भास्कर न्यूज | भिवानी जिलाधीश महावीर कौशिक ने 17 सितंबर को गृह मंत्री अमित शाह बहल स्थित राजीव गांधी ग्रामीण खेल स्टेडियम में दौरा कार्यक्रम के दौरान जिला में कानून व शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के अन्तर्गत आदेश जारी किए हैं। जिलाधीश ने अपने आदेशों में कहा है कि कार्यक्रम के दौरान शरारती या असामाजिक तत्वों द्वारा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी फैलाकर कानून एवं शांति व्यवस्था बिगाड़ने व इस दौरे के दौरान, कार्यक्रम में व्यवधान डालने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। भास्कर न्यूज | भिवानी जिलाधीश महावीर कौशिक ने 17 सितंबर को गृह मंत्री अमित शाह बहल स्थित राजीव गांधी ग्रामीण खेल स्टेडियम में दौरा कार्यक्रम के दौरान जिला में कानून व शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के अन्तर्गत आदेश जारी किए हैं। जिलाधीश ने अपने आदेशों में कहा है कि कार्यक्रम के दौरान शरारती या असामाजिक तत्वों द्वारा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी फैलाकर कानून एवं शांति व्यवस्था बिगाड़ने व इस दौरे के दौरान, कार्यक्रम में व्यवधान डालने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हरियाणा | दैनिक भास्कर
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हरियाणा का विधानसभा सत्र आज से:जॉब सिक्योरिटी समेत 6 बिल पेश करेगी सरकार; कांग्रेस बिना नेता प्रतिपक्ष के उतरेगी
हरियाणा का विधानसभा सत्र आज से:जॉब सिक्योरिटी समेत 6 बिल पेश करेगी सरकार; कांग्रेस बिना नेता प्रतिपक्ष के उतरेगी हरियाणा विधानसभा का सत्र आज से शुरू होगा। इसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 1.20 लाख अस्थायी कर्मचारियों को जॉब सिक्योरिटी देने वाले विधेयक के पारित होने के समय बड़ी घोषणा कर सकते हैं। सरकार ने अभी तक इसका अध्यादेश जारी कर रखा है। इसकी अवधि 6 महीने होती है। इससे पहले अगर विधानसभा में विधेयक पारित हो जाए तो राज्यपाल की मंजूरी के बाद वह स्थायी कानून बन जाता है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा चुनाव से पहले मंत्रिमंडल की बैठक में 1.20 लाख अस्थायी कर्मचारियों की नौकरी 58 साल तक सुरक्षित करने के लिए जॉब सिक्योरिटी अध्यादेश मंजूर कराया था। अब 13 नवंबर यानी आज से विधानसभा सत्र शुरू होने जा रहा है, जिसमें विधेयक पेश किए जाएंगे। इनमें वे विधेयक भी शामिल होते हैं, जिनके अध्यादेश पहले जारी हो चुके होते हैं। मगर इन अध्यादेशों को ज्यों का त्यूं ही विधेयक के रूप में पेश करना होता है, इसलिए जॉब सिक्योरिटी का अध्यादेश भी यूं का यूं विधेयक के तौर पर प्रस्तुत किया जाएगा। मगर इस पर जब चर्चा होगी तो मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बड़ी घोषणा भी कर सकते हैं। 50 हजार रुपए वेतन तक की शर्त हट सकती है
जॉब सिक्योरिटी का अभी जो अध्यादेश जारी हो रखा है, उसमें 50 हजार रुपए तक की सैलरी पाने वाले कर्मचारी ही शामिल हैं। जिन्हें 15 अगस्त , 2024 को पांच साल हो गए हैं। इसलिए संभावना है कि जॉब सिक्योरिटी विधेयक से 50 हजार रुपए की सीमा हटा दी जाए या सीमा बढ़ा दी जाए। यह भी संभावना है कि जो पद अभी जॉब सिक्योरिटी विधेयक से बाहर हैं और जिनका वेतन 50 हजार रुपए से कम है, उन्हें भी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शामिल करने की घोषणा विधानसभा में कर दें। 1.20 लाख अस्थायी कर्मचारियों की जॉब सुरक्षित
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चुनाव से पहले और चुनाव के समय कहा था कि 1.20 लाख अस्थायी कर्मचारियों की जॉब 15 अगस्त, 2024 से सुरक्षित हो चुकी है। उन्हें कोई चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। अब पढ़िए इस बार सत्र में क्या-क्या नया होगा 1. नहीं होगा शून्यकाल-प्रश्नकाल
सत्र 13, 14 और 18 नवंबर को 3 दिन चलेगा। 15 को गुरु नानक देव जयंती के उपलक्ष्य में अवकाश है। वहीं 16 और 17 नवंबर को शनिवार और रविवार हैं। सत्र के दौरान इस बार प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं होगा। 15वीं विधानसभा का पहला सत्र 25 अक्टूबर को हुआ था। जिसमें विधायकों को शपथ दिलाई गई थी। उस दौरान विधानसभा सत्र की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई थी। 2. बिना नेता प्रतिपक्ष के उतरेगी कांग्रेस
कांग्रेस बिना नेता प्रतिपक्ष के सत्र में उतरेगी। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि प्रदेश में कांग्रेस की हार के बाद हुड्डा और सैलजा खेमे में इस पद को लेकर खींचतान बनी हुई है। सैलजा समर्थक विधायक हुड्डा का नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने का विरोध कर रहे हैं। 3. भाजपा के 23 और कांग्रेस के 13 नए चेहरे सदन में पहुंचेंगे
इस सेशन में पहली बार भाजपा के 23 और कांग्रेस के 13 विधायक पहुंचेंगे। इनको विधायी कार्यों की जानकारी के लिए प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण के लिए विधानसभा सचिवालय की ओर से शेड्यूल भी जारी किया गया था। नए 40 विधायकों में भाजपा-कांग्रेस के अलावा INLD के 2 और 2 निर्दलीय विधायक भी शामिल हैं। सरकार इन बिलों को कराएगी पास 1. हरियाणा संविदात्मक कर्मचारी (सेवा की सुनिश्चिता ) विधेयक 2. हरियाणा सिख गुरुद्वारा (प्रबंधक) संशोधन विधेयक 3. हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास व विनियमन ( संशोधन) विधेयक 4. हरियाणा नगर निगम ( संशोधन) के दो विधेयक 5. हरियाणा ग्राम शामलात भूमि ( विनियमन ) संशोधन विधेयक 6. हरियाणा पंचायती राज ( संशोधन) विधेयक
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हरियाणा में कांडा को समर्थन दे सकती है BJP:भाजपा उम्मीदवार के आज नामांकन वापस लेने की चर्चा; पार्टी ऑफिस में मीटिंग बुलाई
हरियाणा में कांडा को समर्थन दे सकती है BJP:भाजपा उम्मीदवार के आज नामांकन वापस लेने की चर्चा; पार्टी ऑफिस में मीटिंग बुलाई हरियाणा में सिरसा विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार रोहताश जांगड़ा आज अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। भाजपा इस सीट पर हरियाणा लोकहित पार्टी (HLP) के उम्मीदवार गोपाल कांडा को समर्थन दे सकती है। रोहताश जांगड़ा ने खुद इसके संकेत दिए हैं। रोहताश जांगड़ा का कहना है कि पार्टी कार्यालय में मीटिंग बुलाई गई है। इसमें हरियाणा के प्रवासी प्रभारी सुरेंद्र सिंह टीटी मौजूद रहेंगे। पार्टी जो भी आदेश देगी, वह मानने के लिए तैयार हैं। हमारा बस एक ही लक्ष्य है कि प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बननी चाहिए। वहीं एक दिन पहले गोपाल कांडा ने भी मीडिया से बातचीत में कहा कि वह अब भी NDA का हिस्सा हैं। जीतने के बाद भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाएंगे। उनका परिवार शुरू से ही RSS से जुड़ा हुआ है। पिता मुरलीधर कांडा जनसंघ की टिकट पर 1952 में डबवाली सीट से चुनाव लड़ चुके हैं और मेरी माता आज भी भाजपा को ही वोट डालती हैं। राज्य में 90 विधानसभा सीटों के लिए 5 अक्टूबर को वोटिंग होनी है। रिजल्ट 8 अक्टूबर को आएगा। भाजपा के उम्मीदवार उतारते ही इनेलो-बसपा से गठबंधन किया गोपाल कांडा 2019 में सिरसा सीट से विधायक बने थे। जिसके बाद उन्होंने भाजपा को समर्थन दे दिया। 2024 विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे के दौरान चर्चा थी कि भाजपा गोपाल कांडा को सिरसा सीट पर समर्थन दे सकती है। हालांकि भाजपा ने यहां से रोहताश जांगड़ा को उम्मीदवार घोषित कर दिया। अगले ही दिन गोपाल कांडा की पार्टी हलोपा और इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) में गठबंधन हो गया। INLD पहले ही बहुजन समाज पार्टी (BSP) के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। जिसके बाद इनेलो के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला ने कांडा को सिरसा सीट से गठबंधन का उम्मीदवार घोषित कर दिया। कांडा बोले- एक दूसरे की मदद को समझौता गठबंधन के बाद गोपाल कांडा ने कहा था कि सिरसा से बाहर रानियां और ऐलनाबाद हलके में हलोपा का जनाधार है। ऐलनाबाद उपचुनाव में गोबिंद कांडा को अच्छे वोट मिले थे। इसलिए अभय चाहते हैं कि हलोपा ऐलनाबाद और रानियां में मदद करे, बदले में वह सिरसा में मदद करेंगे। हम दोनों ही पार्टियां कांग्रेस के खिलाफ हैं। मैंने कभी भाजपा से कोई सीट नहीं मांगी। हमारा शुरू से ही बिना शर्त समझौता है। इस बार हरियाणा में कांग्रेस नहीं बल्कि भाजपा की सरकार आएगी। भाजपा प्रदेश में जीत की हैट्रिक बनाएगी और हमारा गठबंधन भाजपा को सपोर्ट करेगा। ओपी चौटाला के करीबी रहे गोपाल कांडा के करोड़पति बनने का असली सफर वर्ष 2000 के आसपास गुरुग्राम से शुरू हुआ। उस समय हरियाणा में ओमप्रकाश चौटाला की अगुआई में इनेलो की सरकार थी। उस दौर में गोपाल कांडा इनेलो सुप्रीमो ओपी चौटाला के बेहद करीब थे। चौटाला सरकार के दौरान ही कांडा ने सिरसा जिले में तैनात रहे एक IAS अफसर से हाथ मिलाया। वह IAS अफसर गुरुग्राम में हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (हुडा, अब इसका नाम HSVP हो चुका है।) प्रशासक लग गया। उस अफसर से दोस्ती का फायदा उठाते हुए गोपाल कांडा ने गुरुग्राम में प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त शुरू कर दी। यह वो दौर था जब गुरुग्राम में डेवलपमेंट शुरू ही हुई थी। दिल्ली से सटा होने के कारण बड़ी-बड़ी कंपनियों ने वहां अपने कॉर्पोरेट दफ्तर बनाने शुरू किए तो गुरुग्राम के प्रॉपर्टी बाजार में ऐसा बूम आया कि रातोंरात लोगों के वारे न्यारे हो गए। गोपाल कांडा को इसका जमकर फायदा मिला। चौटाला सरकार के दौरान ही गोपाल कांडा के बाकी राजनेताओं से भी अच्छे संबंध बन गए। साल 2000 में कांडा ने ओपी चौटाला को नोटों की गडि्डयों से तोला था। तब ऐसी चर्चा रही कि कांडा ने चौटाला के वजन के बराबर तराजू में 80 लाख रुपए रखे थे। 2009 में निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीते 2004 के विधानसभा चुनाव में ओमप्रकाश चौटाला की पार्टी, इनेलो हार गई और राज्य में भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अगुवाई में कांग्रेस की सरकार बनी। बिजनेस की समझ रखने वाले गोपाल कांडा ने जल्दी ही हुड्डा सरकार में पैठ बना ली। उसके साथ ही वह इनेलो और चौटाला परिवार से दूर होते चले गए। वर्ष 2009 के विधानसभा चुनाव में गोपाल कांडा ने सिरसा विधानसभा सीट से बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत गए। वह 2005 से 2009 तक हुड्डा सरकार में उद्योगमंत्री रहे सिरसा के दिग्गज लक्ष्मण दास अरोड़ा को हराकर विधानसभा पहुंचे। विधानसभा चुनाव नतीजे आए तो कांग्रेस पूर्ण बहुमत हासिल नहीं कर पाई। तब कांग्रेस ने 40 सीटें जीतीं। इनेलो 32 विधायकों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। उस समय गोपाल कांडा ने सियासी हालात का फायदा उठाते हुए निर्दलीय जीतने वाले 5-6 विधायकों को रातोंरात हुड्डा को समर्थन दिलवा दिया। लगातार दूसरी बार हरियाणा का मुख्यमंत्री बने हुड्डा ने कांडा को बतौर ईनाम अपनी कैबिनेट में शामिल करते हुए गृह राज्यमंत्री बनाया।
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रोहतक के प्राइवेट अस्पताल में आयुष्मान के तहत इलाज बंद:जिले का 15 करोड़ रुपए बकाया, सरकार ने 31 मार्च तक टाली बात
रोहतक के प्राइवेट अस्पताल में आयुष्मान के तहत इलाज बंद:जिले का 15 करोड़ रुपए बकाया, सरकार ने 31 मार्च तक टाली बात हरियाणा के रोहतक जिले में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पैटर्न डॉ. रविंद्र चौधरी ने कहा कि आयुष्मान योजना के तहत कल रात से इलाज बंद कर दिया गया है। आईएमए की सरकार से मीटिंग हुई थी, जिसमें कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। डॉ. रविंद्र आईएमए हॉल में पत्रकारों से बात कर रहे थे। डॉ. रविंद्र चौधरी ने बताया कि रोहतक में 35 प्राइवेट अस्पताल है, जबकि 21 सरकारी अस्पताल आयुष्मान योजना के पैनल में है। लेकिन 35 अस्पतालों का ही करीब 15 करोड़ रुपए बकाया सरकार के पास है। पिछले 4 से 5 माह का उन्हें पैसा नहीं मिला है। सरकार ने 31 मार्च तक टाली बात
डॉ. रविंद्र चौधरी ने बताया कि आईएमए के डेलीगेशन की सीएम के चीफ सेक्रेटरी आरएस खुल्लर के साथ मीटिंग हुई थी, लेकिन रुपए के भुगतान को 31 मार्च तक टाल दिया गया। रात को जूम मीटिंग कर सभी आईएमए के सदस्यों ने इस पर रोष प्रकट किया और आयुष्मान के तहत वर्क सस्पेंड करने का निर्णय लिया। पहले इलाज की परमिशन दे देते हैं, बाद में काट रहे पेमेंट
डॉ. रविंद्र ने बताया कि आयुष्मान योजना के तहत पहले पोर्टल पर सरकार की तरफ से बीमारी के इलाज की परमिशन मिल जाती है, लेकिन भुगतान के समय उनकी पेमेंट काट ली जाती है। यह गलत है और इससे अस्पताल को नुकसान उठाना पड़ता है। एक या दो दिन में हो जाएगा निर्णय
डॉ. रविंद्र ने बताया कि पूरे प्रदेश में आईएमए की बैठक चल रही है। आईएमए के सदस्यों में रोष है और एक या दो दिन में निर्णय हो जाएगा कि सरकार को मौका देना है या नहीं। फिलहाल आयुष्मान के तहत इलाज बंद कर रखा है और यह आगे भी बढ़ सकता है।