हिमाचल प्रदेश में बिजली उत्पादन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) और हिमाचल सरकार मिलकर राज्य में 13 हजार मेगावाट क्षमता वाले पावर प्रोजेक्ट्स स्थापित करेंगे। इन परियोजनाओं पर अनुमानित 65 हजार करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। इससे राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ आर्थिक प्रगति को भी गति मिलेगी। बीबीएमबी के चेयरमैन इंजीनियर मनोज त्रिपाठी ने बताया कि इन परियोजनाओं का निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। हाल ही में बोर्ड की बैठक में परियोजनाओं के लिए एमओयू (समझौता ज्ञापन) का ड्राफ्ट तैयार किया गया है। संयुक्त कमेटी निगरानी करेगी इसमें भागीदार राज्यों और बीबीएमबी के अधिकारियों की एक संयुक्त कमेटी भी बनाई गई है, जो इस परियोजना की निगरानी और दिशा तय करेगी। परियोजना के पहले चरण में भाखड़ा और पौंग में दो परियोजनाएं शामिल हैं। इन दोनों को मिलाकर 4300 मेगावाट की बिजली क्षमता विकसित की जाएगी। एमओयू पर हस्ताक्षर होते ही इन परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बननी शुरू हो जाएगी। त्रिपाठी ने बताया कि डीपीआर बनाने में लगभग 18 महीने का समय लगेगा। इसके बाद 5-6 महीनों में कार्य आवंटित करके निर्माण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, जिसे करीब 4 सालों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बीबीएमबी बोर्ड की अगली बैठक आगामी 31 अक्टूबर को प्रस्तावित है, जिसमें इन परियोजनाओं को अंतिम मंजूरी मिलने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में बिजली उत्पादन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) और हिमाचल सरकार मिलकर राज्य में 13 हजार मेगावाट क्षमता वाले पावर प्रोजेक्ट्स स्थापित करेंगे। इन परियोजनाओं पर अनुमानित 65 हजार करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। इससे राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ आर्थिक प्रगति को भी गति मिलेगी। बीबीएमबी के चेयरमैन इंजीनियर मनोज त्रिपाठी ने बताया कि इन परियोजनाओं का निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। हाल ही में बोर्ड की बैठक में परियोजनाओं के लिए एमओयू (समझौता ज्ञापन) का ड्राफ्ट तैयार किया गया है। संयुक्त कमेटी निगरानी करेगी इसमें भागीदार राज्यों और बीबीएमबी के अधिकारियों की एक संयुक्त कमेटी भी बनाई गई है, जो इस परियोजना की निगरानी और दिशा तय करेगी। परियोजना के पहले चरण में भाखड़ा और पौंग में दो परियोजनाएं शामिल हैं। इन दोनों को मिलाकर 4300 मेगावाट की बिजली क्षमता विकसित की जाएगी। एमओयू पर हस्ताक्षर होते ही इन परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बननी शुरू हो जाएगी। त्रिपाठी ने बताया कि डीपीआर बनाने में लगभग 18 महीने का समय लगेगा। इसके बाद 5-6 महीनों में कार्य आवंटित करके निर्माण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, जिसे करीब 4 सालों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बीबीएमबी बोर्ड की अगली बैठक आगामी 31 अक्टूबर को प्रस्तावित है, जिसमें इन परियोजनाओं को अंतिम मंजूरी मिलने की संभावना है। हिमाचल | दैनिक भास्कर
Related Posts
ऊना के रिहायशी इलाके में तेंदुए का आतंक, 3 घायल:ग्रामीण की आंख पर किया वार, दिवाली पर लोग घरों में कैद होने को मजबूर
ऊना के रिहायशी इलाके में तेंदुए का आतंक, 3 घायल:ग्रामीण की आंख पर किया वार, दिवाली पर लोग घरों में कैद होने को मजबूर हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के हरोली उपमंडल की पालकवाह पंचायत के रिहायशी इलाके में सोमवार को एक तेंदुआ घुस आया। तेंदुए ने ग्रामीणों पर हमला कर दिया, जिसमें तीन लोग घायल हो गए। घायलों में से एक व्यक्ति की आंख में गंभीर चोट लगी है, जबकि दो अन्य को मामूली चोटें आई हैं। तेंदुए के गांव में घुसने के बाद ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से उस पर हमला किया। इसके बाद तेंदुआ ग्रामीणों से बचकर जंगल की ओर भाग गया। तेंदुए के हमले में 3 घायल जानकारी के अनुसार, तेंदुआ खेतों के बीच उगी झाड़ियों में शिकार की तलाश में बैठा था। जब कुछ लोग वहां से गुजर रहे थे, तो उनकी आवाज सुनकर तेंदुआ रिहायशी इलाके की ओर भागा। इसी भागदौड़ में तीन ग्रामीण तेंदुए की चपेट में आ गए। वन विभाग से पकड़ने की अपील ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़कर रिहायशी इलाके से दूर छोड़ने की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि यह तेंदुआ पहले भी कई बार खेतों के आसपास देखा गया है। ग्रामीणों और बच्चों का खेतों की ओर आना-जाना लगा रहता है, जिससे किसी अनहोनी का खतरा बना रहता है। सोमवार को सारा दिन आसपास के गांव में लोगों में दहशत का माहौल बना रहा। हालात ऐसे हो गए कि लोगों ने न केवल अपने मवेशियों को मवेशी खानों में बंद कर दिया वही बच्चों को भी दीपावली त्योहार पर घर में दुबकने को मजबूर कर दिया।
हिमाचल के ऊंचे क्षेत्रों में आज बर्फबारी के आसार:निचले इलाकों में आंधी-तूफान की चेतावनी; शिमला से ठंडी हुई ऊना-धर्मशाला व हमीरपुर की रातें
हिमाचल के ऊंचे क्षेत्रों में आज बर्फबारी के आसार:निचले इलाकों में आंधी-तूफान की चेतावनी; शिमला से ठंडी हुई ऊना-धर्मशाला व हमीरपुर की रातें हिमाचल प्रदेश में आज से वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा। अधिक ऊंचाई वाले भागों में इसका असर तीन दिन नजर आएगा। आज अधिक ऊंचे और मैदानी इलाकों में हल्की बारिश व तूफान चल सकता है। मध्यम ऊंचाई वाले भागों में मौसम साफ रहेगा। मौसम विभाग ने आज चार जिले चंबा, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर में आंधी व तूफान चलने का यलो अलर्ट जारी किया है। किन्नौर, लाहौल स्पीति और चंबा के अधिक ऊंचे क्षेत्रों में हल्का हिमपात होने का पूर्वानुमान है। बारिश-बर्फबारी के बाद कम होगा तापमान मौसम में बदलाव के बाद तापमान में कमी आएगी। अभी अधिकतम और न्यूनतम तापमान दोनों ही सामान्य से ज्यादा है। प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक और न्यूनतम तापमान नॉर्मल से 0.3 डिग्री ज्यादा है। ऊना का अधिकतम तापमान अभी 33.4 डिग्री ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश के बाद तापमान में कमी आएगी। अभी लाहौल स्पीति के कुकुमसैरी का न्यूनतम तापमान सबसे कम 1.2 डिग्री और ऊना का अधिकतम तापमान सबसे ज्यादा 33.4 डिग्री सेल्सियस है। शिमला से ठंडी हुई धर्मशाला-सोलन व हमीरपुर की रातें अभी तक शिमला से ज्यादा ठंडी रातें धर्मशाला, मनाली, पालमपुर, ऊना, हमीरपुर, सोलन में है। न्यूनतम तापमान में सामान्य की तुलना में सबसे 2.3 डिग्री का उछाल शिमला के तापमान में है, जबकि धर्मशाला, ऊना, पालमपुर, हमीरपुर और सोलन में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे गिर गया है।

CM सुक्खू के पैतृक आवास के पास मंडराते दिखे संदिग्ध ड्रोन, इलाके में फैली दहशत, लोगों ने बंद कर दी अपने घरों की लाइटें।
हिमाचल प्रदेश के CM सुखविंदर सिंह सुक्खू के पैतृक घर के पास लंबे समय तक एक संदिग्ध ड्रोन उड़ता देखा…
