रोपड़ जेल से बाहर आएगा नारायण सिंह चौड़ा:हरिमंदिर साहिब में सुखबीर बादल पर चलाई गोली; 110 दिन जेल में रहा

रोपड़ जेल से बाहर आएगा नारायण सिंह चौड़ा:हरिमंदिर साहिब में सुखबीर बादल पर चलाई गोली; 110 दिन जेल में रहा

अमृतसर में हरिमंदिर साहिब में शिअद नेता सुखबीर सिंह बादल पर फायरिंग करने वाले नारायण सिंह चौड़ा कोर्ट से जमानत मिलने के बाद आज जेल से बाहर आएगा। वह वारदात के बाद से 110 दिन से रोपड़ जेल में है। कोर्ट का आदेश मिलने के बाद उसे आज 4 महीने बाद जमानत पर छोड़ा जाएगा। एडवोकेट बलजिंदर सिंह ने कहा कि अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने नारायण सिंह चौड़ा को जमानत दे दी है। चौड़ा करीब चार महीने से जेल में बंद हैं। चौड़ा ने 3 दिसंबर, 2024 को अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर में शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल पर गोली चला कर उसकी हत्या का प्रयास किया था। घटना के समय सुखबीर थे ‘तनखैया’ घोषित सुखबीर अगस्त में अकाल तख्त द्वारा ‘तनखैया’ (धार्मिक कदाचार का दोषी) घोषित किए जाने के बाद बादल स्वर्ण मंदिर में ‘सेवा’ कर रहे थे, जिन्होंने 2007 से 2017 तक राज्य में अकाली दल के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा की गई “गलतियों” और “कुछ निर्णयों” के लिए उनके लिए धार्मिक दंड की घोषणा की थी। अकाली दल के नेता ‘तनखा’ (धार्मिक दंड) के हिस्से के रूप में अपने गले में तख्ती डाल कर स्वर्ण मंदिर के प्रवेश द्वार पर बैठे थे। चौड़ा की पत्नी जसमीत कौर ने अपने पति की हरकत की निंदा की थी। जानें कौन है नारायण सिंह चौड़ा नारायण सिंह चौड़ा पंजाब में आतंकवाद के दौर से सक्रिय रहा है। 1984 में वह पाकिस्तान गया, जहां उसने भारत विरोधी संगठनों से संपर्क किया और गुरिल्ला वॉर पर साहित्य लिखा। वह हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी में भी शामिल रहा और पंजाब में कई आतंकी गतिविधियों में उसकी भूमिका सामने आई। उसके खिलाफ अमृतसर, तरनतारन और रोपड़ में UAPA के तहत केस दर्ज हैं। 2013 में उसे तरनतारन से गिरफ्तार किया गया था, जहां से आरडीएक्स और हथियार बरामद हुए थे। 2004 में हुए बुड़ैल जेल ब्रेक कांड में भी उसका नाम सामने आया, जिसमें बेअंत सिंह के हत्यारे फरार हुए थे। चौड़ा पर आरोप है कि उसने जेल में इन आतंकियों की भागने की योजना में मदद की थी। चौड़ा लंबे समय से बादल परिवार के खिलाफ था। 2013 में खुफिया एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया था कि वह प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर बादल को निशाना बना सकता है। उसने खालिस्तान लिबरेशन आर्मी बनाई थी और खालिस्तानी समर्थकों के बीच रणधीर सिंह के नाम से सक्रिय था। पुलिस जांच में उसके बब्बर खालसा इंटरनेशनल से संबंधों का भी खुलासा हुआ। सुखबीर बादल ने जब अकाल तख्त से मिली सजा स्वीकार की और सेवा शुरू की, तो चौड़ा ने उन पर हमला कर दिया। अमृतसर में हरिमंदिर साहिब में शिअद नेता सुखबीर सिंह बादल पर फायरिंग करने वाले नारायण सिंह चौड़ा कोर्ट से जमानत मिलने के बाद आज जेल से बाहर आएगा। वह वारदात के बाद से 110 दिन से रोपड़ जेल में है। कोर्ट का आदेश मिलने के बाद उसे आज 4 महीने बाद जमानत पर छोड़ा जाएगा। एडवोकेट बलजिंदर सिंह ने कहा कि अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने नारायण सिंह चौड़ा को जमानत दे दी है। चौड़ा करीब चार महीने से जेल में बंद हैं। चौड़ा ने 3 दिसंबर, 2024 को अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर में शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल पर गोली चला कर उसकी हत्या का प्रयास किया था। घटना के समय सुखबीर थे ‘तनखैया’ घोषित सुखबीर अगस्त में अकाल तख्त द्वारा ‘तनखैया’ (धार्मिक कदाचार का दोषी) घोषित किए जाने के बाद बादल स्वर्ण मंदिर में ‘सेवा’ कर रहे थे, जिन्होंने 2007 से 2017 तक राज्य में अकाली दल के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा की गई “गलतियों” और “कुछ निर्णयों” के लिए उनके लिए धार्मिक दंड की घोषणा की थी। अकाली दल के नेता ‘तनखा’ (धार्मिक दंड) के हिस्से के रूप में अपने गले में तख्ती डाल कर स्वर्ण मंदिर के प्रवेश द्वार पर बैठे थे। चौड़ा की पत्नी जसमीत कौर ने अपने पति की हरकत की निंदा की थी। जानें कौन है नारायण सिंह चौड़ा नारायण सिंह चौड़ा पंजाब में आतंकवाद के दौर से सक्रिय रहा है। 1984 में वह पाकिस्तान गया, जहां उसने भारत विरोधी संगठनों से संपर्क किया और गुरिल्ला वॉर पर साहित्य लिखा। वह हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी में भी शामिल रहा और पंजाब में कई आतंकी गतिविधियों में उसकी भूमिका सामने आई। उसके खिलाफ अमृतसर, तरनतारन और रोपड़ में UAPA के तहत केस दर्ज हैं। 2013 में उसे तरनतारन से गिरफ्तार किया गया था, जहां से आरडीएक्स और हथियार बरामद हुए थे। 2004 में हुए बुड़ैल जेल ब्रेक कांड में भी उसका नाम सामने आया, जिसमें बेअंत सिंह के हत्यारे फरार हुए थे। चौड़ा पर आरोप है कि उसने जेल में इन आतंकियों की भागने की योजना में मदद की थी। चौड़ा लंबे समय से बादल परिवार के खिलाफ था। 2013 में खुफिया एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया था कि वह प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर बादल को निशाना बना सकता है। उसने खालिस्तान लिबरेशन आर्मी बनाई थी और खालिस्तानी समर्थकों के बीच रणधीर सिंह के नाम से सक्रिय था। पुलिस जांच में उसके बब्बर खालसा इंटरनेशनल से संबंधों का भी खुलासा हुआ। सुखबीर बादल ने जब अकाल तख्त से मिली सजा स्वीकार की और सेवा शुरू की, तो चौड़ा ने उन पर हमला कर दिया।   पंजाब | दैनिक भास्कर