<p style=”text-align: justify;”><strong>UP News: </strong>भारत माता की सेवा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले अलीगढ़ के वीर सपूत विशाल कुमार डागर का पार्थिव शरीर बुधवार को जब उनके पैतृक गांव खेड़िया बुजुर्ग पहुंचा तो वहां का माहौल गमगीन हो गया. पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और विशाल के अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा. हर किसी की आंखें नम थीं, लेकिन गर्व भी था कि उनके गांव का बेटा देश की रक्षा करते हुए शहीद हुआ. लोगों ने भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाकर अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी.</p>
<p style=”text-align: justify;”>विशाल कुमार डागर भारतीय सेना में महज 11 महीने पहले भर्ती हुए थे. वह अपने पहले ही प्रयास में सेना में शामिल होकर देश की सेवा का सपना पूरा करने में सफल रहे थे. उनकी तैनाती अरुणाचल प्रदेश में चीन बॉर्डर पर थी. बताया जा रहा है कि ड्यूटी के दौरान सिर पर चोट लग गई, जिससे हालात गंभीर हो गई और इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली.</p>
<p style=”text-align: justify;”>उनकी शहादत की खबर जैसे ही गांव में पहुंची वैसे ही मातम छा गया. परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. विशाल के पिता जयप्रकाश सिंह को सेना के अधिकारियों ने बेटे की शहादत की सूचना दी. यह खबर सुनते ही पूरा परिवार शोक में डूब गया. मां का रो-रोकर बुरा हाल था, उनकी आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे. विशाल का छोटा भाई रवि भी भारतीय सेना में देश की सेवा कर रहा है. विशाल के परिवार में उनके माता-पिता, दो भाई और एक बहन हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”>परिवार को अपने बेटे की बहादुरी पर गर्व है, लेकिन बेटे के जाने का दर्द असहनीय है. आज बुधवार (2 अप्रैल) को विशाल कुमार का पार्थिव शरीर जैसे ही खेड़िया बुजुर्ग गांव पहुंचा तो पूरा गांव उमड़ पड़ा. हर कोई अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ पड़ा. सेना के जवानों ने तिरंगे में लिपटे विशाल के पार्थिव शरीर को सलामी दी.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>हजारों की संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>एसडीएम खैर महिमा, पुलिस के आला अधिकारी और हजारों की संख्या में ग्रामीण इस मौके पर मौजूद रहे. विशाल चार महीने पहले ही छुट्टी पर घर आए थे, उन्होंने परिवार के साथ वक्त बिताया और फिर ड्यूटी पर लौट गए. पांच दिन पहले ही उन्होंने अपने परिवार से फोन पर बात की थी. किसी को नहीं पता था कि यह उनकी आखिरी बातचीत होगी. गांव के श्मशान घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ विशाल कुमार का अंतिम संस्कार किया गया.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>खैर के टप्पल कट पर पहुंचा शहीद का शव</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>इस पूरे मामले में भारतीय जनता पार्टी के विधानसभा खैर से विधायक सुरेंद्र सिंह दिलेर से जब बातचीत की गई तो उनके द्वारा बताया गया देश की सीमा की रक्षा कर रहे विशाल कुमार डागुर 31 मार्च 2025 को शहीद हो गए थे. उनका शव आज विधानसभा खैर के टप्पल कट पर पहुंचा तो उनकी अंतिम दर्शन यात्रा में स्थानीय प्रशासन व अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ वह भी वहां पहुंचे थे. उनके द्वारा अंतिम दर्शन किए और शहीद परिवार जवान की परिवार को सांत्वना दी है. परिवार ने अपना एक सपूत को खो दिया, देश ने एक होनहार जवान खो दिया है जो परिवार की मदद होगी वह करने के लिए तैयार हैं.</p> <p style=”text-align: justify;”><strong>UP News: </strong>भारत माता की सेवा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले अलीगढ़ के वीर सपूत विशाल कुमार डागर का पार्थिव शरीर बुधवार को जब उनके पैतृक गांव खेड़िया बुजुर्ग पहुंचा तो वहां का माहौल गमगीन हो गया. पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और विशाल के अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा. हर किसी की आंखें नम थीं, लेकिन गर्व भी था कि उनके गांव का बेटा देश की रक्षा करते हुए शहीद हुआ. लोगों ने भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाकर अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी.</p>
<p style=”text-align: justify;”>विशाल कुमार डागर भारतीय सेना में महज 11 महीने पहले भर्ती हुए थे. वह अपने पहले ही प्रयास में सेना में शामिल होकर देश की सेवा का सपना पूरा करने में सफल रहे थे. उनकी तैनाती अरुणाचल प्रदेश में चीन बॉर्डर पर थी. बताया जा रहा है कि ड्यूटी के दौरान सिर पर चोट लग गई, जिससे हालात गंभीर हो गई और इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली.</p>
<p style=”text-align: justify;”>उनकी शहादत की खबर जैसे ही गांव में पहुंची वैसे ही मातम छा गया. परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. विशाल के पिता जयप्रकाश सिंह को सेना के अधिकारियों ने बेटे की शहादत की सूचना दी. यह खबर सुनते ही पूरा परिवार शोक में डूब गया. मां का रो-रोकर बुरा हाल था, उनकी आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे. विशाल का छोटा भाई रवि भी भारतीय सेना में देश की सेवा कर रहा है. विशाल के परिवार में उनके माता-पिता, दो भाई और एक बहन हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”>परिवार को अपने बेटे की बहादुरी पर गर्व है, लेकिन बेटे के जाने का दर्द असहनीय है. आज बुधवार (2 अप्रैल) को विशाल कुमार का पार्थिव शरीर जैसे ही खेड़िया बुजुर्ग गांव पहुंचा तो पूरा गांव उमड़ पड़ा. हर कोई अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ पड़ा. सेना के जवानों ने तिरंगे में लिपटे विशाल के पार्थिव शरीर को सलामी दी.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>हजारों की संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>एसडीएम खैर महिमा, पुलिस के आला अधिकारी और हजारों की संख्या में ग्रामीण इस मौके पर मौजूद रहे. विशाल चार महीने पहले ही छुट्टी पर घर आए थे, उन्होंने परिवार के साथ वक्त बिताया और फिर ड्यूटी पर लौट गए. पांच दिन पहले ही उन्होंने अपने परिवार से फोन पर बात की थी. किसी को नहीं पता था कि यह उनकी आखिरी बातचीत होगी. गांव के श्मशान घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ विशाल कुमार का अंतिम संस्कार किया गया.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>खैर के टप्पल कट पर पहुंचा शहीद का शव</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>इस पूरे मामले में भारतीय जनता पार्टी के विधानसभा खैर से विधायक सुरेंद्र सिंह दिलेर से जब बातचीत की गई तो उनके द्वारा बताया गया देश की सीमा की रक्षा कर रहे विशाल कुमार डागुर 31 मार्च 2025 को शहीद हो गए थे. उनका शव आज विधानसभा खैर के टप्पल कट पर पहुंचा तो उनकी अंतिम दर्शन यात्रा में स्थानीय प्रशासन व अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ वह भी वहां पहुंचे थे. उनके द्वारा अंतिम दर्शन किए और शहीद परिवार जवान की परिवार को सांत्वना दी है. परिवार ने अपना एक सपूत को खो दिया, देश ने एक होनहार जवान खो दिया है जो परिवार की मदद होगी वह करने के लिए तैयार हैं.</p> उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड Maharashtra: बेटियों के जन्म पर सिद्धिविनायक गणपति मंदिर करेगा 10 हजार की FD, क्या है शर्त?
अलीगढ़: चीन बॉर्डर पर शहीद हुए जवान का शव पहुंचा गांव, अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा सैलाब
