रामपुर में दिवाली के दिन खोपड़ी गोशाला के पास स्थित नगर परिषद के कूड़ा सेग्रीगेशन पॉइंट पर भीषण आग लग गई। इससे लाखों रुपए की मशीनें और अन्य सामग्री जलकर राख हो गईं। आग लगने के बाद पूरे इलाके में धुआं फैल गया और कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां पहुंचीं और आग बुझाने का कार्य शुरू किया। एसडीएम रामपुर हर्ष अमरिंदर सिंह नेगी और ईओ बीआर नेगी भी घटनास्थल पर पहुंचे। यह सेग्रीगेशन पॉइंट नगर परिषद द्वारा कूड़े की छंटाई और रीसाइक्लिंग के लिए उपयोग किया जाता था। आग के कारण यहां रखी कई आधुनिक मशीनें पूरी तरह नष्ट हो गईं। एक शटर मशीन को भी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, आग संभवतः दिवाली की आतिशबाजी से निकली चिंगारी या किसी ज्वलनशील पदार्थ के कारण लगी होगी। घटना के दौरान आसपास के लोगों में भगदड़ मच गई और कई घंटों तक धुआं छाया रहा। नगर परिषद के अधिकारी नुकसान का आकलन कर रहे हैं, और ईओ ने आग लगने के सही कारणों की जांच कराने की बात कही है। स्थानीय नागरिकों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नगर परिषद से ऐसे स्थलों पर अग्निशमन के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। रामपुर में दिवाली के दिन खोपड़ी गोशाला के पास स्थित नगर परिषद के कूड़ा सेग्रीगेशन पॉइंट पर भीषण आग लग गई। इससे लाखों रुपए की मशीनें और अन्य सामग्री जलकर राख हो गईं। आग लगने के बाद पूरे इलाके में धुआं फैल गया और कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां पहुंचीं और आग बुझाने का कार्य शुरू किया। एसडीएम रामपुर हर्ष अमरिंदर सिंह नेगी और ईओ बीआर नेगी भी घटनास्थल पर पहुंचे। यह सेग्रीगेशन पॉइंट नगर परिषद द्वारा कूड़े की छंटाई और रीसाइक्लिंग के लिए उपयोग किया जाता था। आग के कारण यहां रखी कई आधुनिक मशीनें पूरी तरह नष्ट हो गईं। एक शटर मशीन को भी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, आग संभवतः दिवाली की आतिशबाजी से निकली चिंगारी या किसी ज्वलनशील पदार्थ के कारण लगी होगी। घटना के दौरान आसपास के लोगों में भगदड़ मच गई और कई घंटों तक धुआं छाया रहा। नगर परिषद के अधिकारी नुकसान का आकलन कर रहे हैं, और ईओ ने आग लगने के सही कारणों की जांच कराने की बात कही है। स्थानीय नागरिकों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नगर परिषद से ऐसे स्थलों पर अग्निशमन के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। हिमाचल | दैनिक भास्कर
Related Posts
हिमाचल में लगेंगे 13000 मेगावाट के पावर प्रोजेक्ट:65 हजार करोड़ रुपये का निवेश, 4 सालों में पूरा करने का लक्ष्य
हिमाचल में लगेंगे 13000 मेगावाट के पावर प्रोजेक्ट:65 हजार करोड़ रुपये का निवेश, 4 सालों में पूरा करने का लक्ष्य हिमाचल प्रदेश में बिजली उत्पादन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) और हिमाचल सरकार मिलकर राज्य में 13 हजार मेगावाट क्षमता वाले पावर प्रोजेक्ट्स स्थापित करेंगे। इन परियोजनाओं पर अनुमानित 65 हजार करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। इससे राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ आर्थिक प्रगति को भी गति मिलेगी। बीबीएमबी के चेयरमैन इंजीनियर मनोज त्रिपाठी ने बताया कि इन परियोजनाओं का निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। हाल ही में बोर्ड की बैठक में परियोजनाओं के लिए एमओयू (समझौता ज्ञापन) का ड्राफ्ट तैयार किया गया है। संयुक्त कमेटी निगरानी करेगी इसमें भागीदार राज्यों और बीबीएमबी के अधिकारियों की एक संयुक्त कमेटी भी बनाई गई है, जो इस परियोजना की निगरानी और दिशा तय करेगी। परियोजना के पहले चरण में भाखड़ा और पौंग में दो परियोजनाएं शामिल हैं। इन दोनों को मिलाकर 4300 मेगावाट की बिजली क्षमता विकसित की जाएगी। एमओयू पर हस्ताक्षर होते ही इन परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बननी शुरू हो जाएगी। त्रिपाठी ने बताया कि डीपीआर बनाने में लगभग 18 महीने का समय लगेगा। इसके बाद 5-6 महीनों में कार्य आवंटित करके निर्माण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, जिसे करीब 4 सालों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बीबीएमबी बोर्ड की अगली बैठक आगामी 31 अक्टूबर को प्रस्तावित है, जिसमें इन परियोजनाओं को अंतिम मंजूरी मिलने की संभावना है।
रामपुर लवी मेले में दिखेगी स्पीति घोड़ों की दौड़:एक से तीन नवंबर लगेगी अश्व प्रदर्शनी. 11 से 14 तक आयोजित होगा अंतरराष्ट्रीय मेला
रामपुर लवी मेले में दिखेगी स्पीति घोड़ों की दौड़:एक से तीन नवंबर लगेगी अश्व प्रदर्शनी. 11 से 14 तक आयोजित होगा अंतरराष्ट्रीय मेला अंतर्राष्ट्रीय लवी मेले के उपलक्ष्य में इस वर्ष एक से तीन नवंबर तक अश्व प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इसमें उन्नत नस्ल के घोड़ों की दौड़ भी देखने को मिलेगी। प्रशासन ने लवी मेले में लगने वाली अस्थाई दुकानों को देखते हुए प्रदर्शनी लगाने का निर्णय लिया है। रामपुर व्यापारिक व ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण है। यहां का अंतर्राष्ट्रीय लवी मेला इस साल 11 से 14 नवंबर तक आयोजित हो रहा है। यह मेला न केवल रोजमर्रा के सामान के व्यापार का केंद्र है, बल्कि पशु व्यापार, विशेषकर स्पीति नस्ल के घोड़ों के लिए भी प्रसिद्ध है। अश्व प्रदर्शनी में क्या होगा अश्व प्रदर्शनी के दौरान कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 1 नवंबर को पशुपालन विभाग द्वारा घोड़ों का पंजीकरण किया जाएगा। 2 नवंबर को अश्वपालकों के लिए उन्नत प्रजनन तकनीक और पशुपालन को प्रोत्साहित करने के लिए गोष्ठी का आयोजन होगा। 3 नवंबर को उत्तम घोड़ों का चयन, 400 मीटर और 800 मीटर की रोमांचक घुड़दौड़, तथा गुब्बारा फोड़ प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। स्पीति घोड़ों को क्यों कहते हैं शीत मरुस्थल का जहाज स्पीति घोड़े मजबूत कद-काठी, भारी बर्फ में चलने और ऊंचाई पर कार्य करने की योग्यता के लिए जाने जाते हैं। इन्हें “शीत मरुस्थल का जहाज़” भी कहा जाता है। मूल रूप से तिब्बत के पठार में उत्पन्न होने वाले ये घोड़े बाद में व्यापारियों द्वारा लाहौल-स्पीति और किन्नौर के दुर्गम क्षेत्रों में लाए गए थे। वर्तमान में ये मुख्यतः स्पीति घाटी की पिन वैली और किन्नौर जिले की भाबा वैली में पाए जाते हैं। उत्तराखंड से भी आते हैं व्यापारी प्रदर्शनी के समापन पर मुख्य अतिथि द्वारा पुरस्कार वितरण समारोह होगा। पशुपालन विभाग द्वारा अश्व प्रदर्शनी में भाग लेने वाले सभी घोड़ों को निःशुल्क चारा और दाना प्रदान किया जाएगा। यह मेला कुल्लू, मंडी, उत्तराखंड और अन्य क्षेत्रों से खरीदारों और पशु प्रेमियों को आकर्षित करता है।
रामपुर में PWD के ठेकेदारों की दिवाली फीकी:13 करोड़ से अधिक के बिल ट्रेजरी में अटके, अधिकारी बोले- जल्द पैसा होगा जारी
रामपुर में PWD के ठेकेदारों की दिवाली फीकी:13 करोड़ से अधिक के बिल ट्रेजरी में अटके, अधिकारी बोले- जल्द पैसा होगा जारी रामपुर डिवीजन के लोक निर्माण विभाग (PWD) के ठेकेदारों को इस बार दिवाली से पहले भुगतान नहीं मिल पाया। करीब 13 करोड़ रुपए से अधिक के भुगतान बिल ट्रेजरी में अटके होने के कारण ठेकेदारों को मायूसी का सामना करना पड़ा। ठेकेदारों ने बताया कि वे लंबे समय से उम्मीद कर रहे थे कि सरकार दिवाली से पहले उनका भुगतान जारी कर देगी, जिससे वे अपने कामगारों को वेतन दे सकें। कई ठेकेदारों ने अपने मजदूरों से त्योहार से पहले भुगतान का वादा भी किया था। ठेकेदारों के अनुसार, यह पहली बार है जब दिवाली के अवसर पर भी उन्हें भुगतान नहीं हुआ है। ठेकेदार बोले- नेता सिर्फ बड़े-बड़े वादे करते ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि सरकार के प्रतिनिधि मंचों से बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। मुख्यमंत्री ने भी दिवाली से पहले ठेकेदारों के भुगतान का दावा किया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। रामपुर डिवीजन के लगभग 50 से अधिक ठेकेदार इस स्थिति से प्रभावित हैं, जिनके अधीन करीब एक हजार से ज्यादा मजदूर कार्यरत हैं। …तो ठेकेदार कर देंगे सरकारी कार्यों से किनारा बुशहर ठेकेदार यूनियन के अध्यक्ष सुदेश कोशिश ने कहा कि दिवाली हिंदू समाज का एक प्रमुख त्योहार है, लेकिन सरकार ने ठेकेदारों और मजदूरों की उम्मीदों को पूरा नहीं किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यही स्थिति बनी रही तो भविष्य में ठेकेदार सरकारी कार्यों से किनारा कर सकते हैं।ॉ अधिशाषी अभियंता बोले- जल्द पैसा होगा जारी वहीं, लोक निर्माण विभाग रामपुर के अधिशाषी अभियंता शक्ति सिंह नेगी ने इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग ने अधिकांश ठेकेदारों के टोकन काट दिए हैं और भुगतान प्रक्रिया ट्रेजरी में लंबित है। नेगी ने आश्वस्त किया कि जैसे ही ट्रेजरी से अनुमति मिलेगी, ठेकेदारों को भुगतान जारी कर दिया जाएगा।
