भास्कर न्यूज | जालंधर शंभु व खनौरी बॉर्डर पर राज्य सरकार द्वारा किसान पर हुई कार्रवाई के विरोध में किसान जत्थेबंदियों ने शुक्रवार को जालंधर डीसी दफ्तर घेर राज्य और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरना प्रदर्शन में अलग-अलग किसान जत्थेबंदियों के सदस्य पहुंचे। किसान नेता कश्मीर सिंह राजेवाल ने कहा कि शंभू व खन्नौरी बॉर्डर से किसानों को जिस तरह हटाया गया है और बैठक के बाद गिरफ्तार किया गया, वह निंदनीय है। पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार के साथ मिलकर ऐसा कदम उठाया है जो किसानों के साथ धोखा है। इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं अलावलपुर से भारतीय किसान यूनियन के सदस्य मुकेश ने कहा कि किसानों के साथ ऐसा कर पंजाब सरकार ने अपने पैरों पर ही कुल्हाड़ी मार ली है। आम आदमी पार्टी को अब पंजाब में टिकने नहीं दिया जाएगा। किसानों को धक्के के साथ जेलों में डालना और बॉर्डर से हटाना गलत है। बॉर्डरों पर खड़ी ट्रॉलियां व कीमती सामान तक चोरी हो गया है, जो मिल नहीं पा रहा। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के जिला प्रधान सलविंदर सिंह जानिया ने कहा कि सरकार को डर था कि पूरे पंजाब में किसान धरने लगा रहें हैं। इससे उन्हें नुकसान हो रहा है। आम जनता को हरियाणा सरकार ने परेशान किया है न कि किसानों ने। हाईवे सरकार ने बंद किए, किसानों ने नहीं। रास्ता रोकने के लिए बेरिकेडिंग की गई, कीलें लगाईं गईं, ताकि किसान आगे न बढ़ सकें। यहां तक कि हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट ने भी बोल दिया था कि हाईवे क्लियर कराए जाएं। उसके बाद हरियाणा सरकार ने कोर्ट के नियमों का उल्लंघन किया, फिर भी किसानों पर ही अत्याचार हुआ। जालंधर डीसी दफ्तर के बाहर धरना-प्रदर्शन के दौरान पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते किसान। भास्कर न्यूज | जालंधर शंभु व खनौरी बॉर्डर पर राज्य सरकार द्वारा किसान पर हुई कार्रवाई के विरोध में किसान जत्थेबंदियों ने शुक्रवार को जालंधर डीसी दफ्तर घेर राज्य और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरना प्रदर्शन में अलग-अलग किसान जत्थेबंदियों के सदस्य पहुंचे। किसान नेता कश्मीर सिंह राजेवाल ने कहा कि शंभू व खन्नौरी बॉर्डर से किसानों को जिस तरह हटाया गया है और बैठक के बाद गिरफ्तार किया गया, वह निंदनीय है। पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार के साथ मिलकर ऐसा कदम उठाया है जो किसानों के साथ धोखा है। इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं अलावलपुर से भारतीय किसान यूनियन के सदस्य मुकेश ने कहा कि किसानों के साथ ऐसा कर पंजाब सरकार ने अपने पैरों पर ही कुल्हाड़ी मार ली है। आम आदमी पार्टी को अब पंजाब में टिकने नहीं दिया जाएगा। किसानों को धक्के के साथ जेलों में डालना और बॉर्डर से हटाना गलत है। बॉर्डरों पर खड़ी ट्रॉलियां व कीमती सामान तक चोरी हो गया है, जो मिल नहीं पा रहा। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के जिला प्रधान सलविंदर सिंह जानिया ने कहा कि सरकार को डर था कि पूरे पंजाब में किसान धरने लगा रहें हैं। इससे उन्हें नुकसान हो रहा है। आम जनता को हरियाणा सरकार ने परेशान किया है न कि किसानों ने। हाईवे सरकार ने बंद किए, किसानों ने नहीं। रास्ता रोकने के लिए बेरिकेडिंग की गई, कीलें लगाईं गईं, ताकि किसान आगे न बढ़ सकें। यहां तक कि हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट ने भी बोल दिया था कि हाईवे क्लियर कराए जाएं। उसके बाद हरियाणा सरकार ने कोर्ट के नियमों का उल्लंघन किया, फिर भी किसानों पर ही अत्याचार हुआ। जालंधर डीसी दफ्तर के बाहर धरना-प्रदर्शन के दौरान पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते किसान। पंजाब | दैनिक भास्कर
