हरियाणा में अफसरों पर 5.90 करोड़ का जुर्माना:सूचना आयोग 4000 मामलों में लगाया; वसूली सिर्फ 1965 में ही हुई, अफसर नहीं ले रूचि

हरियाणा में अफसरों पर 5.90 करोड़ का जुर्माना:सूचना आयोग 4000 मामलों में लगाया; वसूली सिर्फ 1965 में ही हुई, अफसर नहीं ले रूचि

हरियाणा राज्य सूचना आयोग (HSIC) ने 2005 में अपनी स्थापना के बाद से 31 जनवरी तक 4043 मामलों में राज्य लोक सूचना अधिकारियों (SPIO) पर 5.90 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। हालांकि, सूचना के अधिकार (आरटीआई) आवेदन के जवाब के अनुसार, 1965 मामलों में कुल 3.06 करोड़ रुपए का एक महत्वपूर्ण हिस्सा एसपीआईओ द्वारा भुगतान नहीं किया गया है। आरटीआई कार्यकर्ता और हरियाणा सूचना अधिकार मंच के राज्य संयोजक सुभाष ने बताया कि आयोग ने पिछले 19 सालों में धारा 20 (1) के तहत 32 हजार 827 मामलों में कारण बताओ नोटिस जारी किए, लेकिन जुर्माना केवल 4043 मामलों में लगाया गया। आयोग को इस दौरान 1 लाख से ज्यादा अपीलें और शिकायतें मिलीं। एक महीने में 153 नोटिस जारी हो चुके आरटीआई आंकड़ों से पिछले कुछ वर्षों में जारी किए गए कारण बताओ नोटिसों का विवरण सामने आया है। 2006 में कुल 25 नोटिस, 2007 में 308, 2008 में 575, 2009 में 719, 2010 में 799, 2011 में 957, 2012 में 909, 2013 में 1,457, 2014 में 2,096, 2015 में 2,971, 2016 में 2,468, 2017 में 1,935, 2018 में 2,511, 2019 में 3,223, 2020 में 2,821, 2021 में 1,964, 2022 में 1,797, 2023 में 1,980 तथा 2024 में 3,159 नोटिस जारी किए गए। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि इस वर्ष 31 जनवरी तक 153 नोटिस जारी किये गये। अधिकारी नहीं ले रहे रूचि राज्य संयोजक सुभाष ने कहा, कई अधिकारी ऐसे हैं जिन पर सालों पहले जुर्माना लगाया गया था, लेकिन उन्होंने अभी तक भुगतान नहीं किया है। कुछ ने तो जुर्माने के खिलाफ अदालत का दरवाजा भी खटखटाया है। इसके अलावा, कई अधिकारियों ने केवल आंशिक रूप से जुर्माना भरा है, बाकी अभी भी बकाया है। हालांकि इनमें सबसे अहम बात यह है कि हरियाणा में सूचना आयोग के दस पदों में छह खाली चल रहे हैं। हरियाणा राज्य सूचना आयोग (HSIC) ने 2005 में अपनी स्थापना के बाद से 31 जनवरी तक 4043 मामलों में राज्य लोक सूचना अधिकारियों (SPIO) पर 5.90 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। हालांकि, सूचना के अधिकार (आरटीआई) आवेदन के जवाब के अनुसार, 1965 मामलों में कुल 3.06 करोड़ रुपए का एक महत्वपूर्ण हिस्सा एसपीआईओ द्वारा भुगतान नहीं किया गया है। आरटीआई कार्यकर्ता और हरियाणा सूचना अधिकार मंच के राज्य संयोजक सुभाष ने बताया कि आयोग ने पिछले 19 सालों में धारा 20 (1) के तहत 32 हजार 827 मामलों में कारण बताओ नोटिस जारी किए, लेकिन जुर्माना केवल 4043 मामलों में लगाया गया। आयोग को इस दौरान 1 लाख से ज्यादा अपीलें और शिकायतें मिलीं। एक महीने में 153 नोटिस जारी हो चुके आरटीआई आंकड़ों से पिछले कुछ वर्षों में जारी किए गए कारण बताओ नोटिसों का विवरण सामने आया है। 2006 में कुल 25 नोटिस, 2007 में 308, 2008 में 575, 2009 में 719, 2010 में 799, 2011 में 957, 2012 में 909, 2013 में 1,457, 2014 में 2,096, 2015 में 2,971, 2016 में 2,468, 2017 में 1,935, 2018 में 2,511, 2019 में 3,223, 2020 में 2,821, 2021 में 1,964, 2022 में 1,797, 2023 में 1,980 तथा 2024 में 3,159 नोटिस जारी किए गए। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि इस वर्ष 31 जनवरी तक 153 नोटिस जारी किये गये। अधिकारी नहीं ले रहे रूचि राज्य संयोजक सुभाष ने कहा, कई अधिकारी ऐसे हैं जिन पर सालों पहले जुर्माना लगाया गया था, लेकिन उन्होंने अभी तक भुगतान नहीं किया है। कुछ ने तो जुर्माने के खिलाफ अदालत का दरवाजा भी खटखटाया है। इसके अलावा, कई अधिकारियों ने केवल आंशिक रूप से जुर्माना भरा है, बाकी अभी भी बकाया है। हालांकि इनमें सबसे अहम बात यह है कि हरियाणा में सूचना आयोग के दस पदों में छह खाली चल रहे हैं।   हरियाणा | दैनिक भास्कर