हंसराज हंस की पत्नी पंचतत्व में विलीन:जालंधर में पैतृक गांव में बेटों ने दी मुखाग्नि; हृदय रोग के चलते हुआ निधन

हंसराज हंस की पत्नी पंचतत्व में विलीन:जालंधर में पैतृक गांव में बेटों ने दी मुखाग्नि; हृदय रोग के चलते हुआ निधन

पंजाब के प्रसिद्ध सूफी गायक हंसराज हंस की पत्नी रेशम कौर का निधन हो गया है। पिछले काफी समय से रेशम बीमार चल रही थीं। रेशम करीब 60 साल की थीं। 5 दिन वह अस्पताल में दाखिल रही। दिल के रोग की समस्या के कारण रेशम कौर के स्टंट भी पड़ा था। आज हंसराज हंस के पैतृक गांव शफीपुर में उनका अंतिम संस्कार किया गया। वह आज पंचतत्व में विलीन हो गई है। बेटे युवराज हंस और नवराज हंस ने उन्हें अग्नि भेंट की। रेशम कौर के निधन की खबर से परिजनों और संगीत जगत की दुनिया में शोक की लहर दौड़ गयी है। पद्मश्री हंसराज हंस गायक और राजनीतिज्ञ हैं। वह भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं और उन्हें पद्मश्री भी मिल चुका है। दिल्ली से लोकसभा सांसद रह चुके हंस पंजाबी लोक और सूफी संगीत के साथ-साथ फिल्मों में भी गाते हैं और उन्होंने अपने खुद के ‘पंजाबी-पॉप’ एल्बम भी जारी किए हैं। वह नकोदर स्थित लाल बादशाह के गद्दीनशीन भी हैं। कल दोपहर करीब 2 बजे हुआ निधन
रेशम कौर के भाई परमजीत सिंह ने बताया है कि बीती दिन दोपहर करीब 2 बजे रेशम का निधन हुआ है। पहले वह बिल्कुल सेहतमंद थीं। उन्हें स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या नहीं थी, लेकिन कुछ दिन पहले अचानक उन्हें पहली बार अटैक आया था। इस वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां डॉक्टर अच्छे से उनकी देखभाल भी कर रहे थे। हंसराज हंस के बारे में जानिए… दिल्ली पश्चिम से BJP के सांसद थे हंसराज हंस
पंजाबी सूफी गायक हंसराज हंस मूल रूप से जालंधर के गांव शफीपुर के रहने वाले हैं। उनका जन्म 9 अप्रैल 1962 में हुआ था। पंजाब के सूफी गायकों में हंसराज हंस अपने समय पर पहले नंबर पर थे। वह पाकिस्तान के सबसे बड़े गायक हुए नुसरत फतेह अली खान के साथ भी गाना गा चुके हैं। अकाली दल से सियासत की, कांग्रेस से जुड़े, अब BJP में
हंसराज हंस ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत शिरोमणि अकाली दल (SAD) के सदस्य के रूप में की थी। जालंधर से 2009 का लोकसभा चुनाव लड़े थे, जिसमें वह हार गए। इसके बाद वह कांग्रेस के साथ जुड़ गए थे, जहां उन्हें ज्यादा मौका नहीं मिला। इसके बाद वह BJP में शामिल हुए। फरीदकोट सीट से लोकसभा चुनाव लड़े, हार मिली
वह 2019 में दिल्ली पश्चिम सीट से BJP के सांसद बने। इसके बाद बीजेपी ने उन्हें 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में पंजाब की फरीदकोट सीट से उम्मीदवार था। उन्हें निर्दलीय सर्बजीत सिंह खालसा ने हरा दिया था। सर्बजीत खालसा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या करने वाले बेअंत सिंह के बेटे हैं। 2008 में पद्मश्री से सम्मानित हुए
हंसराज हंस को संगीत में उनके योगदान के लिए 2008 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया। हंसराज हंस की शादी 18 अप्रैल 1984 को रेशम कौर के साथ हुई थी। उनके परिवार में पत्नी रेशम कौर के गुजरने के बाद दो बेटे, नवराज हंस और युवराज हंस हैं। नवराज हंस एक गायक हैं, जबकि युवराज हंस अभिनेता हैं। पंजाब के प्रसिद्ध सूफी गायक हंसराज हंस की पत्नी रेशम कौर का निधन हो गया है। पिछले काफी समय से रेशम बीमार चल रही थीं। रेशम करीब 60 साल की थीं। 5 दिन वह अस्पताल में दाखिल रही। दिल के रोग की समस्या के कारण रेशम कौर के स्टंट भी पड़ा था। आज हंसराज हंस के पैतृक गांव शफीपुर में उनका अंतिम संस्कार किया गया। वह आज पंचतत्व में विलीन हो गई है। बेटे युवराज हंस और नवराज हंस ने उन्हें अग्नि भेंट की। रेशम कौर के निधन की खबर से परिजनों और संगीत जगत की दुनिया में शोक की लहर दौड़ गयी है। पद्मश्री हंसराज हंस गायक और राजनीतिज्ञ हैं। वह भारतीय जनता पार्टी के सदस्य हैं और उन्हें पद्मश्री भी मिल चुका है। दिल्ली से लोकसभा सांसद रह चुके हंस पंजाबी लोक और सूफी संगीत के साथ-साथ फिल्मों में भी गाते हैं और उन्होंने अपने खुद के ‘पंजाबी-पॉप’ एल्बम भी जारी किए हैं। वह नकोदर स्थित लाल बादशाह के गद्दीनशीन भी हैं। कल दोपहर करीब 2 बजे हुआ निधन
रेशम कौर के भाई परमजीत सिंह ने बताया है कि बीती दिन दोपहर करीब 2 बजे रेशम का निधन हुआ है। पहले वह बिल्कुल सेहतमंद थीं। उन्हें स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या नहीं थी, लेकिन कुछ दिन पहले अचानक उन्हें पहली बार अटैक आया था। इस वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां डॉक्टर अच्छे से उनकी देखभाल भी कर रहे थे। हंसराज हंस के बारे में जानिए… दिल्ली पश्चिम से BJP के सांसद थे हंसराज हंस
पंजाबी सूफी गायक हंसराज हंस मूल रूप से जालंधर के गांव शफीपुर के रहने वाले हैं। उनका जन्म 9 अप्रैल 1962 में हुआ था। पंजाब के सूफी गायकों में हंसराज हंस अपने समय पर पहले नंबर पर थे। वह पाकिस्तान के सबसे बड़े गायक हुए नुसरत फतेह अली खान के साथ भी गाना गा चुके हैं। अकाली दल से सियासत की, कांग्रेस से जुड़े, अब BJP में
हंसराज हंस ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत शिरोमणि अकाली दल (SAD) के सदस्य के रूप में की थी। जालंधर से 2009 का लोकसभा चुनाव लड़े थे, जिसमें वह हार गए। इसके बाद वह कांग्रेस के साथ जुड़ गए थे, जहां उन्हें ज्यादा मौका नहीं मिला। इसके बाद वह BJP में शामिल हुए। फरीदकोट सीट से लोकसभा चुनाव लड़े, हार मिली
वह 2019 में दिल्ली पश्चिम सीट से BJP के सांसद बने। इसके बाद बीजेपी ने उन्हें 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में पंजाब की फरीदकोट सीट से उम्मीदवार था। उन्हें निर्दलीय सर्बजीत सिंह खालसा ने हरा दिया था। सर्बजीत खालसा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या करने वाले बेअंत सिंह के बेटे हैं। 2008 में पद्मश्री से सम्मानित हुए
हंसराज हंस को संगीत में उनके योगदान के लिए 2008 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया। हंसराज हंस की शादी 18 अप्रैल 1984 को रेशम कौर के साथ हुई थी। उनके परिवार में पत्नी रेशम कौर के गुजरने के बाद दो बेटे, नवराज हंस और युवराज हंस हैं। नवराज हंस एक गायक हैं, जबकि युवराज हंस अभिनेता हैं।   पंजाब | दैनिक भास्कर