारी किए गए एक बयान में कहा गया है कि चंडीगढ़ की दवा कंपनी सूर्या फार्मास्युटिकल लिमिटेड ने कथित तौर पर कर्ज धोखाधड़ी के जरिए जालसाजी की थी और कंपनी के निर्देशक राजीव गोयल और अलका गोयल द्वारा धोखाधड़ी कर करीब 828.50 करोड़ रुपए बैंक को नुकसान पहुंचाया। पीएमएलए नियमों के तहत निदेशालय की मंजूरी के बाद विशेष कोर्ट ने 25 अक्टूबर 2024 को एक बहाली आदेश जारी किया गया था। जिसमें कुर्क की गई संपत्तियों को पीएमएलए 2002 की धारा 8(7) के तहत आधिकारिक परिसमापक के माध्यम से उधार देने वाले बैंकों के संघ को वापस करने की अनुमति दी गई थी। सीबीआई नई दिल्ली द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर सूर्या फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान घोटाले का पता चला जांच के दौरान पता चला कि आरोपी कंपनी सूर्या फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड और उसके निदेशकों/प्रवर्तकों राजीव गोयल और अलका गोयल ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के नेतृत्व वाले बैंकों के संघ को 828.50 करोड़ रुपए को नुकसान पहुंचाया और आपराधिक गतिविधियों के जरिए खुद के लिए नाजायज लाभ प्राप्त किया। बैंक से इनलैंड लेटर ऑफ क्रेडिट (आईएलसी) जारी करने के लिए चालान, परिवहन विवरण, लॉरी रसीद आदि जैसे फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करके लोन लिया था और बाद में सूर्या फार्मास्युटिकल लिमिटेड द्वारा समूह की कंपनियों और फर्जी संस्थाओं के बैंक खातों का उपयोग करके गबन कर लिया गया। इस तरह ऋण देने वाले बैंकों को 828.50 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। धोखाधड़ी के बाद भारत से भागे दोनों मालिक धोखाधड़ी करने वाली कंपनी ने बैंक से विदेशी साख पत्र (एफएलसी) जारी करने के लिए जाली बिल ऑफ लैडिंग, आयात चालान और शिपिंग लाइन के दस्तावेजों का भी इस्तेमाल किया। सूर्या फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड ने धोखाधड़ी से जारी किए गए अंतर्देशीय और विदेशी साख पत्रों से धन की राउंड-ट्रिपिंग के माध्यम से अपने बैंक खातों में पीओसी प्राप्त किया। अपराधों को करने के बाद राजीव गोयल और अलका गोयल भारत से भाग गए और उन्हें सीजेएम, यूटी, चंडीगढ़ की अदालत ने 10 जुलाई 2017 को एक आदेश में घोषित अपराधी घोषित कर दिया। गहन जांच के बाद ईडी ने एक अनंतिम कुर्की आदेश जारी किया। जिसमें 185.13 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्ति जब्त की गई। इसके बाद 4 अप्रैल 2024 को ईडी ने विशेष न्यायालय चंडीगढ़ के समक्ष अभियोजन शिकायत दायर की। कुर्क की गई संपत्तियों में जम्मू के सांबा में स्थित 80 कनाल भूमि पर एक इमारत, संयंत्र और मशीनरी, फर्नीचर और जुड़नार शामिल हैं।

जालंधर में सरपंच पति की मौत को लेकर SIT गठित:महिला ने बयान बदले, गोली लगने का वीडियो सामने आया था
जालंधर में सरपंच पति की मौत को लेकर SIT गठित:महिला ने बयान बदले, गोली लगने का वीडियो सामने आया था जालंधर में 17 फरवरी (सोमवार) की रात जागो पार्टी (शादी से पहले का प्रोग्राम) के दौरान हवाई फायरिंग में महिला सरपंच के 45 वर्षीय पति की मौत मामले में देहात पुलिस के एसएसपी ने स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (SIT) बना दी है। बता दें कि कल यानी रविवार को महिला सरपंच ने अपने बयान बदल लिए थे। जिसके बाद देहात पुलिस के एसएसपी हरकमलप्रीत सिंह खख ने आज यानी सोमवार को ये फैसला लिया। मृतक गोराया निवासी परमजीत सिंह का पोस्टमार्टम करवाने से पहले ही परिवार द्वारा अंतिम संस्कार कर दिया गया था। जब मामले का वीडियो सामने आया तो इलाके में हड़कंप मच गया। महिला सरपंच ने पति की मौत का कारण दिल का दौरा बताया था गोराया के गांव चक्क देसराज की सरपंच नीरू के पति परमजीत सिंह की मौत का कारण पहले दिल का दौरा पड़ना बताया था। सरपंच नीरू कहा था कि उसके पति की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है। मगर, कल यानी रविवार को उन्होंने बयान बदल लिए और कह दिया कि पति की मौत गोली लगने से ही हुई है और पति को गोली मारने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर दी। अब इस मामले को लेकर पुलिस द्वारा श्मशान घाट से परमजीत सिंह के शव की राख भी कब्जे में ले लिया है। एसएसपी खख बोले- डीएसपी फिल्लौर की देखरेख में टीम गठित की इसे लेकर एसएसपी हरकमलप्रीत सिंह खख ने कहा- मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। डांस करते वक्त एक सिख व्यक्ति गोलियां चला रहा है। इस दौरान महिला सरपंच का पति नीचे गिर जाता है। लेकिन वह 2 और फायर करता है। जिसके बाद वहां पर मौजूद लोग जमीन पर गिरे व्यक्ति की मदद करते दिखाई देते है। गोली लगी या नहीं लगी, वीडियो के आधार पर उसकी जांच हो रही है। वहीं, गठित की गई टीम में डीएसपी फिल्लौर, एसएचओ गोराया और चौकी इंचार्ज शामिल है। जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले में अगली कार्रवाई की जाएगी।