पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत का भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को जवाब, कहा- राजस्व बढ़ा लेकिन नियमों की अनदेखी भी हुई

पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत का भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को जवाब, कहा- राजस्व बढ़ा लेकिन नियमों की अनदेखी भी हुई

<p>उत्तराखंड में खनन को लेकर जारी बयानबाजी के बीच पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के बयान पर पलटवार किया है. पूर्व सीएम ने कहा कि प्रदेश में खनन से राजस्व में जरूर वृद्धि हुई है, लेकिन इसके साथ ही नियमों की अनदेखी और पर्यावरणीय क्षति भी हो रही है. उन्होंने सरकार को अधिक राजस्व संग्रहण के लिए बधाई दी, लेकिन साथ ही खनन गतिविधियों पर सख्ती बरतने की जरूरत भी बताई.</p>
<p>बता दें कि हाल ही में विधानसभा सत्र के दौरान पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अवैध खनन और उससे हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाया था. इस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि प्रदेश में खनन पूरी तरह नियमों के तहत हो रहा है. उन्होंने कहा कि यदि खनन में नियमों की अनदेखी होती, तो सरकार को राजस्व में नुकसान होता. लेकिन इसके विपरीत, खनन से सरकार का राजस्व बढ़ा है, जो यह साबित करता है कि प्रदेश में खनन पारदर्शिता और नियमों के अनुसार हो रहा है.</p>
<p><a href=”https://www.abplive.com/states/up-uk/uttarakhand-panchayat-chunav-2025-panchayat-elections-may-be-held-in-uttarakhand-between-8-and-10-may-ann-2916495″><strong>उत्तराखंड में 8 से 10 मई के बीच हो सकते हैं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव, जल्द जारी होगी अधिसूचना</strong></a></p>
<p>महेंद्र भट्ट के इस बयान पर पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुस्कुराते हुए तंज कसा. उन्होंने कहा, “यह बात सही है कि राजस्व बढ़ा है और इसके लिए मैं सरकार को बधाई देता हूं.” हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि राजस्व बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि खनन में अनियमितताएं नहीं हो रही हैं.</p>
<p>उन्होंने कहा कि सरकार को पर्यावरणीय क्षति और जनहानि पर भी ध्यान देना चाहिए. पूर्व सीएम ने उदाहरण देते हुए कहा कि खनन में कई बार मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन होता है. भारी वाहनों का ओवरलोडिंग और तय सीमा से अधिक खनन नियमों का उल्लंघन कर किया जाता है, जिससे सड़कों को नुकसान होता है और हादसों की आशंका भी बढ़ जाती है.</p>
<p>पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि खनन गतिविधियों से राजस्व बढ़ना निश्चित रूप से अच्छी बात है, लेकिन इसकी आड़ में प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्य में अवैध खनन नदियों, जंगलों और भू-क्षेत्र को नुकसान पहुंचा रहा है. इससे भविष्य में जल संकट और भूमि क्षरण जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं.</p>
<p>उन्होंने सरकार से मांग की कि खनन गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग हो और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए.</p>
<p>त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि सरकार को खनन से राजस्व बढ़ाने के साथ ही जनहित को प्राथमिकता देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि खनन से संबंधित सभी नियमों का पालन किया जाना जरूरी है, ताकि पर्यावरणीय संतुलन भी बना रहे और लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके.</p>
<p>पूर्व सीएम ने सरकार से आग्रह किया कि खनन गतिविधियों पर सख्त निगरानी की जाए. उन्होंने कहा कि ओवरलोडिंग और अवैध खनन पर नकेल कसने के लिए सख्त नियमावली बनाई जानी चाहिए. साथ ही, वाहनों की क्षमता के अनुसार ही खनिज परिवहन की अनुमति दी जानी चाहिए, ताकि सड़क हादसे और बुनियादी ढांचे को होने वाले नुकसान को रोका जा सके.</p>
<p>पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के बयान ने खनन को लेकर सरकार के रवैये पर सवाल खड़े कर दिए हैं. जहां प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट खनन को नियमों के तहत बताते हुए राजस्व वृद्धि को सफलता बता रहे हैं, वहीं त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इसके पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने सरकार से खनन नीति की समीक्षा कर नियमों का सख्ती से पालन कराने की मांग की है.</p> <p>उत्तराखंड में खनन को लेकर जारी बयानबाजी के बीच पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के बयान पर पलटवार किया है. पूर्व सीएम ने कहा कि प्रदेश में खनन से राजस्व में जरूर वृद्धि हुई है, लेकिन इसके साथ ही नियमों की अनदेखी और पर्यावरणीय क्षति भी हो रही है. उन्होंने सरकार को अधिक राजस्व संग्रहण के लिए बधाई दी, लेकिन साथ ही खनन गतिविधियों पर सख्ती बरतने की जरूरत भी बताई.</p>
<p>बता दें कि हाल ही में विधानसभा सत्र के दौरान पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अवैध खनन और उससे हो रहे नुकसान का मुद्दा उठाया था. इस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि प्रदेश में खनन पूरी तरह नियमों के तहत हो रहा है. उन्होंने कहा कि यदि खनन में नियमों की अनदेखी होती, तो सरकार को राजस्व में नुकसान होता. लेकिन इसके विपरीत, खनन से सरकार का राजस्व बढ़ा है, जो यह साबित करता है कि प्रदेश में खनन पारदर्शिता और नियमों के अनुसार हो रहा है.</p>
<p><a href=”https://www.abplive.com/states/up-uk/uttarakhand-panchayat-chunav-2025-panchayat-elections-may-be-held-in-uttarakhand-between-8-and-10-may-ann-2916495″><strong>उत्तराखंड में 8 से 10 मई के बीच हो सकते हैं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव, जल्द जारी होगी अधिसूचना</strong></a></p>
<p>महेंद्र भट्ट के इस बयान पर पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मुस्कुराते हुए तंज कसा. उन्होंने कहा, “यह बात सही है कि राजस्व बढ़ा है और इसके लिए मैं सरकार को बधाई देता हूं.” हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि राजस्व बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि खनन में अनियमितताएं नहीं हो रही हैं.</p>
<p>उन्होंने कहा कि सरकार को पर्यावरणीय क्षति और जनहानि पर भी ध्यान देना चाहिए. पूर्व सीएम ने उदाहरण देते हुए कहा कि खनन में कई बार मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन होता है. भारी वाहनों का ओवरलोडिंग और तय सीमा से अधिक खनन नियमों का उल्लंघन कर किया जाता है, जिससे सड़कों को नुकसान होता है और हादसों की आशंका भी बढ़ जाती है.</p>
<p>पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि खनन गतिविधियों से राजस्व बढ़ना निश्चित रूप से अच्छी बात है, लेकिन इसकी आड़ में प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि पहाड़ी राज्य में अवैध खनन नदियों, जंगलों और भू-क्षेत्र को नुकसान पहुंचा रहा है. इससे भविष्य में जल संकट और भूमि क्षरण जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं.</p>
<p>उन्होंने सरकार से मांग की कि खनन गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग हो और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए.</p>
<p>त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि सरकार को खनन से राजस्व बढ़ाने के साथ ही जनहित को प्राथमिकता देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि खनन से संबंधित सभी नियमों का पालन किया जाना जरूरी है, ताकि पर्यावरणीय संतुलन भी बना रहे और लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके.</p>
<p>पूर्व सीएम ने सरकार से आग्रह किया कि खनन गतिविधियों पर सख्त निगरानी की जाए. उन्होंने कहा कि ओवरलोडिंग और अवैध खनन पर नकेल कसने के लिए सख्त नियमावली बनाई जानी चाहिए. साथ ही, वाहनों की क्षमता के अनुसार ही खनिज परिवहन की अनुमति दी जानी चाहिए, ताकि सड़क हादसे और बुनियादी ढांचे को होने वाले नुकसान को रोका जा सके.</p>
<p>पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के बयान ने खनन को लेकर सरकार के रवैये पर सवाल खड़े कर दिए हैं. जहां प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट खनन को नियमों के तहत बताते हुए राजस्व वृद्धि को सफलता बता रहे हैं, वहीं त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इसके पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने सरकार से खनन नीति की समीक्षा कर नियमों का सख्ती से पालन कराने की मांग की है.</p>  उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड Waqf Bill: एकनाथ शिंदे की पार्टी ने साफ किया रुख, मिलिंद देवड़ा बोले- ‘उद्धव ठाकरे आने वाले दिनों में…’