लखनऊ विकास प्राधिकरण करीब 20 वर्षों के बाद जानकीपुरम योजना में रजिस्ट्री करना शुरू करेगा। सीबीआई से मिली मंजूरी के बाद कुल 177 भूखंडों में से 172 की रजिस्ट्री होगी। बाकी के पांच के दस्तावेजों की जांच जल रही है। बोर्ड ने रजिस्ट्री का प्रस्ताव पास कर दिया है। अफसरों ने भू-,माफियाओं के साथ मिल कर बेच दी जमीन
जानकीपुरम विस्तार में LDA अफसरों ने भू-,माफियाओं के साथ मिल कर आवंटियों को ग्रीन बेल्ड, प्ले ग्राउंड में प्लॉट काटकर बेच दिया गया। वर्ष 2004 में मामला खुलने पर सीबीआई ने जांच की। सीबीआई रिपोर्ट के मुताबिक, इस धांधली से कम से कम 1.75 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। इसके बाद कई के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई थी। ऐसे किया था खेल
LDA के उपसचिव की तरफ से केसरबाग कोतवाल में सात फरवरी 2008 को दी गई तहरीर में कहा गया था कि पूर्व संयुक्त सचिव सहित 14 अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती के दौरान 177 भूखंडों का फर्जी तरीके से आवंटन किया गया। इसमें 10 फीसदी नामांतरण शुल्क जमा करा कर भूखंडों का हस्तांतरण करा दिया गया। यही नहीं फर्जी तरीके से पार्क भी बेच डाला गया। यह सब जांच में उजागर हुआ है। बेसमेंट में बना सकेंगे शौचालय
भूखंड मालिक अब बेसमेंट में शौचालय बना सकेंगे। अभी तक सिर्फ पार्किंग बनाने की अनुमति थी। बोर्ड ने शासन के संसोधन नियम को पास करते शहर में भी बेसमेंट में शौचालय बनाने की अनुमति दी है। अधिकतम चार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में शौचालय बनाया जा सकता है। इसमें प्राकृतिक मेकेनिकल वेंटिलेशन का प्रावधान करना होगा। इसके साथ गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था करनी होगी। ये प्रस्ताव हुए पास लखनऊ विकास प्राधिकरण करीब 20 वर्षों के बाद जानकीपुरम योजना में रजिस्ट्री करना शुरू करेगा। सीबीआई से मिली मंजूरी के बाद कुल 177 भूखंडों में से 172 की रजिस्ट्री होगी। बाकी के पांच के दस्तावेजों की जांच जल रही है। बोर्ड ने रजिस्ट्री का प्रस्ताव पास कर दिया है। अफसरों ने भू-,माफियाओं के साथ मिल कर बेच दी जमीन
जानकीपुरम विस्तार में LDA अफसरों ने भू-,माफियाओं के साथ मिल कर आवंटियों को ग्रीन बेल्ड, प्ले ग्राउंड में प्लॉट काटकर बेच दिया गया। वर्ष 2004 में मामला खुलने पर सीबीआई ने जांच की। सीबीआई रिपोर्ट के मुताबिक, इस धांधली से कम से कम 1.75 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। इसके बाद कई के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई थी। ऐसे किया था खेल
LDA के उपसचिव की तरफ से केसरबाग कोतवाल में सात फरवरी 2008 को दी गई तहरीर में कहा गया था कि पूर्व संयुक्त सचिव सहित 14 अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती के दौरान 177 भूखंडों का फर्जी तरीके से आवंटन किया गया। इसमें 10 फीसदी नामांतरण शुल्क जमा करा कर भूखंडों का हस्तांतरण करा दिया गया। यही नहीं फर्जी तरीके से पार्क भी बेच डाला गया। यह सब जांच में उजागर हुआ है। बेसमेंट में बना सकेंगे शौचालय
भूखंड मालिक अब बेसमेंट में शौचालय बना सकेंगे। अभी तक सिर्फ पार्किंग बनाने की अनुमति थी। बोर्ड ने शासन के संसोधन नियम को पास करते शहर में भी बेसमेंट में शौचालय बनाने की अनुमति दी है। अधिकतम चार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में शौचालय बनाया जा सकता है। इसमें प्राकृतिक मेकेनिकल वेंटिलेशन का प्रावधान करना होगा। इसके साथ गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था करनी होगी। ये प्रस्ताव हुए पास उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर
जानकीपुरम योजना में होगी रजिस्ट्री,CBI से मिली मंजूरी:177 प्लॉट पर 20 वर्षो से चल रही थी जांच; LDA अफसरों ने किया था घोटाला
