पंजाब में 20 नवंबर को चार विधानसभा सीटों पर होने वाले उप चुनावों के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता अपने-अपने उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार कर रहे हैं। वहीं, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग बरनाला में कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप सिंह काला ढिल्लों के पक्ष में प्रचार करने पहुंचे। इस मौके पर मीडिया से बात करते हुए राजा वडिंग ने कहा कि आम आदमी पार्टी का जन्म बरनाला और संगरूर में हुआ था। बरनाला उप चुनाव में लोग कांग्रेस पार्टी के साथ खड़े हैं और आम आदमी पार्टी का अंतिम समागम भी बरनाला उप चुनाव में होगा। उन्होंने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी को सत्ता में आए लगभग 3 साल हो गए हैं। इन 3 सालों में अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के किसी भी इलाके की सार नहीं ली। लेकिन अब अरविंद केजरीवाल उप चुनाव के लिए प्रचार कर रहे हैं। बादल को पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था : वडिंग उन्होंने कहा कि इन उप चुनावों में जनता ने आम आदमी पार्टी को पूरी तरह से नकार दिया है। शिरोमणि अकाली दल बादल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के इस्तीफे के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सुखबीर सिंह बादल को उस समय ही इस्तीफा दे देना चाहिए था, जब उनकी पार्टी की कोर कमेटी ने उनसे इस्तीफा देने के लिए कहा था। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि सुखबीर सिंह बादल जल्द ही बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इन विधानसभा उप चुनावों में कांग्रेस पार्टी बड़ी बढ़त के साथ जीत हासिल करेगी। पंजाब में 20 नवंबर को चार विधानसभा सीटों पर होने वाले उप चुनावों के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता अपने-अपने उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार कर रहे हैं। वहीं, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग बरनाला में कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप सिंह काला ढिल्लों के पक्ष में प्रचार करने पहुंचे। इस मौके पर मीडिया से बात करते हुए राजा वडिंग ने कहा कि आम आदमी पार्टी का जन्म बरनाला और संगरूर में हुआ था। बरनाला उप चुनाव में लोग कांग्रेस पार्टी के साथ खड़े हैं और आम आदमी पार्टी का अंतिम समागम भी बरनाला उप चुनाव में होगा। उन्होंने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी को सत्ता में आए लगभग 3 साल हो गए हैं। इन 3 सालों में अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के किसी भी इलाके की सार नहीं ली। लेकिन अब अरविंद केजरीवाल उप चुनाव के लिए प्रचार कर रहे हैं। बादल को पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था : वडिंग उन्होंने कहा कि इन उप चुनावों में जनता ने आम आदमी पार्टी को पूरी तरह से नकार दिया है। शिरोमणि अकाली दल बादल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के इस्तीफे के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सुखबीर सिंह बादल को उस समय ही इस्तीफा दे देना चाहिए था, जब उनकी पार्टी की कोर कमेटी ने उनसे इस्तीफा देने के लिए कहा था। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि सुखबीर सिंह बादल जल्द ही बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इन विधानसभा उप चुनावों में कांग्रेस पार्टी बड़ी बढ़त के साथ जीत हासिल करेगी। पंजाब | दैनिक भास्कर
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जालंधर उपचुनाव के लिए आज थम जाएगा प्रचार:शाम 5 बजे से साइलेंस पीरियड, शराब की दुकानें रहेंगी बंद, सुरक्षा कड़ी पंजाब के जालंधर में आज यानी सोमवार शाम करीब 5 बजे चुनाव प्रचार थम जाएगा। जालंधर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में हो रहे उपचुनाव के लिए हर पार्टी के वरिष्ठ नेता जालंधर में बैठकर प्रचार कर रहे हैं। ऐसे में आज से सभी पार्टियों का प्रचार बंद हो जाएगा। चुनाव आयोग की ओर से जारी आदेशों के अनुसार यह लागू होगा। शाम 5 बजे से जालंधर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में रोड शो, जनसभा, जुलूस जैसे सभी कार्यक्रमों पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाएगी। चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद शहर में शांतिपूर्ण माहौल बनेगा। मतदान से 48 घंटे पहले रैलियां और रोड शो बंद मतदान से 48 घंटे पहले तक का समय मौन अवधि में गिना जाता है। इस दौरान चुनाव आयोग की ओर से राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को प्रचार करने की अनुमति नहीं होती है। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 126 के तहत मतदान के बाद यह समय सीमा अपने आप खत्म हो जाती है। शहर में सुरक्षा के इंतजाम पूरे किए जा रहे हैं। जालंधर पश्चिम में आज शाम से मौन अवधि शुरू होने के बाद टेलीविजन या अन्य प्लेटफॉर्म पर चुनाव से संबंधित किसी भी तरह का सर्वे चलाने पर रोक लग सकती है। धारा 126 के तहत ऐसा कोई भी काम नहीं किया जा सकेगा जिससे चुनाव परिणाम प्रभावित हो। इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के जरिए राजनीतिक विज्ञापन भी नहीं चलाए जा सकेंगे। चुनाव के चलते शराब की दुकानें बंद रहेंगी पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के लिए जालंधर में चुनाव आयोग ने आदेश जारी किए हैं कि 8 जुलाई को शाम 5 बजे के बाद शराब की दुकानें बंद कर दी जाएंगी। जिसके बाद उक्त शराब की दुकानें 10 जुलाई को शाम करीब 7 बजे खुलेंगी। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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किसान आंदोलन पर कंगना के बयान का विरोध:पंधेर बोले- बयान जारी करने की जगह कार्रवाई करे; खुद माफी मांगने को कहे भाजपा सांसद व बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनोट के किसान आंदोलन को दिए विवादित बयान पर पंजाब में विवाद थम नहीं रहा है। हालांकि भाजपा मीडिया सेल ने खुद बयान जारी कर कंगना रनोट के बयान से पल्ला झाड़ा है। लेकिन पंजाब के किसान इस पर भी मानने को तैयार नहीं हैं। शंभू बॉर्डर पर डटे किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के सरवन सिंह पंधेर ने कंगना रनोट को खुद माफी मांगने के लिए कहा है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर का कहना है- मैं शंभू बॉर्डर से बोल रहा हूं। भाजपा पार्टी ने नेशनल लेवल पर कंगना रनोट के बयान पर किनारा कर लिया है। लेकिन, कंगना रनोट भाजपा की एमपी है, उस पर अनुशासनिक कार्रवाई होनी चाहिए। अगर भाजपा ये मानती है कि ये बयान उचित नहीं है, गलत दिया गया बयान है। तो उन्हें कंगना रनोट पर अनुशासनिक कार्रवाई करनी चाहिए। उन्हें बोलना चाहिए कि कंगना रनोट इस बयान पर खुद माफी मांगे और कंगना रनोट को खुद माफी मांगनी चाहिए। एसकेएम कर चुकी प्रदर्शन का ऐलान राष्ट्रीय संयुक्त किसान मोर्चा और भारतीय किसान यूनियन उगराहां पहले ही कंगना के बयान का विरोध कर चुके हैं। उनका कहना है कि अपनी सांसद के किसान विरोधी बयान के लिए प्रधानमंत्री को माफी मांगनी होगी। कंगना रनोट भी जब तक माफी नहीं मांगती, देश भर में उनका विरोध किया जाएगा। वहीं, किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कंगना रनोट की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी भी कर चुके विरोध कांग्रेस सांसद व लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी कंगना के इस बयान का विरोध कर चुके हैं। उनका कहना था कि भाजपा सरकार का पूरा मंत्र किसानों को बदनाम करने में जुटा है। किसानों को रेपिस्ट और विदेशी ताकतों का नुमाइंदा कहना शर्मानाक है। ये स्वीकार्य नहीं है। भाजपा सरकार किसानों से किए वादे पूरे करने में नाकाम रही है। किसान आंदोलन में रेप व हत्याएं हुई एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनोट ने कहा है कि अगर हमारा शीर्ष नेतृत्व मजबूत नहीं रहता तो किसान आंदोलन के दौरान पंजाब को भी बांग्लादेश बना दिया जाता। दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में कंगना ने कहा कि पंजाब में किसान आंदोलन के नाम पर उपद्रवी हिंसा फैला रहे थे। वहां रेप और हत्याएं हो रही थीं। किसान बिल को वापस ले लिया गया वर्ना इन उपद्रवियों की बहुत लंबी प्लानिंग थी। वे देश में कुछ भी कर सकते थे। कंगना की फिल्म इमरजेंसी भी विवादों में कंगना के बयान से पहले उनकी फिल्म इमरजेंसी भी विवादों में चल रही है। इसके लिए कंगना का पंजाब व अन्य राज्यों में पहले से ही विरोध चल रहा है। कंगना की ये फिल्म पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में लगाई गई इमरजेंसी पर बनाई गई है। फिल्म 6 सितंबर को रिलीज होगी। पंजाब के निर्दलीय सांसद सर्बजीत सिंह खालसा ने ट्रेलर में दिखाए गए दृश्यों पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इसमें सिखों को गलत तरीके से पेश किया गया है। उन्होंने केंद्र सरकार को लेटर लिखकर फिल्म की रिलीज रोकने की मांग की। इसके अलावा श्री अकाल तख्त साहिब और एसजीपीसी ने भी इस फिल्म का विरोध किया। आरोप है कि कंगना की इस फिल्म में सिखों को अलगाववादी या आतंकवादी के रूप में दिखाया गया है। कंगना को सिर कलम करने की धमकी ईसाई से सिख बने विक्की थॉमस की एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई। जिसमें फिल्म इमरजेंसी के लिए कंगना को धमकी दी गई है। वायरल वीडियो में विक्की थॉमस धमकाते हुए कह रहा है- ”इतिहास को बदला नहीं जा सकता। अगर आतंकवादी दिखाया गया तो अंजाम के लिए तैयार हो जाना। जिसकी फिल्म कर रही है, उसकी क्या सेवा होगी। सतवंत सिंह और बेअंत सिंह (पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर गोलियां बरसाने वाले) कौन थे, वे रोल भी करने के लिए तैयार हो जाना। ये मैं दिल से बोल रहा हूं, क्योंकि उंगली जो हमारी तरफ करता है, वे उंगली ही झटका (काट) देते हैं हम। वो संत (जरनैल सिंह भिंडरांवाला) के लिए हम अपना सिर कटवा भी देंगे। अगर सिर कटवा सकते हैं तो काट भी सकते हैं।”