मेरठ में पत्नी और उसके प्रेमी ने सौरभ राजपूत की हत्या कर बॉडी को 4 टुकड़ों में काट दिया। इस लव स्टोरी और कत्ल ने सबको चौंका दिया। सौरभ का परिवार नहीं चाहता था कि वह मुस्कान से शादी करे। दोनों 3 बार घर छोड़कर भागे। फिर परिवार की मर्जी के खिलाफ शादी कर ली। 6 महीने तक मुस्कान अपने सुसराल में रही। लंदन में रहने वाले सौरभ तक सास-बहू के झगड़े पहुंचते थे, इसलिए उसने 2017 में इंद्रानगर में ही 3km दूर ओमपाल के घर का एक हिस्सा किराये पर लिया। वहीं पर रहने लगा। मगर उसको नहीं पता था कि यहां से सिर्फ 600 मीटर दूर रहने वाला साहिल उसकी दर्दनाक मौत की वजह बनेगा। सौरभ की लव स्टोरी क्या थी, परिवार क्यों इस शादी के खिलाफ था, सौरभ को अपना घर क्यों छोड़ना पड़ा? इन सवालों के जवाब ढूंढने के लिए दैनिक भास्कर डिजिटल ऐप टीम सौरभ के घर 198, इंद्रानगर पहुंची। पढ़िए रिपोर्ट… घर का हाल… टीम जब पहुंची तो 3 मंजिला घर के कंपाउंड में कुछ रिश्तेदार और पड़ोसी बैठे दिखे। माहौल गमगीन था। कुछ रिश्तेदार हाथ में ‘सौरभ को इंसाफ दो, उसके हत्यारों को फांसी दो’ लिखे पोस्टर लिए बैठे थे। कोई ज्यादा कुछ बोल नहीं रहा था। मगर जब हमने सौरभ के बचपन के बारे में बातचीत की, तो मुस्कान के लिए लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आने लगा। मां ने कहा- सौरभ को 4 साल उसकी ताई ने पाला
बातचीत में पता चला कि सौरभ के परिवार में उसके पिता मुन्नालाल हैं, जोकि IOC से रिटायर्ड हैं। मम्मी रेनू देवी हाउस वाइफ हैं। सौरभ का बड़ा भाई राहुल पेशे से ट्रांसपोर्टर है, उसकी शादी हो चुकी है, दो बच्चे हैं।बड़ी बहन सिमरन जॉब करती है। उसकी भी शादी हो चुकी है। सौरभ भाई-बहन में सबसे छोटा था। हमने मां रेनू से सौरभ के बचपन के बारे में पूछा। वह कहती हैं- वह बहुत चंचल स्वभाव का था, मगर पढ़ाई में शुरू से होशियार था। जब सौरभ पैदा हुआ तब मेरी तबीयत बहुत खराब रहती थी, इसलिए ताई ने 4 साल तक सौरभ को पाला है। वह भाई-बहन में छोटा था, इसलिए सबका लाडला था। यह सब कहते हुए उनका गला भर आता है। पहली बार सौरभ मुस्कान से एस्ट्रोलॉजर नाना के घर मिला
परिजनों से अलग-अलग बात करने पर समझ आया कि सौरभ जब 13 साल का था, तब पहली बार मुस्कान से मिला था। ये 2011 की बात है। दरअसल, मुस्कान के नाना एस्ट्रोलॉजर थे। वह कुंडली और हाथ देखते थे। सौरभ के घर से मुस्कान का परिवार करीब 3km दूर रहता था। सौरभ की मां ज्योतिष में भरोसा करती थीं। वह अपने बेटे सौरभ को लेकर मुस्कान के नाना के पास कुंडली दिखाने आती थीं। उस वक्त ही मुस्कान और सौरभ की पहली बार दोस्ती हुई। थोड़ा बड़े हुए तो दोनों की बातचीत बढ़ती चली गई। यह सिलसिला 5 साल तक चलता रहा। घर वालों को लगा कि उनका अटैचमेंट दोस्ती से ज्यादा है। इसके बाद सौरभ ने अपने घर में मुस्कान से शादी करने की इच्छा जाहिर की, मगर परिवार ने मना कर दिया, उस वक्त दोनों नाबालिग थे। इस बीच सौरभ 12वीं की परीक्षा पास कर चुका था। उसने मर्चेंट नेवी का कोर्स किया और जॉब के लिए अप्लाई करने लगा। इस दौरान, मुस्कान और सौरभ मिलते-जुलते रहे। यही वो वक्त था, जब सौरभ को लंदन बेस्ड एक कंपनी के शिप में जॉब मिल गई और सौरभ का नौकरी करते-करते घर आना-जाना शुरू हो चुका था। 2016 में दोनों 3 बार घर छोड़कर भागे
मां रेनू कहती हैं- जब सौरभ की नौकरी लग गई, तब हमें लगा कि अब सब कुछ ठीक हो जाएगा। मगर 2016 में सौरभ घर आया हुआ था और अचानक वह कहीं चला गया। हमने मालूम किया तो सामने आया कि मुस्कान भी अपने घर में नहीं है। हमने अपनी तरफ से जितने भी जानने वाले थे, उनके यहां सौरभ को तलाश किया। मगर उसका पता नहीं चला। मेरठ पुलिस को इस बारे में जानकारी दी। उनकी मदद से दोनों को खोजा जा सका, दोनों अपने-अपने घर पर वापस आ गए। हमने सौरभ को बहुत समझाया कि मुस्कान को भूल जाओ, वो तुम्हारे लायक नहीं है। मगर वो माना नहीं और 3 महीने बाद अचानक फिर से दोनों घर छोड़कर चले गए। इस बार 3 दिन बाद दोनों वापस आ गए। हमने बहुत नाराजगी जताई। मगर सौरभ मुस्कान को छोड़ना नहीं चाहता था। एक दिन सुबह 5 बजे दोनों फिर घर छोड़कर चले गए, इस बार दोनों शादी करके वापस लौटे। सौरभ के पिता ने बेदखल कर दिया था
अब सौरभ की शादीशुदा जिंदगी शुरू हो चुकी थी। मां बताती हैं- जब सौरभ ने शादी कर ली, तो हमने भी मुस्कान को स्वीकार कर लिया। 6 महीने तक मुस्कान, हमारे घर में ही रही। लेकिन छोटी-छोटी बात पर वो विवाद करने लगी। कभी रसोई में काम करने को लेकर, कभी साफ-सफाई को लेकर घरवालों से विवाद होने लगे। सौरभ जॉब की वजह से ज्यादातर बाहर रहता था। हमारे घर में बहुत अशांति रहने लगी, उसका व्यवहार परिवार वालों से कुछ खास अच्छा नहीं था। जब सौरभ लौटकर आया, तब हमनें उसे पूरी बात बता दी। इसलिए उसने बड़ा कदम उठाया, हमको छोड़कर चला गया। करीब 3Km दूर ओमपाल के घर पर किराए के मकान में रहने लगा। इससे सौरभ के पिता बहुत नाराज हुए। उन्होंने सौरभ को डांटा और परिवार से बेदखल कर दिया, बातचीत भी बंद कर दी। मां रेनू ने कहा- घर से जाने के बाद भी सौरभ मुझसे बात करता रहता था। वो चाहे लंदन रहे या मेरठ में। उसके फोन और वीडियो कॉल जरूर आते थे। कभी-कभी सौरभ अपनी बहन सिमरन को भी फोन करता था। मुस्कान नशा करती, घूमती, इसलिए सौरभ से झगड़े होने लगे
मां से बात करते हुए सौरभ और मुस्कान की शादी तक की जिंदगी समझ में आ गई। इस दौरान पास बैठी बहन सिमरन ने कहा- भाई (सौरभ) जब भी लंदन से मेरठ आता, तब वह घर पर मां से जरूर मिलने आता। हमें उससे बातचीत में पता चला कि मुस्कान सौरभ का ख्याल नहीं रखती थी, न ही अपनी बेटी पीहू का ध्यान रखती थी। सौरभ परेशान था, इसलिए बेटी पीहू भी ज्यादातर उसकी नानी के घर पर रखता था। सिमनर ने कहा- मेरे भाई के लिए मुस्कान खाना नहीं बनाती थी। वह नशा करने लगी थी, बाहर लड़कों के साथ घूमती थी। भाई को यह सब पता चलने लगा था। भाई जब भी मेरठ आता, यहां दोनों के बीच झगड़े होते थे। इसलिए भाई अक्सर खाना खाने मां के घर आ जाता था। 3 मार्च की रात भी वह घर पर खाना खाने ही आया था, मगर उस दिन कहा कि खाना पैक कर दो। सुबी (मुस्कान) भी भूखी होगी, वह भी खा लेगी। उसी खाने में सुबी ने नींद की गोली मिला दी। बहन बोलीं- भाई के रुपयों से मुस्कान की फैमिली ने प्रॉपर्टी बनाई
सिमरन का कहना है- मुस्कान का पूरा परिवार इस साजिश में शामिल है। ये हो ही नहीं सकता कि उन्हें इस प्लानिंग की जानकारी न हो। उनकी नजर शुरू से सौरभ की प्रॉपर्टी पर थी। मुस्कान के पिता एक ज्वैलरी शॉप पर नौकरी करते थे, अपनी बेटी के जरिए उन्होंने सौरभ को फंसाया। भाई की जॉब लंदन में थी, पैकेज अच्छा था। आप समझिए कि वह हर महीने मुस्कान के परिवार को 50 हजार रुपए भेजता था। इन्हीं रुपयों से धीरे-धीरे मुस्कान के पिता ने अपना घर बनाया, जोकि करीब 60 लाख रुपए का है। मूवी में काम करने के लिए भागी थी मुस्कान
बहन ने कहा- मुस्कान बहुत केरेक्टर लैस है। भाई जब लंदन चले जाते थे, तब उनके पीछे घर पर मुस्कान कई लड़कों को बुलाती थी। वह सोशल मीडिया के जरिए भी कई लड़कों से संबंध रख रही थी। मुस्कान 5 दिन तक नोएडा में किसी लड़के के साथ रही थी। पहले भी मुस्कान गाजियाबाद में किसी मूवी में काम करने की बात कहकर भाग गई थी। सौरभ के 4 अकाउंट, 1 का ही पता चला
सौरभ के बड़े भाई राहुल ने कहा- सौरभ ने अपने 4 बैंक अकाउंट के बारे में बताया था। जब सौरभ नहीं रहा, तब मैंने लंदन में उसके दोस्तों से बात की। उन्होंने 4 में से 1 बैंक अकाउंट के बारे में मुझे बताया। बैंक के कर्मचारियों ने बताया कि इसमें सिर्फ 6 लाख रुपए बचे थे। ये रकम मुस्कान हड़प नहीं सकी। सौरभ ने तलाक का केस फाइल किया, मुस्कान तैयार नहीं थी
राहुल ने कहा- भाई ने हत्या से पहले मुस्कान की करतूतें बताईं थीं। उसने कहा कि मुस्कान का किसी लड़के से अफेयर है। तब भी हमनें सौरभ को समझाया कि मुस्कान को छोड़कर हमारे पास लौट आओ। वो तेरा ख्याल नहीं रखती, बेटी को प्यार नहीं करती। इसके बाद ही सौरभ ने तलाक का केस फाइल किया था। मगर मुस्कान पैसों की वजह से तलाक नहीं देना चाहती थी। मेरा भाई मुस्कान को बहुत प्यार करता था, इसलिए उसने कभी तलाक का दबाव नहीं बनाया। सौरभ ने 2023 में मर्चेंट नेवी छोड़ी
भाई राहुल ने कहा- सौरभ ने 2023 में मर्चेंट नेवी की जॉब छोड़ दी थी। लेकिन उसने जॉब क्यों छोड़ी, क्या मैटर था? ये हमें नहीं बताया। क्योंकि वो अपनी प्रोफेशनल लाइफ को बहुत शेयर नहीं करता था। वो अपना पैसा क्या करता, कहां भेजता है? हमें कभी नहीं बताया। वह लंदन में किसी बड़ी बेकरी में जॉब करने लगा था। पेमेंट वहां भी अच्छा ही था। 4 मार्च के बाद हमने सौरभ को जो भी कॉल या मैसेज किए। उसका जवाब मैसेज में मुस्कान देती रही। मोबाइल पर स्टेट्स लगाकर हमें गुमराह करती रही। परिवार की बात समझने के बाद सौरभ को कैसे मारा, ये भी पढ़िए… 3 मार्च की रात साहिल के साथ मिलकर सौरभ को मार डाला
लंदन से लौटकर मेरठ आए मर्चेंट नेवी में अफसर सौरभ कुमार राजपूत की उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी ने 3 मार्च की रात को हत्या कर दी। इस काम में उसका साथ बॉयफ्रेंड साहिल शुक्ला उर्फ मोहित ने दिया। पहले खाने में दवा मिलाकर बेहोश किया। फिर बेडरूम में सोते समय पति के सीने में मुस्कान ने ही पहला चाकू मारा। मौत के बाद लाश को बाथरूम में ले गए। जहां साहिल ने दोनों हाथ और सिर काटकर धड़ से अलग किया। बॉडी को ठिकाने लगाने के लिए प्लास्टिक के ड्रम में टुकड़े डाले। फिर उसमें सीमेंट का घोल भर दिया। परिवार और पड़ोसियों को गुमराह करने के लिए मुस्कान शिमला-मनाली चली गई। 13 दिन तक वह इंस्टाग्राम पर वीडियो-फोटो अपलोड करती रही, ताकि लोग यही समझते रहें कि वह लोग घूम रहे हैं। इस कत्ल से पर्दा तब हटा, जब 18 मार्च को सौरभ का छोटा भाई राहुल अपने भाई के ब्रह्मपुरी के इंद्रानगर सेकेंड स्थित घर पर पहुंचा। यहां उसने मुस्कान को एक लड़के (साहिल) के साथ घूमते देखा। भाई कहां हैं? पूछने पर सही जवाब मुस्कान नहीं दे सकी। घर के अंदर से बदबू भी आ रही थी। राहुल ने शोर मचाया, तब पड़ोसी भी इकट्ठा हो गए। पुलिस आई तो मर्डर का पता चला। पुलिस कस्टडी में मुस्कान और साहिल ने कत्ल की पूरी कहानी सुनाई है। —————————– ये भी पढ़ें: मेरठ सौरभ हत्याकांड, मुस्कान-साहिल को पुलिस शिमला लेकर जाएगी:54 हजार में 15 दिन के लिए बुक की थी टैक्सी; हत्या करके शिमला में होली मनाई यूपी के मेरठ में मर्चेंट नेवी अफसर सौरभ हत्याकांड में अब नए-नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि वारदात के बाद जो मां आरोपी मुस्कान को थाने लेकर गई थी और उसे फांसी देने की मांग कर रही थी, वह मुस्कान की सौतेली मां है। उसके पिता ने मुस्कान की मां की मौत के बाद उसकी मौसी कविता रस्तोगी से शादी की है। (पढ़ें पूरी खबर) मेरठ में पत्नी और उसके प्रेमी ने सौरभ राजपूत की हत्या कर बॉडी को 4 टुकड़ों में काट दिया। इस लव स्टोरी और कत्ल ने सबको चौंका दिया। सौरभ का परिवार नहीं चाहता था कि वह मुस्कान से शादी करे। दोनों 3 बार घर छोड़कर भागे। फिर परिवार की मर्जी के खिलाफ शादी कर ली। 6 महीने तक मुस्कान अपने सुसराल में रही। लंदन में रहने वाले सौरभ तक सास-बहू के झगड़े पहुंचते थे, इसलिए उसने 2017 में इंद्रानगर में ही 3km दूर ओमपाल के घर का एक हिस्सा किराये पर लिया। वहीं पर रहने लगा। मगर उसको नहीं पता था कि यहां से सिर्फ 600 मीटर दूर रहने वाला साहिल उसकी दर्दनाक मौत की वजह बनेगा। सौरभ की लव स्टोरी क्या थी, परिवार क्यों इस शादी के खिलाफ था, सौरभ को अपना घर क्यों छोड़ना पड़ा? इन सवालों के जवाब ढूंढने के लिए दैनिक भास्कर डिजिटल ऐप टीम सौरभ के घर 198, इंद्रानगर पहुंची। पढ़िए रिपोर्ट… घर का हाल… टीम जब पहुंची तो 3 मंजिला घर के कंपाउंड में कुछ रिश्तेदार और पड़ोसी बैठे दिखे। माहौल गमगीन था। कुछ रिश्तेदार हाथ में ‘सौरभ को इंसाफ दो, उसके हत्यारों को फांसी दो’ लिखे पोस्टर लिए बैठे थे। कोई ज्यादा कुछ बोल नहीं रहा था। मगर जब हमने सौरभ के बचपन के बारे में बातचीत की, तो मुस्कान के लिए लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आने लगा। मां ने कहा- सौरभ को 4 साल उसकी ताई ने पाला
बातचीत में पता चला कि सौरभ के परिवार में उसके पिता मुन्नालाल हैं, जोकि IOC से रिटायर्ड हैं। मम्मी रेनू देवी हाउस वाइफ हैं। सौरभ का बड़ा भाई राहुल पेशे से ट्रांसपोर्टर है, उसकी शादी हो चुकी है, दो बच्चे हैं।बड़ी बहन सिमरन जॉब करती है। उसकी भी शादी हो चुकी है। सौरभ भाई-बहन में सबसे छोटा था। हमने मां रेनू से सौरभ के बचपन के बारे में पूछा। वह कहती हैं- वह बहुत चंचल स्वभाव का था, मगर पढ़ाई में शुरू से होशियार था। जब सौरभ पैदा हुआ तब मेरी तबीयत बहुत खराब रहती थी, इसलिए ताई ने 4 साल तक सौरभ को पाला है। वह भाई-बहन में छोटा था, इसलिए सबका लाडला था। यह सब कहते हुए उनका गला भर आता है। पहली बार सौरभ मुस्कान से एस्ट्रोलॉजर नाना के घर मिला
परिजनों से अलग-अलग बात करने पर समझ आया कि सौरभ जब 13 साल का था, तब पहली बार मुस्कान से मिला था। ये 2011 की बात है। दरअसल, मुस्कान के नाना एस्ट्रोलॉजर थे। वह कुंडली और हाथ देखते थे। सौरभ के घर से मुस्कान का परिवार करीब 3km दूर रहता था। सौरभ की मां ज्योतिष में भरोसा करती थीं। वह अपने बेटे सौरभ को लेकर मुस्कान के नाना के पास कुंडली दिखाने आती थीं। उस वक्त ही मुस्कान और सौरभ की पहली बार दोस्ती हुई। थोड़ा बड़े हुए तो दोनों की बातचीत बढ़ती चली गई। यह सिलसिला 5 साल तक चलता रहा। घर वालों को लगा कि उनका अटैचमेंट दोस्ती से ज्यादा है। इसके बाद सौरभ ने अपने घर में मुस्कान से शादी करने की इच्छा जाहिर की, मगर परिवार ने मना कर दिया, उस वक्त दोनों नाबालिग थे। इस बीच सौरभ 12वीं की परीक्षा पास कर चुका था। उसने मर्चेंट नेवी का कोर्स किया और जॉब के लिए अप्लाई करने लगा। इस दौरान, मुस्कान और सौरभ मिलते-जुलते रहे। यही वो वक्त था, जब सौरभ को लंदन बेस्ड एक कंपनी के शिप में जॉब मिल गई और सौरभ का नौकरी करते-करते घर आना-जाना शुरू हो चुका था। 2016 में दोनों 3 बार घर छोड़कर भागे
मां रेनू कहती हैं- जब सौरभ की नौकरी लग गई, तब हमें लगा कि अब सब कुछ ठीक हो जाएगा। मगर 2016 में सौरभ घर आया हुआ था और अचानक वह कहीं चला गया। हमने मालूम किया तो सामने आया कि मुस्कान भी अपने घर में नहीं है। हमने अपनी तरफ से जितने भी जानने वाले थे, उनके यहां सौरभ को तलाश किया। मगर उसका पता नहीं चला। मेरठ पुलिस को इस बारे में जानकारी दी। उनकी मदद से दोनों को खोजा जा सका, दोनों अपने-अपने घर पर वापस आ गए। हमने सौरभ को बहुत समझाया कि मुस्कान को भूल जाओ, वो तुम्हारे लायक नहीं है। मगर वो माना नहीं और 3 महीने बाद अचानक फिर से दोनों घर छोड़कर चले गए। इस बार 3 दिन बाद दोनों वापस आ गए। हमने बहुत नाराजगी जताई। मगर सौरभ मुस्कान को छोड़ना नहीं चाहता था। एक दिन सुबह 5 बजे दोनों फिर घर छोड़कर चले गए, इस बार दोनों शादी करके वापस लौटे। सौरभ के पिता ने बेदखल कर दिया था
अब सौरभ की शादीशुदा जिंदगी शुरू हो चुकी थी। मां बताती हैं- जब सौरभ ने शादी कर ली, तो हमने भी मुस्कान को स्वीकार कर लिया। 6 महीने तक मुस्कान, हमारे घर में ही रही। लेकिन छोटी-छोटी बात पर वो विवाद करने लगी। कभी रसोई में काम करने को लेकर, कभी साफ-सफाई को लेकर घरवालों से विवाद होने लगे। सौरभ जॉब की वजह से ज्यादातर बाहर रहता था। हमारे घर में बहुत अशांति रहने लगी, उसका व्यवहार परिवार वालों से कुछ खास अच्छा नहीं था। जब सौरभ लौटकर आया, तब हमनें उसे पूरी बात बता दी। इसलिए उसने बड़ा कदम उठाया, हमको छोड़कर चला गया। करीब 3Km दूर ओमपाल के घर पर किराए के मकान में रहने लगा। इससे सौरभ के पिता बहुत नाराज हुए। उन्होंने सौरभ को डांटा और परिवार से बेदखल कर दिया, बातचीत भी बंद कर दी। मां रेनू ने कहा- घर से जाने के बाद भी सौरभ मुझसे बात करता रहता था। वो चाहे लंदन रहे या मेरठ में। उसके फोन और वीडियो कॉल जरूर आते थे। कभी-कभी सौरभ अपनी बहन सिमरन को भी फोन करता था। मुस्कान नशा करती, घूमती, इसलिए सौरभ से झगड़े होने लगे
मां से बात करते हुए सौरभ और मुस्कान की शादी तक की जिंदगी समझ में आ गई। इस दौरान पास बैठी बहन सिमरन ने कहा- भाई (सौरभ) जब भी लंदन से मेरठ आता, तब वह घर पर मां से जरूर मिलने आता। हमें उससे बातचीत में पता चला कि मुस्कान सौरभ का ख्याल नहीं रखती थी, न ही अपनी बेटी पीहू का ध्यान रखती थी। सौरभ परेशान था, इसलिए बेटी पीहू भी ज्यादातर उसकी नानी के घर पर रखता था। सिमनर ने कहा- मेरे भाई के लिए मुस्कान खाना नहीं बनाती थी। वह नशा करने लगी थी, बाहर लड़कों के साथ घूमती थी। भाई को यह सब पता चलने लगा था। भाई जब भी मेरठ आता, यहां दोनों के बीच झगड़े होते थे। इसलिए भाई अक्सर खाना खाने मां के घर आ जाता था। 3 मार्च की रात भी वह घर पर खाना खाने ही आया था, मगर उस दिन कहा कि खाना पैक कर दो। सुबी (मुस्कान) भी भूखी होगी, वह भी खा लेगी। उसी खाने में सुबी ने नींद की गोली मिला दी। बहन बोलीं- भाई के रुपयों से मुस्कान की फैमिली ने प्रॉपर्टी बनाई
सिमरन का कहना है- मुस्कान का पूरा परिवार इस साजिश में शामिल है। ये हो ही नहीं सकता कि उन्हें इस प्लानिंग की जानकारी न हो। उनकी नजर शुरू से सौरभ की प्रॉपर्टी पर थी। मुस्कान के पिता एक ज्वैलरी शॉप पर नौकरी करते थे, अपनी बेटी के जरिए उन्होंने सौरभ को फंसाया। भाई की जॉब लंदन में थी, पैकेज अच्छा था। आप समझिए कि वह हर महीने मुस्कान के परिवार को 50 हजार रुपए भेजता था। इन्हीं रुपयों से धीरे-धीरे मुस्कान के पिता ने अपना घर बनाया, जोकि करीब 60 लाख रुपए का है। मूवी में काम करने के लिए भागी थी मुस्कान
बहन ने कहा- मुस्कान बहुत केरेक्टर लैस है। भाई जब लंदन चले जाते थे, तब उनके पीछे घर पर मुस्कान कई लड़कों को बुलाती थी। वह सोशल मीडिया के जरिए भी कई लड़कों से संबंध रख रही थी। मुस्कान 5 दिन तक नोएडा में किसी लड़के के साथ रही थी। पहले भी मुस्कान गाजियाबाद में किसी मूवी में काम करने की बात कहकर भाग गई थी। सौरभ के 4 अकाउंट, 1 का ही पता चला
सौरभ के बड़े भाई राहुल ने कहा- सौरभ ने अपने 4 बैंक अकाउंट के बारे में बताया था। जब सौरभ नहीं रहा, तब मैंने लंदन में उसके दोस्तों से बात की। उन्होंने 4 में से 1 बैंक अकाउंट के बारे में मुझे बताया। बैंक के कर्मचारियों ने बताया कि इसमें सिर्फ 6 लाख रुपए बचे थे। ये रकम मुस्कान हड़प नहीं सकी। सौरभ ने तलाक का केस फाइल किया, मुस्कान तैयार नहीं थी
राहुल ने कहा- भाई ने हत्या से पहले मुस्कान की करतूतें बताईं थीं। उसने कहा कि मुस्कान का किसी लड़के से अफेयर है। तब भी हमनें सौरभ को समझाया कि मुस्कान को छोड़कर हमारे पास लौट आओ। वो तेरा ख्याल नहीं रखती, बेटी को प्यार नहीं करती। इसके बाद ही सौरभ ने तलाक का केस फाइल किया था। मगर मुस्कान पैसों की वजह से तलाक नहीं देना चाहती थी। मेरा भाई मुस्कान को बहुत प्यार करता था, इसलिए उसने कभी तलाक का दबाव नहीं बनाया। सौरभ ने 2023 में मर्चेंट नेवी छोड़ी
भाई राहुल ने कहा- सौरभ ने 2023 में मर्चेंट नेवी की जॉब छोड़ दी थी। लेकिन उसने जॉब क्यों छोड़ी, क्या मैटर था? ये हमें नहीं बताया। क्योंकि वो अपनी प्रोफेशनल लाइफ को बहुत शेयर नहीं करता था। वो अपना पैसा क्या करता, कहां भेजता है? हमें कभी नहीं बताया। वह लंदन में किसी बड़ी बेकरी में जॉब करने लगा था। पेमेंट वहां भी अच्छा ही था। 4 मार्च के बाद हमने सौरभ को जो भी कॉल या मैसेज किए। उसका जवाब मैसेज में मुस्कान देती रही। मोबाइल पर स्टेट्स लगाकर हमें गुमराह करती रही। परिवार की बात समझने के बाद सौरभ को कैसे मारा, ये भी पढ़िए… 3 मार्च की रात साहिल के साथ मिलकर सौरभ को मार डाला
लंदन से लौटकर मेरठ आए मर्चेंट नेवी में अफसर सौरभ कुमार राजपूत की उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी ने 3 मार्च की रात को हत्या कर दी। इस काम में उसका साथ बॉयफ्रेंड साहिल शुक्ला उर्फ मोहित ने दिया। पहले खाने में दवा मिलाकर बेहोश किया। फिर बेडरूम में सोते समय पति के सीने में मुस्कान ने ही पहला चाकू मारा। मौत के बाद लाश को बाथरूम में ले गए। जहां साहिल ने दोनों हाथ और सिर काटकर धड़ से अलग किया। बॉडी को ठिकाने लगाने के लिए प्लास्टिक के ड्रम में टुकड़े डाले। फिर उसमें सीमेंट का घोल भर दिया। परिवार और पड़ोसियों को गुमराह करने के लिए मुस्कान शिमला-मनाली चली गई। 13 दिन तक वह इंस्टाग्राम पर वीडियो-फोटो अपलोड करती रही, ताकि लोग यही समझते रहें कि वह लोग घूम रहे हैं। इस कत्ल से पर्दा तब हटा, जब 18 मार्च को सौरभ का छोटा भाई राहुल अपने भाई के ब्रह्मपुरी के इंद्रानगर सेकेंड स्थित घर पर पहुंचा। यहां उसने मुस्कान को एक लड़के (साहिल) के साथ घूमते देखा। भाई कहां हैं? पूछने पर सही जवाब मुस्कान नहीं दे सकी। घर के अंदर से बदबू भी आ रही थी। राहुल ने शोर मचाया, तब पड़ोसी भी इकट्ठा हो गए। पुलिस आई तो मर्डर का पता चला। पुलिस कस्टडी में मुस्कान और साहिल ने कत्ल की पूरी कहानी सुनाई है। —————————– ये भी पढ़ें: मेरठ सौरभ हत्याकांड, मुस्कान-साहिल को पुलिस शिमला लेकर जाएगी:54 हजार में 15 दिन के लिए बुक की थी टैक्सी; हत्या करके शिमला में होली मनाई यूपी के मेरठ में मर्चेंट नेवी अफसर सौरभ हत्याकांड में अब नए-नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि वारदात के बाद जो मां आरोपी मुस्कान को थाने लेकर गई थी और उसे फांसी देने की मांग कर रही थी, वह मुस्कान की सौतेली मां है। उसके पिता ने मुस्कान की मां की मौत के बाद उसकी मौसी कविता रस्तोगी से शादी की है। (पढ़ें पूरी खबर) उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर
सौरभ को 13 की उम्र में मुस्कान से प्यार हुआ:2 बार घर से भागे, तीसरी बार शादी करके लौटे, मां बोली- उसे बेटी माना था
