<p style=”text-align: justify;”><strong>Sirohi News:</strong> राजस्थान के सिरोही जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. सिरोही के पिंडवाड़ा थाना क्षेत्र के अधीनस्थ स्थित मोरस पुलिस चौकी पर तैनात तत्कालीन एसआई पन्नालाल व करीब 7 कांस्टेबल के खिलाफ एसीबी में मामला दर्ज किया गया है. उसके बाद महकमे हड़कंप मचा हुआ है. सिरोही एसीबी टीम ने ट्रैप की कार्रवाई में मिले साक्ष्य के आधार पर एसीबी मुख्यालय ने मुकदमा दर्ज किया. साथ ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पाली प्रथम के हवाले अग्रिम जांच सौंपी है. </p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>क्या है पूरा मामला?</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>ट्रैप कि कार्रवाई को लेकर उदयपुर के एक पीड़ित व्यक्ति ने एसीबी में शिकायत दर्ज करवाई थी. शिकायत के बाद सिरोही एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामेश्वरलाल के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक कुइयाराम मय टीम ने सबूतों व तथ्यों की जांच की और साक्ष्य जुटाए, जिस दिन ट्रैप की कार्रवाई होनी थी, उससे एक दिन पहले एसआई का ट्रांसफर हो गया, इस वजह से ट्रैप कि कार्रवाई नहीं हो पाई. लेकिन सिरोही एसीबी टीम ने जुटाए साक्ष्यों के आधार पर एसीबी मुख्यालय से मुकदमा दर्ज करने की अनुशंसा की. एसीबी मुख्यालय ने अब मुकदमा दर्ज किया है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>क्या कहते हैं एसीबी अधिकारी?</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>सिरोही एसीबी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामेश्वरलाल ने बताया कि 29 अक्टूबर 2024 को उदयपुर के ट्रांसपोर्ट व्यापारी ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि पिंडवाड़ा थाना क्षेत्र के मोरस चौकी के निकट मालेरा टोल प्लाजा पर नाकाबंदी के दौरान पुलिस द्वारा उनकी ट्रकों को रुकवाते हैं. पास के ढाबे पर ले जाकर चालान नहीं बनाने के नाम डरा धमकाकर रुपये लिए जा रहे हैं. ट्रक में माल बिलशुदा होने और नियमानुसार होने के बावजूद उनसे रुपये मांगे जाते है कई बारे दिये भी जाते है और यह सिलसिला काफ़ी दिन तक चला भी.</p>
<p style=”text-align: justify;”>ट्रक के पकड़े जाने पर 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई. 7 हजार रुपए देने का तय किया. इसके बाद आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार करने के लिए एसीबी की टीम ने जाल बिछाया, लेकिन दूसरी ट्रक की ट्रिप उस दिन नहीं हो पाई. इसके बाद मोरस चौकी के एसआई का तबादला ब्यावर जिले में हो गया, जिस कारण ट्रैप की कार्रवाई नहीं हो पाई. फिलहाल एसआई पन्नालाल ब्यावर जिले में तैनात है जिन्हें एसपी ने लाइन हाजिर कर रखा है. बताया जा रहा की डोडा पोस्त के मामले में अनियमितता बरतने के कारण एक्शन हुआ है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>(तुषार पुरोहित की रिपोर्ट)</strong></p> <p style=”text-align: justify;”><strong>Sirohi News:</strong> राजस्थान के सिरोही जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. सिरोही के पिंडवाड़ा थाना क्षेत्र के अधीनस्थ स्थित मोरस पुलिस चौकी पर तैनात तत्कालीन एसआई पन्नालाल व करीब 7 कांस्टेबल के खिलाफ एसीबी में मामला दर्ज किया गया है. उसके बाद महकमे हड़कंप मचा हुआ है. सिरोही एसीबी टीम ने ट्रैप की कार्रवाई में मिले साक्ष्य के आधार पर एसीबी मुख्यालय ने मुकदमा दर्ज किया. साथ ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पाली प्रथम के हवाले अग्रिम जांच सौंपी है. </p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>क्या है पूरा मामला?</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>ट्रैप कि कार्रवाई को लेकर उदयपुर के एक पीड़ित व्यक्ति ने एसीबी में शिकायत दर्ज करवाई थी. शिकायत के बाद सिरोही एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामेश्वरलाल के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक कुइयाराम मय टीम ने सबूतों व तथ्यों की जांच की और साक्ष्य जुटाए, जिस दिन ट्रैप की कार्रवाई होनी थी, उससे एक दिन पहले एसआई का ट्रांसफर हो गया, इस वजह से ट्रैप कि कार्रवाई नहीं हो पाई. लेकिन सिरोही एसीबी टीम ने जुटाए साक्ष्यों के आधार पर एसीबी मुख्यालय से मुकदमा दर्ज करने की अनुशंसा की. एसीबी मुख्यालय ने अब मुकदमा दर्ज किया है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>क्या कहते हैं एसीबी अधिकारी?</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>सिरोही एसीबी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामेश्वरलाल ने बताया कि 29 अक्टूबर 2024 को उदयपुर के ट्रांसपोर्ट व्यापारी ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि पिंडवाड़ा थाना क्षेत्र के मोरस चौकी के निकट मालेरा टोल प्लाजा पर नाकाबंदी के दौरान पुलिस द्वारा उनकी ट्रकों को रुकवाते हैं. पास के ढाबे पर ले जाकर चालान नहीं बनाने के नाम डरा धमकाकर रुपये लिए जा रहे हैं. ट्रक में माल बिलशुदा होने और नियमानुसार होने के बावजूद उनसे रुपये मांगे जाते है कई बारे दिये भी जाते है और यह सिलसिला काफ़ी दिन तक चला भी.</p>
<p style=”text-align: justify;”>ट्रक के पकड़े जाने पर 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई. 7 हजार रुपए देने का तय किया. इसके बाद आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार करने के लिए एसीबी की टीम ने जाल बिछाया, लेकिन दूसरी ट्रक की ट्रिप उस दिन नहीं हो पाई. इसके बाद मोरस चौकी के एसआई का तबादला ब्यावर जिले में हो गया, जिस कारण ट्रैप की कार्रवाई नहीं हो पाई. फिलहाल एसआई पन्नालाल ब्यावर जिले में तैनात है जिन्हें एसपी ने लाइन हाजिर कर रखा है. बताया जा रहा की डोडा पोस्त के मामले में अनियमितता बरतने के कारण एक्शन हुआ है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>(तुषार पुरोहित की रिपोर्ट)</strong></p> राजस्थान Rajasthan Waqf Property: राजस्थान में वक्फ के पास कितने मजार, मकबरा और दरगाह? जयपुर में सबसे अधिक ‘प्रॉपर्टी’
राजस्थान: रिश्वत मांग रहे SI समेत 7 पुलिसकर्मियों के खिलाफ ACB ने दर्ज किया केस
