स्वच्छता के वर्ल्ड रिकॉर्ड की ओर बढ़ा महाकुंभ:300 कर्मियों ने एक साथ 3 घाटों पर सफाई अभियान चलाया, नदियों के संरक्षण का संदेश दिया

स्वच्छता के वर्ल्ड रिकॉर्ड की ओर बढ़ा महाकुंभ:300 कर्मियों ने एक साथ 3 घाटों पर सफाई अभियान चलाया, नदियों के संरक्षण का संदेश दिया संगमनगरी ऐतिहासिक वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की भी साक्षी बन रही है। 50 करोड़ श्रद्धालुओं के संगम स्नान के वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ ही तीर्थराज ने शुक्रवार को स्वच्छता की दिशा में भी एक अनूठा वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया। इसके तहत, 300 से अधिक स्वच्छताकर्मियों ने एक साथ अलग-अलग घाटों पर गंगा की सफाई कर विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। इस रिकॉर्ड को बनाने के लिए मेला प्राधिकरण की ओर से सभी निर्धारित प्रक्रिया को अपनाया गया। अब गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि इस पूरी प्रक्रिया को वेरिफाई करेंगे और इस रिकॉर्ड को प्रमाणित करने के बाद इसका सर्टिफिकेट प्रदान करेंगे। सर्टिफिकेट प्राप्त होने के बाद यह अपने आप में एक अनूठा रिकॉर्ड होगा, जहां एक साथ इतने सफाई कर्मियों ने अलग-अलग घाटों पर आधे घंटे से ज्यादा समय तक नदी की सफाई का अभियान चलाया। पूरी प्रक्रिया की कराई गई वीडियोग्राफी सीएम योगी के विजन अनुसार, प्रयागराज में जारी महाकुंभ की ग्लोबल इमेज को देखते हुए सरकार ने नदी की सफाई को लेकर जन जागरुकता अभियान छेड़ा हुआ है। इस अभियान की वजह से महाकुंभ में आ रहे करोड़ों श्रद्धालु मां गंगा, मां यमुना और अदृश्य मां सरस्वती के पावन, निर्मल और स्वच्छ जल में स्नान कर रहे हैं। अब इसी अभियान को वर्ल्ड रिकॉर्ड के रूप में प्रमाणिकता मिलने जा रही है। मेला प्राधिकरण की विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) आकांक्षा राना ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर सबसे बड़ी नदी सफाई अभियान के रिकॉर्ड्स की स्थापना का लक्ष्य रखा गया था, जिसे आज पूरी प्रक्रिया के साथ पूर्ण किया गया है। इसके तहत गंगा नदी पर बने तीन घाटों (राम घाट, भारद्वाज घाट और गंगेश्वर घाट) पर एक साथ गंगा सफाई अभियान चलाया गया। आधे घंटे से अधिक समय तक चले इस अभियान के माध्यम से नदी और घाटों को स्वच्छ रखने के लिए जागरूकता का भी प्रसार किया गया। इस सफाई अभियान में कुल 300 से ज्यादा सफाई कर्मी शामिल हुए। इस तरह का अभियान पहली बार बनाया गया है। आई विटनेसेज के सामने चली प्रक्रिया आकांक्षा राना ने बताया कि इस अभियान को देखने के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। साथ ही, इस प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए आई विटनेसेज के रूप में इनवॉयरमेंटलिस्ट और एमएनआईटी के प्रोफेसर्स भी मौजूद थे। अब इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई, जिसे देखने और वेरीफाई करने के बाद इस रिकॉर्ड को मान्यता दी जाएगी। इस रिकॉर्ड का उद्देश्य न केवल विश्व रिकॉर्ड हासिल करना है, बल्कि पवित्र नदियों के संरक्षण के लिए महाकुंभ के समर्पण को भी उजागर करना है। इसके माध्यम से पारिस्थितिक संरक्षण और प्राकृतिक पर्यावरण के साथ आध्यात्मिक संबंध के महत्व पर जोर दिया जाएगा। 15 हजार स्वच्छताकर्मी एक साथ सफाई अभियान का बनाएंगे रिकॉर्ड एक साथ नदी सफाई के वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की प्रक्रिया पूरी करने के बाद अब मेला प्राधिकरण शनिवार को भी एक और वर्ल्ड रिकॉर्ड की ओर कदम बढ़ाएगा। यह रिकॉर्ड सबसे बड़ी सिंक्रोनाइज्ड स्वीपिंग ड्राइव का होगा। इसके अंतर्गत, 15000 प्रतिभागियों द्वारा एक समन्वित सफाई गतिविधि को पूरा किया जाएगा। इस रिकॉर्ड का महत्व महाकुंभ मेले के आंतरिक मूल्यों के रूप में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है, जो प्रमुख स्थलों की पवित्रता बनाए रखने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी के संदेश को मजबूत करेगा। इससे पहले मेला प्रशासन ने 2019 में 10 हजार प्रतिभागियों के साथ यह रिकॉर्ड बनाया था, जिसे इस बार सुधारने की पहल की जा रही है।

लखनऊ में LT ग्रेड शिक्षकों के प्रदर्शन का दूसरा दिन:माध्यमिक शिक्षा ऑफिस में धरना दिया, जॉइनिंग लेटर की मांग कर रहे

लखनऊ में LT ग्रेड शिक्षकों के प्रदर्शन का दूसरा दिन:माध्यमिक शिक्षा ऑफिस में धरना दिया, जॉइनिंग लेटर की मांग कर रहे लखनऊ में गवर्नमेंट इंटर कॉलेज (GIC) में LT ग्रेड पद पर चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों ने शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन जोरदार प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों ज्वॉइनिंग लेटर की मांग करते हुए दिन भर धरने पर बैठें। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का आरोप हैं कि रिजल्ट जारी हुए करीब 2 साल होने को है पर अभी तक सेलेक्टेड अभ्यर्थियों को तैनाती नहीं मिल सकी है। ऐसे में इनके पास अब आर पार के आंदोलन के अलावा कोई अन्य रास्ता नहीं बचा है। गुरुवार से शुरू किया था प्रदर्शन इससे पहले गुरुवार को भी कई जनपदों से आए इन अभ्यर्थियों ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिविर कार्यालय का घेराव किया था। साथ ही जमकर नारेबाजी भी हुई। प्रदर्शन में चयनित महिला अभ्यर्थी की भी संख्या रही। जून 2023 में जारी हुआ था रिजल्ट अभ्यर्थियों का कहना हैं कि LT ग्रेड 2018 का परिणाम 28 जून 2023 को घोषित किया था। लोकसेवा आयोग ने चयनित सभी अभ्यर्थियों का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन 17 जुलाई से 24 जुलाई 2023 के बीच किया। रिपोर्ट शिक्षा निदेशालय प्रयागराज को भी भेजी गई, लेकिन अभी तक नौकरी नहीं मिली। 2 साल से कर रहे इंतजार, अब भरोसा नहीं नियुक्ति पत्र चाहिए अभ्यर्थी निशि सिंह का कहना है कि 2 साल हो गए रिजल्ट निकले हुए, पर अभी तक सेलेक्टेड अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र नहीं जारी किया गया। विभाग की तरफ से अभी तक कुछ नहीं किया गया है। जब जाते हैं तो दो दिन, चार दिन, 15 दिन कहकर टाल दिया जाता है। अब बिना ज्वॉइनिंग लेटर लिए यहां से नही जाएंगे।

यूपी दिनभर, 3 मिनट में 20 बड़ी खबरें:गडकरी बोले- लखनऊ में हवाई बस चलेगी, राहुल-प्रियंका महाकुंभ आएंगे, संभल में दाढ़ी वाले की तलाश, डीएम बोले- गुटखा छोड़ दो

यूपी दिनभर, 3 मिनट में 20 बड़ी खबरें:गडकरी बोले- लखनऊ में हवाई बस चलेगी, राहुल-प्रियंका महाकुंभ आएंगे, संभल में दाढ़ी वाले की तलाश, डीएम बोले- गुटखा छोड़ दो यूपी दिनभर में देखिए आज की 20 बड़ी खबरें। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें…

महाकुंभ में 33 दिन में 50 करोड़ लोग पहुंचे:अमेरिका, रूस और पाकिस्तान जैसे देशों की जनसंख्या भी इतनी नहीं, अभी 12 दिन बचे

महाकुंभ में 33 दिन में 50 करोड़ लोग पहुंचे:अमेरिका, रूस और पाकिस्तान जैसे देशों की जनसंख्या भी इतनी नहीं, अभी 12 दिन बचे महाकुंभ में 33 दिनों में 50 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने स्नान किया। इतिहास में ये सबसे बड़ा आयोजन रिकॉर्ड किया गया। 45 दिनों तक चलने वाले महाकुंभ के अभी 12 दिन और बचे हैं। अमेरिका और चीन की कुल आबादी के बाद तीसरी सबसे बड़ी आबादी के बराबर लोग प्रयागराज पहुंचे हैं। ब्राजील के रियो फेस्टिवल या जर्मनी के अक्टूबर फेस्ट में आने वाली भीड़ इसके मुकाबले कुछ नहीं है। रियो कार्निवल 9 फरवरी से शुरू हुआ है जो 17 फरवरी तक चलेगा, इसमें रोज करीब 20 लाख लोग पहुंचते हैं। वहीं 16 दिनों तक चलने वाले जर्मनी के अक्टूबर फेस्ट में करीब 70 लाख लोग पहुंचते हैं। अमेरिका, रूस और पाकिस्तान जैसे देशों की जनसंख्या भी इतनी नहीं
यूएस सेंसस ब्यूरो की एक रिपोर्ट के अनुसार, पूरी दुनिया के 200 से अधिक राष्ट्रों में जनसंख्या के दृष्टिकोण से टॉप 10 देशों में क्रमश: भारत 141 करोड़, चीन 140 करोड़, अमेरिका 34 करोड़, इंडोनेशिया 28 करोड़, पाकिस्तान 25 करोड़, नाइजीरिया 24 करोड़, ब्राजील 22 करोड़, बांग्लादेश 17 करोड़, रूस 14 करोड़ और मैक्सिको 13 करोड़ शामिल हैं। वहीं महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की 14 फरवरी तक 33 दिन की संख्या (50 करोड़ पार) को देखा जाए तो केवल भारत और चीन की जनसंख्या ही यहां आने वाले श्रद्धालुओं से अधिक है। जबकि अमेरिका, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, नाइजीरिया, ब्राजील, बांग्लादेश, रूस और मैक्सिको की जनसंख्या भी इससे कहीं पीछे है। ये दिखाता है कि महाकुंभ अब केवल एक पर्व नहीं, बल्कि यह सनातन धर्म के विराट स्वरूप का प्रतीक बन चुका है। सरकार की उम्मीदों से भी पार पहुंचा आंकड़ा
आंकड़ा इतना पार पहुंच गया है, जिसकी महाकुंभ से पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उम्मीद जताई थी। सीएम योगी ने पहले ही अनुमान जताया था कि इस बार जो भव्य और दिव्य महाकुंभ का आयोजन हो रहा है वह स्नानार्थियों की संख्या का नया रिकॉर्ड स्थापित करेगा। उन्होंने शुरुआत में ही 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई थी। बता दें कि उनका यह आंकलन बीते 11 फरवरी को ही सच साबित हो गया था। वहीं शुक्रवार (14 फरवरी) को यह संख्या 50 करोड़ के ऊपर पहुंच चुका है। अभी महाकुंभ में 12 दिन और एक महत्वपूर्ण स्नान पर्व शेष है। पूरी उम्मीद है कि स्नानार्थियों की यह संख्या 55 से 60 करोड़ के ऊपर जा सकती है। विभिन्न स्नान पर्वों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़
यदि अब तक के कुल स्नानार्थियों की संख्या का विश्लेषण करें तो सर्वाधिक 8 करोड़ श्रद्धालुओं ने मौनी अमावस्या पर स्नान किया था, जबकि 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति के अवसर पर अमृत स्नान किया था। एक फरवरी और 30 जनवरी को 2-2 करोड़ के पार और पौष पूर्णिमा पर 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं ने पुण्य डुबकी लगाई, इसके अलावा बसंत पंचमी पर 2.57 करोड़ श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाई थी। वहीं माघी पूर्णिमा के महत्वपूर्ण स्नान पर्व पर भी दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में पावन स्नान किया था।

प्रेमानंद महाराज का संदेश- हमारी कोई दूसरी ब्रांच नहीं:कंठी-माला नहीं बेचते, सत्संग भी फ्री; 7 पॉइंट में एडवाइजरी जारी की

प्रेमानंद महाराज का संदेश- हमारी कोई दूसरी ब्रांच नहीं:कंठी-माला नहीं बेचते, सत्संग भी फ्री; 7 पॉइंट में एडवाइजरी जारी की ‘हम कंठी-माला, पूजा-श्रृंगार नहीं बेचते हैं। हमारे आश्रम में सत्संग फ्री है। आप लोग किसी तरह के फ्रॉड से बचें। आश्रम के नाम पर कुछ लोग व्यवसाय कर रहे हैं, उनसे बचें।’ यह कहना है संत प्रेमानंद महाराज के ट्रस्ट श्री हित राधा केली कुंज का। दरअसल, प्रेमानंद महाराज की पॉपुलैरिटी तेजी से बढ़ी है। उनके सोशल मीडिया पर करोड़ों फॉलोअर हैं। हजारों लोग रोज दर्शन के लिए आते हैं। कहा जा रहा है कि ऐसे में कई लोग उनके नाम पर दुकानें चला रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि महाराज के नाम पर आश्रम खोलने के लिए सस्ते दामों पर जमीन खरीदी जा रही है। इसके चलते ‘श्री हित राधा केली कुंज ट्रस्ट’ ने शुक्रवार को 7 पॉइंट में एडवाइजरी जारी की। हम किसी तरह का विज्ञापन नहीं करते
आश्रम ने एडवाइजरी जारी कर बताया- आश्रम की कोई गोशाला नहीं है। किसी भी प्रकार की कंठी माला, पूजा-श्रृंगार सामग्री की दुकान भी नहीं है। आश्रम की ओर से किसी भी तरह का विज्ञापन नहीं किया जाता। आश्रम परिसर में एकांतिक वार्तालाप, सत्संग, कीर्तन और पाठ में शामिल होने के लिए किसी तरह की कोई फीस नहीं ली जाती है। इसके लिए बस एक दिन पहले आश्रम आकर नाम लिखवाना होता है। कोई भी व्यक्ति आश्रम का नाम जोड़कर किसी भी बारे में अगर भ्रमित करता है, तो ऐसे लोगों से सावधान और सतर्क रहें। उनके झांसे में न आएं। सही जानकारी श्री राधा हित केलि कुंज आश्रम के सेवा भवन या पूछताछ केंद्र से हासिल करें। प्रेमानंद महाराज को 20 साल से किडनी की समस्या
केलि कुंज आश्रम के संत नवल नागरी दास महाराज ने बताया- प्रेमानंद महाराज को करीब 20 साल से किडनी की समस्या है। पहले हफ्ते में 3 बार डायलिसिस होती थी। लेकिन, अब समस्या बढ़ गई है। इसलिए हफ्ते में 4-5 बार डायलिसिस की जा रही है। स्वास्थ्य संबंधी समस्या दूर होने के बाद वह फिर से पैदल यात्रा करेंगे। सोसाइटी में ही होती है डायलिसिस
संत प्रेमानंद महाराज श्री कृष्ण शरणम् सोसाइटी में रहते हैं। इस सोसाइटी में उनके 2 फ्लैट हैं। HR 1 ब्लॉक के फ्लैट नंबर 209 और 212 उनके पास हैं। 2 BHK इन फ्लैट में से एक में वह रहते हैं जबकि दूसरे फ्लैट में डायलिसिस का इंतजाम किया हुआ है। इसी फ्लैट में उनकी डायलिसिस की जाती है। पढ़िए एडवाइजरी के 7 पॉइंट रोज आते हैं 20 हजार से ज्यादा भक्त
प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए रात को हजारों की संख्या में भक्त उमड़ते हैं। आम दिनों में यह संख्या करीब 20 हजार के करीब होती है। वीकेंड पर दर्शन करने वाले भक्तों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है और लाखों में पहुंच जाती है। वहीं, बड़े पर्वों पर 3 लाख से ज्यादा हो जाती है। अब प्रेमानंद जी के बचपन से लेकर प्रसिद्ध कथावाचक और संत बनने की कहानी… 13 साल की उम्र में प्रेमानंद जी महाराज ने घर छोड़ दिया था
प्रेमानंद महाराज का कानपुर के अखरी गांव में जन्म और पालन-पोषण हुआ। यहीं से निकलकर वो इस देश के करोड़ों लोगों के मन में बस गए। उनके बड़े भाई गणेश दत्त पांडे बताते हैं- मेरे पिता शंभू नारायण पांडे और मां रामा देवी हैं। हम 3 भाई हैं, प्रेमानंद मंझले हैं। प्रेमानंद हमेशा से प्रेमानंद महाराज नहीं थे। बचपन में मां-पिता ने बड़े प्यार से उनका नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे रखा था। हर पीढ़ी में कोई न कोई एक बड़ा साधु-संत निकला
गणेश पांडे बताते हैं- हमारे पिताजी पुरोहित का काम करते थे। मेरे घर की हर पीढ़ी में कोई न कोई बड़ा साधु-संत होकर निकलता है। पीढ़ी दर पीढ़ी अध्यात्म की ओर झुकाव होने के चलते अनिरुद्ध भी बचपन से ही आध्यात्मिक रहे। बचपन में पूरा परिवार रोजाना एक साथ बैठकर पूजा-पाठ करता था। अनिरुद्ध यह सब बड़े ध्यान से सभी देखा-सुना करता था। शिव मंदिर में चबूतरा बनाने से रोका, तो घर छोड़ दिया
बचपन में अनिरुद्ध ने अपनी सखा टोली के साथ शिव मंदिर के लिए एक चबूतरा बनाना चाहा। इसका निर्माण भी शुरू करवाया, लेकिन कुछ लोगों ने रोक दिया। इससे वह मायूस हो गए। उनका मन इस कदर टूटा कि घर छोड़ दिया। घरवालों ने उनकी खोजबीन शुरू की। काफी मशक्कत के बाद पता चला कि वो सरसौल में नंदेश्वर मंदिर पर रुके हैं। घरवालों ने उन्हें घर लाने का हर जतन किया, लेकिन अनिरुद्ध नहीं माने। फिर कुछ दिनों बाद बची-खुची मोह माया भी छोड़कर वह सरसौल से भी चले गए। ……………………
ये खबर भी पढ़ें… गडकरी बोले-योगी ने यूपी में रामराज स्थापित किया, देश में ईमानदार नेताओं की कमी; लखनऊ में जून से बनेगी ब्रह्मोस मिसाइल लखनऊ में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दो फ्लाईओवर का उद्घाटन किया। पहला- मुंशी पुलिया। दूसरा- खुर्रम नगर फ्लाईओवर। फ्लाई ओवरों से 15 लाख लोगों को जाम से राहत मिलेगी। पढ़िए पूरी खबर

लखनऊ विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र विभाग का नेशनल सेमिनार:देश को विकसित राष्ट्र बनाने पर दिग्गजों ने किया मंथन, केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी भी पहुंचे

लखनऊ विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र विभाग का नेशनल सेमिनार:देश को विकसित राष्ट्र बनाने पर दिग्गजों ने किया मंथन, केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी भी पहुंचे भारत में व्यापार करना अब बेहद आसान हो गया है। कर प्रणाली में सुधार करके ये संभव हुआ हैं। सरकार ने कई ऐसे अहम कदम उठाएं है, जिससे सही मायने में देश की तरक्की हो रही है। बुनियादी ढांचे में विकास से आर्थिक विकास, सामाजिक कल्याण, डिजिटल क्रांति आ चुकी है। इस पहल को अब संतुलन बनाकर साधना होगा। इसमें सरकार और कॉर्पोरेट जगत दोनों का अहम रोल है। CSR के तहत सामाजिक उत्तरदायित्व के कई सराहनीय काम किए जा रहे हैं। सार्वजनिक-निजी साझेदारी से देश विश्व के अग्रणी राष्ट्रों में लाया गया हैं। अब आगे चलकर देश को विकसित भारत बनाना हैं। ये कहना था केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी का। शुक्रवार को वो लखनऊ विश्वविद्यालय के एपी सेन हॉल में डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक्स द्वारा आयोजित नेशनल सेमीनार में बोल रहे थे। केंद्रीय मंत्री ने सरकारी योजनाओं का किया बखान उन्होंने आगे कहा कि विकसित राष्ट्र के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर जीवनशैली जैसी मूलभूत जरूरतों पर सरकार का फोकस है। नीति आयोग ने 2030 तक का समय निर्धारित किया है। इसके लिए स्वच्छ भारत अभियान, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत तथा प्रधानमंत्री जन धन योजना जैसे कई कार्यक्रमों के माध्यम से लगातार लोगों को लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए जा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ पीएम किसान सम्मान निधि से देश के किसानों की आय को बढ़ाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कुलपति बोले – ब्लूप्रिंट कर रहे तैयार कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स फार विन विकसित भारत@2047 विषय पर आयोजित हो रहे इस नेशनल सेमिनार की अध्यक्षता करते हुए लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो आलोक कुमार राय ने कहा कि विकास की परियोजनाओं के संचालन में कॉर्पोरेट जगत से सहयोग बेहद जरूरी है। इस 2 दिवसीय बौद्धिक, विचार- विमर्श कर विकसित भारत के लिए LU एक ब्ल्यूप्रिंट तैयार कर रहा है। इस मकसद से हुआ नेशनल सेमिनार का आयोजन डीन आर्ट्स फैकल्टी प्रो.अरविन्द मोहन ने कहा कि विकसित भारत की संकल्पना को आकार देने के लिए ही ये सेमिनार अर्थशास्त्र विभाग द्वारा आयोजित है । हम सब मिलकर 2047 तक देश को विकसित भारत बनाएंगे। पर इसके लिए सबके साथ और सबके विकास की जरूरत है। पुस्तक का हुआ विमोचन इस अवसर पर राष्ट्रीय सेमिनार की स्मारिका जिसमें 258 शोधपत्रों का शोध और अर्थशास्त्र विभाग के वरिष्ठ प्रो.एमके अग्रवाल की पुस्तक इंडियन इकोनोमी का विमोचन भी हुआ। इस दौरान अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो.विनोद सिंह और डॉ.शची राय, डॉ.हरनाम सिंह मौजूद रहे।

विक्की हो या ईशा…हर सेलिब्रिटी के साथ नंदी के फोटो:डीएम साहब ने श्रद्धालुओं से छिलवाई मटर, शादी पर मायावती का एक्शन

विक्की हो या ईशा…हर सेलिब्रिटी के साथ नंदी के फोटो:डीएम साहब ने श्रद्धालुओं से छिलवाई मटर, शादी पर मायावती का एक्शन यह बात खरी है… इसमें आप देखेंगे यूपी की राजनीति और सरकारी विभागों में अंदरखाने चल क्या रहा है? ऊपर VIDEO पर क्लिक करें…

कानपुर डीएम बोले-गुटखा खाना छोड़ दो, बात मान लूंगा:आपको देखकर 100 लोग और छोड़ेंगे, पान-मसाला सबसे बड़ी समस्या

कानपुर डीएम बोले-गुटखा खाना छोड़ दो, बात मान लूंगा:आपको देखकर 100 लोग और छोड़ेंगे, पान-मसाला सबसे बड़ी समस्या मैं आपकी बात मान लूंगा,अगर आपने गुटखा खाना छोड़ दिया तो। आपको देखकर 100 लोग और छोड़ देंगे। शहर की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है गुटखा। पान मसाला का सेवन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। ये बातें कानपुर के DM ने ई-रिक्शा वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष से कही। बता दें गुरुवार को ई-रिक्शा वेलफेयर के एसोसिएशन के महामंत्री कपिल देव और जिलाध्यक्ष विनोद बाजपेई अपने संगठन के सदस्यों के साथ ज्ञापन देने कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। पहले जानिए पूरा मामला
ई-रिक्शा वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष विनोद बाजपेई कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपनी समस्याओं को लेकर डीएम को ज्ञापन सौंपने लगे। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने उनकी ओर देखा तो वो गुटखा खा रहे थे। इस DM ने कहा- मैं आपकी बात मान लूंगा, बस गुटखा खाना छोड़ दो। आपको देखकर 100 लोग और पान मसाला छोड़ेंगे। उन्होंने- जिलाध्यक्ष को समझाया कि पान मसाला का सेवन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। जिलाधिकारी ने न केवल उन्हें इस आदत को छोड़ने की सलाह दी, बल्कि अपने साथियों को भी इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करने को कहा। जिलाध्यक्ष बोले- अब नहीं खाऊंगा
डीएम के कहने पर ई-रिक्शा वेलफेयर के एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष गुटखा नहीं खाने का वादा किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने एसोसिएशन के सदस्यों की समस्याएं भी सुनीं और उनके समाधान का आश्वासन दिया। इससे पहले DM ने ऑटो ड्राइवर को बनाया था चीफ गेस्ट, पढ़िए… कॉन्स्टेबल ने पीटा तो ऑटो ड्राइवर ने मांगी इच्छा मृत्यु, DM ने बनाया चीफ गेस्ट 30 दिसंबर को ऑटो ड्राइवर ने कॉन्स्टेबल को पीट दिया था। इससे परेशान होकर राकेश ने DM से इच्छा मृत्यु मांगी थी। इसके बाद डीएम ने ऑटो ड्राइवर को गणतंत्र दिवस पर बतौर चीफ गेस्ट इनवाइट किया। मैं कभी सपने में भी नहीं सोचा था
राकेश सोनी ने कहा था- 30 दिसंबर को मैं ऑटो लेकर नौबस्ता से बारादेवी की तरफ जा रहा था। चौराहे के पास मेरे ऑटो में कुछ सवारियां बैठ रही थीं। इसी बीच, पीछे से एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने मेरे ऑटो पर डंडा मारा, फिर ऑटो का पर्दा फाड़ने लगा। मैंने हाथ जोड़कर कहा कि साहब…गरीब आदमी हूं। कॉन्स्टेबल की हरकत से परेशान हो गया था
आप डेढ़ से दो हजार का नुकसान कर दे रहे हैं। कहां से भर पाऊंगा। इसके बाद वह और ज्यादा गुस्सा हो गए। प्लास्टिक का डंडा मेरे मुंह में घुसाने लगा। कहा- तुम्हें एक मिनट में सीधा कर दूंगा। उनकी इस हरकत से मैं बहुत परेशान हो गया। 31 दिसंबर को मैं शिकायत लेकर पुलिस के पास गया। प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन जांच नहीं हुई। इसके बाद ट्रैफिक कॉन्स्टेबल ने दोबारा मुझे धमकाया कि अब देखता हूं कि तुम ऑटो कैसे चलाते हो। मेरी गाड़ी की फोटो खीचीं। पुलिस में सुनवाई नहीं होने पर मैंने डीएम साहब से शिकायत की थी। जिनको पहले शिकायत की थी, उनका ट्रांसफर हो गया। नए डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह आए। जब मुझे पता चला कि वह गरीब बच्चों की स्कूल फीस अपनी जेब से भर रहे हैं। तब मुझे लगा कि ये गरीब लोगों की मदद करेंगे। मैंने एक बार फिर उनसे मिलकर शिकायत की। पढ़िए जब डीएम ने बच्चों के स्कूलों की भरी फीस… कानपुर में डीएम जितेंद्र सिंह जनता दर्शन कर रहे थे। घाटमपुर के रहने वाले दिव्यांग मुन्ना सिंह अपनी बेटी पूनम के साथ पहुंचे थे। पूनम ने डीएम को बताया कि उनके माता-पिता दोनों दिव्यांग हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। उनके तीन भाई-बहन – कन्हैया लाल, कुंती देवी और शोभित बीआरडी इंटर कॉलेज, मूसानगर में पढ़ते हैं। एक साल से फीस जमा न होने के कारण स्कूल प्रबंधन ने उनका नाम काटने की धमकी दी थी। डीएम ने तुरंत स्कूल प्रबंधक विजय सोनी और प्रधानाचार्य वीरेश से संपर्क किया। जब पता चला कि तीनों बच्चों की एक साल की कुल फीस 36,100 रुपए है, तो स्कूल प्रबंधन ने सहानुभूतिपूर्वक आधी फीस माफ कर दी। डीएम ने शेष 18,000 रुपए तत्काल क्यूआर कोड के माध्यम से जमा करवा दिए। इससे बच्चों और उनके परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बच्चों ने फोन कर डीएम को धन्यवाद दिया। ………………. ये खबर भी पढ़िए… योगी ने भ्रष्ट PCS अफसर को नौकरी से निकाला:100 करोड़ के जमीन घोटाले में 2 अफसरों को सस्पेंड भी किया सीएम योगी ने करप्शन के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। उन्होंने PCS अफसर गणेश प्रसाद सिंह को बर्खास्त कर दिया है। इसके अलावा, 2 PCS अफसर आशीष कुमार और मदन कुमार को सस्पेंड कर दिया। पढ़िए पूरी खबर

पत्नी का दिल नहीं जीत पाया…जा रहा हूं:मुरादाबाद में सुसाइड से पहले वीडियो बनाया; वेलेंटाइन डे पर फंदे से लटका

पत्नी का दिल नहीं जीत पाया…जा रहा हूं:मुरादाबाद में सुसाइड से पहले वीडियो बनाया; वेलेंटाइन डे पर फंदे से लटका मुरादाबाद में एक युवक ने वेलेंटाइन डे के मौके पर फंदे से लटक कर सुसाइड कर लिया। जान देने से पहले उसने एक वीडियो बनाकर पत्नी को मौत का जिम्मेदार ठहराया। कहा- मैंने बहुत कोशिश की, लेकिन तुम्हारा दिल नहीं जीत सका। अब जा रहा हूं…तुम खुश रहना। घटना मुरादाबाद के कटघर थाना क्षेत्र में अंबेडकर नगर की है। गुरुवार देर रात संदीप कुमार का शव घर के कमरे में फंदे से लटका मिला। पुलिस को युवक के मोबाइल से सुसाइड से ठीक पहले का वीडियो मिला है। संदीप कुमार (36 साल) के परिवार में पत्नी नीलम के अलावा दो बेटियां किट्टू (10 साल) और अन्नी (5 साल) हैं। नीलम से उसकी शादी 15 साल पहले हुई थी। लेकिन पति-पत्नी के बीच अक्सर अनबन रहती थी। संदीप कुमार की ससुराल दलपतपुर के पास वीरपुर गांव में है। वह एक स्कूल की वैन चलाता था और समोसे का ठेला भी लगाता था। पत्नी का फोन पर देख लिया था चैट
संदीप के परिजनों का आरोप है कि उसकी पत्नी नीलम जतिन नाम के लड़के से बाते करती थी। उसने पत्नी के फोन में उसकी चैटिंग भी देख ली थी। इसको लेकर दोनों में अक्सर झगड़ा होता था। इसी बात को लेकर गुरुवार को ससुराल वालों ने उसे मिलने के लिए बुलाया था। वहां से लौटने के बाद ही गुरुवार देर रात संदीप ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मौके पर पहुंची पुलिस को शव को फंदे से उतरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। ……………………… ये खबर भी पढ़ें… कानपुर डीएम बोले-गुटखा खाना छोड़ दो, बात मान लूंगा:आपको देखकर 100 लोग और छोड़ेंगे, पान-मसाला सबसे बड़ी समस्या मैं आपकी बात मान लूंगा,अगर आपने गुटखा खाना छोड़ दिया तो। आपको देखकर 100 लोग और छोड़ देंगे। शहर की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है गुटखा। पान मसाला का सेवन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। ये बातें कानपुर के DM ने ई-रिक्शा वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष से कही। पढ़िए पूरी खबर

IIT- रिसर्च स्कॉलर और आरोपी एसीपी के डांस का VIDEO:आरोपी एसीपी के खिलाफ जांच में कई वीडियो और फोटो आईं सामने, स्टे हटते ही एसआईटी दाखिल करेगी चार्जशीट

IIT- रिसर्च स्कॉलर और आरोपी एसीपी के डांस का VIDEO:आरोपी एसीपी के खिलाफ जांच में कई वीडियो और फोटो आईं सामने, स्टे हटते ही एसआईटी दाखिल करेगी चार्जशीट कानपुर आईआईटी की रिसर्च स्कॉलर के यौन उत्पीड़न में फंसे एसीपी मोहसिन खान के खिलाफ एसआईटी ने जांच लगभग पूरी कर ली है। मोहसिन के खिलाफ रिसर्च स्कॉलर के साथ फोटो, वीडियो और कॉल डिटेल के साथ व्हाट्सएप चैट ने एक-एक आरोप की तस्दीक की है। जांच में शामिल एक अहम वीडियो दैनिक भास्कर के भी हाथ लगा है। आईआईटी में अंतराग्नि कार्यक्रम के दौरान एसीपी मोहसिन और पीड़ित छात्रा दोनों रेड कलर की ड्रेस पहनकर एक-दूसरे के साथ डांस कर रहे हैं। यही इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस केस को चार्जशीट तक पहुंचाएंगे। पुलिस हाईकोर्ट के स्टे हटने का इंतजार कर रही है। स्टे हटते ही एसआईटी मोहसिन के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करेगी। पहले जानते हैं क्या है अंतराग्नि हर साल अक्टूबर महीने में आईआईटी कानपुर द्वारा आयोजित होने वाला वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम है।एशिया के इस सबसे बड़े सांस्कृतिक उत्सव में संगीत, नृत्य, नाटक और कला की प्रदर्शन होता है। यह है पूरा मामला आईआईटी की रिसर्च स्कॉलर ने कानपुर में तैनात रहे एसीपी मोहसिन के खिलाफ शादी का झांसा देकर यौन उत्पीड़न की 12 दिसंबर 2024 को एफआईआर दर्ज कराई थी। मामले की जांच के लिए पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने डीसीपी की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया था। करीब दो महीने में एसआईटी ने अपनी जांच पूरी कर ली है। अंतराग्नि में दोनों ने एक साथ लिया था हिस्सा और जमकर किया था डांस एसआईटी जांच में मोहसिन और छात्रा का 19 अक्तूबर से लेकर 14 नवंबर तक की व्हाट्सएप चैट एसआईटी को सौंपी है। दोनों के साथ की कई फोटो, वीडियो, कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और सिक्योरिटी गार्ड के बयान ने छात्रा की ओर से लगाए गए एक-एक आरोप की पुष्टि की है। साक्ष्यों के साथ एसआईटी ने अपनी जांच हर बिंदु पर अंतिम दौर में है। अहम साक्ष्य के तौर पर जांच में शामिल एसीपी का छात्रा के साथ आईआईटी के अंतराग्नि कार्यक्रम में डांस करते हुए एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो को लेकर छात्रा और जांच में शामिल अफसरों ने इसकी पुष्टि की है। हाईकोर्ट ने लगा रखा है आरोपी की गिरफ्तारी पर रोक आपको बता दें कि मामले में आरोपी मोहसिन की याचिका पर हाईकोर्ट ने अरेस्टिंग स्टे और चार्जशीट पर स्टे लगा रखा है। अब इस केस की सुनवाई 20 मार्च को होनी है। छात्रा ने स्टे खारिज कराने के लिए कोर्ट में अपना वकील खड़ा करने की तैयारी की है। आईआईटी प्रशासन की ओर से छात्रा को हाईकोर्ट का बड़ा वकील दिया गया है। इससे कि छात्रा को इंसाफ मिल सके। अब इस केस की अगली सुनवाई ही केस की दिशा को तय करेगी। मोहसिन पर 13 दिन में छात्रा ने कराई थी 2 FIR IIT की रिसर्च स्कॉलर ने कानपुर में ACP कलक्टरगंज के पद पर तैनात रहे मोहसिन खान पर 12 दिसंबर 2024 को कल्याणपुर थाने में शादी का झांसा देकर यौन शोषण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद 19 दिसंबर को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट से ACP को अरेस्टिंग स्टे और अगली सुनवाई तक चार्जशीट दाखिल करने पर रोक लगा दी थी। 24 दिसंबर को कल्याणपुर थाने में ही छात्रा ने मोहसिन और उनके वकील के खिलाफ दूसरी एफआईआर दर्ज कराई थी। दोनों ही केस में मामले की जांच अंतिम दौर में है। यह जरूरी खबर भी पढ़िए भास्कर एक्सक्लूसिव ‘महाकुंभ का महाजाम’ खत्म होने की इनसाइड स्टोरी:खेतों में बने होल्डिंग्स पॉइंट, LED स्क्रीन से ‘संगम’ दर्शन करवाए; ऐसे तोड़ा भीड़ का चक्रव्यूह महाकुंभ में माघ पूर्णिमा से ठीक दो दिन पहले 30-40 किलोमीटर का लंबा जाम लग गया। हालात बिगड़ गए। हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर प्रयागराज पहुंचे ज्यादातर श्रद्धालुओं को गाड़ियों में 5-8 घंटे तक ‘रोड अरेस्ट’ रहना पड़ा। दैनिक भास्कर ने महाकुंभ के इस ‘महाजाम’ को ड्रोन कैमरे से दिखाया। इस महाजाम को अभी 24 घंटे का समय भी नहीं बीता था कि मेला प्रशासन की ओर से कुछ वीडियो जारी किए गए। कहा गया कि पूरा शहर जाम मुक्त हो गया है। जिस शहर के 300 किलोमीटर के रेडियस में 48 घंटे तक जगह-जगह गाड़ियों का जाम था, उसके अचानक जाम मुक्त हो जाना हैरान करने वाला था। हमारी टीम ने फिर एक बार इस मामले की पड़ताल की। यह जानने की कोशिश की कि आखिर कैसे प्रयागराज आने वाली गाड़ियां अचानक सड़कों से गायब हो गईं? पढ़िए पूरी रिपोर्ट…