भिवानी| भारत निर्वाचन आयोग ने जिला के अंतर्गत आने वाली चरों विधानसभा क्षेत्रों के लिए दो सामान्य पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। 54-लोहारू विधानसभा क्षेत्र तथा 59-बवानीखेड़ा (आरक्षित) के लिए रंजीत कुमार सिंह आईएएस को सामान्य पर्यवेक्षक लगाया गया है। महावीर कौशिक ने बताया कि चुनाव से संबंधित किसी भी शिकायत अथवा सुझाव को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि व आमजन पर्यवेक्षक रंजीत कुमार सिंह के मोबाइल नंबर 9485553278 पर संपर्क कर सकते हैं। भिवानी| भारत निर्वाचन आयोग ने जिला के अंतर्गत आने वाली चरों विधानसभा क्षेत्रों के लिए दो सामान्य पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। 54-लोहारू विधानसभा क्षेत्र तथा 59-बवानीखेड़ा (आरक्षित) के लिए रंजीत कुमार सिंह आईएएस को सामान्य पर्यवेक्षक लगाया गया है। महावीर कौशिक ने बताया कि चुनाव से संबंधित किसी भी शिकायत अथवा सुझाव को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि व आमजन पर्यवेक्षक रंजीत कुमार सिंह के मोबाइल नंबर 9485553278 पर संपर्क कर सकते हैं। हरियाणा | दैनिक भास्कर
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रेवाड़ी के नरेंद्र ने अलास्का की चोटी पर फहराया तिरंगा:29 साल की उम्र में बनाया रिकॉर्ड, 7 महाद्वीपों को फतेह करना सपना
रेवाड़ी के नरेंद्र ने अलास्का की चोटी पर फहराया तिरंगा:29 साल की उम्र में बनाया रिकॉर्ड, 7 महाद्वीपों को फतेह करना सपना हरियाणा के रेवाड़ी जिले के नेहरूगढ़ गांव के पर्वतारोही नरेंद्र यादव ने उत्तरी अमेरिका के अलास्का की सबसे ऊंची चोटी डेनाली को फतह कर लिया है। पर्वतारोही नरेंद्र यादव ने 6190 मीटर ऊंची चोटी पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है। नरेंद्र यादव इस पर्वत पर चढ़ने वाले पहले युवा भारतीय बन गए हैं। इससे पहले डेनाली को फतह कर विश्व रिकॉर्ड बनाने वाले युवा की उम्र 31 साल 1 महीना 25 दिन थी। नरेंद्र यादव ने 29 साल 6 महीने 8 दिन की उम्र में यह रिकॉर्ड तोड़कर अपने नाम कर लिया है। इस अभियान में दुनिया भर के पर्वतारोहियों ने हिस्सा लिया था। अभियान को आईपीएल बायोलॉजिकल ने प्रायोजित किया है। दरअसल, 15 जून को नरेंद्र यादव चार्टर फ्लाइट से तालकीतना से बेस कैंप पहुंचे और वहां से पैदल कैंप-1 पहुंचे। 23 जून को रात 10:29 बजे उन्होंने तिरंगा फहराकर विश्व पटल पर भारत का नाम अंकित कर दिया। ठंड व तेज हवा के कारण घातक हैं पर्वत नरेन्द्र यादव ने बताया कि देनाली को घातक पर्वत भी कहा जाता है। यह पर्वत तकनीकी तौर पर बहुत ही दुर्गम है। अत्यधिक ठंड और तेज हवा से यह पर्वत पर चढ़ाई और खतरनाक बना देता है। जोखिमों से भरा होने के कारण बहुत कम पर्वतारोही इस पर्वत को चढ़ने में कामयाब हुए है। 7 महाद्वीपों पर फतेह करने का सपना आर्मी जवान कृष्णचंद के बेटे नरेंद्र यादव का सपना दुनिया के सभी 7 महाद्वीपों पर फतेह कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक में छाप छोड़ने का है। नरेन्द्र ने पांच महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों को फतेह कर अनेकों विश्व रिकॉर्ड बनाए है। 2012 में पर्वतारोहण के बेसिक, 2013 में एडवांस, 2015 में एमओआई, 2022 में सर्च एंड रेस्क्यू के साथ सभी कोर्स पास किए। जिसमें माउंट एवरेस्ट को 2016 व 2022 में 6 दिन में बिना अनुकूलन के फतेह किया। किलिमंजारो को 3 बार, एलब्रुस को ट्रैवल्स में 2 बार, कोजास्को व ऑस्ट्रेलिया की 10 सबसे ऊंची चोटियों को दो बार फतेह किया है। इसके साथ-साथ दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी एकंकागुआ को फतेह किया है। अपनी स्कूली पढ़ाई के दौरान 12 साल की उम्र में ही नरेन्द्र ने जम्मू-कश्मीर की पहाड़ियों पर चढ़कर अपने पर्वतारोहण की प्रारंभिक शुरूआत कर दी थी। वर्ष 2008 से इन्होंने नियमित तौर से पर्वतारोहण का अभ्यास शुरू कर दिया था। उसके बाद महज 19 वर्ष की आयु में 6512 मीटर ऊंची भागीरथी-टू व 5612 मीटर ऊंची डीकेडी-टू के साथ कालिंदी पास व वासुकी ताल पास, लेह, गढ़वाल चोटी को फतेह करके सबसे कम उम्र का पर्वतारोही साबित हुआ था। अब अगला लक्ष्य अंटार्कटिका की सबसे ऊंची चोटी विंसन है।

हरियाणा CMO में तैनाती के लिए लॉबिंग में लगे अधिकारी:चुनाव में पलटी मारने वाले IAS-IPS निशाने पर; मुख्य सचिव 31 को होंगे रिटायर
हरियाणा CMO में तैनाती के लिए लॉबिंग में लगे अधिकारी:चुनाव में पलटी मारने वाले IAS-IPS निशाने पर; मुख्य सचिव 31 को होंगे रिटायर हरियाणा में BJP जहां सरकार बनाने की तैयारी में लगी है, वहीं अफसरशाही मलाइदार पोस्ट के लिए लॉबिंग में जुटी है। चुनाव के दौरान जिस प्रकार कार्यकारी सीएम नायब सैनी व अन्य वरिष्ठ नेता अफसरों लगाम कसने की बातें कर रहे थे, उससे माना जा रहा है कि टॉप के कुछ अफसरों के पर कतरे जा सकते हैं। प्रदेश में मुख्य सचिव और सीएम के प्रधान सचिव के पदों पर भी नई नियुक्ति की उम्मीद है। इनको लेकर अधिकारी अभी से जोड़ तोड़ में लगे हैं। भाजपा को बहुमत मिलने के बाद 17 अक्टूबर को सीएम का शपथ ग्रहण है। माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल के गठन के साथ ही मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में नए चेहरों को एंट्री मिलेगी। प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी इसके लिए अपने नाम की गोटी फिट करने में लगे हैं। इसके लिए कुछ अधिकारी तो RSS मुख्यालय तक संपर्क साध रहे हैं। कई गुजरात लॉबी के संपर्क में हैं। चर्चा है कि नई सरकार बनते ही अफसरशाही में बदलाव होगा। मुख्य सचिव, सीएम के प्रधान सचिव के पद पर नई नियुक्ति होगी। पलटी मारने अफसर निशाने पर BJP की सरकार बनती देख कर कुछ अधिकारी भविष्य को लेकर चिंतित भी हैं। ये वे अधिकारी हैं जो लोकसभा व विधान सभा चुनाव के रुझान को देख कर पलटी मारने लगे थे। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की ओर से इनको चेतावनी देने वाले बयान भी दिए गए थे। खुद कार्यकारी सीएम नायब सैनी कह चुके हैं कि लापरवाह अफसरों की लगाम कसेंगे। इससे साफ है कि कुछ आईएएस-एचसीएस और आईपीएस-एचपीएस अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है। TVSN प्रसाद 31 को होंगे रिटायर इस बीच 1988 बैच के आईएएस अधिकारी एवं मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद 31 अक्टूबर को रिटायर्ड हो रहे हैं। एक लॉबी उन्हें एक्सटेंशन दिलाने की कोशिश कर रही है। वहीं कुछ अधिकारी उनकी कुर्सी पर नजर लगाए हुए हैं।

गोपाल कांडा के दांव से BJP नेता टेंशन में:2 सीटें तय, 3 पर हलोपा नेता की मर्जी चलेगी; मंत्री-विधायकों की कुर्सी खतरे में
गोपाल कांडा के दांव से BJP नेता टेंशन में:2 सीटें तय, 3 पर हलोपा नेता की मर्जी चलेगी; मंत्री-विधायकों की कुर्सी खतरे में हरियाणा में गोपाल कांडा की पार्टी हलोपा (हरियाणा लोकहित पार्टी) BJP के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ सकती है। मुख्यमंत्री नायब सैनी बुधवार को सिरसा दौरे के दौरान सिरसा के विधायक हलोपा सुप्रीमो गोपाल कांडा से मिले थे, और उनके घर नाश्ता किया था। इसके बाद CM ने बयान दिया था कि भाजपा हलोपा के साथ है और आगामी विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ेंगे। अब माना जा रहा है कि भाजपा 5 विधानसभा सीटों पर हलोपा की जिम्मेदारी लगा सकती है। गोपाल कांडा और गोविंद कांडा पर ही 5 विधानसभाओं में कमल खिलाने की जिम्मेदारी होगी। 2 सीटों के उम्मीदवारों के चयन पर हलोपा और BJP दोनों की सहमति बनाई जाएगी, लेकिन 3 सीटें ऐसी हैं जिन पर दोनों पार्टियों में पेंच फंस सकता है। इसमें सिरसा, रानियां और फतेहाबाद विधानसभा सीट शामिल हैं। इससे कैबिनेट मंत्री समेत विधायकों की कुर्सी खतरे में है। ये है 3 सीटों का गणित… 1. रानिया विधानसभा से लड़ना चाहते हैं गोविंद कांडा
बताया जा रहा है कि हलोपा सुप्रीमो गोपाल कांडा के भाई गोविंद कांडा रानिया विधानसभा से चुनाव लड़ना चाहते हैं। रानिया से रणजीत चौटाला निर्दलीय विधायक चुने गए थे, लेकिन वह लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हो गए और विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद लोकसभा चुनाव भी हार गए। रणजीत चौटाला को हिसार से चुनाव लड़वाने के पीछे का मकसद रानिया विधानसभा सीट पर गोविंद कांडा की दावेदारी को और मजबूत करना था, लेकिन चौटाला हारकर दोबारा रानिया विधानसभा से तैयारी में लग गए हैं। भाजपा लोकसभा में चुनाव लड़ चुके उम्मीदवारों से किनारा कर सकती है। 2. फतेहाबाद सीट भी ऑफर हो सकती है
अगर रानिया में रणजीत चौटाला अड़ जाते हैं तो फतेहाबाद सीट भी गोबिंद कांडा को ऑफर की जा सकती है। हालांकि, यहां से कुलदीप बिश्नोई के भाई दुड़ाराम मौजूदा विधायक हैं। ऐसे में दुड़ाराम की नाराजगी भी भाजपा मोल नहीं लेना चाहेगी। इधर, मुख्यमंत्री की हाल ही में हुई फतेहाबाद रैली में दुड़ाराम उम्मीद के मुताबिक भीड़ नहीं जुटा पाए। मुख्यमंत्री को रिपोर्ट मिल चुकी है कि स्थानीय विधायक के कामकाज को लेकर लोगों में रोष है। वहीं, लोकसभा चुनाव में भी दुड़ाराम शहरी क्षेत्र के होने के बावजूद सिरसा लोकसभा से उम्मीदवार रहे अशोक तंवर को फतेहाबाद हलके से जितवा नहीं पाए थे। इस कारण उनके रिपोर्ट कार्ड को देखते हुए इस बार उनका टिकट काटकर किसी नए चेहरे को फतेहाबाद में मौका दिया जा सकता है। 3. सिरसा सीट पर BJP नेताओं को लगेगा झटका
उधर, सिरसा सीट पर तैयारी कर रहे भाजपा नेताओं को गोपाल कांडा के कारण दावेदारी छोड़नी पड़ सकती है। यहां से पूर्व चेयरमैन जगदीश चोपड़ा के बेटे अमन चोपड़ा, पूर्व में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके प्रदीप रातुसरिया और पूर्व राज्यपाल प्रो. गणेशी लाल के बेटे मनीष गोयल दावेदार हैं। ऐसे में गोपाल कांडा के मैदान में आने से उनकी उम्मीदवारी कमजोर पड़ सकती है। बता दें कि भाजपा के गणेशी लाल सिरसा सीट से चौधरी बंसीलाल के समय विधायक बने थे। इसके बाद से सिरसा सीट भाजपा ने कभी नहीं जीती। रानिया में रणजीत की राह मुश्किल
दरअसल, रानियां विधानसभा में रणजीत चौटाला की राह मुश्किल है। रणजीत के रानिया को छोड़कर हिसार से चुनाव लड़ने से क्षेत्र में नाराजगी है। हिसार लोकसभा में रणजीत चौटाला कांग्रेस के जयप्रकाश जेपी से हार गए थे। लोगों में नाराजगी का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि जब मुख्यमंत्री सैनी सिरसा के दौरे पर थे तो रानिया के लोगों ने बाजार बंद कर विरोध जताया था। रानिया तहसील के लोग क्षेत्र को उपमंडल का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं। वहीं, यहां के किसान नेताओं का कहना है कि किसान आंदोलन के समय रणजीत चौटाला कैबिनेट मंत्री थे, मगर किसानों के लिए कोई आवाज नहीं उठाई। इसलिए, वह चौटाला का साथ चुनाव में नहीं देंगे। 2019 में सिरसा की 5 विधानसभा सीटें हारी थी भाजपा
भाजपा प्रदेश में अबकी बार हारी हुई विधानसभा सीटों पर फोकस कर रही है। हार के कारणों से सबक लेते हुए लगातार मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री उन विधानसभाओं में जा रहे हैं। सिरसा जिले की पांचों सीट भाजपा 2019 में हार गई थी। इसके अलावा ऐलनाबाद में हुए उपचुनाव में भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था। सिरसा जिले में सिरसा, रानिया, डबवाली, कालांवाली और ऐलानाबाद विधानसभाएं आती हैं। मुख्यमंत्री नायब सैनी एक महीने में तीसरी बार 31 जुलाई को सिरसा पहुंचे थे। लोकसभा चुनाव हारने के बाद मुख्यमंत्री लगातार सिरसा का दौरा कर रहे हैं।