पंजाब विधानसभा के बजट सत्र में हंगामा:शंभू-खनौरी बॉर्डर से किसानों को हटाने पर कांग्रेस का वॉकआउट; गवर्नर विरोध के बीच भाषण दे रहे पंजाब सरकार का बजट सत्र की शुरुआत राष्ट्रगान के साथ हुई। जैसे ही राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया सभा को संबोधित करने लगे, विपक्ष ने विरोध शुरू कर दिया और कांग्रेस ने वॉकआउट कर दिया। किसान आंदोलन के बीच हुई पंजाब पुलिस की कार्रवाई और पटियाला में कर्नल व उनके बेटे के साथ हुई मारपीट को लेकर विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने ये वॉकआउट किया। कांग्रेस विधायकों ने जय जवान, जय किसान के नारे लगाने शुरू किए और बाहर निकल आए। बाहर आकर विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा- पहले किसानों के धरने पर सीएम भगवंत मान खुद बैठते रहे, अरविंद केजरीवाल भी आते रहे। किसानों की मदद से ये 92 का आंकड़ा छुआ। लेकिन अब किसानों के साथ ये घटना हुई। जबकि किसान कह चुके हैं कि हमने रास्ते नहीं रोके। रास्ते हरियाणा सरकार ने रोके। किसानों ने ना ही ट्रेनें रोकी गई। बाजवा ने आरोप लगाया कि इन धरनों को लोकसभा चुनावों के पास लगवाने में भगवंत मान का अहम रोल था, लेकिन अब उन्हें ही बुलाया गया और डिटेन कर लिया गया। बाजवा ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल विश्चश्याना के लिए पंजाब नहीं आए थे, वह अपनी राज्यसभा की सीट को पक्की के लिए आए थे। वह चाहते है कि संजीव अरोड़ा लुधियाना विधानसभा उपचुनाव जीते और वह खुद राज्यभा में पहुंचे। किसानों पर कार्रवाई भी व्यापारियों के वोट के लिए की गई है। शुरुआत में पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित, स्पीकर कुलतार सिंह संधवां और सीएम भगवंत मान समेत सभी ने खड़े होकर राष्ट्रगान गाया। सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) और विपक्षी दलों के विधायक विधानसभा पहुंच चुके हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सीएलपी नेता प्रताप सिंह बाजवा हाथ में तख्ती लेकर पहुंचे हैं। उन्होंने हाथों पर काली पट्टियां बांध रखी थीं। जानें क्या कहा गवर्नर ने राज्यपाल ने गुलाब चंद कटारिया ने खुशी है कि मुझे सेशन को संबोधित करने का मौका मिला है। बजट सत्र बहुत महत्पूर्ण होता है। यह सरकार के दृषिकोण का दर्शाता है। सत्र में किया गया विचार विर्मश पंजाब को प्रगति के शिखर पर पहुंचाएगा।मेरी सरकार ने सेहत और शिक्षा के क्षेत्र में कई योजनाएं शुरू की है। 881 आम आदमी क्लीनिक चलाए जा रहे है। 2.98 करोड़ इनका लाभ उठा चुके है। इसमें 60 हजार करोड़ की दवाईयां व सौ करोड़ के टेस्ट किए गए है। मेरी सरकार अस्पतालों के सभी रोगियों को फ्री में दवाईयां देने के लएि प्रतिबंध है। दवाओं के लिए अगले सेशन मे 200 करोड़ खर्च होने की उम्मीद है। मेरी सरकार जिला व सब डिवीजन अस्पतालों में एक्सरे व अलट्रा साउंड सुविधाएं देने जा रही है। अगले 12 महीनाों में इन सेवाओं के लिए पंजाब के लोगों को 53 करोड़ का फायदा हेागा। अगले तीन सालों में अस्पतालों की इमारते सुधरेगी। 16 अस्पतालों के सुधार के लिए 150 करोड़ खर्च किए गए हैं गवर्नर ने 16 अस्पतालों के नाम गिनाकर उन पर खर्च किए जा रहे है काम गिनाया है। वहीं, पंजाब आयुष्मान व सीएम बीमा योजना 19 अगस्त शुरू की गई थी। योजना के तहत अब 48 लाख कार्ड एक्टिव है। 25.31 मरीजों का उपचार किया जा रहा है। 9 हजार करोड़ का भुतगान किया जा चुका है। लॉरेंस केस की तरह हो आरोपियों पर कार्रवाई 13 तारीख को पटियाला में सेना के कर्नल पीएस बाठ और उनके बेटे पर पंजाब पुलिस के 12-13 अधिकारी (जो कथित रूप से नशे में थे) ने मारपीट की। इसके बाद सेना और अन्य दलों के दबाव के चलते सरकार ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए। बाजवा ने कहा कि मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने अब तक इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। उन्होंने मांग की कि इस मामले की जांच किसी सेवारत जज से करवाई जाए और एक सप्ताह में जांच पूरी हो। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में उसी तरह कार्रवाई होनी चाहिए, जैसे लॉरेंस बिश्नोई केस में गुरशेर सिंह संधू और अन्य अधिकारियों पर की गई गई। किसानों पर एक्शन पंजाब की परंपरा नहीं
बाजवा ने आरोप लगाया कि जब सरकार को जरूरत होती है, तो उन्होंने किसानों को बॉर्डर पर धरने देने के लिए प्रेरित किया, लेकिन जब वही किसान अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हैं, तो उन पर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि किसानों की से धोखा किया गया। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री व आम आदमी सुप्रीमो केजरीवाल पंजाब में ध्यान साधना (विपश्यना) के लिए नहीं, बल्कि लुधियाना चुनाव के लिए पंजाब आए थे। उन्होंने कहा कि किसानों पर की गई कार्रवाई पंजाब की परंपरा के खिलाफ है। सरकार ने पहले कभी किसानों और व्यापारियों की संयुक्त बैठक नहीं बुलाई, लेकिन अब व्यापारियों के समर्थन के लिए किसानों को हटाया जा रहा है। पंजाब पुलिस स्टेट बनकर रह गई
बाजवा ने आरोप लगाया कि कुछ सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी सरकार के लिए काम कर रहे हैं और पंजाब अब एक ‘पुलिस स्टेट’ बनकर रह गया है। पहले सेना के कर्नल से मारपीट की गई, और अब किसानों पर एक्शन लिया जा रहा है। उन्होंने आम आदमी पार्टी सरकार पर कई वादे पूरे न करने का आरोप लगाया, जिनमें अवैध खनन पर रोक, महिलाओं को₹1000 की पेंशन, और बेअदबी मामलों में न्याय शामिल हैं। किसानों के नाम पर केवल राजनीति जैसे पटियाला में कर्नल को पीटने के मुद्दे और फिर किसानों के मुद्दे पर बहसबाजी होगी। कांग्रेस के सस्पेंड विधायक संदीप जाखड़ ने कहा कि किसानों के नाम पर राजनीति हो रही है। किसानों को पैरों पर खड़े करने के लिए कुछ नहीं हो रहा है। वह पंजाब सरकार की एग्रीकल्चर पॉलिसी लेकर आए हैं। लेकिन इस पर चर्चा नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि हफ्ता पर अब सारे यहां हो रही है, इस पर चर्चा होनी चाहिए। बीजेपी विधायक अश्वनी शर्मा ने कहा कर्नल व किसानों के मुद्दे को सेशन में उठाएंगे। पुलिस अधिकारी हुंदल का घर क्यों नहीं गिराया
सीएलपी ने सरकार पूछा कि नशे के मामलों में शामिल पुलिस अधिकारी हुंदल का घर क्यों नहीं गिराया गया, जबकि उसे इस मामले में बर्खास्त कर दिया गया था और फिर देश से भगाया गया? इसी तरह, गुरशेर सिंह संधू के घर पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई? बाजवा ने अंत में कहा कि कांग्रेस नहीं चाहती थी कि पंजाब की सड़कों पर आवाजाही बाधित हो, लेकिन सरकार ने एकतरफा कार्रवाई की। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ पंजाब सरकार खनौरी में किसानों के टेंट हटवा रही थी, तो दूसरी तरफ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी किसानों पर बलप्रयोग करवा रहे थे। ऐसे चलेगा आज सेशन सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण से पहले विधानसभा की तरफ से सदस्यों को गाइडलाइन जारी की गई है। सभी सदस्यों को सुबह 10:50 बजे तक विधानसभा में पहुंचना होगा। सदस्य आगे की सीटों को छोड़कर कहीं भी बैठ सकते हैं, क्योंकि ये सीटें मुख्यमंत्री, मंत्रियों और महिला विधायकों के लिए आरक्षित हैं। राज्यपाल का स्वागत किया जाएगा, जिसके बाद उनका अभिभाषण होगा। 26 मार्च को पेश होगा बजट जानकारी के मुताबिक, साल 2025-26 का बजट सत्र आज से शुरू होकर 28 मार्च तक चलेगा। 26 मार्च को पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा बजट पेश करेंगे। इसके बाद अगले दो दिन बजट पर चर्चा होगी। वहीं, सरकार के कार्यकाल के अब दो साल शेष रह गए हैं, ऐसे में सरकार की कोशिश बजट सत्र के जरिए जनता को साधने की रहेगी