अपर्णा यादव के विरोध पर अनुभव बस्सी का शो रद्द:लखनऊ पुलिस ने नहीं दी NOC, महिला आयोग उपाध्यक्ष ने कहा था- अश्लील कंटेंट बनाते हैं

अपर्णा यादव के विरोध पर अनुभव बस्सी का शो रद्द:लखनऊ पुलिस ने नहीं दी NOC, महिला आयोग उपाध्यक्ष ने कहा था- अश्लील कंटेंट बनाते हैं लखनऊ में शनिवार को होने वाला कॉमेडियन अनुभव सिंह बस्सी का शो रद्द हो गया है। महिला आयोग की उपाध्यक्ष अर्पणा यादव की आपत्ति के बाद शो को रद्द किया गया है। अर्पणा ने कहा था- बस्सी अश्लील कंटेंट बनाते हैं। उन्होंने कहा था- मेरी मांग है कि शो में अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने वाले स्टैंड अप कॉमेडी शो को अनुमति नहीं मिले। साथ ही सभी के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जाए। क्योंकि कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता किसी भी तौर पर स्वीकार नहीं है। पुलिस ने NOC नहीं दी पुलिस ने शो के लिए NOC नहीं दी है। इसके बाद अनुभव सिंह बस्सी की टीम शनिवार सुबह इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान पहुंची। इस दौरान LDA की टीम ने अनुभव सिंह की टीम को वापस लौटा दिया। मामले में LIU और विभूतिखंड थाने की पुलिस ने भी शो को कैंसिल करने की मांग उठाई थी। इस दौरान आज लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में दो शो अनुभव सिंह बस्सी के प्रस्तावित थे। एक शो तीन बजे से दूसरा 7 बजे से था। महिला आयोग ने DGP को लिखा था पत्र महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने DGP को पत्र लिखकर कहा था कि अनुभव सिंह का यूट्यूब चैनल देखने के बाद पता चला कि वह महिलाओं को गाली देते हैं। मजाक उड़ाते हैं, इस दौरान अपर्णा यादव ने कहा कि महिला आयोग के सामने ही कार्यक्रम का आयोजन कर महिलाओं को ही गाली दी जाएगी। इसके लिए डीजीपी प्रशांत कुमार को पत्र लिख कर शो को निरस्त करने की मांग की गई थी। इंडिया गॉट लेटेंट शो पर भी की बात लेटेंट इंडिया शो पर रणवीर इलाहाबादिया द्वारा मां-बाप पर की गई अभद्र टिप्पणी का मुद्दा भी उन्होंने उठाया। उपाध्यक्ष ने कहा- एक समय था जब रणवीर के काम के लिए प्रधानमंत्री ने सम्मानित किया था। उस समय वह साधना, अघोर मेडिटेशन पर बात कर रहे थे। लेकिन आज उनमें नैतिक गिरावट आई है। देवी पर बात करते हैं, लेकिन मां पर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। ………………………. यह खबर भी पढ़े अपर्णा यादव बोलीं- कॉमेडियन अनुभव का शो नहीं होने देंगे:बोलीं- महिलाओं को गाली देते हैं, सीएम से शिकायत करेंगे राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने अनुभव सिंह बस्सी के कॉमेडी शो को रद्द करने की मांग की है। अर्पणा ने कहा- 15 फरवरी को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में कार्यक्रम है। उनका यूट्यूब चैनल देखने के बाद पता चला कि वह महिलाओं को गाली देते हैं। मजाक उड़ाते हैं। यहां पढ़े पूरी खबर

मंत्री नहीं बना तो जनेऊ चढ़ाकर भाजपा को श्राप दूंगा:DM मैडम की मीटिंग में किरकिरी; दूल्हे-दुल्हन को सांसद ने सोहर सुनाया

मंत्री नहीं बना तो जनेऊ चढ़ाकर भाजपा को श्राप दूंगा:DM मैडम की मीटिंग में किरकिरी; दूल्हे-दुल्हन को सांसद ने सोहर सुनाया यह बात खरी है… इसमें आप देखेंगे यूपी की राजनीति और सरकारी विभागों में अंदरखाने चल क्या रहा है? ऊपर VIDEO पर क्लिक करें…

यूपी की बड़ी खबरें:बरेली में युवक की मौत पर परिजन का हंगामा, बोले- ये मर्डर है, दोस्तों के साथ पार्टी करने गया था

यूपी की बड़ी खबरें:बरेली में युवक की मौत पर परिजन का हंगामा, बोले- ये मर्डर है, दोस्तों के साथ पार्टी करने गया था बरेली में दोस्तों के साथ पार्टी करने गए युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने रात में सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। लोगों से बात कर स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन परिजन हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराने की मांग पर अड़े रहे। उन्होंने कहा- ये मर्डर है। यहां पढ़ें पूरी खबर शिक्षा विभाग के 44 DIOS समेत 100 अफसरों को नोटिस, 7 दिन में मांगा जवाब राजकीय और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के निरीक्षण में लापरवाही करने पर 44 जिला विद्यालय निरीक्षकों सहित शिक्षा विभाग के 100 अधिकारियों को नोटिस दिया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक महेंद्र देव ने नोटिस देकर सात दिन में जवाब तलब किया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से डीआईओएस, संयुक्त मंडलीय शिक्षा निदेशक और उप निदेशक को हर महीने स्कूलों के निरीक्षण का लक्ष्य दिया गया है। डीआईओएस को हर महीने 20-20 स्कूलों और अन्य अधिकारियों को दस-दस स्कूलों का निरीक्षण करना है। सभी अधिकारियों को स्कूलों का निरीक्षण कर रिपोर्ट परख एप पर अपलोड करनी होती है। जनवरी महीने की समीक्षा में सामने आया है कि लखनऊ, अमेठी, अयोध्या, बाराबंकी, सुल्तानपुर, रायबरेली, गोंडा, आगरा, देवरिया, सोनभद्र, मुरादाबाद सहित 40 डीआईओएस ने निरीक्षण लक्ष्य पूरा नहीं किया है। 51 जिलों के जिला समन्वयकों को भी नोटिस जारी किया है। उन्होंने जवाब मांगा है कि निरीक्षण का लक्ष्य क्यों पूरा नहीं किया। इन जिलों के डीआईओएस को मिला नोटिस
आगरा, मैनपुरी, अलीगढ़, हाथरस, कौशांबी, प्रयागराज, अंबेडकर नगर, अमेठी, अयोध्या, बाराबंकी, सुल्तानपुर, बलिया, बरेली, शाहजहांपुर, संतकबीर नगर, सिद्धार्थनगर, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, बहराइच, बलरामपुर, गोंडा, श्रावस्ती, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, महराजगंज, जालौन, झांसी, औरेया, इटावा, कानपुर देहात, हरदोई, लखीमपुर खीरी, लखनऊ, रायबरेली, बागपत, बुलंदशहर, गौमतबुद्धनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, चंदौली, गाजीपुर और सोनभद्र। मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक – अलीगढ़, प्रयागराज, अयोध्या, आजमगढ़, गोरखपुर, लखनऊ, सहारनपुर और वाराणसी। मंडलीय उप शिक्षा निदेशक – आगरा, अलीगढ़, प्रयागराज, आजमगढ़, बस्ती, देवीपाटन, गोरखपुर, कानपुर, मुरादाबाद, सहारनपुर और वाराणसी। जिला विद्यालय निरीक्षक द्वितीय – मेरठ, आगरा, मुरादाबाद, वाराणसी, प्रयागराज और कानपुर नगर। जिला समन्यक – आगरा, मथुरा, अलीगढ़, एटा, हाथरस, कासगंज, फतेहपुर, कौशांबी, प्रयागराज, अंबेडकर नगर, अयोध्या, बाराबंकी, सुल्तानपुर, बलिया, बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बस्ती, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, बहराइच, श्रावस्ती, देवरिया, गोरखपुर, जालौन, झांसी, ललितपुर, औरेया, इटावा, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, रायबरेली, सीतापुर, उन्नाव, बुलंदशहर, गाजियाबाद, अमरोहा, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, संभल, मुजफ्फरनगर, शामली, चंदौली और सोनभद्र। 50 लाख लेन-देन का मामला, फतेहपुर भाजपा जिलाध्यक्ष के खिलाफ जांच शुरू भाजपा जिलाध्यक्ष बनाने के लिए 50 लाख रुपए के लेनदेन की शिकायत के बाद पार्टी ने फतेहपुर के जिलाध्यक्ष मुखलाल पाल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। पार्टी के प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला ने बताया कि मुखलाल पाल के आचरण को पार्टी विरोधी मानते हुए नोटिस जारी किया है। 7 दिन में जवाब देना होगा। जवाब संतोषजनक नहीं होने पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, भाजयुमो के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष अजित कुमार गुप्ता ने आरोप लगाया है कि मुखलाल पाल ने पार्टी में पद दिलाने के नाम पर पार्टी फंड में 50 लाख रुपए जमा कराने की मांग की। मुखलाल पाल को 50 लाख रुपए नकद दिए गए, लेकिन उन्होंने फंड में जमा नहीं कराए। उन्होंने पार्टी से विश्वासघात कर पैसा अपने पास रख लिया। बदायूं में अभिताभ बच्चन के दामाद समेत 9 पर FIR बदायूं में अमिताभ बच्चन के दामाद व एस्कॉर्ट ट्रैक्टर कंपनी के मालिक निखिल नंदा समेत नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। नंदा समेत कंपनी के अधिकारियों पर आरोप है कि ये सभी सेल बढ़ाने के लिए एजेंसी संचालक को मेंटली टॉर्चर करते थे। एजेंसी बंद करने की धमकी देते थे। जिससे तंग आकर एजेंसी संचालक जितेंद्र ने सुसाइड कर लिया। पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया तो जितेंद्र के भाई ज्ञानेंद्र ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर शुक्रवार को दातागंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई हुई है, लेकिन कौन कितना दोषी है, यह जांच में पता लगेगा। निखिल नंदा कौन हैं, यह भी विवेचना का विषय है। पूरी खबर पढ़िए इटावा में गोमती एक्सप्रेस के नीचे फंसा टेक्नीशियन, 50 मीटर घिसटा, डिप्टी एसएस सस्पेंड इटावा जंक्शन पर रेलवे परिचालन विभाग की लापरवाही के कारण एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। शुक्रवार को लखनऊ से दिल्ली जा रही गोमती एक्सप्रेस में ब्रेक बाइंडिंग की समस्या के चलते एक रेल कर्मचारी की जान खतरे में पड़ गई। गोमती एक्सप्रेस के डी-7 कोच में आई ब्रेक बाइंडिंग की समस्या को ठीक करने के लिए तीन टेक्नीशियन काम कर रहे थे। इसी दौरान बिना किसी सूचना के ट्रेन को सिग्नल दे दिया गया। दो कर्मचारी तो किसी तरह बच निकले, लेकिन टेक्नीशियन हरफूल ट्रेन के नीचे फंस गया और लगभग 50 मीटर तक घिसटता रहा। भाग्यवश उसने लोहे की रॉड पकड़ ली, जिससे उसकी जान बच गई। यात्रियों की सूझबूझ से चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोका गया। पढ़ें पूरी खबर… गाजीपुर में सवारियों से भरी बस पलटी, एक की मौत;12 से अधिक यात्री घायल गाजीपुर में यात्रियों से भरी एक बस महाराजगंज के पास बेकाबू होकर पलट गई। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं 12 से अधिक यात्री घायल हो गए। स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को बचाने में जुट गए। लोगों की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। वहीं मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पढ़िए पूरी खबर तेज रफ्तार बस ने बाइक को मारी टक्कर; सास-बहू और बेटे की मौत, तेरहवीं में शामिल होने जा रहे थे लखीमपुर खीरी में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई। यह घटना खैयां क्षेत्र के पास हुई, जहां एक तेज रफ्तार बस ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक पर सवार दो महिलाओं सहित तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक बच्चा सुरक्षित बच गया है। घटना की सूचना मिलते ही फूलबेहड़ पुलिस मौके पर पहुंची। पढ़िए पूरी खबर वाराणसी में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़; जवाबी फायरिंग में एक आरोपी घायल वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र में शनिवार तड़के पुलिस और बदमाशों में मुठभेड़ हो गई। बाइक सवार बदमाश ने गश्त करके थाने लौट रही पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। एसओ सारनाथ समेत पूरी टीम बाल-बाल बच गई। पुलिस ने बाइक का पीछा कर सिंहपुर अंडरपास पर घेर लिया। बदमाश ने फिर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाश के दाहिने पैर में गोली लग गई। घायल बदमाश विशाल को तुरंत नरपतपुर सीएचसी में भर्ती कराया गया। पढ़िए पूरी खबर मेरठ में टायर गोदाम में भीषण आग, दमकल की 6 गाड़ियों ने पाया काबू मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र स्थित बागपत गेट पर शुक्रवार देर रात टायर के गोदाम में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल गोदाम मालिक और दमकल विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची दमकल विभाग की 6 गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पढ़िए पूरी खबर अशरफ के करीबी इरफान को हाईकोर्ट से सशर्त जमानत इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अतीक अहमद के भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ के करीबी इरफान की जमानत अर्जी सशर्त मंजूर कर ली। यह आदेश न्यायमूर्ति राजबीर सिंह ने इरफान की अर्जी पर दिया। बरेली के विधरी चैनपुर थाने में अशरफ के साले सद्दाम व अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है। आरोप है कि सद्दाम व अन्य लोग अशरफ को जेल में सुविधाएं उपलब्ध कराते थे। साथ ही बिना पर्ची व जेल नियमों के विपरीत बाहरी व्यक्तियों की मुलाकात कराते थे। विवेचना के दौरान इरफान का नाम सामने आने पर पुलिस ने उसे भी मामले में आरोपी बनाया। पढ़िए पूरी खबर निकाह के 9 साल बाद पत्नी को दिया तीन तलाक; संतान नहीं होने का ताना मारा कानपुर के नवाबगंज में रहने वाले एक व्यक्ति ने फ्लैट की डिमांड पूरी नहीं होने और बच्चे नहीं होने पर 9 साल बाद पत्नी को तीन तलाक दे दिया। पहले पत्नी को छोड़कर विदेश चला गया, वहां से लौटकर आया तो दहेज में फ्लैट नहीं देने और संतान नहीं होने की बात कहकर तीन तलाक दे दिया। शातिर ने पहली शादी छिपाकर दहेज के लालच में दूसरा निकाह किया था। नवाबगंज पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। पढ़िए पूरी खबर मेरठ के गुदड़ी बाजार ट्रिपल मर्डर के 6 दोषियों को सेंट्रल जेल भेजा; कोर्ट ने 10 दोषियों को सुनाई थी उम्रकैद की सजा मेरठ कोतवाली के गुदड़ी बाजार में तिहरे हत्याकांड के 6 दोषियों को मेरठ जेल से आगरा सेंट्रल जेल भेज दिया गया है। तिहरे हत्याकांड में कोर्ट ने अगस्त 2024 को 10 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। जिन कैदियों काे सेंट्रल जेल भेजा गया है उनमें इजहार, देवेंद्र आहूजा, वसीम, अब्दुल रहमान उर्फ कलुवा, बदरुद्दीन और रिजवान शामिल हैं। इजलाल कुरैशी, उसके भाई अफजाल और महराज व शीबा सिरोही अभी भी मेरठ जेल में हैं। मृतकों के परिजनों का कहना है कि चारों दोषियों को भी सेंट्रल जेल भेजा जाए। पढ़िए पूरी खबर

सीएम योगी ने बच्चों को चॉकलेट देकर पुचकारा:काशी विश्ननाथ का अभिषेक-श्रृंगार किया; क्रूज से 84 घाटों को देखा

सीएम योगी ने बच्चों को चॉकलेट देकर पुचकारा:काशी विश्ननाथ का अभिषेक-श्रृंगार किया; क्रूज से 84 घाटों को देखा सीएम योगी आदित्यनाथ शनिवार को काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। बाबा विश्वनाथ का अभिषेक और श्रृंगार किया। काल भैरव की आरती उतारी। परिसर में मौजूद भक्तों से बात कर मंदिर की व्यवस्थाएं जानी। बच्चों को चॉकलेट देकर उन्हें पुचकारा और उनसे बातचीत भी की। इसके बाद सीएम योगी ने नमो घाट से क्रूज पर सवार होकर 84 घाटों को देखा। घाट पर खड़े लोगों का हाथ हिलाकर अभिवादन स्वीकार किया। इससे पहले सीएम योगी ने काशी का हवाई सर्वेक्षण किया। उनका हेलीकाप्टर पुलिस लाइंस में लैंड किया। काशी के सांसद, विधायक और संगठन के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। सीएम योगी ने काशी तमिल संगमम का उद्घाटन किया। यह तीसरा मौका है, जब काशी में तमिल संगमम हो रहा है। इस बार के संगमम में पीएम मोदी नहीं पहुंचे हैं। सीएम योगी ने दक्षिण भारत के 200 डेलीगेट्स से मुलाकात की। योगी के काशी दौरे की पल-पल की अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

प्रयागराज में सड़क हादसे में 10 की मौत:बोलेरो की बस से टक्कर, 19 घायल; छत्तीसगढ़ से महाकुंभ स्नान के लिए आ रहे थे

प्रयागराज में सड़क हादसे में 10 की मौत:बोलेरो की बस से टक्कर, 19 घायल; छत्तीसगढ़ से महाकुंभ स्नान के लिए आ रहे थे यूपी के प्रयागराज में भीषण सड़क हादसा हुआ है। यहां बुलेरो की बस से टक्कर हो गई। हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई। 19 घायल हैं। हादसा प्रयागराज-मिर्जापुर हाईवे पर मेजा इलाके में हुआ। पुलिस के मुताबिक, छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से श्रद्धालु संगम में स्नान करने के लिए आ रहे थे। रात करीब 2 बजे बुलेरो की बस से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बुलेरो का अगला हिस्सा टूट गया। पूरी बुलेरो पिचक गई। सभी मृतक बुलेरो में सवार थे। पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। इस खबर को अपडेट किया जा रहा है…

राइटर नदीम ने सुसाइड नहीं किया, घर से भागा:हिंदू लड़की से अफेयर, इस्लाम से हिंदू धर्म की तरफ बढ़ने लगा था

राइटर नदीम ने सुसाइड नहीं किया, घर से भागा:हिंदू लड़की से अफेयर, इस्लाम से हिंदू धर्म की तरफ बढ़ने लगा था मेरठ में स्क्रिप्ट राइटर नदीम के लापता होने के मामले में नया मोड़ आया है। पुलिस जांच में सामने आया कि नदीम गंग नहर में कूदा ही नहीं, बल्कि घर से भागा है। परिजनों से नए सिरे से पूछताछ हुई, तब उन्होंने बताया कि नदीम का हिंदू लड़की कल्पना (बदला हुआ नाम) से लव अफेयर था। वह उससे शादी करना चाहता था। मगर कल्पना के घर वाले तैयार नहीं थे। रिश्तेदारों ने भी बयान दिया कि कल्पना के चक्कर में नदीम ने यह कदम उठाया है। नदीम की स्टोरी को समझने के लिए दैनिक भास्कर एप टीम कंकरखेड़ा इलाके के लाला मोहम्मदपुर में पहुंची। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पहले एक नजर में 11 फरवरी की घटना… पापा को फोन किया- अब जीना नहीं चाहता
लाला मोहम्मदपुर में रहने वाले नूर इस्लाम के पास 11 फरवरी की दोपहर में उनके बेटे नदीम की कॉल आई। उसने कहा- मैं गंग नहर के पास खड़ा हूं, पापा…अब मैं जिंदगी से हार चुका हूं, इसलिए जा रहा हूं, अब आपसे कभी नहीं मिलूंगा। यहां मेरी कार, मोबाइल, पर्स है। आकर ले जाना। इतना कहकर नदीम ने कॉल डिस्कनेक्ट कर दी। 3 दिन 10KM रेंज में सर्च ऑपरेशन चला
जब परिवार के लोग गंग नहर के पूठखास पुल के पास पहुंचे। तब वहां पर नदीम की होंडा सिटी कार खड़ी मिली। आस-पास नदीम को तलाशा गया, उसका सामान तो मिल गया, मगर नदीम का कुछ पता नहीं चला। परिवार ने पुलिस से मदद मांगी। रोहटा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने नहर के अंदर 10 KM की रेंज में 3 दिन सर्च ऑपरेशन चलाया। मगर नदीम की बॉडी नहीं मिली। नहर की तरफ आने वाले रास्तों के CCTV देखे गए। मगर नदीम का कुछ पता नहीं चला। सिर्फ उसकी कार मंगलवार सुबह नहर की तरफ जाती हुई दिखी। इसके बाद कोई संदिग्ध व्यक्ति या गाड़ी पुलिस को नजर नहीं आई। जबकि नदीम की बॉडी नहर में नहीं मिली, माना जा रहा है कि वह नहर में कूदा नहीं, बल्कि कहीं चला गया। क्योंकि CCTV सिर्फ रोड पर लगे हैं, जबकि वहां से जाने के कई कच्चे रास्ते हैं। घर पहुंचने के बाद जो सामने आया, वो पढ़िए… नदीम के कमरे में पूजा की अलमारी
जब टीम नदीम के कमरे में पहुंची। वहां एक अलमारी में दुर्गा मां की प्रतिमा, साई बाबा की तस्वीर लगी थी। पास में दीएं रखे थे। भाई शाहदार आलम ने बताया कि नदीम गले में रुद्राक्ष की माला पहनने लगा था। पूजा करता था, ध्यान लगाता था। नमाज पढ़ना बंद कर दी थी। वह धीरे-धीरे इस्लाम से हिंदू धर्म की तरफ बढ़ने लगा था। भाई ने कहा- कल्पना के चक्कर में नदीम चला गया
हमारा सवाल था कि आखिर ऐसा क्यों हुआ? जवाब में शाहदार ने कहा- कल्पना की वजह से नदीम घर से भागा है। ये कल्पना कौन है? भाई ने कहा- वह कल्पना से प्यार करता है। उसी के चक्कर में वो नहर में कूदा है या कहीं चला गया। दोनों का अफेयर चल रहा था। दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते हैं। इस मोहब्बत के बारे में जब दोनों परिवारों को पता चला। तब परिवार के लोगों ने दोनों को समझाया, मगर ये लोग नहीं माने। दरअसल, नदीम के पिता गांव में दवाओं का व्यवसाय करते हैं। कल्पना के पिता भी गांव में डॉक्टर हैं। 8 दिन पहले नदीम के मम्मी-पापा कल्पना के घर रिश्ता लेकर गए थे। मगर लड़की के घरवालों ने दूसरे धर्म में शादी से मना कर दिया। ये अलग बात है कि नदीम से शादी करने के लिए लड़की तैयार थी। कल्पना के घरवालों ने नदीम के परिजनों को खाली हाथ लौटा दिया। तभी से नदीम परेशान था। वो शादी करना चाहता था, लेकिन उसके घरवाले नहीं माने। शाहदार आलम ने कहा- बेटा तो हिंदू धर्म को स्वीकार करने को भी तैयार था। नदीम अक्सर दुर्गा माता और हिंदू भगवानों की पूजा करता। उसके कमरे में हिंदू-देवी देवताओं की मूर्तियां भी रखी रहती हैं। उसके सामने दीपक जलाता था। अपने अधूरे प्यार पर नॉवेल लिखा
शाहदार ने बताया कि नदीम इन दिनों एक रोमांटिक नॉवेल लिख रहा था, जिसका टाइटल एक अधूरे प्यार की कहानी पर रखा था। दरअसल, नदीम के अपने अधूरे प्यार की कहानी है। जिसमें उसने अपनी लवस्टोरी को लिखा है। इसी नॉवेल को वो पूरा करना चाहता था। इसका कवर पेज भी उसने डिजायन कर लिया था। वेलेंटाइन डे पर करनी थी शादी
नदीम और उसकी गर्लफ्रेंड की 14 फरवरी वेलेंटाइन डे के दिन हिंदू रीति रिवाज से मंदिर में शादी करने की प्लानिंग थी। नदीम धर्म परिवर्तन के लिए भी तैयार था। इसलिए शायद नदीम घर से भाग गया है और नहर में कूदकर सुसाइड का नाटक कर रहा है। बड़ा लेखक बनना चाहता था नदीम
नदीम के मौसी के लड़के मोहम्मद शाहिद ने कहा- नदीम स्क्रिप्ट राइटर है। उसका सपना उपन्यासकार और फिल्मों में लेखक बनना है। सुभारती यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म की पढ़ाई की, अपना यूट्यूब चैनल भी चलाता है। ऑनलाइन शायरियां भी लिखता है। नदीम ने सुसाइड किया या कहीं चला गया, अभी क्लियर नहीं
SP देहात राकेश कुमार मिश्र ने कहा- नदीम की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखी गई है। उसे CCTV की मदद से तलाशा गया। परिजनों, दोस्तों से पूछताछ भी की जा रही है। उसका मोबाइल नहर किनारे मिला है। वही उसकी लास्ट लोकेशन मिली है। नहर में भी लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया गया। मगर उसका कहीं पता नहीं चला। उसने सुसाइड किया है या कहीं चला गया है, यह अभी क्लियर नहीं कह सकते। दोस्तों से पूछताछ की जा रही है। —————————– ये भी पढ़ें: रेशमा खान ने सेक्स रैकेट को नेटवर्क मार्केटिंग जैसा बढ़ाया: गोरखपुर से नेपाल तक 300 लड़कियां, हर एक को 2-3 लड़की लाने का टारगेट रेशमा खान…गोरखपुर में एक ऐसा नाम है, जो लड़कियों को बहला-फुसलाकर देह व्यापार में धकेल रही थी। उसने जिस्म-फरोशी का अपना नेटवर्क खड़ा कर लिया था। मास्टरमाइंड रेशमा अब पुलिस की गिरफ्त में है। उसके साथी मुस्कान और श्रेय शुक्ला समेत 14 लोगों को जेल भेजा जा चुका है। रेशमा ने पुलिस कस्टडी में कई राज उगले हैं। पढ़िए पूरी खबर…

UP BOARD-12वीं के एग्जाम की तैयारी स्पेशल:हिंदी के पेपर में कोई सवाल मत छोड़े, रूपरेखा बनाकर निबंध लिखे

UP BOARD-12वीं के एग्जाम की तैयारी स्पेशल:हिंदी के पेपर में कोई सवाल मत छोड़े, रूपरेखा बनाकर निबंध लिखे यूपी बोर्ड की 12वीं परीक्षा में अब हिंदी के पेपर में भी खूब नंबर मिलते हैं। पेपर पैटर्न में बदलाव होने के बाद ये संभव हुआ है। व्याकरण से लेकर ऑब्जेक्टिव टाइप सवालों का आसानी से जवाब देकर हाई स्कोर हासिल किया जा सकता है। पर इसके लिए कुछ बेसिक बातों को ध्यान में रखना होगा। इसमें सबसे अहम ये है कि सभी सवालों को जरूर अटेंप्ट करें। साथ ही कोई सवाल अधूरा जवाब देकर मत छोड़े और एग्जाम के दौरान सही तरीके से टाइम मैनेजमेंट करें। ये कहना है कि यूपी बोर्ड की हिंदी एक्सपर्ट नम्रता कुशवाहा का। उन्होंने बताया कि परीक्षा कक्ष में जाते समय अपना मनोबल हमेशा ऊंचा रखें। पॉइंट्स में सब हैडिंग के साथ जवाब देंगे तो बेहतर अंक जरूर मिलेंगे। कैंपस@लखनऊ सीरीज के 116वें एपिसोड में लखनऊ के राजकीय इंटर कॉलेज, शाहमीना रोड की हिंदी प्रवक्ता नम्रता कुशवाहा से खास बातचीत.. नम्रता कहती हैं कि हिंदी के पेपर में रूपरेखा सहित निबंध लिखें। इसमें रूपरेखा को इग्नोर मत करें। इसके अलावा निबंध में कोटेशन जरूर डालें या फिर कोई प्रसिद्ध कथन, या किसी विचारक की युक्तियों को जरूर शामिल करें। साहित्यिक परिचय और जीवन परिचय में फर्क समझें साहित्यिक परिचय और जीवन परिचय के बीच के फर्क को समझें और जब साहित्यिक परिचय मांगा गया है तो उसके भाव पक्ष, कला पक्ष और हिंदी लिटरेचर या साहित्य में उनका जो योगदान है, उसे जरूर शामिल करें।

महाकुंभ में त्रिजटा स्नान का विशेष महत्व:आज डुबकी लगाकर संत और श्रद्धालु महाकुंभ को पूर्णाहुति देंगे, 3 दिन का होता है संकल्प

महाकुंभ में त्रिजटा स्नान का विशेष महत्व:आज डुबकी लगाकर संत और श्रद्धालु महाकुंभ को पूर्णाहुति देंगे, 3 दिन का होता है संकल्प महाकुंभ में संगम की रेती पर कल्पवासियों के लिए पुण्य अर्जन का सिलसिला अभी जारी है। माघ पूर्णिमा के बाद भी हजारों श्रद्धालु तीन दिनों तक त्रिजटा स्नान कर अपने आध्यात्मिक संकल्प को पूरा कर रहे हैं। त्रिजटा स्नान का महत्व उन श्रद्धालुओं के लिए है जो माघ पूर्णिमा के बाद भी संगम में स्नान कर अपनी धार्मिक मान्यताओं को निभाते हैं। मान्यता है कि त्रिजटा स्नान से पूरे माघ मास के स्नान का पुण्य प्राप्त होता है। ‘त्रिजटा’ का अर्थ है 3 धाराएं– गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती। इस स्नान को कर्म, भक्ति और ज्ञान का संगम भी माना जाता है, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है। कल्पवासियों के लिए क्यों जरूरी है यह स्नान?
कल्पवासी पूरे माह संयम, साधना और तपस्या के साथ संगम की रेती पर भूमि शयन करते हैं। वे अपनी साधना में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने देना चाहते, इसलिए पूर्णिमा स्नान के बाद भी तीन दिनों तक स्नान करते हैं। त्रिजटा स्नान को अधूरे स्नान की पूर्ति के रूप में भी देखा जाता है, जिससे कल्पवास का संकल्प पूरा होता है। महाशिवरात्रि स्नान के बाद घटेगी भीड़
महाकुंभ में भले ही प्रमुख स्नान समाप्त हो चुके हों, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था की लहर अब भी संगम की ओर उमड़ रही है। घाटों पर हजारों श्रद्धालु स्नान कर रहे हैं, और हर दिन इस संख्या में वृद्धि हो रही है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, महाशिवरात्रि स्नान के बाद ही कुंभ की भीड़ में कमी आएगी। श्रद्धालुओं की आस्था, VIP हस्तियों का जमावड़ा
महाकुंभ केवल आम श्रद्धालुओं के लिए नहीं, बल्कि राजनेताओं, फिल्मी हस्तियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। संगम में पुण्य की डुबकी लगाने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिससे प्रयागराज की रेती एक बार फिर आध्यात्मिक आस्था का भव्य संगम बन गई है। महाकुंभ 2025 का यह दिव्य आयोजन त्रिजटा स्नान और महाशिवरात्रि स्नान के साथ अपनी पूर्णता की ओर अग्रसर है। श्रद्धालुओं के लिए यह अवसर अद्वितीय और अविस्मरणीय बना रहेगा।

सहारनपुर में सांसद का बयान-वक्फ हमारे लिए फर्ज:इमरान मसूद बोले-वक्फ बोर्ड को बर्बाद किया जा रहा है, मुसलमानों को कर रहे टारगेट

सहारनपुर में सांसद का बयान-वक्फ हमारे लिए फर्ज:इमरान मसूद बोले-वक्फ बोर्ड को बर्बाद किया जा रहा है, मुसलमानों को कर रहे टारगेट सहारनपुर में वक्फ कानून को लेकर जारी बयानबाजी से माहौल गर्म हो गया है। मुस्लिम समुदाय इसे अपने धार्मिक अधिकारों पर हमला बता रहा है, वहीं भाजपा नेता इसे “सरकारी संपत्तियों को मुक्त कराने की कार्रवाई” बता रहे हैं। वक्फ बोर्ड कानून को लेकर मुस्लिम नेता, धर्मगुरु और भाजपा नेताओं की बयानबाजी चल रही है। सांसद इमरान मसूद भाजपा सरकार पर ठीकरा फोड़ रहे। उन्होंने कहा-मुसलमानों को टारगेट वक्फ बोर्ड को बर्बाद किया जा रहा है। वहीं मुस्लिम धर्मगुरु कारी इसहाक गौरा ने वक्फ की संपत्ति को अल्लाह की संपत्ति बता दिया। वहीं भाजपा नेता चौधरी अजीत सिंह ने अल्लाह की संपत्ति के कागज भी मांग लिए। पढ़िए…कांग्रेस से सांसद इमरान मसूद का बयान
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने वक्फ बोर्ड से जुड़े मामलों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि संविधान ने हमें धार्मिक स्वतंत्रता दी है, लेकिन अब उस पर सीधा हमला किया जा रहा है। धारा 14, 15 और 29 के तहत हमें अपने धार्मिक कृत्यों और संस्थाओं के प्रबंधन की पूरी आजादी है, लेकिन सरकार वक्फ संपत्तियों को निशाना बना रही है। “वक्फ हमारे लिए एक फर्ज, सरकार कब्जाधारकों के साथ खड़ी”
इमरान मसूद ने कहा-वक्फ बोर्ड कोई साधारण संस्था नहीं, बल्कि हमारे लिए एक धार्मिक कर्तव्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करने या कब्जाधारकों को संरक्षण देने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, “आप वक्फ बोर्ड को बर्बाद कर रहे हैं, सारी संपत्तियों पर कब्जा करना चाहते हैं। कब्जाधारकों के साथ खड़े हैं, जो गलत है।” जेपीसी में नहीं हुई प्रक्रियाओं का पालन
इमरान मसूद ने कहा कि संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) में प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि क्लॉस-बाय-क्लॉस चर्चा होनी चाहिए थी, लेकिन 44 क्लॉस को महज डेढ़ घंटे में निपटा दिया गया। उन्होंने सरकार पर जल्दबाजी में फैसले लेने और नफरत का एजेंडा चलाने का आरोप लगाया। “देश में मुसलमानों को टारगेट किया जा रहा है”
मसूद ने कहा कि देश में मुसलमानों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “हिंदुओं को दिखाया जा रहा है कि मुसलमानों का इलाज कर दिया गया है। यही एजेंडा चल रहा है।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नफरत की राजनीति कर रही है, जिससे समाज में विभाजन पैदा हो रहा है। मणिपुर हिंसा के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार
मणिपुर में जारी हिंसा पर भी इमरान मसूद ने सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने डेढ़ साल तक हालात को नजरअंदाज किया, जिससे राज्य में अराजकता फैली। उन्होंने आरोप लगाया कि अब राष्ट्रपति शासन लगाने की बात हो रही है, लेकिन पहले ही मणिपुर को बर्बाद कर दिया गया है। “मस्जिद अवैध नहीं होती”
सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर उन्होंने कहा कि मस्जिद कभी अवैध नहीं होती। यदि किसी मस्जिद की एक इंच जमीन भी अवैध साबित होती है, तो वह मस्जिद नहीं रह जाती। उन्होंने कहा, “जो मस्जिद पर्लियामेंट स्ट्रीट पर बनी है, उसे भी अगर अवैध कहने लगे तो क्या सही होगा? 1911 में जब अधिग्रहण हुआ, तब भी वहां मस्जिद थी।” “मुसलमान यहीं रहेंगे, देश को मोहब्बत से चलाना होगा”
इमरान मसूद ने कहा कि देश में 25 करोड़ मुसलमान रहते हैं और उन्हें कोई देश निकाला नहीं दे सकता। उन्होंने कहा, “हम यहीं रहेंगे, मोहब्बत और शांति के साथ रहेंगे। लड़ाई-झगड़े से देश आगे नहीं बढ़ता, तरक्की केवल एकजुटता से संभव है।” उन्होंने नफरत की राजनीति को देश के लिए खतरनाक बताया और सरकार से संविधान की मूल भावना बनाए रखने की अपील की। पढ़िए..मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना कारी इसहाक गौरा की टिप्पणी “वक्फ संपत्ति अल्लाह की अमानत, छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं” जमीयत दावतुल मुस्लिमीन के संरक्षक और प्रसिद्ध देवबंदी आलिम मौलाना कारी इसहाक गोरा ने संसद में वक्फ संपत्ति से जुड़े बिल को लेकर मचे हंगामे के बीचखुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी। इस बिल का कड़ा विरोध जताते हुए इसे पूरी तरह मुसलमानों के खिलाफ बताया है। मौलाना इसहाक गोरा ने कहा, “वक्फ संपत्ति अल्लाह की अमानत है और इसका गलत इस्तेमाल किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वक्फ संपत्ति का हड़पना सीधा अल्लाह से जंग का ऐलान करने जैसा है।” उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग वक्फ संपत्ति पर कब्जा जमाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। “सरकार वक्फ संपत्ति में छेड़छाड़ न करे”
मौलाना गोरा ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि वक्फ संपत्ति पर किसी भी तरह की छेड़छाड़ न की जाए। उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्ति का इस्तेमाल मदरसों, स्कूलों, अस्पतालों और यतीमखानों के लिए होना चाहिए, न कि किसी अन्य उद्देश्य के लिए। उन्होंने कहा-अगर वक्फ संपत्ति को लेकर सदन में यह बिल पास होता है, तो हम इसका पुरजोर विरोध करेंगे और सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ेंगे। मौलाना गोरा ने उन लोगों पर भी निशाना साधा जो वक्फ संपत्ति के समर्थन में सरकार के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा, “जो लोग इस फैसले का समर्थन कर रहे हैं, वे असल में धर्मगुरु नहीं, बल्कि वक्फ संपत्ति को हड़पने वाले लोग हैं।” मुस्लिम समुदाय के लोग इसे अपने धार्मिक और सामाजिक अधिकारों पर हमला मान रहे हैं। कई मुस्लिम संगठनों ने इस मुद्दे पर सरकार को चेतावनी दी है कि अगर वक्फ संपत्ति पर कोई हस्तक्षेप किया गया, तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। पढ़िए…भाजपा नेता चौधरी अजीत सिंह का पलटवार “अल्लाह की संपत्ति है तो उसके कागजात दिखाए” भाजपा नेता चौधरी अजीत सिंह ने इस मुद्दे पर पलटवार करते हुए कहा, “अगर वक्फ संपत्ति अल्लाह की है तो उसके कागजात दिखाए जाएं।” उन्होंने कहा कि “देश की संपत्ति किसी भी धर्म विशेष की नहीं हो सकती। वक्फ संपत्तियों को माफियाओं ने कब्जा कर रखा था, अब सरकार इन्हें मुक्त कर रही है।” उन्होंने इमरान मसूद पर निशाना साधते हुए कहा, “अगर उनके पास संपत्ति के कागज हैं तो दिखाएं। सरकार इस मुद्दे पर जल्दबाजी में फैसला नहीं कर रही, बल्कि यह एक सोची-समझी नीति के तहत हो रहा है।” उन्होंने कहा-ऐसी कई मस्जिद, मदरसे हैं, जो माफियाओं ने कब्जा करके बेच दी है। माफिया इस संपत्ति को कैसे बेच रहे हैं। उसके कागज भी नहीं है, उनके पास है। भारत इस बात को स्वीकार नहीं है। मुस्लिम धर्मगुरु पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में सभी धर्मों के मानने वाले लोग कहने लगेंगे कि ये संपत्ति हमारे अल्लाह की है। क्या अल्लाह पर संपत्ति के कागज है। संपत्ति के कागज तो सरकार के पास है। सरकार इसे वापस भी ले सकती है। सरकार इसका सद्पयोग करेगी। ये निर्णय जल्दी में नहीं लिया गया है। इसके लिए समिति बनाई गई। समिति में विचार किया गया।

दिल्ली में सीएम का सस्पेंस बरकरार, कुर्सी एक-कई बेकरार !:डर ये कि कहीं बाहर से कोई मनोहर दूल्हा घोड़ी पर सवार होकर दुल्हन न ले जाए!

दिल्ली में सीएम का सस्पेंस बरकरार, कुर्सी एक-कई बेकरार !:डर ये कि कहीं बाहर से कोई मनोहर दूल्हा घोड़ी पर सवार होकर दुल्हन न ले जाए! 8 फरवरी को दिल्ली चुनाव के परिणाम आए। 9 फरवरी को विजयी हुई भाजपा के लोग ढोल-नगाड़ों और बधाइयां लेने-देने में व्यस्त हो गए। लगभग एक सप्ताह का समय बीत चुका है लेकिन दिल्ली में सीएम पद के लिए राजतिलक पर सस्पेंस आज तक बरकरार है। फिलहाल इस सस्पेंस में जीते हुए भाजपा के दिल्ली चुनावों में विजयी हुए विधायकों की स्थिति ‘साजन बिना सुहागन’ जैसी हो गई। ये तो साहब वही बात हो गई कि न हल्दी उतरी, न सिंदूर चढ़ा। हालत इनकी कुछ वैसी शादी की ही है जहां दुल्हन आधा सिंगार किए हुए मंडप पर बैठी है। न ब्याही कही जा सकती, न कंवारी मानी जा सकती है। भाजपा के जीते हुए विधायक अपनी खुशी जाहिर करने के लिए लड्डू बांटना तो दूर, लड्डू देख भी नहीं पा रहे हैं। हर विधायक उम्मीद लगाए बैठा है कि जल्दी उसके मोबाइल पर घंटी बजेगी, उसे आलाकमान द्वारा भारी-भरकम स्वर में बताया जाएगा कि तुरंत मुख्यमंत्री आवास में शिफ्ट कर जाओ। इस चक्कर में सारे के सारे विधायक बार-बार अपना मोबाइल चार्जिंग पर लगा रहे हैं। उन्हें आशंका है कि कहीं ऐसा न हो कि जब उन्हें फोन आए तो उनका फोन ही डिस्चार्ज हो जाए। इस सस्पेंस की हालत ऐसी है कि बेचारे विधायक, न सो पा रहे हैं, न जाग पा रहे हैं। कोई भी विधायक अपनी ही पार्टी के किसी बड़े नेता से भी मिलने नहीं जा पा रहा क्योंकि दिल्ली के राजतिलक पर फिलहाल सस्पेंस रहना जरूरी है। दिल्ली में बिल्कुल स्वयंवर का सा दृश्य है। सभी पराक्रमी राजा सज-धजकर बैठे हैं। दुल्हन के वेश में सजी-धजी राजकुमारी भी लगातार सभी प्रत्याशियों की ओर एकटक निहार रही है, लेकिन स्वयंवर पर फिर भी सस्पेंस है। कुर्सी विधायकों को देखे जा रही है और विधायक कुर्सी को…! उधर जैसे दूल्हा-दुल्हन के लिए लाई गई वरमाला के फूल सूखकर गिरने लगे हैं, राजाओं के कंधे तने-तने थक गए हैं। राजकुमारी का मेकअप उतरने लगा है, लेकिन फिर भी इस स्वयंवर में सस्पेंस बरकरार है। मजे की बात तो यह है कि कोई भी विधायक यह निर्णय नहीं कर पा रहा है कि ताजपोशी के दिन वे किस क्रम पर बैठेंगे। हो सकता है कि शुरुआत वालों पर आलाकमान की निगाहें ही न पड़े और बाद में बैठने का यह रिस्क कि कहीं मुझ तक पहुंचने से पहले ही खोज पूरी न हो जाए। विधायक यह भी तय नहीं कर पा रहे हैं कि उन्हें आगे आलाकमान की ओर आंख उठाकर देखना है या फिर गर्दन नीची किए हुए बैठे रहना है। आंखें मिलाने पर आलाकमान कहीं यह न सोच ले कि अभी तो कुछ बना भी नहीं और आंखे मिला रहा है। आंखें नीची करने पर उनके बारे में यह भी सोच सकते हैं कि यह उन्हें इग्नोर कर रहा है। वे यह भी सोच सकते हैं कि जो खुद को ही नीची निगाह से देख रहा है, वह जनता को किस निगाह से देखेगा। सबने बंद गले का सूट सिलवा रखा है। पर सबके दिल में खटका भी है कि सफल नहीं हुए तो सिलाई के पैसे कहां से आएंगे। एक डर यह भी है कि कहीं हम सब हाथ मलते ना रह जाएं और बाहर से कोई मनोहर दूल्हा घोड़ी पर सवार होकर दुल्हन ले जाए। सबको रह-रहकर शिवराज और वसुंधरा के चेहरे याद आ रहे हैं। क्योंकि आलाकमान कभी गलत हो ही नहीं सकता। भाजपा के कार्यालय में भी दिल्ली के नए मुख्यमंत्री के नाम के कयास लगाए जा रहे हैं। भाजपा को 27 साल बाद दिल्ली में वनवास काल से मुक्ति मिली है। 27 साल बाद दिल्ली में भाजपा की पतझड़ वाली बगिया हरी हुई है। लेकिन यह हरियाली किसके बागों में बहार लाएगी, इस पर सबके मन में टॉस उछल रहे हैं। सबके मन में एक ही गीत गूंज रहा है- ‘मेरा सूना पड़ा रे संगीत, तुझे मेरे गीत बुलाते हैं।’ ————— ये कॉलम भी पढ़ें… चुनाव वोटर की भी चतुराई का इम्तिहान:सफल वोटर वो है जो पता ही ना चलने दे कि किसके साथ है!