पंजाब में पंजाब रोजवेज के कच्चे मुलाजिमों को पक्का किए जाने की मांग को लेकर आज (मंगलवार को) जालंधर में यूनियन द्वारा बड़ा ऐलान किया गया। पंजाब रोडवेज कर्मचारियों की विभिन्न यूनियन ने ऐलान किया है कि 3 अप्रैल यानी गुरुवार को राज्य के सभी बस स्टैंड दो घंटे के लिए बंद किए जाएंगे। साथ ही 6, 7 और 8 अप्रैल को रोडवेज में काम करने वाले कच्चे मुलाजिमों द्वारा पूर्ण तौर पर हड़ताल की जाएगी। यूनियन नेताओं ने कहा कि, पंजाब सरकार द्वारा जो बजट पेश किया गया, उस बजट में कोई भी ऐलान ऐसा नहीं है, जिससे सुनिश्चित हो सके कि हमारे कच्चे मुलाजिमों को पक्का किया जाएगा। यूनियन नेता बोले- सरकार ने मांगे दरकिनार कीं, इसलिए किया ऐलान पंजाब रोडवेज पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के प्रधान रेशम सिंह गिल ने कहा कि, पिछले काफी समय से हमारी पंजाब सरकार से मुलाजिमों को पक्का करने सहित कई मांगें हैं। पूर्व मुख्यमंत्री सरदार प्रकाश सिंह बादल, कैप्टन अमरिंदर सिंह और अब सीएम सरदार भगवंत सिंह मान से भी हमारी चर्चा हुई है। मगर हमारी मांगे पूरी नहीं की गई। इस सरकार से बातचीत करते हुए हमें तीन साल हो चुके हैं। हमने छोटे-छोटे प्रदर्शन भी किए, मगर कुछ हाथ नहीं लगा। हमने पहले सोचा कि हमारी हड़ताल के चलते पंजाब की माताओं और बहनों को परेशानी न हो। मगर सरकार ने हमारी एक नहीं सुनी। जिसके चलते हमें ये ऐलान करना पड़ा। पंजाब सरकार से दस हजार नई बसें खरीदने की मांग की है। पंजाब में पंजाब रोजवेज के कच्चे मुलाजिमों को पक्का किए जाने की मांग को लेकर आज (मंगलवार को) जालंधर में यूनियन द्वारा बड़ा ऐलान किया गया। पंजाब रोडवेज कर्मचारियों की विभिन्न यूनियन ने ऐलान किया है कि 3 अप्रैल यानी गुरुवार को राज्य के सभी बस स्टैंड दो घंटे के लिए बंद किए जाएंगे। साथ ही 6, 7 और 8 अप्रैल को रोडवेज में काम करने वाले कच्चे मुलाजिमों द्वारा पूर्ण तौर पर हड़ताल की जाएगी। यूनियन नेताओं ने कहा कि, पंजाब सरकार द्वारा जो बजट पेश किया गया, उस बजट में कोई भी ऐलान ऐसा नहीं है, जिससे सुनिश्चित हो सके कि हमारे कच्चे मुलाजिमों को पक्का किया जाएगा। यूनियन नेता बोले- सरकार ने मांगे दरकिनार कीं, इसलिए किया ऐलान पंजाब रोडवेज पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के प्रधान रेशम सिंह गिल ने कहा कि, पिछले काफी समय से हमारी पंजाब सरकार से मुलाजिमों को पक्का करने सहित कई मांगें हैं। पूर्व मुख्यमंत्री सरदार प्रकाश सिंह बादल, कैप्टन अमरिंदर सिंह और अब सीएम सरदार भगवंत सिंह मान से भी हमारी चर्चा हुई है। मगर हमारी मांगे पूरी नहीं की गई। इस सरकार से बातचीत करते हुए हमें तीन साल हो चुके हैं। हमने छोटे-छोटे प्रदर्शन भी किए, मगर कुछ हाथ नहीं लगा। हमने पहले सोचा कि हमारी हड़ताल के चलते पंजाब की माताओं और बहनों को परेशानी न हो। मगर सरकार ने हमारी एक नहीं सुनी। जिसके चलते हमें ये ऐलान करना पड़ा। पंजाब सरकार से दस हजार नई बसें खरीदने की मांग की है। पंजाब | दैनिक भास्कर
