हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को छह माह का सेवा विस्तार मिला है। वह दो दिन बाद यानी 31 मार्च को रिटायर होने वाले थे। बीती शाम को उन्हें विदाई देने के लिए बाकायदा डिनर पार्टी रखी गई थी। इस दौरान संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) से एक्सटेंशन की सूचना मिली। जाहिर है कि प्रबोध सक्सेना अब अगले 6 महीने तक मुख्य सचिव पद पर बने रहेंगे। बता दें कि राज्य सरकार ने प्रबोध सक्सेना को एक्सटेंशन देने की UPSC से सिफारिश की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। 1990 बैच के IAS हैं सक्सेना प्रबोध सक्सेना 1990 बैच के IAS अधिकारी है। वह मूल रूप से यूपी के लखनऊ के रहने वाले हैं। अब वह मुख्य सचिव के तौर पर अगले छह महीने तक राज्य की अफसरशाही का नेतृत्व करते रहेंगे। 31 दिसंबर 2022 को मुख्य सचिव बने थे आरडी धीमान के रिटायर होने के बाद प्रबोध सक्सेना को 31 दिसंबर 2022 को चीफ सेक्रेटरी बनाया गया था। मुख्यमंत्री सुक्खू ने तब उन्हें चीफ सेक्रेटरी बनाने के लिए 3 IAS राम सुभग सिंह, निशा सिंह और संजय गुप्ता की सिनियोरिटी को नजरअंदाज किया था। वर्तमान में भी 3 IAS संजय गुप्ता, केके पंत और ओंकार शर्मा मुख्य सचिव की रेस में शामिल थे। प्रबोध सक्सेना को एक्सटेंशन मिलने के बाद इन तीनों IAS के अभी मुख्य सचिव बनने की उम्मीदों पर पानी फिरा है। इससे पहले चीफ सेक्रेटरी को एक्सटेंशन नहीं मिली बताया जा रहा है कि हिमाचल में इससे पहले कभी भी मुख्य सचिव को एक्सटेंशन नहीं मिली है। इस तरह टॉप पोस्ट पर एक्सटेंशन के प्रमोशन चैनल रुक जाता है। जिन अधिकारियों ने प्रमोट होना होता है, उन्हें बगैर प्रमोशन के रिटायर होना पड़ता है। रेरा चेयरमैन को कर रखा था आवेदन प्रबोध सक्सेना ने हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) चेयरमैन के लिए भी आवेदन कर रखा था। इस पद पर अगले 5 साल के लिए ताजपोशी होनी है। मुख्य सचिव के तौर पर एक्सटेंशन के बाद रेरा चेयरमैन पर ताजपोशी मुश्किल मानी जा रही है। हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को छह माह का सेवा विस्तार मिला है। वह दो दिन बाद यानी 31 मार्च को रिटायर होने वाले थे। बीती शाम को उन्हें विदाई देने के लिए बाकायदा डिनर पार्टी रखी गई थी। इस दौरान संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) से एक्सटेंशन की सूचना मिली। जाहिर है कि प्रबोध सक्सेना अब अगले 6 महीने तक मुख्य सचिव पद पर बने रहेंगे। बता दें कि राज्य सरकार ने प्रबोध सक्सेना को एक्सटेंशन देने की UPSC से सिफारिश की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। 1990 बैच के IAS हैं सक्सेना प्रबोध सक्सेना 1990 बैच के IAS अधिकारी है। वह मूल रूप से यूपी के लखनऊ के रहने वाले हैं। अब वह मुख्य सचिव के तौर पर अगले छह महीने तक राज्य की अफसरशाही का नेतृत्व करते रहेंगे। 31 दिसंबर 2022 को मुख्य सचिव बने थे आरडी धीमान के रिटायर होने के बाद प्रबोध सक्सेना को 31 दिसंबर 2022 को चीफ सेक्रेटरी बनाया गया था। मुख्यमंत्री सुक्खू ने तब उन्हें चीफ सेक्रेटरी बनाने के लिए 3 IAS राम सुभग सिंह, निशा सिंह और संजय गुप्ता की सिनियोरिटी को नजरअंदाज किया था। वर्तमान में भी 3 IAS संजय गुप्ता, केके पंत और ओंकार शर्मा मुख्य सचिव की रेस में शामिल थे। प्रबोध सक्सेना को एक्सटेंशन मिलने के बाद इन तीनों IAS के अभी मुख्य सचिव बनने की उम्मीदों पर पानी फिरा है। इससे पहले चीफ सेक्रेटरी को एक्सटेंशन नहीं मिली बताया जा रहा है कि हिमाचल में इससे पहले कभी भी मुख्य सचिव को एक्सटेंशन नहीं मिली है। इस तरह टॉप पोस्ट पर एक्सटेंशन के प्रमोशन चैनल रुक जाता है। जिन अधिकारियों ने प्रमोट होना होता है, उन्हें बगैर प्रमोशन के रिटायर होना पड़ता है। रेरा चेयरमैन को कर रखा था आवेदन प्रबोध सक्सेना ने हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) चेयरमैन के लिए भी आवेदन कर रखा था। इस पद पर अगले 5 साल के लिए ताजपोशी होनी है। मुख्य सचिव के तौर पर एक्सटेंशन के बाद रेरा चेयरमैन पर ताजपोशी मुश्किल मानी जा रही है। हिमाचल | दैनिक भास्कर
