पंजाब में फरीदकोट जिले के कोटकपूरा शहर में पिछले दो दिनों से रुक रुक कर हो रही बारिश के चलते एक घर के कमरे की छत गिर गई। छत गिरने की वजह से कमरे में सो रहा एक युवक मलबे में दब गया। जिसे आस-पास के लोगों ने मौके पर पहुंच कर बड़ी मुश्किल से सुरक्षित बाहर निकाला। युवक तो बाल बाल बच गया पर कमरे में पड़ा सामान बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। पीड़ित परिवार ने प्रशासन व सरकार से मुआवजा की गुहार लगाई है। कमरे में सो रहा था युवक मामला कोटकपूरा शहर के प्रेम नगर का है, जहां पर सुबह साढ़े 6 बजे एक घर के कमरे की अचानक छत गिर गई। पिछले दो दिनों से ही क्षेत्र में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। जिसके कारण पहले से छत अचानक गिर गई। उस कमरे में दीपू कुमार नामक युवक सो रहा था, जोकि मलबे में दब गया। परिवार के बाकी सदस्यों के शोर मचाने पर आसपास के लोग एकत्रित हुए, जिन्होंने बड़ी मुश्किल के साथ युवक को सुरक्षित बाहर निकाला, जिसे कुछ मामूली चोटें लगी है। छत रिपेयर कराने की सोच रहे थे मामले में पीड़ित परिवार के मुखिया भागीरथ लाल ने बताया कि कमरे की छत कमजोर थी और वह छत रिपेयर कराने की सोच रहे थे। सुबह के समय जब बारिश शुरू हुई, तो अचानक कमरे की छत गिर गई। जिसके कारण उनका बेटा बाल बाल बच गया, जबकि सामान काफी क्षतिग्रस्त हो गया। उन्होंने प्रशासन और सरकार से मुआवजे की मांग की है, ताकि वह अपने घर की छत का दोबारा से निर्माण करवा सके। पंजाब में फरीदकोट जिले के कोटकपूरा शहर में पिछले दो दिनों से रुक रुक कर हो रही बारिश के चलते एक घर के कमरे की छत गिर गई। छत गिरने की वजह से कमरे में सो रहा एक युवक मलबे में दब गया। जिसे आस-पास के लोगों ने मौके पर पहुंच कर बड़ी मुश्किल से सुरक्षित बाहर निकाला। युवक तो बाल बाल बच गया पर कमरे में पड़ा सामान बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। पीड़ित परिवार ने प्रशासन व सरकार से मुआवजा की गुहार लगाई है। कमरे में सो रहा था युवक मामला कोटकपूरा शहर के प्रेम नगर का है, जहां पर सुबह साढ़े 6 बजे एक घर के कमरे की अचानक छत गिर गई। पिछले दो दिनों से ही क्षेत्र में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। जिसके कारण पहले से छत अचानक गिर गई। उस कमरे में दीपू कुमार नामक युवक सो रहा था, जोकि मलबे में दब गया। परिवार के बाकी सदस्यों के शोर मचाने पर आसपास के लोग एकत्रित हुए, जिन्होंने बड़ी मुश्किल के साथ युवक को सुरक्षित बाहर निकाला, जिसे कुछ मामूली चोटें लगी है। छत रिपेयर कराने की सोच रहे थे मामले में पीड़ित परिवार के मुखिया भागीरथ लाल ने बताया कि कमरे की छत कमजोर थी और वह छत रिपेयर कराने की सोच रहे थे। सुबह के समय जब बारिश शुरू हुई, तो अचानक कमरे की छत गिर गई। जिसके कारण उनका बेटा बाल बाल बच गया, जबकि सामान काफी क्षतिग्रस्त हो गया। उन्होंने प्रशासन और सरकार से मुआवजे की मांग की है, ताकि वह अपने घर की छत का दोबारा से निर्माण करवा सके। पंजाब | दैनिक भास्कर
