सोनभद्र में चाचा ने भतीजे की गर्दन काटी, मौत:एक्सीडेंट में बेटे की हुई थी मौत,  चाचा को था भाई के परिवार पर जादू-टोना का शक

सोनभद्र में चाचा ने भतीजे की गर्दन काटी, मौत:एक्सीडेंट में बेटे की हुई थी मौत,  चाचा को था भाई के परिवार पर जादू-टोना का शक सोनभद्र में चाचा ने भतीजे की हत्या कर दी। रविवार शाम को भतीजा घर के दरवाजा पर मोबाइल चला रहा था। चाचा ने धारदार हथियार से हमला करते हुए उसकी गर्दन पर वार किया। युवक जमीन पर गिरकर तड़पने लगा। पास खड़ी बहन ने भाई को बचाने की कोशिश की तो चाचा ने उस पर भी वार कर दिया। चाचा के वार से बचने के लिए वह दूर भागी। उसने चिल्लाते हुए परिवार के लोगों को पुकारा। लेकिन तबतक हमलावर फरार हो गया। खून से लथपथ घायल युवक को लेकर परिवार के लोग स्थानीय सीएचसी पहुंचे। यहां डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया- आरोपी के बेटे की मौत के बाद उसे अपने भाई के परिवार पर जादू-टोना कराए जाने का शक था। बेटे की मौत का बदला लेने के लिए उसने अपने भतीजे की हत्या की है। घटना दुद्धी थानाक्षेत्र के नगवा गांव की है। मृतक युवक का नाम जीत सिंह और उम्र 20 वर्ष है। आरोपी चाचा का नाम छोटू सिंह है। देखिए तीन तस्वीरें अब जानिए पूरा मामला आरोपी के बेटे की कुछ महीनों पहले हुई थी मौत नगवा गांव में पंचू सिंह खरवार और छोटू सिंह खरवार सगे भाई हैं। छोटू सिंह के बेटे की 19 फरवरी 2025 को एक एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। गांववाले बताते हैं कि 18 फरवरी को पंचू सिंह के बड़े बेटे अजीत सिंह की शादी की सालगिरह थी। कार्यक्रम में आर्केस्ट्रा भी बुलाया गया था। कार्यक्रम खत्म होने के बाद अगले दिन छोटू सिंह का बेटा दिनेश सिंह आर्केस्ट्रा की कलाकारों को छोड़ने गया था। लौटते वक्त लीलासी गांव में बिजली के खंभे से टकराने से उसकी मौत हो गई थी। बेटे की मौत के बाद छोटू सिंह अपने भाई के परिवार पर जादू-टोना कराकर बेटे को मारने का आरोप लगाने लगे। हालांकि, दिनेश सिंह की एक्सीडेंट में मौत के बाद गांव के लोगों ने पंचायत की। पंचायत ने तय किया कि पंचू सिंह, अपने भाई छोटू सिंह को पांच बिस्वा जमीन या एक लाख रुपए मुआवजा देंगे। लेकिन बताया जा रहा है कि पंचायत के फैसला को उन्होंने मान तो लिया लेकिन महज 10 हजार रुपए ही दिए। इससे वह लगातार नाराज चल रहे थे। बहन बोली- कंबल ओढ़कर चाचा आए और हत्या कर भाग गए मृतक की बहन सुनीता ने पुलिस को बताया- हम तीन भाई और एक बहन हैं। जिसमें वह दूसरे नंबर का था। हमें चाचा छोटू सिंह को कई महीनों से उनके परिवार पर शक था। चाचा आए दिन धमकी देते थे कि वह “घर का एक सदस्य लेकर रहेगा”। रविवार को मौका पाकर उन्होंने हमला कर दिया। वह कंबल ओढ़कर आए और भाई की हत्या कर फरार हो गए। सुनीता ने बताया कि वारदात के समय वह वहीं मौजूद थी। उसने कहा, “मैं भाई के पास ही खड़ी थी कि अचानक चाचा ने हमला कर दिया। जब मैंने बचाने की कोशिश की तो वह मेरे ऊपर भी टूट पड़ा। मैं किसी तरह जान बचाकर भागी और शोर मचाया, तब गांव वाले पहुंचे। तब तक चाचा भाग चुका था।” आरोपी पहले ही बोला था, आपका दूसरा लड़का जाएगा आरोपी चाचा छोटू सिंह अक्सर कहा करता था कि “मेरा दूसरा नंबर का लड़का जैसे गया है, वैसे ही तुम्हारे घर से भी मझला लड़का जाएगा।” वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी छोटू सिंह किसी ओझा के संपर्क में था और संभवतः उसी के प्रभाव में आकर उसने यह घटना अंजाम दी। पुलिस ने हथियार कब्जे में लिया घटना की जानकारी मिलते ही अमवार चौकी प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना की सूचना थाना प्रभारी दुद्धी और क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार राय को दी। पुलिस ने मौके से धारदार हथियार बरामद किया गया है। ……………….. यह खबर भी पढ़ें बहन को धोखा दिया तो देवर का प्राइवेट पार्ट काटा:कमरे में सो रहा था, प्रयागराज में आधी रात भाभी ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला किया प्रयागराज में छोटी बहन को प्यार में धोखा देने पर भाभी ने चाकू से देवर का प्राइवेट पार्ट काट डाला। इसके बाद भाभी वहां से भाग निकली। देवर दर्द से छटपटाता रहा। शोर सुनकर परिजन भागते हुए आए। उसे एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उसकी जान बचाई। दरअसल, भाभी मंजू ने पूरी प्लानिंग के साथ आधी रात को देवर उमेश कुमार पर हमला किया। उमेश उस वक्त सो रहा था। तभी मंजू उसके कमरे में पहुंची और चाकू से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। पढ़िए पूरी खबर

भिवानी का जवान उत्तराखंड में शहीद:गश्त के दौरान पांव फिसला, खाई में गिरने से सिर में लगी चोट, 3 भाईयों में सबसे छोटे

भिवानी का जवान उत्तराखंड में शहीद:गश्त के दौरान पांव फिसला, खाई में गिरने से सिर में लगी चोट, 3 भाईयों में सबसे छोटे भिवानी के गांव खरकड़ी माखवान निवासी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) का जवान अनिल कुमार उत्तराखंड में शहीद हो गया। परिवार के अनुसार, उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में ड्यूटी के दौरान रात को अनिल कुमार का पांव फिसल गया। जिसके कारण वे खाई (नाले) में गिर गए और शहीद हो गए। गांव खरकड़ी माखवान निवासी अनिल ने बताया कि उसका चचेरा भाई करीब 33 वर्षीय अनिल कुमार की सशस्त्र सीमा बल की 55वीं वाहिनी में तैनात थे। जिनकी ड्यूटी उत्तराखंड के पिथौरगढ़ में आई हुई थी। उन्हें सूचना मिली कि रात को अनिल कुमार गश्त पर थे। इसी दौरान अनिल कुमार का पांव फिसल गया और वे खाई (नाले) में गिर गए। इस दौरान अनिल कुमार के सिर में चोट लग गई। जिसके कारण वे शहीद हो गए। इसका पता लगते ही पूरे गांव में मातम छा गया। इसका पता परिवार को लगने के बाद अनिल कुमार के बड़े भाई सुनील कुमार उत्तराखंड पहुंच गए। जो अनिल कुमार के पार्थिव शरीर के साथ आएंगे। तीन भाईयों में सबसे छोटे वहीं अनिल कुमार तीन भाईयों में सबसे छोटे थे। वहीं अनिल कुमार के पिता कृष्ण कुमार एक किसान थे और उनकी मौत भी करीब 4-5 साल पहले हो चुकी है। कल पहुंचेगा पार्थिव शरीर
वहीं गांव खरकड़ी माखवान के सरपंच राजेश कुमार ने बताया कि रविवार को गांव में सूचना मिली थी कि अनिल कुमार ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। इसके बाद पूरे गांव में गमगीन माहौल है। जिनका पार्थिव शरीर सोमवार को भिवानी पहुंचेगा। जिसके बाद गांव में पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

‘सास-ससुर बहू को नहीं निकाल सकते घर से बाहर, चाहे बेटा हो गया हो बेदखल’, दिल्ली HC का आदेश

‘सास-ससुर बहू को नहीं निकाल सकते घर से बाहर, चाहे बेटा हो गया हो बेदखल’, दिल्ली HC का आदेश <p><!–StartFragment –></p>
<p style=”text-align: justify;”><span class=”cf0″>दिल्ली&nbsp;हाईकोर्ट&nbsp;ने एक मामले की सुनवाई करते हुए अहम आदेश दिया है. दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि शादी के बाद जिस घर में पत्नी रहती है वही उसका&nbsp;शेयर्ड&nbsp;हाउस&nbsp;होल्ड&nbsp;यानी साझा घर माना जाएगा और उसे उस घर से कोई भी यहां तक कि सास-ससुर भी मनमाने तरीके से नहीं निकाल सकते. दिल्ली हाई कोर्ट ने साफ कहा कि बहू को घर से हटाने का प्रयास केवल कानूनी प्रक्रिया के तहत ही किया जा सकता है.</span></p>
<p style=”text-align: justify;”><span class=”cf0″>दिल्ली हाई कोर्ट में&nbsp;जस्टिस&nbsp;संजीव&nbsp;नरूला&nbsp;ने बहू को घर से निकालने की कोशिश कर रही सास और दिवंगत ससुर की याचिका को खारिज कर दिया. दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि शादी के तुरंत बाद जिस घर में पत्नी ने रहना शुरू किया, वह कानून के तहत उसका साझा घर&nbsp;है.भले&nbsp;ही बाद में पति को उसके माता-पिता ने बेदखल क्यों न कर दिया हो,&nbsp;इससे&nbsp;पत्नी के अधिकार खत्म नहीं होते.</span></p>
<h3 style=”text-align: justify;”><strong><span class=”cf0″>क्या है पूरा मामला</span></strong></h3>
<p style=”text-align: justify;”><span class=”cf0″>दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल याचिका के&nbsp;मुताबिक&nbsp;यह विवाद करीब एक दशक से चल रहा था. महिला की शादी 2010 में हुई थी और वह ससुराल&nbsp;वालों&nbsp;के इसी घर में रह रही थी. 2011 में पति-पत्नी के रिश्ते बिगड़ने के बाद कई सिविल और आपराधिक मामले शुरू हुए. ससुराल पक्ष ने दावा किया कि यह मकान दिवंगत&nbsp;दलजीत&nbsp;सिंह की खुद की खरीदी हुई संपत्ति है. इसलिए इसे साझा घर नहीं कहा जा सकता.</span></p>
<h3 style=”text-align: justify;”><span class=”cf0″>’दोनों पक्षों के हितों में संतुलन बनाती है&nbsp;यह फैसला'</span></h3>
<p style=”text-align: justify;”><span class=”cf0″>मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली&nbsp;हाईकोर्ट&nbsp;ने यह दलील ठुकराते हुए कहा कि विवाह के बाद जहां पत्नी ने अपना वैवाहिक जीवन शुरू किया वही उसका वैधानिक साझा घर है. दिल्ली हाई कोर्ट ने यह भी माना कि मौजूदा व्यवस्था जिसमें सास पहली मंजिल पर और बहू&nbsp;ग्राउंड&nbsp;फ्लोर&nbsp;पर रह रही है. हाई कोर्ट ने कहा यह फैसला दोनों पक्षों के हितों में संतुलन बनाती है.</span></p>
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उन्नाव में महिला सिपाही की सड़क हादसे में मौत:अचानक बाइक फिसली, सिर में आई गंभीर चोट; ड्यूटी से लौटते समय हुआ हादसा

उन्नाव में महिला सिपाही की सड़क हादसे में मौत:अचानक बाइक फिसली, सिर में आई गंभीर चोट; ड्यूटी से लौटते समय हुआ हादसा उन्नाव में रविवार को सड़क हादसे में महिला सिपाही की मौत हो गई। महिला सिपाही जिला अस्पताल से एक नाबालिग लड़की का मेडिकल कराकर बाइक से लौट रही थीं। थाने से 30 किलोमीटर पहले सड़क पर बाइक फिसल गई। इस हादसे में महिला सिपाही को गंभीर चोट आई। मौके पर मौजूद लोगों ने एम्बुलेंस को सूचना दी। एम्बुलेंस घायल महिला सिपाही को जिला अस्पताल ले गई। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 2018 बैच की महिला सिपाही मूलरूप से मऊ जनपद की रहने वाली थीं। दुर्घटना सफीपुर थाना क्षेत्र में हुई। अब पूरा मामला विस्तार से… रविवार सुबह 11 बजे महिला सिपाही प्रियंका यादव (29) बांगरमऊ थाने के एक नाबालिग लड़की का मेडिकल परीक्षण कराने के लिए उन्नाव जिला अस्पताल गईं। देर शाम तक लड़की का मेडिकल नहीं हो सका। इसके बाद लड़की को वन स्टॉप सेंटर में रोक दिया गया। इसके बाद शाम साढ़े 7 बजे प्रियंका लड़की के गांव के ही सुहेल (55) पुत्र मो. इस्माइल के साथ बाइक से थाने के लिए निकलीं। थाने से 30 किलोमीटर दूर सफीपुर के जमलद्दीपुर चौराहे के पास उनकी बाइक फिसल गई। पुलिसकर्मी और अफसर अस्पताल पहुंचे
महिला सिपाही की मृत्यु की सूचना मिलने पर बांगरमऊ कोतवाली के पुलिसकर्मी और अधिकारी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने प्रियंका की मौत पर दुख जताया। सफीपुर पुलिस ने दुर्घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। प्रियंका यादव बरकोला थाना घोसी की रहने वाली थीं। 10 जून 2023 को उनकी शादी बब्लू के साथ हुई। जो उत्कर्ष फाइनेंशियल बैंक में कार्यरत हैं। उनकी एक साल की बेटी वैष्णवी है। प्रियंका अपनी बेटी के साथ बांगरमऊ में रहती थीं। पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि विभाग ने एक मेहनती और कर्तव्यनिष्ठ सिपाही को खो दिया है। उन्होंने परिजनों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है। ——————————– यह खबर भी पढ़ें बहन को धोखा दिया तो देवर का प्राइवेट पार्ट काटा, कमरे में सो रहा था, प्रयागराज में आधी रात भाभी ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला किया प्रयागराज में छोटी बहन को प्यार में धोखा देने पर भाभी ने चाकू से देवर का प्राइवेट पार्ट काट डाला। इसके बाद भाभी वहां से भाग निकली। देवर दर्द से छटपटाता रहा। शोर सुनकर परिजन भागते हुए आए। उसे एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उसकी जान बचाई। पढ़ें पूरी खबर…

Deepotsav 2025: अयोध्या में फिर बना दीये जलाने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, लेजर लाइट ने बांधा समां

Deepotsav 2025: अयोध्या में फिर बना दीये जलाने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, लेजर लाइट ने बांधा समां <p style=”text-align: justify;”>दिवाली से एक दिन पहले अयोध्या में दीपोत्सव धूमधाम से मनाया गया. रविवार (19 अक्टूबर) को इसके 9वें संस्करण का आयोजन हुआ. इस बीच दिये जलाने का रिकॉर्ड भी कायम हुआ है. राम की पैड़ी से लेकर सरयू तट के किनारे 26 लाख दीपों को रोशन किया गया है. वहीं लेजर लाइट के शो से पूरे इलाकों को जगमग किया गया है.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>इस दीपोत्सव में सबसे ज्यादा दीये जलाने का रिकॉर्ड भी बना है. जिसमें 26,17,215 दीप जलाए गए हैं. दूसरी ओर 2128 अर्चकों ने मां सरयू की एक साथ आरती उतारी है. इस दौरान गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम वहां मौजूद रही. सीएम योगी को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का प्रमाण पत्र भी दिया गया है.</p>
<blockquote class=”twitter-tweet”>
<p dir=”ltr” lang=”en”><a href=”https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw”>#WATCH</a> | Uttar Pradesh: Laser and light show underway at Ram ki Paidi at the banks of River Saryu in Ayodhya. With the Ghat lit up with diyas and colourful lights, <a href=”https://twitter.com/hashtag/Deepotsav?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw”>#Deepotsav</a> is being celebrated here.<br /><br />(Source: ANI/UP Govt) <a href=”https://t.co/JdxgGmK0Sh”>pic.twitter.com/JdxgGmK0Sh</a></p>
&mdash; ANI (@ANI) <a href=”https://twitter.com/ANI/status/1979891598235484454?ref_src=twsrc%5Etfw”>October 19, 2025</a></blockquote>
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</p>
<p style=”text-align: justify;”>&nbsp;</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>दीपोत्सव में बने दो नए रिकॉर्ड</h3>
<p style=”text-align: justify;”>अयोध्या दीपोत्सव के दौरान दो नए वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित हुए हैं. जिसमें 26 लाख से ज्यादा दीप और 2128 अर्चकों द्वारा आरती की गई है. जिसको टीम ने रिकॉर्ड में दर्ज किया है. बता दें, साल 2017 में दीपोत्सव ते पहले संस्करण में 1.71 लाख दीये जलाए गए थे.&nbsp;</p>
<blockquote class=”twitter-tweet”>
<p dir=”ltr” lang=”hi”><a href=”https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw”>#WATCH</a> अयोध्या, उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में दीपोत्सव समारोह के दौरान बनाए गए दो नए गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रमाण पत्र प्राप्त किए।<br /><br />एक साथ सबसे ज़्यादा लोगों द्वारा ‘दीये’ जलाकर गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया। साथ ही, अयोध्या ज़िला प्रशासन, पर्यटन&hellip; <a href=”https://t.co/Q4sBMqA4YR”>pic.twitter.com/Q4sBMqA4YR</a></p>
&mdash; ANI_HindiNews (@AHindinews) <a href=”https://twitter.com/AHindinews/status/1979906366862229723?ref_src=twsrc%5Etfw”>October 19, 2025</a></blockquote>
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</p>
<p style=”text-align: justify;”>इस बार यह संख्या लगभग 25 गुना ज्यादा है. वहीं इस खास मौके पर सरयू नदी के तट पर राम की पैड़ी में लेजर-लाइट शो के साथ रामलीला का मंचन किया गया है. दीयों की रोशनी और रंग-बिरंगी लाइटों के साथ जगमग घाटों पर दीपोत्सव मनाया गया है.&nbsp;</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>सीएम योगी ने आयोजन पर क्या कहा?</h3>
<p style=”text-align: justify;”>मुख्यमंत्री <a title=”योगी आदित्यनाथ” href=”https://www.abplive.com/topic/yogi-adityanath” data-type=”interlinkingkeywords”>योगी आदित्यनाथ</a> ने रविवार को अयोध्या धाम स्थित राम कथा पार्क में राम राज्याभिषेक के दौरान कहा- अयोध्या सप्तपुरियों में प्रथम है, जहां धर्म स्वयं मानव रूप में अवतरित हुआ हो. यहां हर कण में मर्यादा है और हर दीप में दया, हर हृदय में भगवान श्रीराम का वास है. हजारों वर्ष पहले जब दुनिया अंधकार में जी रही थी, तब अयोध्या ने अपने भगवान, आराध्य और अपनी आस्था के आगमन के अभिनंदन में दीप प्रज्वलित किए थे.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>वहीं दीपोत्सव, दीपावली के रूप में सनातन धर्म का एक महापर्व बन गया था. इस महापर्व को जीवंत बनाए रखने के लिए पहली बार वर्ष 2017 में दीपोत्सव में 1,71,000 दीप जलाए गए थे. वहीं आज नौवें दीपोत्सव पर केवल अयोध्या धाम में 26 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित हो रहे हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”>उन्होंने आगे कहा, अगर पूरे प्रदेश भर में गणना की जाए तो 1 करोड़ 51 लाख दीप अकेले दीपोत्सव में जल रहे हैं. सीएम योगी दीपत्सव के दौरान गदगद नजर आए. दोनों हाथ उठाकर रिकॉर्ड बनने की खुशू जाहिर की.&nbsp;</p>

180 ईटीटी अध्यापकों ने की पंजाब सरकार खिलाफ नारेबाजी:तरनतारन में AAP के खिलाफ पोल खोल रैली, दीवारों पर पोस्टर लगाए

180 ईटीटी अध्यापकों ने की पंजाब सरकार खिलाफ नारेबाजी:तरनतारन में AAP के खिलाफ पोल खोल रैली, दीवारों पर पोस्टर लगाए पंजाब के तरनतारन में 180 ईटीटी अध्यापकों ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के खिलाफ ‘पोल खोल’ रैली का आयोजन किया। अध्यापकों ने सरकार पर अपने वादे पूरे न करने और मुद्दों को लगातार टालने का आरोप लगाया। यह विरोध प्रदर्शन लंबित मुद्दों और 180 ईटीटी अध्यापकों की सेवा समाप्ति के विरोध में किया गया। रैली में शामिल अध्यापक सबसे पहले स्थानीय गांधी पार्क में एकत्रित हुए, जहां उन्होंने आम आदमी पार्टी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद, शहर की गलियों और बाजारों में सरकार की नीतियों का खुलासा करने वाले पर्चे बांटे गए और लोगों को जागरूक करने के लिए दीवारों पर पोस्टर लगाए गए। सरकार नहीं कर रही समस्या का समाधान : ठाकुर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कमल ठाकुर ने बताया कि वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा यूनियन के साथ लगातार की जा रही पैरवी इस रैली का मुख्य कारण है। ठाकुर ने याद दिलाया कि सरकार बनने से पहले चीमा ने धरने पर आकर 180 मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने का वादा किया था। हालांकि, सरकार के साढ़े तीन साल पूरे होने के बावजूद इन मुद्दों का समाधान नहीं हुआ है और उन्हें लगातार टाला जा रहा है। महासचिव सोहन सिंह बरनाला ने बताया कि पिछले पांच सालों से 180 ईटीटी अध्यापकों की सेवा बिना किसी ठोस कारण के समाप्त कर दी गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव द्वारा लिखित में रिपोर्ट तैयार करने और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की गलतियों को उजागर करने के बावजूद वित्त मंत्री इस मुद्दे का समाधान नहीं कर रहे हैं। बेरोजगारों को रोजगार ना देने का आरोप भाईचारा संगठनों के नेताओं ने सरकार पर विभिन्न वर्गों से किए गए वादों, जैसे माताओं-बहनों को 1000 रुपए देने, बेरोजगारों को नौकरी देने और किसानों को एमएसपी प्रदान करने, को पूरा न करने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में तरनतारन हलके में बड़े स्तर पर गुप्त कार्रवाई की जाएगी और गांवों में जाकर सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार अभियान चलाया जाएगा, ताकि लोगों को सरकार की गलत नीतियों से अवगत कराया जा सके। इस रैली में राज्य अध्यक्ष कमल ठाकुर और महासचिव सोहन सिंह बरनाला सहित कई नेता उपस्थित थे।

कपूरथला में महिला कॉलोनाइजर पर FIR:पार्क-ग्रीन बेल्ट की जमीन बेचने का आरोप, नगर कौंसिल के EO की शिकायत पर केस

कपूरथला में महिला कॉलोनाइजर पर FIR:पार्क-ग्रीन बेल्ट की जमीन बेचने का आरोप, नगर कौंसिल के EO की शिकायत पर केस कपूरथला के सुल्तानपुर लोधी में एक महिला कॉलोनाइजर पर कॉलोनी के नक्शे में दर्शाई गई पार्क और ग्रीन बेल्ट की जमीन बेचने का आरोप लगा है। नगर कौंसिल के ईओ बलजीत बिलगा की शिकायत पर सुल्तानपुर लोधी थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। जांच अधिकारी एएसआई पूरनचंद ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, नगर कौंसिल सुल्तानपुर लोधी के ईओ बलजीत बिलगा ने अपनी शिकायत में बताया कि गांव आलमगीर की राजिंदर कौर पत्नी रणजीत सिंह ने सुल्तानपुर लोधी में ‘वेईं एनक्लेव’ नामक कॉलोनी विकसित की थी, जिसमें घपला हुआ है। कौंसिल की जगह रजिस्ट्री कर बेची जानकारी के अनुसार, कॉलोनी के नक्शे के मुताबिक 3677 गज जगह पार्क के लिए और 240 गज जगह एमटीपी तथा ग्रीन बेल्ट के लिए छोड़ी गई थी। लाइसेंस की धारा-17 के तहत यह जगह नगर कौंसिल सुल्तानपुर लोधी को हस्तांतरित की जानी थी। आरोप है कि कॉलोनाइजर राजिंदर कौर ने इस आरक्षित जगह को अलग-अलग व्यक्तियों को रजिस्ट्री करके बेच दिया। EO की शिकायत पर FIR इस संबंध में कॉलोनाइजर को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था। नोटिस के जवाब में राजिंदर कौर ने आश्वासन दिया था कि वह जल्द ही नक्शे के अनुसार जगह कॉलोनी निवासियों को वापस कर देंगी। हालांकि, काफी समय बीत जाने के बाद भी यह जगह वापस नहीं की गई। इसके बाद, नगर कौंसिल के ईओ की शिकायत पर सुल्तानपुर लोधी पुलिस ने कॉलोनाइजर राजिंदर कौर के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।

दिल्ली का नाम बदलकर किया जाएगा इंद्रप्रस्थ? VHP ने कर दी बड़ी मांग

दिल्ली का नाम बदलकर किया जाएगा इंद्रप्रस्थ? VHP ने कर दी बड़ी मांग <p style=”text-align: justify;”>विश्व हिंदु परिषद की ओर से दिल्ली का नाम बदलने के लिए मांग की गई है. दिल्ली का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ रखने के लिए कहा गया है. विश्व हिंदु परिषद ने दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा को पत्र लिखकर मांग की है कि दिल्ली का नाम बदला जाए.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>VHP की तरफ से पत्र में कहा गया है कि, राष्ट्रीय राजधानी को उसके प्राचीन इतिहास और संस्कृति से जोड़ने के लिए दिल्ली का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ रखा जाना चाहिए. इसके अलावा वीएचपी ने पत्र में और भी मांगे रखी हैं. लिखित पत्र में इंदिरा गांधी एयरपोर्ट का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ एयरपोर्ट करने की भी मांग है.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>VHP ने रखी दिल्ली का नाम बदलने की मांग</h3>
<p style=”text-align: justify;”>विश्व हिंदु परिषद के दिल्ली प्रांत सचिव सुरेंद्र कुमार गुप्ता ने दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा को पत्र लिखा है. इस पत्र में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का नाम बदलने की मांग की गई है. पत्र में कहा गया है कि, भारत के प्राचीन इतिहास और संस्कृति से राजधानी को जोड़ने के लिए दिल्ली का नाम बदला जाए. दिल्ली का नाम इंद्रप्रस्थ रखा जाए.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>बता दें, कई दिनों से दिल्ली के नाम बदलने को लेकर घमासान मचा हुआ है. विश्व हिंदु परिषद की ओर से यह मांग कई बार की जा चुकी है. वहीं चांदनी चौक से सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने कुछ दिनों पहले कहा था कि, हम आने वाले समय में दिल्ली सरकार नहीं, बल्कि इंद्रप्रस्थ सरकार सुनेंगे, यही हमारा लक्ष्य है.&nbsp;</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>विश्व हिंदु परिषद ने रखी कई मांगे</h3>
<p style=”text-align: justify;”>मंत्री कपिल मिश्रा को लिखे गए पत्र में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम बदलने की मांग भी रखी गई है. एयरपोर्ट को नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ एयरपोर्ट रखा जाना चाहिए. वहीं दिल्ली रेलवे स्टेशन को इंद्रप्रस्थ रेलवे स्टेशन और शाहजहांनाबाद पुनर्विकास निगम को इंद्रप्रस्थ पुनर्विकास निगम किया जाना चाहिए.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>नाम बदलने को लेकर पत्र में कहा गया कि दिल्ली का नाम अब बदल जाना चाहिए. क्योंकि राजधानी पुराने इतिहास और संस्कृति से कनेक्ट करती है.&nbsp;</p>

दिल्ली-NCR में कई जगहों पर भयंकर जाम, गाजीपुर में NH-24 पर रेंगती दिखीं गाड़ियां

दिल्ली-NCR में कई जगहों पर भयंकर जाम, गाजीपुर में NH-24 पर रेंगती दिखीं गाड़ियां <p style=”text-align: justify;”>दिल्ली-एनसीआर में दिवाली को लेकर बाजारों में लोगों की काफी भीड़-भाड़ दिख रही है. इस बीच राष्ट्रीय राजधानी और उससे सटे इलाकों में सड़कों पर जबरदस्त ट्रैफिक जाम दिख रहा है. रविवार (19 अक्टूबर) को कई जगहों पर ट्रैफिक जाम की समस्या से यातायात व्यवस्था अस्त-व्यस्त है. भारी संख्या में ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी के बावजूद जाम की समस्या देखने को मिल रही है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>दिवाली सीजन के दौरान गाजीपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग 24 पर भारी ट्रैफिक जाम है. गा़ड़ियों की रफ्तार थम सी गई है. यहां गाड़ियां रेंगती हुईं नजर आ रही हैं. बाइक सवार और अन्य यात्रियों को भारी परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है.&nbsp;</p>
<blockquote class=”twitter-tweet”>
<p dir=”ltr” lang=”en”><a href=”https://twitter.com/hashtag/WATCH?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw”>#WATCH</a> | Heavy traffic congestion at National Highway 24 in Ghazipur as Diwali season is in full swing in Delhi NCR. <a href=”https://t.co/oHvbMR4ery”>pic.twitter.com/oHvbMR4ery</a></p>
&mdash; ANI (@ANI) <a href=”https://twitter.com/ANI/status/1979852712176160779?ref_src=twsrc%5Etfw”>October 19, 2025</a></blockquote>
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<h3 style=”text-align: justify;”>दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर जाम</h3>
<p style=”text-align: justify;”>दिल्ली-यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर रविवार (19 अक्टूबर) को रसूलपुर इलाके में भीषण जाम लग गया. जाम की स्थिति वहां पर ज्यादा दिखी जहां पर कई बड़े शॉपिंग मॉल हैं. आरोप लगता है कि मॉल में खरीददारी के लिए आने वाले लोग अपनी गाड़ियों को हाईवे के किनारे खड़ी कर देते हैं, जिससे गाड़ियों की आवाजाही में परेशानी होती है. भारी ट्रैफिक दबाव रहने की वजह से अक्सर यहां जाम जैसी स्थिति बनी रहती है. जाम की वजह से गाड़ियों में सड़क पर फंसे लोग परेशान नजर आए. वहीं स्थानीय व्यापारियों को भी दिक्कतें आईं.&nbsp;</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>दिवाली को लेकर ट्रैफिक का दबाव बढ़ा!</h3>
<p style=”text-align: justify;”>दिल्ली-NCR के कई हिस्सों से लोग दीपावली मनाने के लिए अपने शहर या गांव की ओर जा रहे हैं, इससे भी ट्रैफिक का दबाव बढ़ा है. यमुना एक्सप्रेसवे के जेवर टोल प्लाजा पर रविवार (19 अक्टूबर) को गाड़ियों की लंबी कतार लग गई. टोल पार के लिए भी 10-15 मिनट तक का इंतजार करना पड़ा. इससे पहले शनिवार (18 अक्टूबर) को भी यहां ट्रैफिक जाम की समस्या दिखी.</p>
<p style=”text-align: justify;”>ट्रैफिक आवाजाही और अन्य व्यवस्थाओं पर एडिशनल सीपी दिनेश के गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया था, “ज्यादा से ज्यादा कर्मचारियों को तैनात किया गया है. हमारे अधिकारी फील्ड में भी हैं और लगातार ट्रैफिक व्यवस्था पर नजर रख रहे हैं. हम सड़क पर खड़ी गाड़ियों को हटा रहे हैं और चालान भी कर रहे हैं ताकि लोग गलत जगह पर गाड़ियों को पार्क न करें.”</p>

संत सीचेवाल ने 25 गांवों को दिए पानी टैंकर:कपूरथला-जालंधर जिलों को दिवाली तोहफा, अब तक 215 टैंकर वितरित

संत सीचेवाल ने 25 गांवों को दिए पानी टैंकर:कपूरथला-जालंधर जिलों को दिवाली तोहफा, अब तक 215 टैंकर वितरित राज्यसभा सांसद और पर्यावरण प्रेमी संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने दिवाली के अवसर पर कपूरथला और जालंधर जिलों के 25 गांवों को स्टील के पानी के टैंकर वितरित किए। ये टैंकर निर्मल कुटिया सुल्तानपुर लोधी और सीचेवाल से रवाना किए गए। संत सीचेवाल ने बताया कि उन्होंने अपनी सांसद निधि से ₹7.5 करोड़ की ग्रांट का उपयोग करते हुए अब तक पंजाब के विभिन्न गांवों में कुल 215 पानी की टंकियां वितरित की हैं। यह पहल पवित्र काली बेई की सफाई सेवा के 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा है। गांववासियों और सरपंचों की प्रतिक्रिया गांवों के सरपंचों ने इन स्टील टंकियों को एक स्थायी उपहार बताया। उन्होंने कहा कि इन टंकियों से गांवों में पानी की कमी दूर होगी, पौधों को पानी देने और आग बुझाने में मदद मिलेगी। साथ ही, धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान होने वाली पानी की समस्या भी अब हल हो जाएगी। संत सीचेवाल ने दिया हरी दिवाली का संदेश इस अवसर पर संत सीचेवाल ने गांववासियों को दिवाली और बंदी छोड़ दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने लोगों को ‘हरी दिवाली’ मनाने का संदेश भी दिया। इसके अलावा उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही 50 और टंकियां वितरित की जाएंगी, जिनमें दलित समुदाय और बाढ़ प्रभावित गांवों को प्राथमिकता दी जाएगी। जिन गांवों को टंकियां वितरित की गईं कपूरथला जिले के गांव आहली कलां, बहिबल बहादर, सिधवा दोना, सुखानी, कौल तलवंडी, खैड़ा दोना, झल्ल बीबड़ी, मुस्तफाबाद, टिब्बा, ईश्वरवाल, मेवा सिंह वाला, महबलीपुर, डबुलियां।जालंधर जिले के गांव: कसूपुर, उमरवाला बिल्ला, मानकपुर, बाजवा खुर्द, मूलेवाल खहेड़ा, मूलेवाल अराइयाँ, खानपुर राजपूताना, तलवंडी सलेम समाइलपुर, पंडोरी खास, बाड़ा जोध सिंह, ईसेवाल। कुछ दिन पहले भी संत सीचेवाल ने कपूरथला के जैनपुर, हैबतपुर, तलवंडी चौधरियां और शाहवाला आंद्रेसा गांवों को पानी के टंकियां प्रदान की थीं। कार्यक्रम में सुरजीत सिंह शंटी, वाइस चेयरमैन हरजिंदर सिंह, पंचायत सचिव जसविंदर सिंह और इलाके के कई पंच-सरपंच तथा प्रमुख व्यक्ति उपस्थित थे।