महाराष्ट्र में BMC चुनाव से पहले राज ठाकरे की पार्टी MNS का मराठी कार्ड, कर दी ये मांग

महाराष्ट्र में BMC चुनाव से पहले राज ठाकरे की पार्टी MNS का मराठी कार्ड, कर दी ये मांग

<p style=”text-align: justify;”>महाराष्ट्र में&nbsp;आगामी बृहन्मुंबई नगर निगम चुनाव से पहले राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना का एक और मराठी कार्ड खेला है. एमएनएस ने मांग की है कि&nbsp;मराठी फिल्मों के लिए स्वतंत्र सेंसर बोर्ड का गठन किया जाए. एमएनएस के फिल्म विंग के प्रमुख अमेय खोपकर ने सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ पर पोस्ट कर ये मांग की.</p>
<p style=”text-align: justify;”>अमेय खोपकर ने कहा, “मौजूदा सेंसर बोर्ड की तरफ से मराठी फिल्मों को दी जाने वाली ट्रिटमेंट रोष उत्पन्न करने वाली है. सेंसर बोर्ड की तरफ से होने वाली देरी की वजह से मराठी फिल्मों का नुकसान हो रहा है. इसी वजह से पिछले कई वर्षों से मराठी फिल्मों के निर्माताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पिछले कई वर्षों से स्वतंत्र सेंसर बोर्ड की मांग हो रही है, लेकिन हमेशा इस मांग को नजरअंदाज किया गया.”</p>
<p style=”text-align: justify;”>उन्होंने कहा, “एमएन इस संदर्भ में जल्द मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात ज्ञापन सौंपने वाली है. महाराष्ट्र सरकार इस मांग पर गंभीरता से ध्यान देकर इसका तत्काल हल निकाले.”</p> <p style=”text-align: justify;”>महाराष्ट्र में&nbsp;आगामी बृहन्मुंबई नगर निगम चुनाव से पहले राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना का एक और मराठी कार्ड खेला है. एमएनएस ने मांग की है कि&nbsp;मराठी फिल्मों के लिए स्वतंत्र सेंसर बोर्ड का गठन किया जाए. एमएनएस के फिल्म विंग के प्रमुख अमेय खोपकर ने सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ पर पोस्ट कर ये मांग की.</p>
<p style=”text-align: justify;”>अमेय खोपकर ने कहा, “मौजूदा सेंसर बोर्ड की तरफ से मराठी फिल्मों को दी जाने वाली ट्रिटमेंट रोष उत्पन्न करने वाली है. सेंसर बोर्ड की तरफ से होने वाली देरी की वजह से मराठी फिल्मों का नुकसान हो रहा है. इसी वजह से पिछले कई वर्षों से मराठी फिल्मों के निर्माताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. पिछले कई वर्षों से स्वतंत्र सेंसर बोर्ड की मांग हो रही है, लेकिन हमेशा इस मांग को नजरअंदाज किया गया.”</p>
<p style=”text-align: justify;”>उन्होंने कहा, “एमएन इस संदर्भ में जल्द मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात ज्ञापन सौंपने वाली है. महाराष्ट्र सरकार इस मांग पर गंभीरता से ध्यान देकर इसका तत्काल हल निकाले.”</p>  महाराष्ट्र ‘एक भी नहीं बख्शा जाएगा, अब वॉर किया जाएगा’, अरविंद केजरीवाल ने पंजाब को लेकर किसे दी चेतावनी?