राम मंदिर में विराजमान रामलला का राजतिलक खुद सूर्य भगवान करेंगे। ऐसा 20 साल तक हर रोज होगा। अयोध्या में राम मंदिर भवन निर्माण समिति ने फैसला किया है। समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा- राम मंदिर का शिखर निर्माण पूरा हो रहा है। दिसंबर, 2025 तक मंदिर के 100% निर्माण पूरे कर लिए जाएंगे। मौजूदा व्यवस्था में सिर्फ रामनवमी के दिन रामलला का राजतिलक सूर्य की किरणों से होता है। नई जानकारी सामने आई है कि राम मंदिर की पहली मंजिल पर राम दरबार की स्थापना 15 मई तक हो जाएगा। एक बाध्यता भी रहेगी कि हर दिन सिर्फ 800 लोग ही राम दरबार के दर्शन कर सकेंगे। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि पहली मंजिल पर जगह की कमी रहेगी। सूर्य कैसे होगा, यह भी समझे…
IIT रुड़की ने तैयार किया है खास सिस्टम
सूर्य तिलक के लिए IIT रुड़की सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट ने एक खास ऑप्टोमैकेनिकल सिस्टम तैयार किया है। इसमें मंदिर के सबसे ऊपरी तल (तीसरे तल) पर लगे दर्पण पर सूर्य की किरणें पड़ती हैं। दर्पण से 90 डिग्री पर परावर्तित होकर ये किरणे एक पीतल के पाइप में जाएंगी। पाइप के छोर पर एक दूसरा दर्पण लगा है। इस दर्पण से सूर्य किरणें एक बार फिर से परावर्तित होंगी और पीतल की पाइप के साथ 90 डिग्री पर मुड़ जाएंगी। दूसरी बार परावर्तित होने के बाद सूर्य किरणें लंबवत दिशा में नीचे की ओर चलेंगी। किरणों के इस रास्ते में एक के बाद एक तीन लेंस पड़ेंगे, जिनसे इनकी तीव्रता और बढ़ जाएगी। लंबवत पाइप जाती है। लंबवत पाइप के दूसरे छोर पर एक और दर्पण लगा है। बढ़ी हुई तीव्रता के साथ किरणें इस दर्पण पर पड़ेंगी और दोबारा 90 डिग्री पर मुड़ जाएंगी। 90 डिग्री पर मुड़ी ये किरणें सीधे राम लला के मस्तक पर पड़ेंगी। इस तरह से राम लला का सूर्य तिलक पूरा होगा। सूर्य किरणों का यह तिलक 75 मिमी का गोलाकार रूप में होगा। दोपहर 12 बजे सूर्य किरणें रामलला के मस्तक पर पड़ेंगी। निरंतर चार मिनट तक किरणें रामलला के मुख मंडल को प्रकाशमान करेंगी। नृपेंद्र मिश्रा ने कहा- राम मंदिर के 4 प्रमुख द्वारों के नाम भी तय हो गए हैं। इनकी घोषणा ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय करेंगे। रामनवमी मेला से पहले मंदिर में अस्थाई कैनेपी और मैट की व्यवस्थाएं हो जाएंगी। जो लोग अयोध्या आ रहे हैं, उन्हें गर्मियों में ज्यादा से ज्यादा सुविधा देने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने बताया- द्वितीय मंजिल पर रामकथा म्युजियम तैयार है। तय हुआ है कि गैलरी की शुरुआत कर देनी चाहिए। इसकी डेटलाइन अभी फाइनल नहीं की गई है। दूसरे दिन की बैठक में क्या तय हुआ… राममंदिर की सुरक्षा के लिए बनेगी 4Km लंबी दीवार, ऊंचाई 16 फिट होगी
अयोध्या के राम मंदिर की सुरक्षा के लिए चारो ओर 4km लंबी दीवार बनेगी। इसकी ऊंचाई 16 फिट होगी। सिक्योरिटी के लिए 3 फीट ऊंचाई तक स्टील वायर लगाया जाएगा, ताकि कोई आतंकी प्रवेश न कर सके। यह अहम फैसला श्रीरामजन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति की बैठक में लिया गया है। समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कहा- जितना भव्य मंदिर तैयार हुआ है। उसकी सिक्योरिटी भी उतनी ही अहम है। अभी आप देखते होंगे कि चारों तरफ झाड़ियां हैं। वहां सिक्योरिटी के लिए स्टील के वायर और लोहे के खंभे लगे हैं। अब फैसला किया गया है कि मंदिर के चारों और 4 Km तक पक्की दीवार बनाई जाएगी, ये वैसी ही होगी जैसे जेल में होती है। यह दीवार उत्तरी गेट की तरफ से बनाना शुरू होगा। इसको बनने में करीब 1 साल का समय लगेगा। अयोध्या मंदिर की सुरक्षा के लिए यह प्रयास इसलिए भी किया जा रहा है क्योंकि 1 मार्च को हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने फरीदाबाद से आतंकी अब्दुल रहमान को पकड़ा। वह मिल्कीपुर का रहने वाला है। बयान दिया कि अयोध्या में राम मंदिर पर हमले की तैयारी थी। उसके पास से दो जिंदा हैंड ग्रेनेड मिले थे। अंगद टीला पर गिलहरी की मूर्ति लगेगी
अयोध्या में भवन निर्माण समिति की बैठक का आज पहला दिन है। नृपेंद्र मिश्रा ने कहा- अप्रैल 2025 से पहले भवन निर्माण समिति सभी काम पूरे कर लेगी। राम मंदिर और मंदिर के आसपास के सभी भवनों का निर्माण आखिरी चरण में चल रहा है। सप्त मंदिर का निर्माण जल्द पूरा होगा।3 दिन राम मंदिर की व्यवस्थाओं पर चर्चा होगी। पहले दिन के फैसले पढ़िए… ….. ये भी पढ़ें : प्राण प्रतिष्ठा के बाद रामलला का पहला सूर्य तिलक:12 बजे अभिजीत मुहूर्त में 3 मिनट तक माथे पर पड़ीं नीली किरणें अयोध्या में बुधवार यानी 17 अप्रैल को रामनवमी पर दोपहर 12 बजे से रामलला का सूर्य तिलक हुआ। प्राण प्रतिष्ठा के बाद रामलला का यह पहला सूर्य तिलक है। दोपहर 12 बजे अभिजीत मुहूर्त में रामलला का सूर्य तिलक किया गया और मस्तक पर 3 मिनट तक नीली किरणें पड़ीं। पढ़िए पूरी खबर… राम मंदिर में विराजमान रामलला का राजतिलक खुद सूर्य भगवान करेंगे। ऐसा 20 साल तक हर रोज होगा। अयोध्या में राम मंदिर भवन निर्माण समिति ने फैसला किया है। समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने कहा- राम मंदिर का शिखर निर्माण पूरा हो रहा है। दिसंबर, 2025 तक मंदिर के 100% निर्माण पूरे कर लिए जाएंगे। मौजूदा व्यवस्था में सिर्फ रामनवमी के दिन रामलला का राजतिलक सूर्य की किरणों से होता है। नई जानकारी सामने आई है कि राम मंदिर की पहली मंजिल पर राम दरबार की स्थापना 15 मई तक हो जाएगा। एक बाध्यता भी रहेगी कि हर दिन सिर्फ 800 लोग ही राम दरबार के दर्शन कर सकेंगे। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि पहली मंजिल पर जगह की कमी रहेगी। सूर्य कैसे होगा, यह भी समझे…
IIT रुड़की ने तैयार किया है खास सिस्टम
सूर्य तिलक के लिए IIT रुड़की सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट ने एक खास ऑप्टोमैकेनिकल सिस्टम तैयार किया है। इसमें मंदिर के सबसे ऊपरी तल (तीसरे तल) पर लगे दर्पण पर सूर्य की किरणें पड़ती हैं। दर्पण से 90 डिग्री पर परावर्तित होकर ये किरणे एक पीतल के पाइप में जाएंगी। पाइप के छोर पर एक दूसरा दर्पण लगा है। इस दर्पण से सूर्य किरणें एक बार फिर से परावर्तित होंगी और पीतल की पाइप के साथ 90 डिग्री पर मुड़ जाएंगी। दूसरी बार परावर्तित होने के बाद सूर्य किरणें लंबवत दिशा में नीचे की ओर चलेंगी। किरणों के इस रास्ते में एक के बाद एक तीन लेंस पड़ेंगे, जिनसे इनकी तीव्रता और बढ़ जाएगी। लंबवत पाइप जाती है। लंबवत पाइप के दूसरे छोर पर एक और दर्पण लगा है। बढ़ी हुई तीव्रता के साथ किरणें इस दर्पण पर पड़ेंगी और दोबारा 90 डिग्री पर मुड़ जाएंगी। 90 डिग्री पर मुड़ी ये किरणें सीधे राम लला के मस्तक पर पड़ेंगी। इस तरह से राम लला का सूर्य तिलक पूरा होगा। सूर्य किरणों का यह तिलक 75 मिमी का गोलाकार रूप में होगा। दोपहर 12 बजे सूर्य किरणें रामलला के मस्तक पर पड़ेंगी। निरंतर चार मिनट तक किरणें रामलला के मुख मंडल को प्रकाशमान करेंगी। नृपेंद्र मिश्रा ने कहा- राम मंदिर के 4 प्रमुख द्वारों के नाम भी तय हो गए हैं। इनकी घोषणा ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय करेंगे। रामनवमी मेला से पहले मंदिर में अस्थाई कैनेपी और मैट की व्यवस्थाएं हो जाएंगी। जो लोग अयोध्या आ रहे हैं, उन्हें गर्मियों में ज्यादा से ज्यादा सुविधा देने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने बताया- द्वितीय मंजिल पर रामकथा म्युजियम तैयार है। तय हुआ है कि गैलरी की शुरुआत कर देनी चाहिए। इसकी डेटलाइन अभी फाइनल नहीं की गई है। दूसरे दिन की बैठक में क्या तय हुआ… राममंदिर की सुरक्षा के लिए बनेगी 4Km लंबी दीवार, ऊंचाई 16 फिट होगी
अयोध्या के राम मंदिर की सुरक्षा के लिए चारो ओर 4km लंबी दीवार बनेगी। इसकी ऊंचाई 16 फिट होगी। सिक्योरिटी के लिए 3 फीट ऊंचाई तक स्टील वायर लगाया जाएगा, ताकि कोई आतंकी प्रवेश न कर सके। यह अहम फैसला श्रीरामजन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति की बैठक में लिया गया है। समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कहा- जितना भव्य मंदिर तैयार हुआ है। उसकी सिक्योरिटी भी उतनी ही अहम है। अभी आप देखते होंगे कि चारों तरफ झाड़ियां हैं। वहां सिक्योरिटी के लिए स्टील के वायर और लोहे के खंभे लगे हैं। अब फैसला किया गया है कि मंदिर के चारों और 4 Km तक पक्की दीवार बनाई जाएगी, ये वैसी ही होगी जैसे जेल में होती है। यह दीवार उत्तरी गेट की तरफ से बनाना शुरू होगा। इसको बनने में करीब 1 साल का समय लगेगा। अयोध्या मंदिर की सुरक्षा के लिए यह प्रयास इसलिए भी किया जा रहा है क्योंकि 1 मार्च को हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने फरीदाबाद से आतंकी अब्दुल रहमान को पकड़ा। वह मिल्कीपुर का रहने वाला है। बयान दिया कि अयोध्या में राम मंदिर पर हमले की तैयारी थी। उसके पास से दो जिंदा हैंड ग्रेनेड मिले थे। अंगद टीला पर गिलहरी की मूर्ति लगेगी
अयोध्या में भवन निर्माण समिति की बैठक का आज पहला दिन है। नृपेंद्र मिश्रा ने कहा- अप्रैल 2025 से पहले भवन निर्माण समिति सभी काम पूरे कर लेगी। राम मंदिर और मंदिर के आसपास के सभी भवनों का निर्माण आखिरी चरण में चल रहा है। सप्त मंदिर का निर्माण जल्द पूरा होगा।3 दिन राम मंदिर की व्यवस्थाओं पर चर्चा होगी। पहले दिन के फैसले पढ़िए… ….. ये भी पढ़ें : प्राण प्रतिष्ठा के बाद रामलला का पहला सूर्य तिलक:12 बजे अभिजीत मुहूर्त में 3 मिनट तक माथे पर पड़ीं नीली किरणें अयोध्या में बुधवार यानी 17 अप्रैल को रामनवमी पर दोपहर 12 बजे से रामलला का सूर्य तिलक हुआ। प्राण प्रतिष्ठा के बाद रामलला का यह पहला सूर्य तिलक है। दोपहर 12 बजे अभिजीत मुहूर्त में रामलला का सूर्य तिलक किया गया और मस्तक पर 3 मिनट तक नीली किरणें पड़ीं। पढ़िए पूरी खबर… उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर
रामलला का सूर्य तिलक 20 साल तक होगा:राम दरबार के दर्शन 1 दिन में सिर्फ 800 भक्त करेंगे; 4 द्वार के नाम तय
