भास्कर न्यूज |लुधियाना शराब बिक्री के मामले में थाना साहनेवाल की पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। मामले में जांच अधिकारी साधु सिंह ने बताया कि उन्हें गुप्त सूत्रों से जानकारी मिली थी कि एक व्यक्ति शराब लेकर माजरा कट, साहनेवाल रोड की तरफ से जा रहा है। फिर आरोपी को पकड़ कर तलाशी लेने पर उसके पास से 12 बोतल शराब मिली। व्यक्ति से उस शराब के लाइसेंस के बारे में पूछा तो कोई दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद आरोपी को थाने ले जाकर पूछताछ की तो उसने अपना नाम गुलजार सिंह वासी हारा कॉलोनी, नंदपुर बताया। इसके बाद आरोपी पर थाना साहनेवाल में एक्ससीज़ एक्ट के तहत पर्चा दर्ज कर लिया है। भास्कर न्यूज |लुधियाना शराब बिक्री के मामले में थाना साहनेवाल की पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। मामले में जांच अधिकारी साधु सिंह ने बताया कि उन्हें गुप्त सूत्रों से जानकारी मिली थी कि एक व्यक्ति शराब लेकर माजरा कट, साहनेवाल रोड की तरफ से जा रहा है। फिर आरोपी को पकड़ कर तलाशी लेने पर उसके पास से 12 बोतल शराब मिली। व्यक्ति से उस शराब के लाइसेंस के बारे में पूछा तो कोई दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद आरोपी को थाने ले जाकर पूछताछ की तो उसने अपना नाम गुलजार सिंह वासी हारा कॉलोनी, नंदपुर बताया। इसके बाद आरोपी पर थाना साहनेवाल में एक्ससीज़ एक्ट के तहत पर्चा दर्ज कर लिया है। पंजाब | दैनिक भास्कर
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लुधियाना में 2 गाड़ियों की हुई टक्कर:फॉर्च्यूनर कार पलटी, गर्भवती महिला बची, इनोवा सवार डॉक्टर घायल, मारपीट के लगाए आरोप
लुधियाना में 2 गाड़ियों की हुई टक्कर:फॉर्च्यूनर कार पलटी, गर्भवती महिला बची, इनोवा सवार डॉक्टर घायल, मारपीट के लगाए आरोप पंजाब के लुधियाना में गिल नहर सदर्न बाइपास के नजदीक एक इनोवा कार ने फॉर्च्यूनर कार को जबरदस्त टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि फॉर्च्यूनर कार तीन पलटियां खाकर गिरी। फॉर्च्यूनर में ड्राइवर और उसकी गर्भवती पत्नी थी। गनीमत रही कि ड्राइवर और उसकी पत्नी का बचाव हो गया। डॉक्टर के सिर में आई चोट इनोवा कार में सवार डॉक्टर के सिर पर चोट लगी है। उनके सिर पर टांके लगे है। घटना स्थल पर माहौल बिगड़ गया तो दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट के भी गंभीर आरोप लगाए। घायल डॉक्टर का नाम दिनेश गुप्ता है। वह किट्टी पार्टी से परिवार सहित लौट रहे थे। राहगीरों की मदद से कार से बाहर निकाला जानकारी देते हुए फॉर्च्यूनर कार के ड्राइवर राजविंदर सिंह ने कहा कि मैं अपनी पत्नी के साथ ईश्वर नगर की तरफ से आ रहा था। तभी अचानक से पीछे से तेज रफ्तार इनोवा कार आई जिसने जबरदस्त टक्कर मारी। हमारी गाड़ी तीन पलटियां खाकर कार गिरी। राहगीरों की मदद से हमें बाहर निकाला गया और कार को उठाया गया। ड्राइवर का आरोप डॉक्टर मौके से हुआ फरार राजविंदर ने कहा की उसकी पत्नी गुरमीत कौर गर्भवती है, लेकिन हादसे में काफी बचाव हो गया। मौके पर इनोवा कार में सवार डॉक्टर को जब बाहर निकाला तो उसके भी चोट लगी थी। लेकिन वह मौके से भाग गया। डॉक्टर के कुछ साथी पीछे से आ रहे थे जो उसे लेकर चले गए। डॉ. गौरव बोले- सीनियर डॉक्टर के साथ हुई मारपीट उधर, डॉक्टर पक्ष से आए डॉ.गौरव ने कहा कि कुछ लोगों ने बताया है कि उन्हें सिर्फ इतना पता चला है कि एक्सीडेंट हुआ है। शहर के एक सीनियर सरकारी डॉक्टर को भी पीटा गया है। घायल डॉक्टर को उपचार के लिए ले गए है। एक्सीडेंट में किसी तरह का कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। मौके पर पहुंचे एएसआई तरसेम सिंह ने कहा कि दो गाड़ियों की टक्कर हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

लुधियाना में तेज रफ्तार ट्राले ने व्यक्ति को कुचला:मौके पर ही मौत, दोस्त से मिलकर घर जा रहा था, ड्राइवर फरार
लुधियाना में तेज रफ्तार ट्राले ने व्यक्ति को कुचला:मौके पर ही मौत, दोस्त से मिलकर घर जा रहा था, ड्राइवर फरार लुधियाना में एक तेज रफ्तार ट्राले ने पैदल जा रहे 50 वर्षीय व्यक्ति को टक्कर मार दी, जिससे व्यक्ति की मौत हो गई। जगराओं के गांव कैलपुर के रहने वाले मोहन सिंह अपने दोस्त सुखविंदर सिंह से मिलकर पैदल अपने घर लौट रहे थे। हबड़ा मुल्लापुर रोड पर बिजली दफ्तर के पास एक तेज रफ्तार ट्राले ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे मोहन सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी ट्राला चालक कुलदीप सिंह मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही थाना दाखा की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। मृतक के दोस्त सुखविंदर सिंह (गांव चंगना निवासी) ने पुलिस को बताया कि मोहन सिंह किसी निजी काम से उनसे मिलने आए थे। एएसआई नरिंदर शर्मा के अनुसार, पुलिस ने मृतक का पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। फरार आरोपी ट्राले चालक कुलदीप सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।

कंगना थप्पड़कांड में कांस्टेबल के समर्थन में उतरे किसान:बोले- DGP से करेंगे मुलाकात, 9 जून को निकालेंगे मोहाली में न्याय मार्च
कंगना थप्पड़कांड में कांस्टेबल के समर्थन में उतरे किसान:बोले- DGP से करेंगे मुलाकात, 9 जून को निकालेंगे मोहाली में न्याय मार्च हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से भाजपा की लोकसभा सांसद चुनी गईं बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनोट को थप्पड़ मारने का मामला गरमा गया है। पंजाब के किसान संगठन कंगना को थप्पड़ मारने वाली सीआईएसएफ की महिला कांस्टेबल कुलविंदर के समर्थन में उतर आए हैं। किसान भवन में किसान नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऐलान किया है कि वे इस मामले में डीजीपी पंजाब गौरव यादव से मिलेंगे। किसानों ने कहा कि डीजीपी से मिलकर मांग करेंगे कि महिला कांस्टेबल के साथ अन्याय न हो। वहीं, 9 तारीख को किसान संगठन मोहाली में गुरुद्वारा अंब साहिब से एसएसपी ऑफिस तक इंसाफ मार्च निकालेंगे। किसान नेता ने बताई विवाद की वजह दल्लेवाल ने कहा कि भाजपा नेता ने चैनल पर उनके साथ हुई बहस में माना है कि विवाद असल में मोबाइल और पर्स की चेकिंग को लेकर हुआ था। लेकिन कंगना चेकिंग के लिए लगेज निकालकर सांसद होने के कारण खुद को वीआईपी समझ रही थीं। ऐसे में मुझे लगता है कि लड़की की कोई गलती नहीं है। उसने अपना फर्ज निभाया है। इसी वजह से झगड़ा हुआ। हालांकि, यह अभी जांच का विषय है। वहीं उन्होंने कहा कि कंगना के खिलाफ कोर्ट में केस चल रहा है। लेकिन उसमें अभी तक कुछ नहीं हुआ। इसके अलावा जिस तरह से कंगना ने पंजाब में आतंकवाद को लेकर बयान दिया है। इस तरह से जहर उगला है। पंजाब में ऐसा कुछ नहीं है। 400 पार करने का दावा करने वाले अब 240 पर आ गए किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल ने कहा कि पिछले दो कार्यकाल में भारतीय जनता पार्टी को जिस तरह का बहुमत मिल रहा है। इस बहुमत के बल पर उन्होंने पूरे देश पर कब्जा करने की कोशिश की, लोगों को धकेला। इसका नतीजा क्या है। वे दावा करते थे कि इस बार 400 पार करेंगे, लेकिन अब वे 240 पर आ गए हैं। पूरे देश ने भाजपा को एहसास करा दिया कि अब वे कुछ नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा भाजपा ने ध्रुवीकरण की कोशिश की। पंजाब में भी ऐसी कोशिशें की गईं। लेकिन वे सफल नहीं हो पाए। आंदोलन के कारण हर जगह नुकसान किसान नेता दल्लेवाल ने कहा कि पिछले चुनाव में ग्रामीण क्षेत्र में भाजपा के 236 सांसद जीते थे। लेकिन इस बार 73 सांसद हार गए, जबकि 165 रह गए। किसानों और मजदूरों के साथ जो किया है, उसका यह नतीजा है। किसान शुभकरण की कलश यात्रा ने भाजपा को नुकसान पहुंचाया। इसके कारण हरियाणा में उन्हें सिर्फ पांच सीटें मिलीं। यूपी में उन्हें आधी सीटें ही मिलीं। राजस्थान और दक्षिण के राज्यों में भी इसी तरह का नुकसान हुआ है।