सिक्किम में सेना में तैनात हिसार का बेटा शहीद हो गया है। वह BRO (बॉर्डर रोड आर्गेनाइजेशन) में था और इन दिनों भारत सरकार के रोड प्रोजेक्ट पर काम कर रहा था। इसी दौरान उसके साथ दुर्घटना हो गई और देश के लिए बलिदान दे दिया। 26 साल के अजय की शहीद होने की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। अभी अजय की दो साल पहले ही शादी हुई थी और उसकी 6 महीने की बेटी है। उनके पार्थिव शरीर को बुधवार (26 मार्च) को पैतृक गांव अग्रोहा लाया जाएगा। अजय सेना में भर्ती होकर BRO में दे रहा था सेवा
अजय अभी कुछ समय पहले ही सेना में भर्ती हुआ था और इन दिनों BRO में सेवा दे रहा था। BRO सेना का ही विंग है जो दुर्गम इलाकों में सड़कें बनाने सहित अन्य काम करता है। सुनील इन दिनों सिक्किम में अपनी ड्यूटी दे रहा था। इसी दौरान एक हादसे में उन्होंने मातृभूमि की सेवा में अपने प्राण दे दिए। शहादत की सूचना से अग्रोहा में शोक की लहर
अजय की शहादत की सूचना जैसे ही गांव पहुंची तो हर कोई शोकग्रस्त हो गया। परिवार को जहां बेटे की शहादत पर फख्र है तो वहीं बेटे को खोने का गम भी है। पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार को ढांढ़स बंधाने के लिए गांव के लोग पहुंच रहे हैं। 26 मार्च को पहुंचेगा पार्थिव शरीर शहीद अजय का पार्थिव शरीर लेकर सेना के अधिकारी 26 मार्च को गांव में पहुंचेंगे। परिवार को अंतिम दर्शन करवाने के बाद गांव के श्मशानघाट में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। 6 माह की मासूम पिता की मौत से बेखबर
अजय का पार्थिव शरीर 26 मार्च को शाम तक उनके घर पर पहुंचेगे। अजय की शहादत के बाद घर में शोक है। हर कोई रो रहा है और अपने लाडले को याद कर रहा है, लेकिन 6 महीने की शहीद की बेटी पिता की मौत से बेखबर है। इस मासूम को नहीं पता की घर आकर गोद में उठाने वाले पापा अब उससे बात नहीं करेंगे। परिवार का इकलौता बेटा, दो बहनों की हो चुकी शादी
परिवार में अजय इकलौता बेटा था। उनकी दो बहने हैं और दोनों ही बड़ी हैं। दोनों की शादी हो चुकी है। भाई की मौत की खबर के बाद से बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अजय बहनों के साथ ही परिवार में सबका लाडला था। रक्षा मंत्रालय की परियोजना स्वास्तिक में कर रहे थे काम
रक्षा मंत्रालय के अधीन परियोजना स्वास्तिक ( नेशनल हाईवे 10 को रिपेयर करने का काम) में तैनात अजय निडर और बहादुर सिपाही थे। BRO के अधिकारियों ने कहा कि अपनी सेवा के दौरान उन्होंने हमेशा जिम्मेदारी और निष्ठा का परिचय दिया। सीमा सड़क संगठन के लिए उनकी मृत्यु अपूर्णीय क्षति है। सिक्किम के बार्डर एरिया को जोड़ने वाला यह हाईवे बीते दिनों आई बाढ़ में टूट गया था। यह हाईवे चीन के साथ वाले एरिया को भारत से जोड़ता है और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। सिक्किम में सेना में तैनात हिसार का बेटा शहीद हो गया है। वह BRO (बॉर्डर रोड आर्गेनाइजेशन) में था और इन दिनों भारत सरकार के रोड प्रोजेक्ट पर काम कर रहा था। इसी दौरान उसके साथ दुर्घटना हो गई और देश के लिए बलिदान दे दिया। 26 साल के अजय की शहीद होने की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। अभी अजय की दो साल पहले ही शादी हुई थी और उसकी 6 महीने की बेटी है। उनके पार्थिव शरीर को बुधवार (26 मार्च) को पैतृक गांव अग्रोहा लाया जाएगा। अजय सेना में भर्ती होकर BRO में दे रहा था सेवा
अजय अभी कुछ समय पहले ही सेना में भर्ती हुआ था और इन दिनों BRO में सेवा दे रहा था। BRO सेना का ही विंग है जो दुर्गम इलाकों में सड़कें बनाने सहित अन्य काम करता है। सुनील इन दिनों सिक्किम में अपनी ड्यूटी दे रहा था। इसी दौरान एक हादसे में उन्होंने मातृभूमि की सेवा में अपने प्राण दे दिए। शहादत की सूचना से अग्रोहा में शोक की लहर
अजय की शहादत की सूचना जैसे ही गांव पहुंची तो हर कोई शोकग्रस्त हो गया। परिवार को जहां बेटे की शहादत पर फख्र है तो वहीं बेटे को खोने का गम भी है। पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार को ढांढ़स बंधाने के लिए गांव के लोग पहुंच रहे हैं। 26 मार्च को पहुंचेगा पार्थिव शरीर शहीद अजय का पार्थिव शरीर लेकर सेना के अधिकारी 26 मार्च को गांव में पहुंचेंगे। परिवार को अंतिम दर्शन करवाने के बाद गांव के श्मशानघाट में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। 6 माह की मासूम पिता की मौत से बेखबर
अजय का पार्थिव शरीर 26 मार्च को शाम तक उनके घर पर पहुंचेगे। अजय की शहादत के बाद घर में शोक है। हर कोई रो रहा है और अपने लाडले को याद कर रहा है, लेकिन 6 महीने की शहीद की बेटी पिता की मौत से बेखबर है। इस मासूम को नहीं पता की घर आकर गोद में उठाने वाले पापा अब उससे बात नहीं करेंगे। परिवार का इकलौता बेटा, दो बहनों की हो चुकी शादी
परिवार में अजय इकलौता बेटा था। उनकी दो बहने हैं और दोनों ही बड़ी हैं। दोनों की शादी हो चुकी है। भाई की मौत की खबर के बाद से बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अजय बहनों के साथ ही परिवार में सबका लाडला था। रक्षा मंत्रालय की परियोजना स्वास्तिक में कर रहे थे काम
रक्षा मंत्रालय के अधीन परियोजना स्वास्तिक ( नेशनल हाईवे 10 को रिपेयर करने का काम) में तैनात अजय निडर और बहादुर सिपाही थे। BRO के अधिकारियों ने कहा कि अपनी सेवा के दौरान उन्होंने हमेशा जिम्मेदारी और निष्ठा का परिचय दिया। सीमा सड़क संगठन के लिए उनकी मृत्यु अपूर्णीय क्षति है। सिक्किम के बार्डर एरिया को जोड़ने वाला यह हाईवे बीते दिनों आई बाढ़ में टूट गया था। यह हाईवे चीन के साथ वाले एरिया को भारत से जोड़ता है और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। हरियाणा | दैनिक भास्कर
