दिल्ली हाईकोर्ट ने खेल संघों की अंदरूनी कलह पर जताई नाराजगी, कहा- ‘विवाद जल्द खत्म नहीं हुए तो…’

दिल्ली हाईकोर्ट ने खेल संघों की अंदरूनी कलह पर जताई नाराजगी, कहा- ‘विवाद जल्द खत्म नहीं हुए तो…’

<p style=”text-align: justify;”><strong>Delhi Latest News:</strong> देश में खेल संघों की बढ़ती गुटबाजी और कानूनी लड़ाइयों को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है. कोर्ट ने कहा है कि इस तरह की अंदरूनी कलह न केवल खेलों के विकास में बाधा डाल रही है. बल्कि भारत की अंतरराष्ट्रीय साख को भी नुकसान पहुंचा रही है. हाईकोर्ट की यह टिप्पणी भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (BFI) के चुनावों को लेकर दायर एक अपील पर सुनवाई के दौरान आई.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>अदालत ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि खेल संघों में चल रहे विवाद जल्द खत्म नहीं हुए तो वह कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी. चीफ जस्टिस डी. के. उपाध्याय और जस्टिस &nbsp;तुषार राव गेडेला की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा हर खेल संघ किसी न किसी विवाद में उलझा हुआ है. आपकी जिम्मेदारी पूरे देश के खेलों को आगे बढ़ाने की है, लेकिन आप आपसी झगड़ों में उलझे हुए हैं. इस तरह की कलह से भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदगी उठानी पड़ सकती है. अगर यह सब नहीं रुका तो हम सख्त कदम उठाने को मजबूर होंगे.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>क्या है पूरा विवाद ?</strong><br />BFI ने 7 मार्च को एक आदेश जारी कर यह तय किया था कि केवल राज्य इकाइयों के निर्वाचित सदस्य ही आगामी चुनाव में अपने राज्य का प्रतिनिधित्व कर सकेंगे. इस फैसले के खिलाफ दिल्ली एमेच्योर बॉक्सिंग एसोसिएशन ने कोर्ट का रुख किया, जिसके बाद 19 मार्च को एकल न्यायाधीश ने इस आदेश पर रोक लगा दी. अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि चुनावी प्रक्रिया जारी रह सकती है, लेकिन इसके नतीजे याचिका के अंतिम फैसले के अधीन होंगे.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>चुनाव प्रक्रिया पर रोक से BFI की नाराजगी</strong><br />BFI ने इस आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील दायर की. महासंघ ने दलील दिया कि चुनाव प्रक्रिया पहले ही नामांकन की जांच के अत्यंत उन्नत चरण में थी और इस स्तर पर किसी भी हस्तक्षेप की कोई जरूरत नहीं थी. महासंघ का कहना था कि यह आदेश व्यावहारिक रूप से लागू करना मुश्किल होगा और इससे पूरे चुनावी ढांचे पर असर पड़ेगा.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>दिल्ली हाईकोर्ट ने दी कड़ी चेतावनी</strong><br />सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने दो टूक कहा कि भारतीय खेल महासंघों में लगातार बढ़ती गुटबाजी और कानूनी लड़ाइयों से खेलों की स्वायत्तता पर खतरा मंडरा रहा है. अदालत ने कहा यदि आपसी झगड़े बंद नहीं हुए तो अंतरराष्ट्रीय निकाय भारत को अयोग्य घोषित कर सकते हैं. अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक चार्टर के अनुसार खेल संघों को स्वायत्त रहना चाहिए, लेकिन लगातार कानूनी विवाद इस स्वायत्तता को नुकसान पहुंचा रहे हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>7 अप्रैल को होगा बड़ा फैसला ?</strong><br />कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 7 अप्रैल को निर्धारित की है और संकेत दिए हैं कि यदि खेल संघों की यह अंदरूनी लड़ाई जल्द खत्म नहीं हुई तो वह कड़ा कदम उठा सकती है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अदालत इस मामले में क्या फैसला सुनाती है और क्या BFI का चुनावी गतिरोध खत्म हो पाएगा.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>ये भी पढ़ें: <a title=”प्रदूषण को लेकर CAG रिपोर्ट पर होगी बड़ी कार्रवाई, स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने दिए ये आदेश” href=”https://www.abplive.com/states/delhi-ncr/vijender-gupta-speaker-on-cag-report-pac-aap-previous-govt-failed-to-curb-vehicular-pollution-in-delhi-ann-2917444″ target=”_self”>प्रदूषण को लेकर CAG रिपोर्ट पर होगी बड़ी कार्रवाई, स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने दिए ये आदेश</a></strong></p> <p style=”text-align: justify;”><strong>Delhi Latest News:</strong> देश में खेल संघों की बढ़ती गुटबाजी और कानूनी लड़ाइयों को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है. कोर्ट ने कहा है कि इस तरह की अंदरूनी कलह न केवल खेलों के विकास में बाधा डाल रही है. बल्कि भारत की अंतरराष्ट्रीय साख को भी नुकसान पहुंचा रही है. हाईकोर्ट की यह टिप्पणी भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (BFI) के चुनावों को लेकर दायर एक अपील पर सुनवाई के दौरान आई.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>अदालत ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि खेल संघों में चल रहे विवाद जल्द खत्म नहीं हुए तो वह कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी. चीफ जस्टिस डी. के. उपाध्याय और जस्टिस &nbsp;तुषार राव गेडेला की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा हर खेल संघ किसी न किसी विवाद में उलझा हुआ है. आपकी जिम्मेदारी पूरे देश के खेलों को आगे बढ़ाने की है, लेकिन आप आपसी झगड़ों में उलझे हुए हैं. इस तरह की कलह से भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदगी उठानी पड़ सकती है. अगर यह सब नहीं रुका तो हम सख्त कदम उठाने को मजबूर होंगे.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>क्या है पूरा विवाद ?</strong><br />BFI ने 7 मार्च को एक आदेश जारी कर यह तय किया था कि केवल राज्य इकाइयों के निर्वाचित सदस्य ही आगामी चुनाव में अपने राज्य का प्रतिनिधित्व कर सकेंगे. इस फैसले के खिलाफ दिल्ली एमेच्योर बॉक्सिंग एसोसिएशन ने कोर्ट का रुख किया, जिसके बाद 19 मार्च को एकल न्यायाधीश ने इस आदेश पर रोक लगा दी. अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि चुनावी प्रक्रिया जारी रह सकती है, लेकिन इसके नतीजे याचिका के अंतिम फैसले के अधीन होंगे.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>चुनाव प्रक्रिया पर रोक से BFI की नाराजगी</strong><br />BFI ने इस आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील दायर की. महासंघ ने दलील दिया कि चुनाव प्रक्रिया पहले ही नामांकन की जांच के अत्यंत उन्नत चरण में थी और इस स्तर पर किसी भी हस्तक्षेप की कोई जरूरत नहीं थी. महासंघ का कहना था कि यह आदेश व्यावहारिक रूप से लागू करना मुश्किल होगा और इससे पूरे चुनावी ढांचे पर असर पड़ेगा.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>दिल्ली हाईकोर्ट ने दी कड़ी चेतावनी</strong><br />सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने दो टूक कहा कि भारतीय खेल महासंघों में लगातार बढ़ती गुटबाजी और कानूनी लड़ाइयों से खेलों की स्वायत्तता पर खतरा मंडरा रहा है. अदालत ने कहा यदि आपसी झगड़े बंद नहीं हुए तो अंतरराष्ट्रीय निकाय भारत को अयोग्य घोषित कर सकते हैं. अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक चार्टर के अनुसार खेल संघों को स्वायत्त रहना चाहिए, लेकिन लगातार कानूनी विवाद इस स्वायत्तता को नुकसान पहुंचा रहे हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>7 अप्रैल को होगा बड़ा फैसला ?</strong><br />कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 7 अप्रैल को निर्धारित की है और संकेत दिए हैं कि यदि खेल संघों की यह अंदरूनी लड़ाई जल्द खत्म नहीं हुई तो वह कड़ा कदम उठा सकती है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अदालत इस मामले में क्या फैसला सुनाती है और क्या BFI का चुनावी गतिरोध खत्म हो पाएगा.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>ये भी पढ़ें: <a title=”प्रदूषण को लेकर CAG रिपोर्ट पर होगी बड़ी कार्रवाई, स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने दिए ये आदेश” href=”https://www.abplive.com/states/delhi-ncr/vijender-gupta-speaker-on-cag-report-pac-aap-previous-govt-failed-to-curb-vehicular-pollution-in-delhi-ann-2917444″ target=”_self”>प्रदूषण को लेकर CAG रिपोर्ट पर होगी बड़ी कार्रवाई, स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने दिए ये आदेश</a></strong></p>  दिल्ली NCR अमित शाह के बस्तर दौरे से पहले दहशत में नक्सली, पर्चा जारी कर सरकार से लगाई ये गुहार