प्रयागराज IIIT में सुसाइड करने वाले छात्र की कहानी:राहुल सुन-बोल नहीं सकता था, अखिल मेंटर बनकर गाइड करता; उसकी मौत से टूट गया

प्रयागराज IIIT में सुसाइड करने वाले छात्र की कहानी:राहुल सुन-बोल नहीं सकता था, अखिल मेंटर बनकर गाइड करता; उसकी मौत से टूट गया

बीटेक छात्र राहुल चैतन्य के लिए प्रयागराज IIIT कैंपस में अखिल एक मोटिवेटर की तरह था। फिल्म थ्री इडियट के किरदार रैंचो की तरह अखिल हमेशा राहुल को मुश्किल हालात से बाहर निकाल लाता था। राहुल सुन और बोल नहीं सकता था। कॉलेज की तरफ से राहुल को कोई इंटरप्रेटर (दुभाषिया) भी नहीं दिया गया था। ऐसे में क्लास से लेकर हॉस्टल B-5 के कमरे तक राहुल चैतन्य के लिए अखिल ही सब कुछ था। उसका दोस्त, मेंटर और इंटरप्रेटर भी। यही वजह है कि 28 मार्च की रात बीमार कतरावथ अखिल की जब हॉस्पिटल में मौत हो गई, तब यह खबर राहुल के लिए किसी सदमे से कम नहीं थी। वह अंदर तक हिल गया। समझ नहीं आया कि अब कॉलेज में उसका मेंटर कौन बनेगा? वह बोल नहीं सकता था, अपनी भावनाएं किसी को जता भी नहीं पा रहा था। 4 घंटे की कशमकश के बाद राहुल चैतन्य ने बिल्डिंग से कूदकर सुसाइड कर लिया। दोस्तों की यह कहानी बीटेक के उन छात्रों ने दैनिक भास्कर को बताई, जो दोनों छात्रों के करीब थे। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… कम नंबर आने से परेशान राहुल का सहारा बना अखिल
कॉलेज के सीनियर स्टूडेंट रोहित राव बताते हैं- राहुल चैतन्य बोल-सुन नहीं सकता था। ऐसे में राहुल के लिए क्लासरूम में पढ़ाई किसी जंग से कम नहीं थी। कॉलेज ने राहुल के लिए कोई अलग इंतजाम भी नहीं किया था। राहुल लगातार क्लास में कम नंबर आने से परेशान रहता था। फिर उसकी परेशानी को समझने वाला एक दोस्त अखिल मिल गया। दोनों एक ही क्लास में थे, एक ही स्टेट से संबंध रखते थे। हॉस्टल में कमरा भी एक ही था। ऐसे में 6 महीने में दोनों की दोस्ती बहुत ज्यादा बढ़ गई। राहुल को मुश्किलों से उबारने के लिए अखिल ने उसे सपोर्ट करना शुरू किया। वह 3 महीने से क्लास में नहीं आ रहा था। अखिल के सहारे अपनी पढ़ाई को इंप्रूव करने की कोशिश कर रहा था। अखिल के पैर में दिक्कत होने के बाद राहुल सबसे मदद मांगता रहा
हॉस्टल BH-5 के स्टूडेंट्स ने कहा- अखिल स्पोर्ट्स के लिए ग्वालियर गया, तब राहुल खुश था। लेकिन, जब वह लौटा तो उसे पैर में दिक्कत हो गई थी। इसको लेकर राहुल काफी परेशान हुआ। उसने दवा कराने के लिए कई सीनियर स्टूडेंट्स से मदद करने को कहा। इसके चलते अखिल को इलाज के लिए पहले PHC और फिर यूनाइटेड कॉलेज भेजा गया। लेकिन, अखिल को बचाया नहीं जा सका। स्टूडेंट्स ने बताया- अखिल की मौत की खबर हॉस्टल में पहुंचने के बाद राहुल चैतन्य बहुत परेशान हो गया। आखिरी बार रात 9 बजे उसको हॉस्टल के कमरे में अकेले देखा गया। छात्र ने कहा- अखिल को एम्बुलेंस से नहीं, बाइक पर भेजा
छात्र आदित्य देशमुख ने आरोप लगाया कि 18 मार्च को कतरावथ अखिल मध्य प्रदेश के ग्वालियर में इंटर IIIT स्पोर्ट्स मीट में हिस्सा लेने गया था। वहां से टीम के साथ वह सेकेंड रनर अप का खिताब लेकर 25 मार्च को वापस आया। उनसे खेल के दौरान पैर में चोट लगने और दर्द होने की बात बताई थी। उसको PHC झलवा में दिखाकर इलाज कराया गया था। अखिल को एम्बुलेंस में नहीं भेजा गया, बल्कि गार्ड की बाइक पर अस्पताल भेजा गया था। आरोप है कि IIIT में छात्रों के बीमार होने पर इलाज के बुनियादी संसाधन मौजूद नहीं हैं। कॉलेज डायरेक्टर बोले- इलाज के बावजूद अखिल की दिक्कत बढ़ती गई
कॉलेज के डायरेक्टर प्रो. मुकुल शरद सुतावने कहते हैं- 28 मार्च की सुबह अखिल को ज्यादा दिक्कत हुई। उसको यूनाइटेड अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोपहर में उसका MRI नहीं हो सका। शाम तक अखिल ने दम तोड़ दिया। अस्पताल के डॉक्टर ने मौत की वजह हार्ट अटैक बताई। कतरावथ अखिल की मौत के सिर्फ 4 घंटे के अंदर रूम पार्टनर और क्लासमेट स्टूडेंट राहुल चैतन्य ने हॉस्टल की 5वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। राहुल ने मरने से पहले अपनी मां को मोबाइल पर मैसेज भेजकर कॉलेज में पढ़ाई के बोझ की बात लिखकर बताई। छोटे भाई अभिराम का ख्याल रखने को कहा। राहुल चैतन्य की मौत से कॉलेज के स्टूडेंट्स में गुस्सा भर गया। 30 मार्च की सुबह एक स्टूडेंट ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर IIIT इलाहाबाद में 2 मौत की जानकारी शेयर की। इसमें कॉलेज के अंदर चल रहे सिस्टम पर सवाल खड़े किए गए थे। 20 साल के बेटे की लाश देख माता-पिता बदहवास हुए
राहुल चैतन्य की आत्महत्या की खबर पाकर उसके मामा रमेश, पिता एम. कृष्ण प्रसाद, भाई अभिराम और मां स्वर्णलता तेलंगाना से प्रयागराज पहुंचे। स्वरूपरानी अस्पताल कैंपस की मॉर्च्युरी में 20 साल के बेटे की लाश देखकर मां-भाई और पिता बदहवास हो गए। मामा रमेश ने कॉलेज के रजिस्ट्रार और टीचर्स से सवाल किए कि राहुल को इतनी प्रॉब्लम थी, तो बताया क्यों नहीं? कॉलेज की फैकल्टी ने उनसे कहा- वह क्लास नहीं कर रहा था, उसकी अटेंडेंस शॉर्ट थी। इसके अलावा उसका 6 सब्जेक्ट में बैक आया था। इसके चलते वह डिप्रेशन में आ गया था। टीचर की बात सुनकर राहुल चैतन्य की मां के सब्र का बांध टूट गया। उन्होंने भाई रमेश से कुछ सवाल किए, फिर रोने लगी। स्वर्णलता की हालत देख मामा ने टीचर्स से सवाल दोहराया। कहा कि बच्चा क्लास में ऐबसेंट था, तो बताया क्यों नहीं सर? एक बार बोलना था सर, हम समझा देते, बच्चा तो नहीं जाता न। मां ने कहा- मौत से पहले दोनों वीडियो कॉल पर साथ थे
राहुल की मां स्वर्णलता ने बताया- 28 मार्च को राहुल और अखिल वीडियो काल पर साथ थे। राहुल ने अपनी मां से 500 रुपए मांगे। राहुल का बर्थडे 1 दिन बाद आने वाला था। मां ने कहा कि मुझे लगा राहुल कॉलेज से बाहर खाने पर जाना चाहता था। मुझे नहीं पता था कि वह जान दे देगा। स्वर्णलता ने कहा- मेरे दो बेटे, दोनों बोल-सुन नहीं सकते
स्वर्णलता ने कहा- तेलंगाना में हमारा बेकरी का कारोबार है। मेरे दो बेटे हैं, बड़ा बेटा राहुल 2003 में पैदा हुआ था। छोटा बेटा अभिराम 2005 में हुआ। दोनों पैदा होने के समय से दिव्यांग (मूक-बधिर) थे। राहुल और अभिराम पढ़ाई में तेज थे। उनका एक साल पहले ट्रिपल आईटी कॉलेज में सिलेक्शन हुआ। राहुल इलाहाबाद आ गया और अभिराम जबलपुर में पढ़ाई करने लगा। राहुल चैतन्य पढ़ाई में होशियार था। उसकी ऑल इंडिया में 52वीं रैंक आई थी। बेटा बोल-सुन नहीं सकता था, इसलिए मोबाइल चैट पर लिखकर बात करता था। बेटे को याद कर स्वर्णलता रोते हुए बोलीं- आज (30 मार्च) राहुल का बर्थडे है, लेकिन वो चला गया। तेलंगाना सरकार के फोन के बाद पोस्टमॉर्टम हुआ
पोस्टमॉर्टम के बाद राहुल चैतन्य की लाश पुलिस ने 31 मार्च की शाम 5 बजे अंतिम संस्कार के लिए परिवार वालों को सौंप दी। इसके बाद कॉलेज प्रशासन जल्द से जल्द दूसरे स्टूडेंट अखिल की लाश को मॉर्च्युरी से लाकर पोस्टमॉर्टम कराने का दबाव बनाने लगा। अखिल के परिवार की मांग पर तेलंगाना सरकार की तरफ से एक फोन कॉल डीएम प्रयागराज के पास आया। डीएम के आदेश के बाद अखिल का पोस्टमॉर्टम 1 अप्रैल को हो सका। बॉडी को परिवार के हवाले कर दिया गया है। परिवार के सवाल- बेटे को पैर में दर्द तो हार्ट फेल कैसे हुआ
पोस्टमॉर्टम हाउस पर अखिल के चाचा नागेश्वर का गुस्सा फूट पड़ा। कॉलेज के स्पोर्ट्स टीचर को देखते ही वह पूछ बैठे- सर बोलो न, बेटा के पैर में दर्द था तो हार्ट का प्रॉब्लम कैसे हो गया? प्रॉब्लम हुआ, तो उसका इलाज क्यों नहीं कराया? बोलना था न सर, हम ले जाकर अपने बच्चे को इलाज कराकर बचा लेते। डायरेक्टर बोले- 15 15 लाख रुपए बच्चों के परिवार को देंगे
IIIT के डायरेक्टर प्रो. मुकुल शरद सुतावने ने बताया- कॉलेज के बच्चों की मौत से सभी लोग दुखी हैं। मैंने मौत के मामले में फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाई है। इसमें 3 सदस्य हैं। एक सप्ताह में रिपोर्ट देंगे। इसके अलावा एक अलग कमेटी बनाई है। इसमें कॉलेज फैकल्टी के अलावा स्टूडेंट्स लीडर को शामिल किया गया है। ये कमेटी स्टूडेंट्स की प्रॉब्लम पर काम करके रिपोर्ट देगी। छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। उनकी मांग के अनुसार, राहुल और अखिल के परिवार को आर्थिक मदद की पेशकश सरकार से की गई है। इसमें थोड़ा समय लगता है। उसके पहले मैंने खुद की 2 महीने की सैलरी और सभी फैकल्टी टीचर ने 3-3 दिन की सैलरी देकर 15-15 लाख रुपए बच्चों के परिवार देने का ऐलान किया है। छात्रों में गुस्सा, प्रदर्शन किया
1 छात्र की मौत और उसके 4 घंटे के अंदर उसके दोस्त के सुसाइड के बाद संस्थान के लगभग 1,500 छात्रों ने कैंडल मार्च निकालकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। 31 मार्च की दोपहर करीब 3 बजे राहुल की मां स्वर्णलता और पिता एम. कृष्ण प्रसाद सड़क पर छात्रों के साथ धरने पर बैठ गए थे। इसके बाद शाम 7 बजे जहां राहुल की लाश मिली थी, बिल्डिंग के नीचे छात्रों के साथ प्रदर्शन करने लगे। रात 10 बजे राहुल के माता-पिता चले गए, लेकिन छात्र धरने पर बैठे रहे। 1 अप्रैल को तड़के 3 बजे पुलिस पहुंची और छात्रों को घसीटकर हटाया। लाठीचार्ज कर छात्रों को खदेड़ा। इस दौरान कई छात्र चोटिल हो गए थे। ———————– यह खबर भी पढ़ें : प्रयागराज में 9वीं की स्टूडेंट से रेप, स्कूल की जगह होटल ले गया; बोला- जुबान खोली, तो तेरे भाई को मार डालूंगा प्रयागराज में 9वीं की स्टूडेंट से रेप किया गया। परिजनों का आरोप है कि ई-रिक्शा चलाने वाला आमिर खान बेटी को स्कूल से लाता और ले जाता था। उसी ने रेप किया है। वह बेटी को स्कूल की जगह होटल ले गया। वहां मुंह में कपड़ा ठूंसकर वारदात की। पढ़िए पूरी खबर… बीटेक छात्र राहुल चैतन्य के लिए प्रयागराज IIIT कैंपस में अखिल एक मोटिवेटर की तरह था। फिल्म थ्री इडियट के किरदार रैंचो की तरह अखिल हमेशा राहुल को मुश्किल हालात से बाहर निकाल लाता था। राहुल सुन और बोल नहीं सकता था। कॉलेज की तरफ से राहुल को कोई इंटरप्रेटर (दुभाषिया) भी नहीं दिया गया था। ऐसे में क्लास से लेकर हॉस्टल B-5 के कमरे तक राहुल चैतन्य के लिए अखिल ही सब कुछ था। उसका दोस्त, मेंटर और इंटरप्रेटर भी। यही वजह है कि 28 मार्च की रात बीमार कतरावथ अखिल की जब हॉस्पिटल में मौत हो गई, तब यह खबर राहुल के लिए किसी सदमे से कम नहीं थी। वह अंदर तक हिल गया। समझ नहीं आया कि अब कॉलेज में उसका मेंटर कौन बनेगा? वह बोल नहीं सकता था, अपनी भावनाएं किसी को जता भी नहीं पा रहा था। 4 घंटे की कशमकश के बाद राहुल चैतन्य ने बिल्डिंग से कूदकर सुसाइड कर लिया। दोस्तों की यह कहानी बीटेक के उन छात्रों ने दैनिक भास्कर को बताई, जो दोनों छात्रों के करीब थे। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… कम नंबर आने से परेशान राहुल का सहारा बना अखिल
कॉलेज के सीनियर स्टूडेंट रोहित राव बताते हैं- राहुल चैतन्य बोल-सुन नहीं सकता था। ऐसे में राहुल के लिए क्लासरूम में पढ़ाई किसी जंग से कम नहीं थी। कॉलेज ने राहुल के लिए कोई अलग इंतजाम भी नहीं किया था। राहुल लगातार क्लास में कम नंबर आने से परेशान रहता था। फिर उसकी परेशानी को समझने वाला एक दोस्त अखिल मिल गया। दोनों एक ही क्लास में थे, एक ही स्टेट से संबंध रखते थे। हॉस्टल में कमरा भी एक ही था। ऐसे में 6 महीने में दोनों की दोस्ती बहुत ज्यादा बढ़ गई। राहुल को मुश्किलों से उबारने के लिए अखिल ने उसे सपोर्ट करना शुरू किया। वह 3 महीने से क्लास में नहीं आ रहा था। अखिल के सहारे अपनी पढ़ाई को इंप्रूव करने की कोशिश कर रहा था। अखिल के पैर में दिक्कत होने के बाद राहुल सबसे मदद मांगता रहा
हॉस्टल BH-5 के स्टूडेंट्स ने कहा- अखिल स्पोर्ट्स के लिए ग्वालियर गया, तब राहुल खुश था। लेकिन, जब वह लौटा तो उसे पैर में दिक्कत हो गई थी। इसको लेकर राहुल काफी परेशान हुआ। उसने दवा कराने के लिए कई सीनियर स्टूडेंट्स से मदद करने को कहा। इसके चलते अखिल को इलाज के लिए पहले PHC और फिर यूनाइटेड कॉलेज भेजा गया। लेकिन, अखिल को बचाया नहीं जा सका। स्टूडेंट्स ने बताया- अखिल की मौत की खबर हॉस्टल में पहुंचने के बाद राहुल चैतन्य बहुत परेशान हो गया। आखिरी बार रात 9 बजे उसको हॉस्टल के कमरे में अकेले देखा गया। छात्र ने कहा- अखिल को एम्बुलेंस से नहीं, बाइक पर भेजा
छात्र आदित्य देशमुख ने आरोप लगाया कि 18 मार्च को कतरावथ अखिल मध्य प्रदेश के ग्वालियर में इंटर IIIT स्पोर्ट्स मीट में हिस्सा लेने गया था। वहां से टीम के साथ वह सेकेंड रनर अप का खिताब लेकर 25 मार्च को वापस आया। उनसे खेल के दौरान पैर में चोट लगने और दर्द होने की बात बताई थी। उसको PHC झलवा में दिखाकर इलाज कराया गया था। अखिल को एम्बुलेंस में नहीं भेजा गया, बल्कि गार्ड की बाइक पर अस्पताल भेजा गया था। आरोप है कि IIIT में छात्रों के बीमार होने पर इलाज के बुनियादी संसाधन मौजूद नहीं हैं। कॉलेज डायरेक्टर बोले- इलाज के बावजूद अखिल की दिक्कत बढ़ती गई
कॉलेज के डायरेक्टर प्रो. मुकुल शरद सुतावने कहते हैं- 28 मार्च की सुबह अखिल को ज्यादा दिक्कत हुई। उसको यूनाइटेड अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोपहर में उसका MRI नहीं हो सका। शाम तक अखिल ने दम तोड़ दिया। अस्पताल के डॉक्टर ने मौत की वजह हार्ट अटैक बताई। कतरावथ अखिल की मौत के सिर्फ 4 घंटे के अंदर रूम पार्टनर और क्लासमेट स्टूडेंट राहुल चैतन्य ने हॉस्टल की 5वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। राहुल ने मरने से पहले अपनी मां को मोबाइल पर मैसेज भेजकर कॉलेज में पढ़ाई के बोझ की बात लिखकर बताई। छोटे भाई अभिराम का ख्याल रखने को कहा। राहुल चैतन्य की मौत से कॉलेज के स्टूडेंट्स में गुस्सा भर गया। 30 मार्च की सुबह एक स्टूडेंट ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर IIIT इलाहाबाद में 2 मौत की जानकारी शेयर की। इसमें कॉलेज के अंदर चल रहे सिस्टम पर सवाल खड़े किए गए थे। 20 साल के बेटे की लाश देख माता-पिता बदहवास हुए
राहुल चैतन्य की आत्महत्या की खबर पाकर उसके मामा रमेश, पिता एम. कृष्ण प्रसाद, भाई अभिराम और मां स्वर्णलता तेलंगाना से प्रयागराज पहुंचे। स्वरूपरानी अस्पताल कैंपस की मॉर्च्युरी में 20 साल के बेटे की लाश देखकर मां-भाई और पिता बदहवास हो गए। मामा रमेश ने कॉलेज के रजिस्ट्रार और टीचर्स से सवाल किए कि राहुल को इतनी प्रॉब्लम थी, तो बताया क्यों नहीं? कॉलेज की फैकल्टी ने उनसे कहा- वह क्लास नहीं कर रहा था, उसकी अटेंडेंस शॉर्ट थी। इसके अलावा उसका 6 सब्जेक्ट में बैक आया था। इसके चलते वह डिप्रेशन में आ गया था। टीचर की बात सुनकर राहुल चैतन्य की मां के सब्र का बांध टूट गया। उन्होंने भाई रमेश से कुछ सवाल किए, फिर रोने लगी। स्वर्णलता की हालत देख मामा ने टीचर्स से सवाल दोहराया। कहा कि बच्चा क्लास में ऐबसेंट था, तो बताया क्यों नहीं सर? एक बार बोलना था सर, हम समझा देते, बच्चा तो नहीं जाता न। मां ने कहा- मौत से पहले दोनों वीडियो कॉल पर साथ थे
राहुल की मां स्वर्णलता ने बताया- 28 मार्च को राहुल और अखिल वीडियो काल पर साथ थे। राहुल ने अपनी मां से 500 रुपए मांगे। राहुल का बर्थडे 1 दिन बाद आने वाला था। मां ने कहा कि मुझे लगा राहुल कॉलेज से बाहर खाने पर जाना चाहता था। मुझे नहीं पता था कि वह जान दे देगा। स्वर्णलता ने कहा- मेरे दो बेटे, दोनों बोल-सुन नहीं सकते
स्वर्णलता ने कहा- तेलंगाना में हमारा बेकरी का कारोबार है। मेरे दो बेटे हैं, बड़ा बेटा राहुल 2003 में पैदा हुआ था। छोटा बेटा अभिराम 2005 में हुआ। दोनों पैदा होने के समय से दिव्यांग (मूक-बधिर) थे। राहुल और अभिराम पढ़ाई में तेज थे। उनका एक साल पहले ट्रिपल आईटी कॉलेज में सिलेक्शन हुआ। राहुल इलाहाबाद आ गया और अभिराम जबलपुर में पढ़ाई करने लगा। राहुल चैतन्य पढ़ाई में होशियार था। उसकी ऑल इंडिया में 52वीं रैंक आई थी। बेटा बोल-सुन नहीं सकता था, इसलिए मोबाइल चैट पर लिखकर बात करता था। बेटे को याद कर स्वर्णलता रोते हुए बोलीं- आज (30 मार्च) राहुल का बर्थडे है, लेकिन वो चला गया। तेलंगाना सरकार के फोन के बाद पोस्टमॉर्टम हुआ
पोस्टमॉर्टम के बाद राहुल चैतन्य की लाश पुलिस ने 31 मार्च की शाम 5 बजे अंतिम संस्कार के लिए परिवार वालों को सौंप दी। इसके बाद कॉलेज प्रशासन जल्द से जल्द दूसरे स्टूडेंट अखिल की लाश को मॉर्च्युरी से लाकर पोस्टमॉर्टम कराने का दबाव बनाने लगा। अखिल के परिवार की मांग पर तेलंगाना सरकार की तरफ से एक फोन कॉल डीएम प्रयागराज के पास आया। डीएम के आदेश के बाद अखिल का पोस्टमॉर्टम 1 अप्रैल को हो सका। बॉडी को परिवार के हवाले कर दिया गया है। परिवार के सवाल- बेटे को पैर में दर्द तो हार्ट फेल कैसे हुआ
पोस्टमॉर्टम हाउस पर अखिल के चाचा नागेश्वर का गुस्सा फूट पड़ा। कॉलेज के स्पोर्ट्स टीचर को देखते ही वह पूछ बैठे- सर बोलो न, बेटा के पैर में दर्द था तो हार्ट का प्रॉब्लम कैसे हो गया? प्रॉब्लम हुआ, तो उसका इलाज क्यों नहीं कराया? बोलना था न सर, हम ले जाकर अपने बच्चे को इलाज कराकर बचा लेते। डायरेक्टर बोले- 15 15 लाख रुपए बच्चों के परिवार को देंगे
IIIT के डायरेक्टर प्रो. मुकुल शरद सुतावने ने बताया- कॉलेज के बच्चों की मौत से सभी लोग दुखी हैं। मैंने मौत के मामले में फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाई है। इसमें 3 सदस्य हैं। एक सप्ताह में रिपोर्ट देंगे। इसके अलावा एक अलग कमेटी बनाई है। इसमें कॉलेज फैकल्टी के अलावा स्टूडेंट्स लीडर को शामिल किया गया है। ये कमेटी स्टूडेंट्स की प्रॉब्लम पर काम करके रिपोर्ट देगी। छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। उनकी मांग के अनुसार, राहुल और अखिल के परिवार को आर्थिक मदद की पेशकश सरकार से की गई है। इसमें थोड़ा समय लगता है। उसके पहले मैंने खुद की 2 महीने की सैलरी और सभी फैकल्टी टीचर ने 3-3 दिन की सैलरी देकर 15-15 लाख रुपए बच्चों के परिवार देने का ऐलान किया है। छात्रों में गुस्सा, प्रदर्शन किया
1 छात्र की मौत और उसके 4 घंटे के अंदर उसके दोस्त के सुसाइड के बाद संस्थान के लगभग 1,500 छात्रों ने कैंडल मार्च निकालकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। 31 मार्च की दोपहर करीब 3 बजे राहुल की मां स्वर्णलता और पिता एम. कृष्ण प्रसाद सड़क पर छात्रों के साथ धरने पर बैठ गए थे। इसके बाद शाम 7 बजे जहां राहुल की लाश मिली थी, बिल्डिंग के नीचे छात्रों के साथ प्रदर्शन करने लगे। रात 10 बजे राहुल के माता-पिता चले गए, लेकिन छात्र धरने पर बैठे रहे। 1 अप्रैल को तड़के 3 बजे पुलिस पहुंची और छात्रों को घसीटकर हटाया। लाठीचार्ज कर छात्रों को खदेड़ा। इस दौरान कई छात्र चोटिल हो गए थे। ———————– यह खबर भी पढ़ें : प्रयागराज में 9वीं की स्टूडेंट से रेप, स्कूल की जगह होटल ले गया; बोला- जुबान खोली, तो तेरे भाई को मार डालूंगा प्रयागराज में 9वीं की स्टूडेंट से रेप किया गया। परिजनों का आरोप है कि ई-रिक्शा चलाने वाला आमिर खान बेटी को स्कूल से लाता और ले जाता था। उसी ने रेप किया है। वह बेटी को स्कूल की जगह होटल ले गया। वहां मुंह में कपड़ा ठूंसकर वारदात की। पढ़िए पूरी खबर…   उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर