हरियाणा में अब 9वीं व 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों को एक अतिरिक्त विषय की पढ़ाई करनी होगी। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत त्रि-भाषाई सूत्र को लागू करने के लिए यह अतिरिक्त विषय जोड़ा है। जिसके तहत अब विद्यार्थियों को 6 की बजाय 7 विषय बढ़ने होंगे। वहीं इस वर्ष केवल 9वीं कक्षा के विद्यार्थियों पर यह नियम लागू होगा। वहीं अगले वर्ष 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों को भी एक अतिरिक्त विषय की पढ़ाई करनी होगी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के सहायक सचिव ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखा। जिसमें आदेश दिए कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत हरियाणा बोर्ड से सम्बद्धता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा 9वीं व 10वीं में शैक्षिक सत्र 2025-26 व 2026-27 से त्रि-भाषाई सूत्र लागू किया जाना है। जिसके अन्तर्गत अब वर्तमान शैक्षिक सत्र में कक्षा नौवीं में अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों को पूर्व में लागू पांच अनिवार्य विषयों के अलावा तृतीय भाषा के रूप में संस्कृत/उर्दू/पंजाबी में से किसी एक भाषा का अनिवार्य भाषा के रूप में चयन करवाया जाना आवश्यक है। इस प्रकार अब विद्यार्थियों को 6 अनिवार्य विषयों एवं एक वैकल्पिक विषय सहित कुल 7 विषयों का अध्ययन करवाया जाना है। इसके अनुसार विषय चयन प्रणाली लागू होने से परीक्षा उत्तीर्णता मानदंड में होने वाले आवश्यक बदलाव के लिए सूचित कर दिया जाएगा। हरियाणा सरकार से प्राप्त निर्देशों के अनुसार आवश्यक सूचना को प्रेषित करते हुए निर्देशित किया जाता है कि अपने अधीनस्थ आने वाले सभी सम्बन्धित विद्यालयों (राजकीय/गैर राजकीय) के मुखियाओं को उचित कार्यवाही अमल में लाने के लिए निर्देशित करें। हरियाणा में अब 9वीं व 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों को एक अतिरिक्त विषय की पढ़ाई करनी होगी। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत त्रि-भाषाई सूत्र को लागू करने के लिए यह अतिरिक्त विषय जोड़ा है। जिसके तहत अब विद्यार्थियों को 6 की बजाय 7 विषय बढ़ने होंगे। वहीं इस वर्ष केवल 9वीं कक्षा के विद्यार्थियों पर यह नियम लागू होगा। वहीं अगले वर्ष 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों को भी एक अतिरिक्त विषय की पढ़ाई करनी होगी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के सहायक सचिव ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखा। जिसमें आदेश दिए कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत हरियाणा बोर्ड से सम्बद्धता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा 9वीं व 10वीं में शैक्षिक सत्र 2025-26 व 2026-27 से त्रि-भाषाई सूत्र लागू किया जाना है। जिसके अन्तर्गत अब वर्तमान शैक्षिक सत्र में कक्षा नौवीं में अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों को पूर्व में लागू पांच अनिवार्य विषयों के अलावा तृतीय भाषा के रूप में संस्कृत/उर्दू/पंजाबी में से किसी एक भाषा का अनिवार्य भाषा के रूप में चयन करवाया जाना आवश्यक है। इस प्रकार अब विद्यार्थियों को 6 अनिवार्य विषयों एवं एक वैकल्पिक विषय सहित कुल 7 विषयों का अध्ययन करवाया जाना है। इसके अनुसार विषय चयन प्रणाली लागू होने से परीक्षा उत्तीर्णता मानदंड में होने वाले आवश्यक बदलाव के लिए सूचित कर दिया जाएगा। हरियाणा सरकार से प्राप्त निर्देशों के अनुसार आवश्यक सूचना को प्रेषित करते हुए निर्देशित किया जाता है कि अपने अधीनस्थ आने वाले सभी सम्बन्धित विद्यालयों (राजकीय/गैर राजकीय) के मुखियाओं को उचित कार्यवाही अमल में लाने के लिए निर्देशित करें। हरियाणा | दैनिक भास्कर
