‘बुलडोजर मॉडल हमारे लिए उपलब्धि नहीं है लेकिन…’ सीएम योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान

‘बुलडोजर मॉडल हमारे लिए उपलब्धि नहीं है लेकिन…’ सीएम योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान

<p>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलडोज प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर जवाब दिया है. सीएम ने त्वरित न्याय के तौर पर उनके ‘बुलडोजर मॉडल’ को अब अन्य राज्यों द्वारा भी अपनाया जा रहा है, हालांकि इसकी वैधता पर लगातार सवाल उठते रहे हैं.</p>
<p>समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए साक्षात्कार में सीएम आदित्यनाथ ने इस मामले में कहा कि वह इस मॉडल को उपलब्धि नहीं बल्कि आवश्यकता मानते हैं. उन्होंने कहा कि बुलडोजर का उपयोग बुनियादी ढांचे का निर्माण करने और अतिक्रमण हटाने के लिए भी किया जा सकता है. उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि हमने उसका बेहतर तरीके से इस्तेमाल करना सिखाया है.'</p>
<p>उन्होंने दावा किया कि &lsquo;बुलडोजर कार्रवाई&rsquo; के खिलाफ उच्चतम न्यायालय की कोई भी प्रतिकूल टिप्पणी उनके राज्य से संबंधित नहीं है. उन्होंने कहा कि वास्तव में शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश द्वारा अपनाए गए दिशा-निर्देशों की सराहना की है.</p>
<p>इसके अलावा वक्फ (संशोधन) विधेयक के आलोचकों पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड स्वार्थी हितों के साथ-साथ ‘लूट खसोट’ के अड्डा बन गए हैं और इन्होंने मुसलमानों के कल्याण के लिए बहुत कम काम किया है.</p>
<p>सीएम <a title=”योगी आदित्यनाथ” href=”https://www.abplive.com/topic/yogi-adityanath” data-type=”interlinkingkeywords”>योगी आदित्यनाथ</a> ने हिंदू मंदिरों और मठों द्वारा शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में किए गए दान का उदाहरण देते हुए सवाल किया कि क्या कई गुना अधिक संपत्ति होने के बावजूद किसी वक्फ बोर्ड ने इस तरह का कल्याणकारी कार्य किया है?</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘ देखिए, हर अच्छे कार्य का विरोध होता है. वैसे ही वक्फ संशोधन विधेयक पर भी हो-हल्ला हो रहा है. ये जो हो-हल्ला कर रहे हैं, मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या कोई ऐसा कल्याणकारी काम है जो वक्फ बोर्ड के माध्यम से किया गया हो? सारे समाज की बात तो छोड़िए, क्या वक्फ संपत्तियों का इस्तेमाल मुसलमानों के कल्याण के लिए किया गया है?'</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा, ‘ये व्यक्तिगत स्वार्थ के अड्डे बने हुए हैं. चंद लोगों की लूट- खसोट के अड्डे बने हुए हैं. यह (वक्फ) किसी भी सरकारी संपत्ति पर जबरन कब्जा करने का माध्यम बना हुआ है और सुधार इस समय की मांग है तथा हर सुधार का विरोध होता है. देश, काल और परिस्थिति के अनुसार हमें उसके लिए तैयार होना चाहिए और मुझे लगता है कि इसका लाभ मुस्लिम समाज को भी होगा.'</p> <p>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलडोज प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर जवाब दिया है. सीएम ने त्वरित न्याय के तौर पर उनके ‘बुलडोजर मॉडल’ को अब अन्य राज्यों द्वारा भी अपनाया जा रहा है, हालांकि इसकी वैधता पर लगातार सवाल उठते रहे हैं.</p>
<p>समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए साक्षात्कार में सीएम आदित्यनाथ ने इस मामले में कहा कि वह इस मॉडल को उपलब्धि नहीं बल्कि आवश्यकता मानते हैं. उन्होंने कहा कि बुलडोजर का उपयोग बुनियादी ढांचे का निर्माण करने और अतिक्रमण हटाने के लिए भी किया जा सकता है. उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि हमने उसका बेहतर तरीके से इस्तेमाल करना सिखाया है.'</p>
<p>उन्होंने दावा किया कि &lsquo;बुलडोजर कार्रवाई&rsquo; के खिलाफ उच्चतम न्यायालय की कोई भी प्रतिकूल टिप्पणी उनके राज्य से संबंधित नहीं है. उन्होंने कहा कि वास्तव में शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश द्वारा अपनाए गए दिशा-निर्देशों की सराहना की है.</p>
<p>इसके अलावा वक्फ (संशोधन) विधेयक के आलोचकों पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड स्वार्थी हितों के साथ-साथ ‘लूट खसोट’ के अड्डा बन गए हैं और इन्होंने मुसलमानों के कल्याण के लिए बहुत कम काम किया है.</p>
<p>सीएम <a title=”योगी आदित्यनाथ” href=”https://www.abplive.com/topic/yogi-adityanath” data-type=”interlinkingkeywords”>योगी आदित्यनाथ</a> ने हिंदू मंदिरों और मठों द्वारा शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में किए गए दान का उदाहरण देते हुए सवाल किया कि क्या कई गुना अधिक संपत्ति होने के बावजूद किसी वक्फ बोर्ड ने इस तरह का कल्याणकारी कार्य किया है?</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘ देखिए, हर अच्छे कार्य का विरोध होता है. वैसे ही वक्फ संशोधन विधेयक पर भी हो-हल्ला हो रहा है. ये जो हो-हल्ला कर रहे हैं, मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या कोई ऐसा कल्याणकारी काम है जो वक्फ बोर्ड के माध्यम से किया गया हो? सारे समाज की बात तो छोड़िए, क्या वक्फ संपत्तियों का इस्तेमाल मुसलमानों के कल्याण के लिए किया गया है?'</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा, ‘ये व्यक्तिगत स्वार्थ के अड्डे बने हुए हैं. चंद लोगों की लूट- खसोट के अड्डे बने हुए हैं. यह (वक्फ) किसी भी सरकारी संपत्ति पर जबरन कब्जा करने का माध्यम बना हुआ है और सुधार इस समय की मांग है तथा हर सुधार का विरोध होता है. देश, काल और परिस्थिति के अनुसार हमें उसके लिए तैयार होना चाहिए और मुझे लगता है कि इसका लाभ मुस्लिम समाज को भी होगा.'</p>  उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड झारखंड के सरायकेला में खौफनाक वारदात, पति ने पत्नी और 5 साल के बेटे की धारदार हथियार से कर दी हत्या