जालंधर | टेंडर घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में जेल बंद पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु की बेल पर वीरवार को स्पेशल कोर्ट (एडिशनल सेशन जज डीपी सिंगला) की कोर्ट में सुनवाई हुई। बेल पर बचाव पक्ष की बहस पूरी हो गई। कोर्ट 14 अक्टूबर को फैसला सुनाएगी। बता दें कि ईडी ने 1 अगस्त को मनी लॉन्ड्रिंग केस में जेल बंद पूर्व कैबिनेट मंत्री को गिरफ्तार किया था। बाद में करीबी रहे करीबी राजदीप सिंह नागरा को पकड़ा गया था। ईडी ने 58 दिन में अपनी जांच पूरी कर स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट फाइल कर दी थी। ईडी ने जांच के दौरान आशु और अन्य की 22.78 करोड़ की चल-अचल संपत्ति अटैच कर ली है। जालंधर | टेंडर घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में जेल बंद पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु की बेल पर वीरवार को स्पेशल कोर्ट (एडिशनल सेशन जज डीपी सिंगला) की कोर्ट में सुनवाई हुई। बेल पर बचाव पक्ष की बहस पूरी हो गई। कोर्ट 14 अक्टूबर को फैसला सुनाएगी। बता दें कि ईडी ने 1 अगस्त को मनी लॉन्ड्रिंग केस में जेल बंद पूर्व कैबिनेट मंत्री को गिरफ्तार किया था। बाद में करीबी रहे करीबी राजदीप सिंह नागरा को पकड़ा गया था। ईडी ने 58 दिन में अपनी जांच पूरी कर स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट फाइल कर दी थी। ईडी ने जांच के दौरान आशु और अन्य की 22.78 करोड़ की चल-अचल संपत्ति अटैच कर ली है। पंजाब | दैनिक भास्कर
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नवांशहर में एक्सयूवी ने दो बाइकों को मारी टक्कर:महिला की मौत, तीन लोग घायल, जालंधर जा रहे थे डॉक्टर
नवांशहर में एक्सयूवी ने दो बाइकों को मारी टक्कर:महिला की मौत, तीन लोग घायल, जालंधर जा रहे थे डॉक्टर पंजाब के नवांशहर-रोपड़ मुख्य रोड पर गुरुवार सुबह 10:30 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक महिला की मौत हो गई और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। खरड़ निवासी डॉ. राजीव कुमार कुंद्रा अपनी कार में जालंधर से चंडीगढ़ जा रहे थे। राणा ढाबा के सामने एक अज्ञात वाहन ने उनकी कार को कट मार दिया, जिससे कार बेकाबू होकर दो मोटरसाइकिलों से टकरा गई। बाइक पर मां-बेटा कुराली जा रहे थे पहली मोटरसाइकिल सवार गोरखपुर के कमलेश रानी(55) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका बेटा कुंदन लाल गंभीर रूप से घायल हो गया। मां-बेटा कुराली जा रहे थे। दूसरा मोटरसाइकिल सवार मझूर के गुरमुख सिंह और उनकी रिश्तेदार सुखविंदर कौर भी गंभीर रूप से घायल हुए। गुरमुख सिंह की दाहिनी टांग में फ्रैक्चर हो गया और सुखविंदर कौ के दांत टूट गए। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा शव सिटी पुलिस स्टेशन बलाचौर के एएसआई सतनाम सिंह की टीम ने मौके पर पहुंचकर कमलेश रानी के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए बलाचौर के सरकारी अस्पताल भेजा। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने तीनों वाहनों को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

डिंपी ढिल्लों आज AAP में करेंगे जॉइन:CM मान गिद्दड़बाहा में पार्टी में करवाएंगे शामिल, उप चुनाव में उम्मीदवार बनाने की तैयारी
डिंपी ढिल्लों आज AAP में करेंगे जॉइन:CM मान गिद्दड़बाहा में पार्टी में करवाएंगे शामिल, उप चुनाव में उम्मीदवार बनाने की तैयारी पंजाब के गिद्दड़बाहा से शिरोमणि अकाली दल (SAD) को अलविदा कहने वाले हलका प्रभारी व सुखबीर बादल के करीबी हरदीप सिंह डिंपी ढिल्लों आज आम आदमी पार्टी में शामिल होंगे। सीएम भगवंत मान उन्हें पार्टी में जॉइन करवाने के लिए खुद गिद्दड़बाहा जा रहे हैं। इसके लिए वहां पर एक प्रोग्राम रखा गया है। उम्मीद है कि आने वाले विधानसभा उप चुनाव के लिए पार्टी उन्हें अपना उम्मीदवार घोषित कर सकती है। वहीं, सीएम के गिदड़बाहा दौरे के चलते सुरक्षा प्रबंध काफी मजबूत किए गए है। मनप्रीत बादल के चलते छोड़ी पार्टी डिंपी ढिल्लों ने SAD को छोड़ते हुए साफ किया था कि वह मनप्रीत बादल की वजह से पार्टी छोड़ रहे हैं। उनका आरोप था कि भले ही मनप्रीत बादल भाजपा में है। लेकिन जब भी इलाके में जाते हैं, तो कहते हैं कि सुखबीर बादल और उनके रिश्ते काफी अच्छे हैं। वह दोनों घी और खिचड़ी की तरह हैं। ऐसे में कार्यकर्ता भी भ्रमित है। उन्होंने सुखबीर बादल को भी इस बारे में स्थिति साफ करने को कहा था, लेकिन वह भी कुछ नहीं कह रहे थे। न ही वह खुद वहां से चुनाव लड़ने की बात कर रहे थे, न ही उन्हें उम्मीदवार घोषित किया गया। उनकी दोस्ती पर परिवारवाद भारी हो गया। वहीं, उन्होंने कहा कि अभी तक मौजूदा सरकार का कार्यकाल दो साल शेष हैं। ऐसे में वह अपने इलाके का विकास करवा पाए। इसलिए उन्होंने पार्टी जॉइन करने का फैसला लिया है। हालांकि सुखबीर बादल ने पार्टी कार्यकर्ताओं से मीटिंग में कहा था कि डिंपी के पार्टी छोड़ने से उन्हें दुख लगा है। उन्होंने डिंपी को कहा था कि वह वापस आ जाए। उन्होंने डिंपी को 10 दिन पार्टी में वापस आने का समय दिया है। साथ ही कहा था कि वह उन्हें उम्मीदवार घोषित कर देंगे। 2022 में मात्र 1349 वोटों से हारे थे डिंपी ढिल्लों की गिदड़बाहा सीट पर अच्छी पकड़ है। दो बार चुनावों में उन्होंने SAD की टिकट पर चुनाव लड़ा था। लेकिन दोनों बार उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था। साल 2012 से यहां से लगातार कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग चुनाव जीतने आ रहे है। 2017 में हरदीप सिंह डिंपी ढिल्लों को राजा वड़िंग ने हराया था। चुनाव में डिंपी को 47288 को वोट मिले थे, जबकि वड़िंग को 63500 मत मिले थे। 2022 में जब पूरे राज्य में आम आदमी पार्टी की हवा थी। लेकिन इस सीट पर शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस के बीच में ही मुकाबला था। इस दौरान राजा वड़िंग के वोट कम होकर 50998 रह गए, जबकि डिंपी को 49649 वोट मिले। दोनों में जीत का अंतर 1349 वोट का था। ऐसे में डिंपी ढिल्लों खुद को काफी मजबूत दावेदर इस सीट से मानते हैं।

बीमार पिता को नहीं दी कंगना-कुलविंदर थप्पड़ कांड की जानकारी:मां बोली- जो बेटी ने किया सही किया, परिवार उसके साथ; कंगना ने उकसाया होगा
बीमार पिता को नहीं दी कंगना-कुलविंदर थप्पड़ कांड की जानकारी:मां बोली- जो बेटी ने किया सही किया, परिवार उसके साथ; कंगना ने उकसाया होगा चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर हुए कंगना रनौट थप्पड़ घटनाक्रम के बाद विवाद गहराता जा रहा है। एक तरफ पंजाब के सिख व किसान संगठन कुलविंदर कौर के हक में आ चुके हैं। वहीं राजपूत बिरादरी ने कंगना के हक में उतरी है। लेकिन इसी बीच कुलविंदर कौर के परिवार ने थप्पड़ मारने का वीडियो जांच करने की मांग रखी है। कुलविंदर कौर की मां वीर कौर मानने को तैयार नहीं है कि बिना वजह कुलविंदर ने कंगना पर हाथ उठाया होगा। वहीं, कुलविंदर कौर के पिता जो एक साल से बीमार हैं, पूरे घटनाक्रम की सूचना नहीं है। जो लोग कुलविंदर कौर के कारण घर आ रहे हैं, उन्हें भी पिता को घटनाक्रम के बारे में कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया गया है। वीर कौर का कहना है कि मां कितनी भी बुरी हो या अच्छी हो, कोई अपनी मां के बारे में नहीं सुन सकता। उसे 100 रुपए लेकर दिहाड़ी पर जाने वाली कहा गया, दुक्की की औरत कहा गया। क्या हम दुक्की की महिलाएं हैं। हम अगर आंदोलन में गई तो अपने बच्चों के भविष्य के लिए गई। जाने क्या कहा वीर कौर ने सवाल- कंगना रनोट के साथ हुए घटनाक्रम पर क्या कहेंगी? वीर कौर- मेरी बेटी ने जो किया ठीक किया। परिवार व किसान संगठन उनके साथ हैं। मैं अपनी बेटी को गलत नहीं कह सकती। जब तक मैं अपनी आंखों से सब नहीं देख लेती, मैं ऐसा कुछ नहीं कहूंगी। सवाल- परिवार में बेटी के अलावा भी कोई आर्मी या पैरा मिलिट्री फोर्सेस में है? जवाब- हमारे परिवार में 5-6 लोग आर्मी से है। जेठ, भतीजा व 2 जीजे हमारे आर्मी में हैं और कई रिटायर हो चुके हैं। 1965 की लड़ाई में मेरे जेठ ने पीपल पत्ते खा कर लड़ाई लड़ी। 16 साल मेरी बेटी को जॉब करते हो गए। आज तक ऐसा नहीं हुआ और ना ही कोई शिकायत आई। मैं इस बात को नहीं मानती कि बिना कारण उसकी बैटी ने थप्पड़ मारा है। सवाल- बेटी ने दिल्ली आंदोलन में जाने की बात कही, क्या आप वहां थी? दिल्ली – हम अपने हकों के लिए वहां गए थे। हमें फसलों के नुकसान के पैसे मिलें, जमीनें जो कच्ची हैं, पक्की हमारे नाम की जाएं। हमारा दिल करता है कि हम सड़क पर धूप में बैठें। नंगे पैर हम जाते थे, पानी को तरसते थे। अपने हक के लिए गए। सवाल- घटना के दिन आप कहां थी? जवाब- जिस दिन घटना हुई मैं बाहर थी, किसी करीबी का देहांत हो गया था। रात 7 बजे आई तो मुझे घटना का पता चला। मां बुरी हो या अच्छी, कोई बच्चा नहीं सुनता। जब मां को बोल दिया कि 100 रुपए दिहाड़ी लेकर जाती है। मुझे दो आने की कहा गया। मेरी बेटी पानी को लांघ, सरकंडों से निकल स्कूल पढ़ने जाती थी। तब भी उसकी कोई शिकायत नहीं आई। उसे कुछ कहा होगा जो उसने ऐसा किया। जब तक मैं अपनी आंखों से सब देख नहीं लेती, मैं नहीं मानूंगी कि मेरी बेटी गलत है। सवाल- बेटी से बात हुई? जवाब- मेरी बेटी से 3-4 दिन हो गए, बात नहीं हुई। मुझे दिखाया जाए कि उसने थप्पड़ मारा गया है। क्यों मारा गया, उसने (कंगना) ने कुछ कहा होग। मेरी बेटी ऐसे हाथ उठाने वाली नहीं है। कंगना ने कुछ तो बोला होगा। कभी कह दिया कि 100 रुपए लेकर जाती थी। हमें दुक्की का कह दिया। क्या हम दुक्की की हो गई। हम अपने परिवार के लिए जाते थे। अपनी जायदाद के लिए जाते थे। अपने बच्चों के भविष्य के लिए जाते थे। सवाल- क्या बीमार पिता को घटना की जानकारी है? जवाब- पिता बीमार हैं। 1 साल से बीमार हैं, उन्हें अटैक आया था। तब से ही वे बिस्तर पर हैं। उन्हें खुद उठा कर खिलाना पिलाना पड़ता है। उन्हें इस घटना के बारे में बताया ही नहीं गया। अगर कोई आता है तो उन्हें ना बताने का समझा दिया जाता है। वे पूछते हैं, लोग क्यों आ रहे हैं। जवाब में कह देते हैं, किसान संगठन की बैठक है। जानें क्या है मामला घटना वीरवार दोपहर 3 बजे की है। कंगना हिमाचल से जाने के लिए चंडीगढ़ एयरपोर्ट पहुंची थी। सुरक्षा जांच के बाद आगे बढ़ने लगी तो CISF जवान कुलविंदर कौर ने उन्हें थप्पड़ जड़ दिया। कुलविंदर कह रही थी कह रही है, ‘कंगना ने कहा था कि 100-100 रुपए की ख़ातिर लोग किसान आंदोलन में बैठ रहे हैं। जब उसने यह बयान दिया तो मेरी मां भी वहां बैठी थी।’ कंगना ने एक वीडियो शेयर किया है। उन्होंने कहा, ‘मैं सेफ हूं। आज चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर मेरे साथ हादसा हो गया। एयरपोर्ट पर एक महिला जवान ने मुझे गालियां देनी शुरू कर दीं। उसने बताया कि वो किसान आंदोलन की सपोर्टर है। उसने साइड से आकर मुझे चेहरे पर हिट कर दिया। मैं तो सुरक्षित हूं, लेकिन मेरी चिंता पंजाब में बढ़ रहे उग्रवाद और आतंकवाद को लेकर है। इसे कैसे भी करके हैंडल करना पड़ेगा।’