पंजाब में नशाखोरी पर सरकार को फटकार:हाईकोर्ट ने हेरोइन केस में जमानत खारिज की, कहा-युवाओं का नशे में लिप्त होना सरकार की विफलता

पंजाब में नशाखोरी पर सरकार को फटकार:हाईकोर्ट ने हेरोइन केस में जमानत खारिज की, कहा-युवाओं का नशे में लिप्त होना सरकार की विफलता

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब में बढ़ती नशाखोरी पर गंभीर चिंता जताते हुए सरकार को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि नशे की लत को पूरा करने के लिए युवा चोरी व अन्य अपराधों में लिप्त हो रहे हैं, जो इस समस्या से निपटने में सरकार की विफलता को दर्शाता है। दरअसल, पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस संदीप मौदगिल 290 ग्राम हेरोइन की कॉमर्शियल बरामदगी के मामले में आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। इस मामले में फैसला सुनाते हुए उन्होंने यह टिप्पणी भी की। जिसमें उन्होंने कहा- “बढ़ती नशे की लत देश के भविष्य को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा रही है और युवाओं को दीमक की तरह खोखला कर रही है।” सरकार को फटकार लगाते हुए उन्होंने कहा- “युवाओं का अपराध की ओर बढ़ना राज्य सरकार की विफलता को दर्शाता है। पंजाब में नशे की समस्या बहुत गंभीर हो गई है, जिस पर सख्ती से काबू पाना जरूरी है।” नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जरूरत कोर्ट ने नशीली दवाओं के कारोबार में शामिल अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत जताई और कहा कि यह पूरे देश के सामाजिक ढांचे के लिए खतरा बनता जा रहा है। जस्टिस मौदगिल ने कहा कि कोर्ट नागरिकों का संरक्षक है और यह सुनिश्चित करना उसका कर्तव्य है कि इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। नशीली दवाओं के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सके। कॉमर्शियल कैटेगरी के कारण नहीं मिली जमानत अदालत ने कहा कि यह मात्रा कॉमर्शियल कैटेगरी में आती है, इसलिए एनडीपीएस एक्ट की धारा 37 के सख्त प्रावधान लागू होंगे। कोर्ट ने कहा कि ऐसे में आरोपी को जमानत देना सही नहीं होगा। अदालत ने साफ किया कि नशे के खिलाफ गंभीरता से कदम उठाने होंगे ताकि युवा पीढ़ी को इसकी लत से बचाया जा सके। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब में बढ़ती नशाखोरी पर गंभीर चिंता जताते हुए सरकार को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि नशे की लत को पूरा करने के लिए युवा चोरी व अन्य अपराधों में लिप्त हो रहे हैं, जो इस समस्या से निपटने में सरकार की विफलता को दर्शाता है। दरअसल, पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस संदीप मौदगिल 290 ग्राम हेरोइन की कॉमर्शियल बरामदगी के मामले में आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। इस मामले में फैसला सुनाते हुए उन्होंने यह टिप्पणी भी की। जिसमें उन्होंने कहा- “बढ़ती नशे की लत देश के भविष्य को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा रही है और युवाओं को दीमक की तरह खोखला कर रही है।” सरकार को फटकार लगाते हुए उन्होंने कहा- “युवाओं का अपराध की ओर बढ़ना राज्य सरकार की विफलता को दर्शाता है। पंजाब में नशे की समस्या बहुत गंभीर हो गई है, जिस पर सख्ती से काबू पाना जरूरी है।” नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जरूरत कोर्ट ने नशीली दवाओं के कारोबार में शामिल अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत जताई और कहा कि यह पूरे देश के सामाजिक ढांचे के लिए खतरा बनता जा रहा है। जस्टिस मौदगिल ने कहा कि कोर्ट नागरिकों का संरक्षक है और यह सुनिश्चित करना उसका कर्तव्य है कि इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। नशीली दवाओं के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सके। कॉमर्शियल कैटेगरी के कारण नहीं मिली जमानत अदालत ने कहा कि यह मात्रा कॉमर्शियल कैटेगरी में आती है, इसलिए एनडीपीएस एक्ट की धारा 37 के सख्त प्रावधान लागू होंगे। कोर्ट ने कहा कि ऐसे में आरोपी को जमानत देना सही नहीं होगा। अदालत ने साफ किया कि नशे के खिलाफ गंभीरता से कदम उठाने होंगे ताकि युवा पीढ़ी को इसकी लत से बचाया जा सके।   पंजाब | दैनिक भास्कर