पंजाब के फरीदकोट जिले के गांवों में किसान संगठनों ने आम आदमी पार्टी के नेताओं के प्रवेश पर पाबंदी की घोषणा कर सरकार और प्रशासन के लिए नई मुश्किलें खड़ी कर दी है। इस घोषणा के तहत ही शनिवार को गांव दीप सिंह वाला में किसान संगठनों ने एक निजी कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे आम आदमी पार्टी के नेता व मार्केट कमेटी सादिक के चेयरमैन रमनदीप सिंह मुमारा का विरोध किया और उन्हें गांव में प्रवेश करने से ही रोक दिया। वापस लौटे मार्किट कमेटी चेयरमैन किसान संगठनों के विरोध के बाद चेयरमैन मुमारा को वापस लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा। जानकारी के मुताबिक खनौरी और शंभू बॉर्डर पर किसानों के मोर्चे जबरन खत्म करवाए जाने के बाद किसान संगठन और राज सरकार आमने सामने है। फरीदकोट जिले में किसान संगठनों ने घोषणा की हुई है कि वह गांवों में आम आदमी पार्टी के नेताओं का विरोध करेंगे। कार्यक्रम में विधायक गुरदित्त को आना था गांव दीप सिंह वाला में एक निजी कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे आप नेता व मार्केट कमेटी सादिक के चेयरमैन रमनदीप सिंह मुमारा को किसान संगठनों ने गांव के बाहर ही रोक लिया और विरोध प्रदर्शन के चलते उन्हें वापस लौटना पड़ा। किसान नेता अंग्रेज सिंह, गमदूर सिंह काला बराड़, दविंदर शर्मा, मंगा सिंह व बलजीत संधू ने कहा कि कार्यक्रम में विधायक गुरदित्त सिंह सेखों ने आना था, परंतु किसानों के एकत्रित होने पर चेयरमैन को भेजा था। किसान बोले-सरकार उन्हें प्रदर्शन करने से रोक रही जब सरकार द्वारा उन्हें रोष प्रदर्शन करने से रोक सकती है, तो वह भी सत्ताधारी पार्टी के नेताओं को अपने गांव में भी किसी तरह का कोई कार्यक्रम नहीं करने देंगे। इस मौके पर आप नेता और मार्केट कमेटी चेयरमैन रमनदीप सिंह मुमारा ने किसानों से आग्रह किया कि किसानों की मांगें उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आती, लेकिन किसानों ने उनकी एक नहीं सुनी। पंजाब के फरीदकोट जिले के गांवों में किसान संगठनों ने आम आदमी पार्टी के नेताओं के प्रवेश पर पाबंदी की घोषणा कर सरकार और प्रशासन के लिए नई मुश्किलें खड़ी कर दी है। इस घोषणा के तहत ही शनिवार को गांव दीप सिंह वाला में किसान संगठनों ने एक निजी कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे आम आदमी पार्टी के नेता व मार्केट कमेटी सादिक के चेयरमैन रमनदीप सिंह मुमारा का विरोध किया और उन्हें गांव में प्रवेश करने से ही रोक दिया। वापस लौटे मार्किट कमेटी चेयरमैन किसान संगठनों के विरोध के बाद चेयरमैन मुमारा को वापस लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा। जानकारी के मुताबिक खनौरी और शंभू बॉर्डर पर किसानों के मोर्चे जबरन खत्म करवाए जाने के बाद किसान संगठन और राज सरकार आमने सामने है। फरीदकोट जिले में किसान संगठनों ने घोषणा की हुई है कि वह गांवों में आम आदमी पार्टी के नेताओं का विरोध करेंगे। कार्यक्रम में विधायक गुरदित्त को आना था गांव दीप सिंह वाला में एक निजी कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे आप नेता व मार्केट कमेटी सादिक के चेयरमैन रमनदीप सिंह मुमारा को किसान संगठनों ने गांव के बाहर ही रोक लिया और विरोध प्रदर्शन के चलते उन्हें वापस लौटना पड़ा। किसान नेता अंग्रेज सिंह, गमदूर सिंह काला बराड़, दविंदर शर्मा, मंगा सिंह व बलजीत संधू ने कहा कि कार्यक्रम में विधायक गुरदित्त सिंह सेखों ने आना था, परंतु किसानों के एकत्रित होने पर चेयरमैन को भेजा था। किसान बोले-सरकार उन्हें प्रदर्शन करने से रोक रही जब सरकार द्वारा उन्हें रोष प्रदर्शन करने से रोक सकती है, तो वह भी सत्ताधारी पार्टी के नेताओं को अपने गांव में भी किसी तरह का कोई कार्यक्रम नहीं करने देंगे। इस मौके पर आप नेता और मार्केट कमेटी चेयरमैन रमनदीप सिंह मुमारा ने किसानों से आग्रह किया कि किसानों की मांगें उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आती, लेकिन किसानों ने उनकी एक नहीं सुनी। पंजाब | दैनिक भास्कर
