रेवाड़ी पहुंचे चढ़ूनी, बोले: हर अनाजमंडी में चाहिए सरसों लैब:पॉम ऑयल पर लगना चाहिए बैन, सरसों किसानों का मिलेगा फायदा

रेवाड़ी पहुंचे चढ़ूनी, बोले: हर अनाजमंडी में चाहिए सरसों लैब:पॉम ऑयल पर लगना चाहिए बैन, सरसों किसानों का मिलेगा फायदा

हरियाणा के रेवाड़ी में भाकियू नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि केंद्र सरकार को पॉम ऑयल पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। पॉम ऑयल हेल्थ के लिए भी खराब है। सरसों किसानों को भी इसका लाभ मिलेगा। ऐसा हुआ तो सरसों का भाव 7 हजार पहुंच जाएगा। चढ़ूनी वीरवार को संगठन की बैठक लेने रेवाड़ी आए थे। खुद की बीमा कंपनी बनाए सरकार चढ़ूनी ने कहा कि बीमा के लिए भी ओलावृष्टि प्रभावित किसानों को परेशानी आ रही है। चढ़ूनी ने कहा कि बीमा कंपनियां किसानों के साथ मनमानी कर रही हैं। सरकार को खुद की कंपनी बनानी चाहिए, जिससे किसानों को भी राहत मिलेगी और सरकार का भी इससे फायदा होगा ।रेवाड़ी की अनाजमंडी में सरसों लैब नहीं है। बिना लैब के किसानों को सही भाव नहीं मिलेगा। सरसों लैब तो प्रदेश की हर अनाजमंडी में होनी चाहिए। किसी निजी फर्म की लैब को किसान नहीं मानते, लैब तो हर मंडी में सरकारी चाहिए। खेतिहर मजदूर भी संगठन से जुड़ेंगे चढ़ूनी ने कहा कि हर गांव तक संगठन का विस्तार किया जाएगा। जिसके लिए हर जिले में वे बैठक कर रहे हैं। संगठन में अब किसानों के साथ-साथ खेतिहर मजदूरों को भी शामिल किया जाएगा। खेतिहर मजदूर किसान से जुड़ा वर्ग है। किसान और खेतिहर मजदूरों को संगठित करने का कार्य अब भाकियू की ओर से होगा। हरियाणा के रेवाड़ी में भाकियू नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि केंद्र सरकार को पॉम ऑयल पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। पॉम ऑयल हेल्थ के लिए भी खराब है। सरसों किसानों को भी इसका लाभ मिलेगा। ऐसा हुआ तो सरसों का भाव 7 हजार पहुंच जाएगा। चढ़ूनी वीरवार को संगठन की बैठक लेने रेवाड़ी आए थे। खुद की बीमा कंपनी बनाए सरकार चढ़ूनी ने कहा कि बीमा के लिए भी ओलावृष्टि प्रभावित किसानों को परेशानी आ रही है। चढ़ूनी ने कहा कि बीमा कंपनियां किसानों के साथ मनमानी कर रही हैं। सरकार को खुद की कंपनी बनानी चाहिए, जिससे किसानों को भी राहत मिलेगी और सरकार का भी इससे फायदा होगा ।रेवाड़ी की अनाजमंडी में सरसों लैब नहीं है। बिना लैब के किसानों को सही भाव नहीं मिलेगा। सरसों लैब तो प्रदेश की हर अनाजमंडी में होनी चाहिए। किसी निजी फर्म की लैब को किसान नहीं मानते, लैब तो हर मंडी में सरकारी चाहिए। खेतिहर मजदूर भी संगठन से जुड़ेंगे चढ़ूनी ने कहा कि हर गांव तक संगठन का विस्तार किया जाएगा। जिसके लिए हर जिले में वे बैठक कर रहे हैं। संगठन में अब किसानों के साथ-साथ खेतिहर मजदूरों को भी शामिल किया जाएगा। खेतिहर मजदूर किसान से जुड़ा वर्ग है। किसान और खेतिहर मजदूरों को संगठित करने का कार्य अब भाकियू की ओर से होगा।   हरियाणा | दैनिक भास्कर