हरियाणा सरकार पर यमुना के पानी में जहर मिलाने वाले बयान को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल की आज हरियाणा की सोनीपत कोर्ट में तारीख है। पिछली तारीख 17 फरवरी पर उनकी जगह उनके वकील संजीव नसीर दिल्ली से सोनीपत कोर्ट में पहुंचे थे। आज सोनीपत की कोर्ट में अरविंद केजरीवाल की चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) नेहा गोयल की कोर्ट में पेशी है। सरकारी वकील भुवेश मलिक ने बताया कि हरियाणा सरकार ने केजरीवाल के खिलाफ BNS की धारा 223 के तहत क्रिमिनल कंप्लेंट फाइल की थी। चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) नेहा गोयल की कोर्ट ने केजरीवाल को 17 फरवरी को कोर्ट में आने के लिए नोटिस जारी किए थे। उस दौरान भी केजरीवाल की जगह कोर्ट में उनके वकील पेश हुए। उनके वकील ने पिछली तारीख पर चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) नेहा गोयल की कोर्ट के सामने कहा था कि उन्हें नोटिस के साथ उन्हें सबूत नहीं मिले हैं। इस पर उन्हें सबूत और पेनड्राइव प्रोवाइड कराए गए। इसके बाद कोर्ट ने सुनवाई के लिए आज यानी 20 मार्च को अगली तारीख तय की थी। सिंचाई विभाग के एक्सईएन ने दायर की याचिका
सोनीपत में सिंचाई विभाग के एक्सईएन अभियंता आशीष कौशिक ने कोर्ट में याचिका लगाकर कहा था कि 28 जनवरी को यमुना नदी से सटे हुए आसपास के गांव के लोग सिंचाई विभाग के कार्यालय में पहुंचे। उन्होंने कहा कि यमुना नदी में जहर क्यों डाला? इससे जानवरों और लोगों की मौत हो जाएगी। लोगों से जब कारण पूछा गया तो उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही एक वीडियो क्लिप दिखाई। वीडियो में अरविंद केजरीवाल बयान दे रहे थे कि हरियाणा सरकार ने यमुना नदी में जहर मिलाया है। दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों के अलर्ट के कारण पानी में जहर की जानकारी मिली है। जिसके चलते दिल्ली के लोगों की जान बच गई है। अधिकारी ने आगे बताया कि लोगों की बात सुनने के बाद उन्होंने सबको शांत किया। उनसे कहा गया कि वायरल वीडियो में जो कहा जा रहा है, ऐसा कुछ भी नहीं है। पानी में किसी तरह का जहर नहीं है। अरविंद केजरीवाल का बयान गलत है। इसके बाद भीड़ वहां से चली गई। कुरुक्षेत्र में भी केजरीवाल के खिलाफ हुई थी FIR दिल्ली विधानसभा चुनाव की वोटिंग से एक दिन पहले 4 फरवरी को कुरुक्षेत्र के शाहबाद थाने में अरविंद केजरीवाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। सीनियर एडवोकेट जगमोहन मनचंदा ने केजरीवाल के जहर वाले बयान के बाद 28 जनवरी को कोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने व हरियाणा और दिल्ली के लोगों के बीच भड़काऊ बयानबाजी कर दंगे करवाने के आरोप लगाए थे। जिसके बाद केजरीवाल के खिलाफ धारा 192, 196, 197, 248-ए एवं 299 के तहत केस दर्ज किया गया था। CM सैनी ने कहा था- मानहानि का केस करूंगा अरविंद केजरीवाल के बयान पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा था, ‘वह अपने बयान के लिए हरियाणा और दिल्ली के लोगों से तुरंत माफी मांगें, नहीं तो हम उनके खिलाफ मानहानि का केस करेंगे। हरियाणा के लोग यमुना की पूजा करते हैं। वे भला नदी के पानी में जहर क्यों मिलाएंगे।’ इसके बाद तट पर जाकर सैनी ने यमुना का पानी पीकर दिखाया। CM सैनी ने कहा था, ‘हरियाणा की सीमा पर बेहिचक और बेझिझक पवित्र यमुना के जल का आचमन किया।’ इसके बाद अरविंद केजरीवाल ने सैनी पर पलटवार करते हुए कहा था, ‘नायब सैनी ने यमुना का पानी पीने का ढोंग किया… और फिर वही पानी वापस यमुना में थूक दिया।’ हरियाणा सरकार पर यमुना के पानी में जहर मिलाने वाले बयान को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल की आज हरियाणा की सोनीपत कोर्ट में तारीख है। पिछली तारीख 17 फरवरी पर उनकी जगह उनके वकील संजीव नसीर दिल्ली से सोनीपत कोर्ट में पहुंचे थे। आज सोनीपत की कोर्ट में अरविंद केजरीवाल की चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) नेहा गोयल की कोर्ट में पेशी है। सरकारी वकील भुवेश मलिक ने बताया कि हरियाणा सरकार ने केजरीवाल के खिलाफ BNS की धारा 223 के तहत क्रिमिनल कंप्लेंट फाइल की थी। चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) नेहा गोयल की कोर्ट ने केजरीवाल को 17 फरवरी को कोर्ट में आने के लिए नोटिस जारी किए थे। उस दौरान भी केजरीवाल की जगह कोर्ट में उनके वकील पेश हुए। उनके वकील ने पिछली तारीख पर चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) नेहा गोयल की कोर्ट के सामने कहा था कि उन्हें नोटिस के साथ उन्हें सबूत नहीं मिले हैं। इस पर उन्हें सबूत और पेनड्राइव प्रोवाइड कराए गए। इसके बाद कोर्ट ने सुनवाई के लिए आज यानी 20 मार्च को अगली तारीख तय की थी। सिंचाई विभाग के एक्सईएन ने दायर की याचिका
सोनीपत में सिंचाई विभाग के एक्सईएन अभियंता आशीष कौशिक ने कोर्ट में याचिका लगाकर कहा था कि 28 जनवरी को यमुना नदी से सटे हुए आसपास के गांव के लोग सिंचाई विभाग के कार्यालय में पहुंचे। उन्होंने कहा कि यमुना नदी में जहर क्यों डाला? इससे जानवरों और लोगों की मौत हो जाएगी। लोगों से जब कारण पूछा गया तो उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही एक वीडियो क्लिप दिखाई। वीडियो में अरविंद केजरीवाल बयान दे रहे थे कि हरियाणा सरकार ने यमुना नदी में जहर मिलाया है। दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों के अलर्ट के कारण पानी में जहर की जानकारी मिली है। जिसके चलते दिल्ली के लोगों की जान बच गई है। अधिकारी ने आगे बताया कि लोगों की बात सुनने के बाद उन्होंने सबको शांत किया। उनसे कहा गया कि वायरल वीडियो में जो कहा जा रहा है, ऐसा कुछ भी नहीं है। पानी में किसी तरह का जहर नहीं है। अरविंद केजरीवाल का बयान गलत है। इसके बाद भीड़ वहां से चली गई। कुरुक्षेत्र में भी केजरीवाल के खिलाफ हुई थी FIR दिल्ली विधानसभा चुनाव की वोटिंग से एक दिन पहले 4 फरवरी को कुरुक्षेत्र के शाहबाद थाने में अरविंद केजरीवाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। सीनियर एडवोकेट जगमोहन मनचंदा ने केजरीवाल के जहर वाले बयान के बाद 28 जनवरी को कोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने व हरियाणा और दिल्ली के लोगों के बीच भड़काऊ बयानबाजी कर दंगे करवाने के आरोप लगाए थे। जिसके बाद केजरीवाल के खिलाफ धारा 192, 196, 197, 248-ए एवं 299 के तहत केस दर्ज किया गया था। CM सैनी ने कहा था- मानहानि का केस करूंगा अरविंद केजरीवाल के बयान पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा था, ‘वह अपने बयान के लिए हरियाणा और दिल्ली के लोगों से तुरंत माफी मांगें, नहीं तो हम उनके खिलाफ मानहानि का केस करेंगे। हरियाणा के लोग यमुना की पूजा करते हैं। वे भला नदी के पानी में जहर क्यों मिलाएंगे।’ इसके बाद तट पर जाकर सैनी ने यमुना का पानी पीकर दिखाया। CM सैनी ने कहा था, ‘हरियाणा की सीमा पर बेहिचक और बेझिझक पवित्र यमुना के जल का आचमन किया।’ इसके बाद अरविंद केजरीवाल ने सैनी पर पलटवार करते हुए कहा था, ‘नायब सैनी ने यमुना का पानी पीने का ढोंग किया… और फिर वही पानी वापस यमुना में थूक दिया।’ हरियाणा | दैनिक भास्कर
