कुरूक्षेत्र पुलिस ने पराली जलाने के आरोप में दो किसानों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पराली जलाने के अलग-अलग मामलों मे गुरचरण सिंह निवासी गांव रायमाजरा और सोहना राम निवासी गांव लौहारा को गिरफ्तार किया है। उपायुक्त कुरूक्षेत्र ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत फसलों के अवशेषों को जलाने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। इसके बावजूद किसानों द्वारा पराली जलाई जा रही है। उपायुक्त के आदेशों की अवहेलना में यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो वह भारतीय न्याय संहिता की धारा 223(ए) के तहत दंड का पात्र होगा। उपायुक्त कार्यालय के आदेशानुसार कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. कर्मचन्द कुरूक्षेत्र कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा ग्राम स्तर पर गठित की गई कमेटी द्वारा मौके का मुआयना करने पर गांव राय माजरा में रकबा एक एकड़ की जमीन पर आगजनी पाई गई थी। इस पर पुलिस ने 22 अक्टूबर को थाना शाहबाद में मामला दर्ज किया था। मामले की जांच करते हुए एएसआई देवेंद्र कुमार ने आगजनी के आरोप में गुरचरण सिंह निवासी गांव रायमाजरा थाना शाहबाद के मामले मे शामिल तफ्तीश किया गया। इसी प्रकार थाना लाडवा में 21 अक्टूबर के वायु प्रदूषण एक्ट की उल्लंघना करके अपराध में एसआई बलबीर दत्त ने सोहन सिंह निवासी गांव लौहारा के एक एकड़ क्षेत्र में आगजनी का मामला दर्ज किया गया था। इसमें आगजनी के आरोपी सोहन सिंह को मामले में शामिल किया गया। कुरूक्षेत्र पुलिस ने पराली जलाने के आरोप में दो किसानों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पराली जलाने के अलग-अलग मामलों मे गुरचरण सिंह निवासी गांव रायमाजरा और सोहना राम निवासी गांव लौहारा को गिरफ्तार किया है। उपायुक्त कुरूक्षेत्र ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत फसलों के अवशेषों को जलाने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। इसके बावजूद किसानों द्वारा पराली जलाई जा रही है। उपायुक्त के आदेशों की अवहेलना में यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो वह भारतीय न्याय संहिता की धारा 223(ए) के तहत दंड का पात्र होगा। उपायुक्त कार्यालय के आदेशानुसार कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. कर्मचन्द कुरूक्षेत्र कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा ग्राम स्तर पर गठित की गई कमेटी द्वारा मौके का मुआयना करने पर गांव राय माजरा में रकबा एक एकड़ की जमीन पर आगजनी पाई गई थी। इस पर पुलिस ने 22 अक्टूबर को थाना शाहबाद में मामला दर्ज किया था। मामले की जांच करते हुए एएसआई देवेंद्र कुमार ने आगजनी के आरोप में गुरचरण सिंह निवासी गांव रायमाजरा थाना शाहबाद के मामले मे शामिल तफ्तीश किया गया। इसी प्रकार थाना लाडवा में 21 अक्टूबर के वायु प्रदूषण एक्ट की उल्लंघना करके अपराध में एसआई बलबीर दत्त ने सोहन सिंह निवासी गांव लौहारा के एक एकड़ क्षेत्र में आगजनी का मामला दर्ज किया गया था। इसमें आगजनी के आरोपी सोहन सिंह को मामले में शामिल किया गया। हरियाणा | दैनिक भास्कर
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ओपी चौटाला की श्रद्धांजलि सभा कल:बारिश से बचने को वाटर प्रूफ टेंट लगाया जा रहा, दूर दराज से लोगों के पहुंचने की उम्मीद हरियाणा में सिरसा जिले के गांव तेजाखेड़ा में कल मंगलवार 31 दिसंबर को स्वर्गीय चौधरी ओमप्रकाश चौटाला की आत्मा की शांति के लिए चौटाला गांव स्थित चौधरी साहिब राम स्टेडियम में एक विशाल श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में देश और प्रदेश के कई वरिष्ठ राजनेता, प्रसिद्ध हस्तियां और हजारों लोग भाग लेंगे। इसको लेकर कार्यक्रम की तैयारियां पूरे जोर-शोर से चल रही हैं। श्रद्धांजलि सभा के लिए स्टेडियम में वाटरप्रूफ बड़ा पंडाल लगाया जा रहा है। साथ ही, आने वाले लोगों के लिए सभी जरूरी सुविधाओं का प्रबंध किया जा रहा है। चौधरी साहिब राम स्टेडियम में एक बार में लगभग 10 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। श्रद्धांजलि सभा को भव्य और सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए पूरी टीम मेहनत कर रही है। यह आयोजन न केवल स्वर्गीय चौधरी ओमप्रकाश चौटाला को श्रद्धांजलि देने का अवसर होगा, बल्कि उनके द्वारा किए गए कार्यों को याद कर उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने की प्रेरणा भी देगा। अनुराग ठाकुर सहित कई दिग्गज श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे गांव तेजाखेड़ा में ओपी चौटाला को श्रद्धांजलि देने हिमाचल के हमीरपुर से सांसद और पूर्व कैबिनेट मंत्री अनुराग ठाकुर पहुंचे थे। उन्होंने चौटाला परिवार को सांत्वना दी। इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए अनुराग ठाकुर में कहा कि ओपप्रकाश चौटाला ने हमेशा जनहित को प्राथमिकता दी और उन्होंने न जनहित में सदा बड़े दिल की राजनीति की। वो ऐसे नेता थे, जिन्होंने पार्टी की सीमाओं से परे जाकर देश और जनता के लिए काम किया। हिमाचल के विकास के लिए उन्होंने मेरे पिता प्रेम कुमार धुमल के साथ मिलकर कई काम किए। अभय सिंह चौटाला को सांत्वना देते अनुराग ठाकुर… ठाकुर बोले-बड़े दिल वाले व्यक्ति थे चौटाला
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डेरा सच्चा सौदा प्रमुख को हाईकोर्ट का झटका:राम रहीम के खिलाफ CBI कोर्ट में चलेगा साधुओं को नपुंसक बनाने का केस पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा सिरसा के प्रमुख एवं जेल में सजा काट रहे राम रहीम को झटका दिया है। सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में फिर से उनके खिलाफ साधुओं को नपुंसक बनाने का केस चलेगा। हाई कोर्ट ने केस डायरी सौंपने के आदेश को रद्द कर दिया है। राम रहीम फिलहाल रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है। जानकारी के अनुसार डेरा सच्चा सौदा में साधुओं को ईश्वर से मिलवाने के नाम पर नपुंसक बनाने के मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने मामले की केस डायरी डेरा मुखी को सौंपने के सीबीआई स्पेशल कोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया है। हाई कोर्ट ने मामला दोबारा सीबीआई स्पेशल कोर्ट को भेजते हुए इसमें नए सिरे से निर्णय लेने का आदेश दिया है। इससे राम रहीम की मुश्किलें बढ़ गई हैं। 2019 में हाई कोर्ट में याचिका की थी दाखिल
सीबीआई ने 2019 में हाई कोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी। असल में सीबीआई कोर्ट ने राम रहीम को अपना बचाव तैयार करने के लिए यह केस डायरी, गवाहों के बयान और अन्य दस्तावेज उपलब्ध करवाने का आदेश दिया था। हाई कोर्ट ने ही डेरे में साधुओं को नपुंसक बनाने के मामले की जांच सीबीआई को सौंपी थी। सीबीआई ने मामले की जांच कर हाईकोर्ट में सीलबंद स्टेटस रिपोर्ट दे दी थी। यह केस अब पंचकूला की सीबीआई ट्रायल कोर्ट में चल रहा है। हाईकोर्ट ने मामला किया रद्द
CBI ट्रायल कोर्ट ने 2019 में डेरा मुखी की एक अर्जी पर इस मामले की केस डायरी उसे सौंपने का सीबीआई को आदेश दिया था। सीबीआई ने इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। हाइकोर्ट ने कहा कि सीबीआई की विशेष अदालत का यह आदेश गलत था। पुलिस को दिए गए बयानों की कोई अहमियत नहीं होती है, ऐसे में 87 गवाहों की गवाही राम रहीम को सौंपने का कोई औचित्य नहीं है। स्पेशल कोर्ट ने आदेश जारी करते हुए इस बात पर गौर नहीं किया कि जो दस्तावेज मांगे जा रहे हैं, असल में उनको उपलब्ध करवाने का औचित्य क्या है। ऐसे में अब हाई कोर्ट ने आदेश को रद्द कर दिया है और मामला दोबारा सीबीआई कोर्ट को भेजा है, ताकि इन तथ्यों पर विचार करके नए सिरे से निर्णय लिया जाए।
पलवल में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 7 लाख हड़पे:बेसहारा बच्चों की दी जानी थी राशि, बाल संरक्षण इकाई में हुआ घोटाला
पलवल में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 7 लाख हड़पे:बेसहारा बच्चों की दी जानी थी राशि, बाल संरक्षण इकाई में हुआ घोटाला पलवल में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 7 लाख रुपए सहायता राशि लेने का मामला सामने आया है। बेसहारा बच्चों को दी जाने वाली सहायता योजना में धांधली हुई है। कैंप थाना पुलिस ने बाल संरक्षण इकाई के चार कर्मचारियों के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सहायता राशि लेने का मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। कैंप थाना प्रभारी दिनेश के अनुसार, राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग की रजिस्ट्रार (एएसजे) गौमती मनोचा ने अगस्त में पुलिस को शिकायत दी थी। पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद जिला बाल संरक्षण इकाई में फर्जी तरीके से सहायता राशि हड़पने के प्रमाण मिले। कटेसरा गांव निवासी राहुल उर्फ रविंद्र नियमों के खिलाफ अपने दो बच्चों रूही और कार्तिक के नाम पर यह राशि ले रहे थे। इसी प्रकार कौशल भी अपने बच्चों हरसल व माही तथा अन्य बच्चों के नाम पर भी धोखाधड़ी से राशि ली जा रही थी। जांच के दौरान पाया गया कि जिला बाल संरक्षण इकाई के कर्मचारियों ने अपने नजदीकी संबंधियों को गलत तरीके से लाभ पहुंचाया है। 7 लाख रुपए से भी अधिक की राशि गलत तरीके से हड़पी गई है। 2018 से यह घोटाला किया जा रहा था। पुलिस ने बताया कि जिला बाल संरक्षण इकाई की डाटा एनालिस्ट कीर्ति शर्मा, गायत्री देवी, सविता और सीता देवी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। धोखाधड़ी की राशि और ज्यादा हो सकती है, क्योंकि जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारियों ने पुलिस को पूरा रिकार्ड उपलब्ध नहीं कराया है। पूरे रिकॉर्ड की जांच होने पर धोखाधड़ी के आरोपियों की संख्या भी बढ़ सकती है और राशि भी। इस मामले के आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर पूरा रिकार्ड कब्जे में लिया जाएगा और जांच में जो भी आरोपी पाया जाएगा, उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।