हरियाणा सरकार ने फर्जी गरीबों के खिलाफ एक्शन शुरू कर दिया है। पिछले एक महीने में प्रदेश में 1609 परिवारों को गरीबी रेखा से नीचे (BPL) की कैटेगरी से बाहर कर दिया गया है। सरकार ने फर्जी गरीब परिवारों को 20 अप्रैल तक का अल्टीमेटम भी दिया है। उन्हें खुद ही BPL श्रेणी छोड़ने को कहा गया है। उसके बाद सरकार ने पकड़ लिए तो उन्हें बाहर करने के साथ फ्रॉड का केस भी दर्ज कराया जाएगा। ऐसे लोगों पर भारतीय न्यास संहिता (BNS) की धारा 318 के तहत कार्रवाई होगी। जिसमें उन्हें 2 साल तक कैद हो सकती है। इसको लेकर बाकायदा मोबाइल पर मैसेज भी भेजे जा रहे हैं। दरअसल, विधानसभा में कांग्रेस ने फर्जी बीपीएल परिवारों का मुद्दा उठाया था। जिसके बाद CM नायब सैनी ने कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए हैं। प्रदेश में अभी 51 लाख 96 हजार 380 परिवार BPL कैटेगरी में हैं। सबसे ज्यादा सोनीपत से बाहर हुए
1 मार्च से 1 अप्रैल तक के दौरान सरकार ने जिन 1609 परिवारों को बीपीएल कैटेगरी से निकाला, उनमें सबसे ज्यादा 294 परिवार सोनीपत के हैं। दूसरे नंबर पर 175 परिवार वाला कुरुक्षेत्र और तीसरे नंबर पर 145 फर्जी बीपीएल परिवार वाला हिसार है। पंचकूला में सबसे कम 3 परिवार बाहर किए गए हैं। BPL कार्ड बनाने के लिए 2 तरह से गड़बड़ी की गई सरकार की चेतावनी-खुद ठीक कराएं वर्ना वसूली संग कार्रवाई भी होगी
इस संबंध में सरकार की तरफ से बीपीएल परिवारों को मैसेज किए जा रहे हैं। जिसमें उन्हें 20 अप्रैल तक का टाइम दिया गया है। इसमें कहा गया है कि वे खुद ही फैमिली ID में अपना सही विवरण दर्ज कराएं और BPL श्रेणी से बाहर चले जाएं, अन्यथा इससे लिए लाभ की वसूली के साथ उन पर कानूनी कार्रवाई भी होगी। कोऑर्डिनेटर बोले- मुख्यमंत्री के आदेश पर कार्रवाई कर रहे
हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण के राज्य कोआर्डिनेटर सतीश खोला कार्रवाई की पुष्टि की। उन्होंने कहा- मुख्यमंत्री के आदेश पर अब फैमिली ID में गलत जानकारी देकर BPL श्रेणी में आने वालों की छंटनी की जा रही है। अगर ऐसे लोग खुद से अपनी जानकारी दुरुस्त नहीं करेंगे तो प्राधिकरण जांच करके उन्हें बाहर कर देगा। उन पर कार्रवाई भी होगी। सैलजा ने कहा था- बीपीएल परिवार बढ़ रहे तो प्रति व्यक्ति आय कैसे बढ़ी
6 दिन पहले फतेहाबाद में सिरसा से कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि था बजट के दौरान सीएम नायब सिंह सैनी ने आंकड़ा पेश करते हुए बताया था कि प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है। यह आय बढ़कर 3 लाख 53 हजार रुपए तक पहुंच गई है। जब प्रति व्यक्ति आय बढ़ रही है तो फिर बीपीएल परिवार कैसे बढ़ रहे हैं। बीपीएल परिवार की श्रेणी में वहीं व्यक्ति या परिवार आता है, जिसकी वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार से कम होती है। एक तरफ सरकार प्रति व्यक्ति आय 3 लाख 53 हजार रुपए बता रही है, वहीं बीपीएल परिवारों की आय कम हो रही है। इसी कारण बीपीएल लोगों की संख्या महज 5 साल में 52 हजार से बढ़कर 2 करोड़ 13 लाख तक पहुंच गई है। हरियाणा में BPL कार्ड से जुड़ी पूरी जानकारी 4 ग्राफिक्स में पढ़िए… हरियाणा सरकार ने फर्जी गरीबों के खिलाफ एक्शन शुरू कर दिया है। पिछले एक महीने में प्रदेश में 1609 परिवारों को गरीबी रेखा से नीचे (BPL) की कैटेगरी से बाहर कर दिया गया है। सरकार ने फर्जी गरीब परिवारों को 20 अप्रैल तक का अल्टीमेटम भी दिया है। उन्हें खुद ही BPL श्रेणी छोड़ने को कहा गया है। उसके बाद सरकार ने पकड़ लिए तो उन्हें बाहर करने के साथ फ्रॉड का केस भी दर्ज कराया जाएगा। ऐसे लोगों पर भारतीय न्यास संहिता (BNS) की धारा 318 के तहत कार्रवाई होगी। जिसमें उन्हें 2 साल तक कैद हो सकती है। इसको लेकर बाकायदा मोबाइल पर मैसेज भी भेजे जा रहे हैं। दरअसल, विधानसभा में कांग्रेस ने फर्जी बीपीएल परिवारों का मुद्दा उठाया था। जिसके बाद CM नायब सैनी ने कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए हैं। प्रदेश में अभी 51 लाख 96 हजार 380 परिवार BPL कैटेगरी में हैं। सबसे ज्यादा सोनीपत से बाहर हुए
1 मार्च से 1 अप्रैल तक के दौरान सरकार ने जिन 1609 परिवारों को बीपीएल कैटेगरी से निकाला, उनमें सबसे ज्यादा 294 परिवार सोनीपत के हैं। दूसरे नंबर पर 175 परिवार वाला कुरुक्षेत्र और तीसरे नंबर पर 145 फर्जी बीपीएल परिवार वाला हिसार है। पंचकूला में सबसे कम 3 परिवार बाहर किए गए हैं। BPL कार्ड बनाने के लिए 2 तरह से गड़बड़ी की गई सरकार की चेतावनी-खुद ठीक कराएं वर्ना वसूली संग कार्रवाई भी होगी
इस संबंध में सरकार की तरफ से बीपीएल परिवारों को मैसेज किए जा रहे हैं। जिसमें उन्हें 20 अप्रैल तक का टाइम दिया गया है। इसमें कहा गया है कि वे खुद ही फैमिली ID में अपना सही विवरण दर्ज कराएं और BPL श्रेणी से बाहर चले जाएं, अन्यथा इससे लिए लाभ की वसूली के साथ उन पर कानूनी कार्रवाई भी होगी। कोऑर्डिनेटर बोले- मुख्यमंत्री के आदेश पर कार्रवाई कर रहे
हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण के राज्य कोआर्डिनेटर सतीश खोला कार्रवाई की पुष्टि की। उन्होंने कहा- मुख्यमंत्री के आदेश पर अब फैमिली ID में गलत जानकारी देकर BPL श्रेणी में आने वालों की छंटनी की जा रही है। अगर ऐसे लोग खुद से अपनी जानकारी दुरुस्त नहीं करेंगे तो प्राधिकरण जांच करके उन्हें बाहर कर देगा। उन पर कार्रवाई भी होगी। सैलजा ने कहा था- बीपीएल परिवार बढ़ रहे तो प्रति व्यक्ति आय कैसे बढ़ी
6 दिन पहले फतेहाबाद में सिरसा से कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि था बजट के दौरान सीएम नायब सिंह सैनी ने आंकड़ा पेश करते हुए बताया था कि प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है। यह आय बढ़कर 3 लाख 53 हजार रुपए तक पहुंच गई है। जब प्रति व्यक्ति आय बढ़ रही है तो फिर बीपीएल परिवार कैसे बढ़ रहे हैं। बीपीएल परिवार की श्रेणी में वहीं व्यक्ति या परिवार आता है, जिसकी वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार से कम होती है। एक तरफ सरकार प्रति व्यक्ति आय 3 लाख 53 हजार रुपए बता रही है, वहीं बीपीएल परिवारों की आय कम हो रही है। इसी कारण बीपीएल लोगों की संख्या महज 5 साल में 52 हजार से बढ़कर 2 करोड़ 13 लाख तक पहुंच गई है। हरियाणा में BPL कार्ड से जुड़ी पूरी जानकारी 4 ग्राफिक्स में पढ़िए… हरियाणा | दैनिक भास्कर
