लुधियाना में आज (शनिवार को) CIA स्टाफ ने उत्तर प्रदेश से अवैध पिस्तौल की तस्करी कर स्थानीय गिरोहों और बदमाशों को बेचने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। एक आरोपी को रील बनाने का शौक है, इसलिए उसने देसी कट्टा उतर प्रदेश से मंगवाया था। आरोपी 8 से 10 हजार में देसी कट्टे खरीदते थे। फोकल प्वाइंट इलाके में विशेष चेकिंग के दौरान आरोपियों की गिरफ्तारियां हुई है। पकड़े गए लोगों की पहचान महादेव नगर लोहार निवासी अजीत सिंह उर्फ बोहेमिया, शहीद बाबा दीप सिंह नगर शेरपुर निवासी वैभव मिश्रा और गरीब नगरी जसपाल बांगड़ निवासी जगप्रीत सिंह उर्फ काका के रूप में हुई है। अजीत सिंह को रील बनाने का शौक था, जिसने रील बनाने के लिए यूपी से हथियार मंगवाया था। ADCP अमनदीप सिंह बराड़ बोले… ADCP अमनदीप सिंह बराड़ और ACP राजेश शर्मा ने बताया कि, एक सूचना के आधार पर पुलिस ने सबसे पहले गोविंदगढ़ रेलवे क्रॉसिंग के पास अजीत सिंह को पकड़ा और उसके पास से पिस्तौल बरामद की। पूछताछ में उसने बताया कि उसके साथी वैभव मिश्रा के पास भी अवैध हथियार है। इसके बाद वैभव मिश्रा को 315 बोर की पिस्तौल के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में पुलिस जगप्रीत सिंह तक पहुंची, जिसने कथित तौर पर दोनों से तीसरी पिस्तौल खरीदी थी। उनके खुलासे के आधार पर पुलिस ने कुल तीन पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किए। आरोपियों का एक साथी पवन अभी फरार है। जनवरी में जमानत पर रिहा हुआ अजीत ADCP ने कहा कि माना जा रहा है कि हथियार उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से मंगाए गए हैं। पुलिस ने बताया कि अजीत सिंह का आपराधिक इतिहास है और उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में तीन मामले दर्ज हैं। वह दो महीने पहले ही जनवरी 2025 में जमानत पर रिहा हुआ था। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया और उन्हें तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि हथियारों कहा से आ रहे है और किस पैमाने पर यह कारोबार हो रहा है इसके बारे पता लगाया जा सके। गिरोह में शामिल लोगों की पहचान में जुटी पुलिस तस्करी के गिरोह में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। ADCP बराड़ ने कहा कि आरोपी राज्य के बाहर से पिस्तौल लाकर लुधियाना में बेचते थे। हम उनकी पूरी सप्लाई चेन का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। अगर और लोग इसमें शामिल पाए गए तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लुधियाना में आज (शनिवार को) CIA स्टाफ ने उत्तर प्रदेश से अवैध पिस्तौल की तस्करी कर स्थानीय गिरोहों और बदमाशों को बेचने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। एक आरोपी को रील बनाने का शौक है, इसलिए उसने देसी कट्टा उतर प्रदेश से मंगवाया था। आरोपी 8 से 10 हजार में देसी कट्टे खरीदते थे। फोकल प्वाइंट इलाके में विशेष चेकिंग के दौरान आरोपियों की गिरफ्तारियां हुई है। पकड़े गए लोगों की पहचान महादेव नगर लोहार निवासी अजीत सिंह उर्फ बोहेमिया, शहीद बाबा दीप सिंह नगर शेरपुर निवासी वैभव मिश्रा और गरीब नगरी जसपाल बांगड़ निवासी जगप्रीत सिंह उर्फ काका के रूप में हुई है। अजीत सिंह को रील बनाने का शौक था, जिसने रील बनाने के लिए यूपी से हथियार मंगवाया था। ADCP अमनदीप सिंह बराड़ बोले… ADCP अमनदीप सिंह बराड़ और ACP राजेश शर्मा ने बताया कि, एक सूचना के आधार पर पुलिस ने सबसे पहले गोविंदगढ़ रेलवे क्रॉसिंग के पास अजीत सिंह को पकड़ा और उसके पास से पिस्तौल बरामद की। पूछताछ में उसने बताया कि उसके साथी वैभव मिश्रा के पास भी अवैध हथियार है। इसके बाद वैभव मिश्रा को 315 बोर की पिस्तौल के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में पुलिस जगप्रीत सिंह तक पहुंची, जिसने कथित तौर पर दोनों से तीसरी पिस्तौल खरीदी थी। उनके खुलासे के आधार पर पुलिस ने कुल तीन पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किए। आरोपियों का एक साथी पवन अभी फरार है। जनवरी में जमानत पर रिहा हुआ अजीत ADCP ने कहा कि माना जा रहा है कि हथियार उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से मंगाए गए हैं। पुलिस ने बताया कि अजीत सिंह का आपराधिक इतिहास है और उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में तीन मामले दर्ज हैं। वह दो महीने पहले ही जनवरी 2025 में जमानत पर रिहा हुआ था। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया और उन्हें तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि हथियारों कहा से आ रहे है और किस पैमाने पर यह कारोबार हो रहा है इसके बारे पता लगाया जा सके। गिरोह में शामिल लोगों की पहचान में जुटी पुलिस तस्करी के गिरोह में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। ADCP बराड़ ने कहा कि आरोपी राज्य के बाहर से पिस्तौल लाकर लुधियाना में बेचते थे। हम उनकी पूरी सप्लाई चेन का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। अगर और लोग इसमें शामिल पाए गए तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पंजाब | दैनिक भास्कर
