जालंधर के गांव पत्तड कलां के दो युवक गुरप्रीत सिंह और सोदीराम को ट्रैवल एजेंट ने कुवैत के बजाय इराक भेजकर फंसा दिया। दोनों युवक कर्ज लेकर विदेश गए थे। इराक में कंपनी ने उन्हें बंधक बना लिया और कई दिनों तक भूखा रखा। राज्यसभा सदस्य संत सीचेवाल के प्रयास से दोनों युवक स्वदेश वापस लौट आए हैं। युवकों ने ट्रैवल एजेंट को कुवैत जाने के लिए 1 लाख 85 हजार रुपए दिए थे। इराक में काम करने के बावजूद उन्हें न वेतन मिला, न इलाज की सुविधा और न ही ठीक से खाना दिया गया। वापसी के समय कंपनी ने अपना बचाव करने के लिए उनसे कई कागजातों पर हस्ताक्षर करवा लिए। एक दर्जन से अधिक भारतीय अभी भी उसी कंपनी में फंसे हैं – पीड़ित इराक से लौटे गुरप्रीत सिंह और सोदी राम ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि एजेंटों द्वारा बड़ी संख्या में भारतीयों को इस तरह से उस कंपनी में भर्ती किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उस कंपनी के एजेंटों की धोखाधड़ी के कारण एक दर्जन से अधिक भारतीय कई वर्षों से वहां दयनीय स्थिति में फंसे हुए हैं। पीड़ित परिवारों ने 15 मार्च को राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल से मदद मांगी। संत सीचेवाल के प्रयासों से 28 मार्च को दोनों युवक स्वदेश लौट आए। निर्मल कुटिया सुल्तानपुर लोधी में अपने परिवार के साथ पहुंचे युवकों ने कहा कि इराक में एक दिन बिताना एक साल जैसा था। दोनों युवकों और उनके परिवारों ने संत सीचेवाल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि गरीबी और किसी पहुंच के न होने के कारण उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही थी। संत सीचेवाल की मदद के बिना कंपनी के जाल से निकलना उनके लिए असंभव था। अरब देश जाने से बचें : संत सीचेवाल राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह ने विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी त्वरित कार्रवाई के कारण यह भारतीय मात्र 14 दिन में वापस आ गए हैं। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास लगातार भारतीयों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से बचाकर भारत वापस भेज रहे हैं। संत सीचेवाल ने एक बार फिर पंजाब के लोगों, विशेषकर गरीब वर्ग के लोगों से अपील की है कि वे अरब देश जाने से पहले किसी बुद्धिमान व्यक्ति की मदद जरूर लें। उन्होंने पुलिस प्रशासन को ऐसे धोखेबाज और फर्जी ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जालंधर के गांव पत्तड कलां के दो युवक गुरप्रीत सिंह और सोदीराम को ट्रैवल एजेंट ने कुवैत के बजाय इराक भेजकर फंसा दिया। दोनों युवक कर्ज लेकर विदेश गए थे। इराक में कंपनी ने उन्हें बंधक बना लिया और कई दिनों तक भूखा रखा। राज्यसभा सदस्य संत सीचेवाल के प्रयास से दोनों युवक स्वदेश वापस लौट आए हैं। युवकों ने ट्रैवल एजेंट को कुवैत जाने के लिए 1 लाख 85 हजार रुपए दिए थे। इराक में काम करने के बावजूद उन्हें न वेतन मिला, न इलाज की सुविधा और न ही ठीक से खाना दिया गया। वापसी के समय कंपनी ने अपना बचाव करने के लिए उनसे कई कागजातों पर हस्ताक्षर करवा लिए। एक दर्जन से अधिक भारतीय अभी भी उसी कंपनी में फंसे हैं – पीड़ित इराक से लौटे गुरप्रीत सिंह और सोदी राम ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि एजेंटों द्वारा बड़ी संख्या में भारतीयों को इस तरह से उस कंपनी में भर्ती किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उस कंपनी के एजेंटों की धोखाधड़ी के कारण एक दर्जन से अधिक भारतीय कई वर्षों से वहां दयनीय स्थिति में फंसे हुए हैं। पीड़ित परिवारों ने 15 मार्च को राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल से मदद मांगी। संत सीचेवाल के प्रयासों से 28 मार्च को दोनों युवक स्वदेश लौट आए। निर्मल कुटिया सुल्तानपुर लोधी में अपने परिवार के साथ पहुंचे युवकों ने कहा कि इराक में एक दिन बिताना एक साल जैसा था। दोनों युवकों और उनके परिवारों ने संत सीचेवाल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि गरीबी और किसी पहुंच के न होने के कारण उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही थी। संत सीचेवाल की मदद के बिना कंपनी के जाल से निकलना उनके लिए असंभव था। अरब देश जाने से बचें : संत सीचेवाल राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह ने विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी त्वरित कार्रवाई के कारण यह भारतीय मात्र 14 दिन में वापस आ गए हैं। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास लगातार भारतीयों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से बचाकर भारत वापस भेज रहे हैं। संत सीचेवाल ने एक बार फिर पंजाब के लोगों, विशेषकर गरीब वर्ग के लोगों से अपील की है कि वे अरब देश जाने से पहले किसी बुद्धिमान व्यक्ति की मदद जरूर लें। उन्होंने पुलिस प्रशासन को ऐसे धोखेबाज और फर्जी ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। पंजाब | दैनिक भास्कर
