हिमाचल के कृषि विभाग में एक फर्जी नियुक्ति पत्र का मामला सामने आया है। उप सचिव कृषि जोगीराम अत्री ने छोटा शिमला थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि अनीश कुमार नाम के व्यक्ति ने कनिष्ठ कार्यालय सहायक (JOA) पद के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र बनाया, जिसके बाद उन्होंने यह पत्र संयुक्त निदेशक राहुल कटोच के समक्ष धर्मशाला कार्यालय में प्रस्तुत किया। अमित नाम के ठेकेदार से इस पत्र का सत्यापन भी कराया गया, जब इसकी जांच की गई तो इसमें कई अनियमितताएं सामने आईं। नियुक्ति पत्र में उसकी नियुक्ति को रेगुलर दर्शाया गया, जबकि हिमाचल में साल 2003 से ही क्लास-थ्री के सभी पद कॉन्ट्रैक्ट आधार पर भरे जाते हैं। कृषि निदेशालय की मोहर लगी
इस नियुक्ति पत्र में कृषि निदेशालय की मोहर भी लगी थी और उप सचिव के हस्ताक्षर भी करवाए गए हैं, लेकिन बड़ी गलती यह पाई गई कि दस्तावेज में उप सचिव का पद गलत दर्शाया गया है। उन्हें अवर सचिव बताया गया, जबकि वे 1 नवंबर 2024 को उप सचिव पद पर पदोन्नत हो चुके हैं। DGP को सौंपी जांच
कृषि उप सचिव ने इस मामले की जांच के लिए DGP विजिलेंस को भी पत्र भेजा है। साथ ही एक शिकायत पुलिस को दी गई। पुलिस अब इस फर्जीवाड़े की जांच में जुट गई है। हिमाचल के कृषि विभाग में एक फर्जी नियुक्ति पत्र का मामला सामने आया है। उप सचिव कृषि जोगीराम अत्री ने छोटा शिमला थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि अनीश कुमार नाम के व्यक्ति ने कनिष्ठ कार्यालय सहायक (JOA) पद के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र बनाया, जिसके बाद उन्होंने यह पत्र संयुक्त निदेशक राहुल कटोच के समक्ष धर्मशाला कार्यालय में प्रस्तुत किया। अमित नाम के ठेकेदार से इस पत्र का सत्यापन भी कराया गया, जब इसकी जांच की गई तो इसमें कई अनियमितताएं सामने आईं। नियुक्ति पत्र में उसकी नियुक्ति को रेगुलर दर्शाया गया, जबकि हिमाचल में साल 2003 से ही क्लास-थ्री के सभी पद कॉन्ट्रैक्ट आधार पर भरे जाते हैं। कृषि निदेशालय की मोहर लगी
इस नियुक्ति पत्र में कृषि निदेशालय की मोहर भी लगी थी और उप सचिव के हस्ताक्षर भी करवाए गए हैं, लेकिन बड़ी गलती यह पाई गई कि दस्तावेज में उप सचिव का पद गलत दर्शाया गया है। उन्हें अवर सचिव बताया गया, जबकि वे 1 नवंबर 2024 को उप सचिव पद पर पदोन्नत हो चुके हैं। DGP को सौंपी जांच
कृषि उप सचिव ने इस मामले की जांच के लिए DGP विजिलेंस को भी पत्र भेजा है। साथ ही एक शिकायत पुलिस को दी गई। पुलिस अब इस फर्जीवाड़े की जांच में जुट गई है। हिमाचल | दैनिक भास्कर
