योगी बोले- यूपी ने अराजकता का तांडव देखा और झेला:उसी तंत्र से हमने बदलाव किया, अखिलेश का पलटवार- 8 साल, प्रदेश बर्बाद

योगी बोले- यूपी ने अराजकता का तांडव देखा और झेला:उसी तंत्र से हमने बदलाव किया, अखिलेश का पलटवार- 8 साल, प्रदेश बर्बाद

योगी सरकार के आज 8 साल पूरे हो गए। इस मौके पर सीएम योगी ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। कहा- यूपी ने अराजकता का तांडव देखा और झेला है। दंगों के माध्यम से अपनी बिगड़ती हुई अर्थव्यवस्था को भी देखा था। प्रदेश वही है, तंत्र भी वही है। सिर्फ सरकार बदलने से व्यापक परिवर्तन लाया जा सकता है? यह 8 सालों में यूपी की जनता ने महसूस किया। योगी ने कहा- 2017 से पहले की कानून व्यवस्था सभी जानते हैं, बेटियां सुरक्षित नहीं थीं। 45 दिन के कुंभ में कोई छेड़छाड़, अपहरण और लूट की घटना नहीं हुई। आठ साल में सरकार ने पुलिस बल को व्यवस्थित किया है। सीएम योगी के बयान पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पलटवार किया। X पर लिखा- आठ साल, यूपी बर्बाद और सवाल ही सवाल। योगी की बड़ी बातें- भाजपा ने मंच से PDA को तोड़ने का संदेश दिया मंच से बीजेपी ने सपा के पीडीए को तोड़ने का संदेश दिया। मंच पर बीजेपी के वोट बैंक से जुड़े हर जाति और वर्ग का प्रतिनिधित्व देखने को मिला। हालांकि, मंच पर कोई भी मुस्लिम मंत्री नहीं मौजूद था। इससे भी सरकार ने अपना संदेश दिया कि उनका फोकस अगड़े, पिछड़े और दलितों पर है। मंच पर क्षत्रिय समाज से सीएम योगी और मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, ब्राह्मण समाज से डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, भूमिहार समाज से कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही थे, खत्री समाज से वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, वैश्य वर्ग से सीएम के अपर मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल और कायस्थ समाज से डीजीपी प्रशांत कुमार थे। इसके अलावा, दलित वर्ग से रालोद के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार, पिछड़े वर्ग में डिप्टी सीएम केशव मौर्य, जाट समाज से बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, सैनी समाज से बीजेपी के महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह, कुर्मी समाज से जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और अपना दल के आशीष पटेल, राजभर समाज से ओमप्रकाश राजभर और निषाद समाज से संजय निषाद मंच पर मौजूद थे। ————————- ये खबर भी पढ़ें- लोग बोले- यूपी के 341 विधायकों को टिकट न दें 25 मार्च को यूपी के विधायकों के 3 साल पूरे हो रहे हैं। इसको लेकर दैनिक भास्कर ने विधायकों का सर्वे किया। 16 से 20 मार्च तक चले इस सर्वे में लोगों से 4 तरह के सवाल पूछे गए। इनके जवाब में लोगों ने राय दी कि 403 में से 84 फीसदी विधायकों को दोबारा टिकट नहीं देना चाहिए। पढ़ें पूरी खबर योगी सरकार के आज 8 साल पूरे हो गए। इस मौके पर सीएम योगी ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। कहा- यूपी ने अराजकता का तांडव देखा और झेला है। दंगों के माध्यम से अपनी बिगड़ती हुई अर्थव्यवस्था को भी देखा था। प्रदेश वही है, तंत्र भी वही है। सिर्फ सरकार बदलने से व्यापक परिवर्तन लाया जा सकता है? यह 8 सालों में यूपी की जनता ने महसूस किया। योगी ने कहा- 2017 से पहले की कानून व्यवस्था सभी जानते हैं, बेटियां सुरक्षित नहीं थीं। 45 दिन के कुंभ में कोई छेड़छाड़, अपहरण और लूट की घटना नहीं हुई। आठ साल में सरकार ने पुलिस बल को व्यवस्थित किया है। सीएम योगी के बयान पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पलटवार किया। X पर लिखा- आठ साल, यूपी बर्बाद और सवाल ही सवाल। योगी की बड़ी बातें- भाजपा ने मंच से PDA को तोड़ने का संदेश दिया मंच से बीजेपी ने सपा के पीडीए को तोड़ने का संदेश दिया। मंच पर बीजेपी के वोट बैंक से जुड़े हर जाति और वर्ग का प्रतिनिधित्व देखने को मिला। हालांकि, मंच पर कोई भी मुस्लिम मंत्री नहीं मौजूद था। इससे भी सरकार ने अपना संदेश दिया कि उनका फोकस अगड़े, पिछड़े और दलितों पर है। मंच पर क्षत्रिय समाज से सीएम योगी और मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, ब्राह्मण समाज से डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, भूमिहार समाज से कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही थे, खत्री समाज से वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, वैश्य वर्ग से सीएम के अपर मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल और कायस्थ समाज से डीजीपी प्रशांत कुमार थे। इसके अलावा, दलित वर्ग से रालोद के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार, पिछड़े वर्ग में डिप्टी सीएम केशव मौर्य, जाट समाज से बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी, सैनी समाज से बीजेपी के महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह, कुर्मी समाज से जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और अपना दल के आशीष पटेल, राजभर समाज से ओमप्रकाश राजभर और निषाद समाज से संजय निषाद मंच पर मौजूद थे। ————————- ये खबर भी पढ़ें- लोग बोले- यूपी के 341 विधायकों को टिकट न दें 25 मार्च को यूपी के विधायकों के 3 साल पूरे हो रहे हैं। इसको लेकर दैनिक भास्कर ने विधायकों का सर्वे किया। 16 से 20 मार्च तक चले इस सर्वे में लोगों से 4 तरह के सवाल पूछे गए। इनके जवाब में लोगों ने राय दी कि 403 में से 84 फीसदी विधायकों को दोबारा टिकट नहीं देना चाहिए। पढ़ें पूरी खबर   उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर