दादरी में 7 साल सजा पाने वाला अध्यापक आया सामने:कहा-हाजिरी रजिस्टर कटिंग मामले में गलत फंसाया,रिपोर्ट उनके हक में लड़ेंगे लंबी लड़ाई

दादरी में 7 साल सजा पाने वाला अध्यापक आया सामने:कहा-हाजिरी रजिस्टर कटिंग मामले में गलत फंसाया,रिपोर्ट उनके हक में लड़ेंगे लंबी लड़ाई

चरखी दादरी जिले में हाजिरी रजिस्टर में कटिंग कर गलत तरीके से सेलरी लेने के मामले में कोर्ट द्वारा सात साल की सजा पाने वाला पूर्व प्राचार्य सामने आया है। उसका कहना है कि उसे गलत तरीके से फंसाया गया है। एफएसएल रिपोर्ट उसके हक में है वे सेशनल जज को अपील करेंगे,हाई कोर्ट जाना पड़ा तो वहां भी जाएंगे और न्याय के लिए लंबी लड़ाई लड़ेगे। 7 साल की सुनाई थी सजा
बता दे कि बीते 14 फरवरी को चरखी दादरी अदालत ने हाजरी रजिस्टर में कटिंग कर गलत तरीके सेलरी लेने के मामले में श्यामकलां के पूर्व हैडमास्टर को 7 साल की सजा सुनाई थी और उन्हें भिवानी जेल भेज दिया गया था। जहां वे चार दिन और चार रात रहे। उसके बाद उन्हें जमानत मिली है। जेल से बाहर आने के बाद वे कैमरे के सामने आए है और उनका कहना है कि उन्हें पूरी तरह से गलत तरीके से फंसाया गया है। एफएसएल रिपोर्ट उनके हक में है और वे न्याय के लिए लड़ाई लड़ेंगे।
हाईकोर्ट जाएंगे
मामले में 7 साल की सजा पाने वाले पूर्व प्राचार्य राजमल ने बताया कि उसे बीएनएस के तहत सजा सुनाई गई है जबकि उसका मामला पुराना है। इसके अलावा एफएसएल रिपोर्ट भी उसके हक में है। उसने कहा कि सेशन कोर्ट में याचिका की है और जरूरत पड़ी तो हाई कोर्ट की भी शरण लेंगे और न्याय पाकर ही दम लेंगे।
ये था मामला
हाजिरी रजिस्टर में कटिंग कर धोखाधड़ी करने के मामले में हैडमास्टर राजमल के खिलाफ साल 2015 में केस दर्ज हुआ था और 2022 में उसे नौकरी से बरखास्त भी किया गया था। मामले में चरखी दादरी अदालत द्वारा राजकीय हाई स्कूल श्यामकलां जिला चरखी दादरी में नियुक्त रहे राजमल हैड मास्टर को स्कूल के हाजरी रजिस्टर में ऑवर कटिंग करके अपनी हाजरी लगाकर धोखाधडी करने तथा फर्जी दस्तावेज तैयार करने के लिए सात साल कैद की सजा सुनाई गई थी। सुनील पुत्र शेरसिहं निवासी गांव द्वारका द्वारा साल 2015 में दर्ज करवाए गए केस मे राजमल मुख्याध्यापक पर स्कूल से बिना सूचना गैर हाजिर होने पर स्कूल स्टाफ द्वारा उसके हाजरी रजिस्टर के कालम में गैर हाजरी भरी गई थी। लेकिन राजमल ने बाद मे स्कूल में आकर स्कूल के हाजरी रजिस्टर में अपनी गैर हाजरी के ऊपर ओवर कटिंग करके अपनी हाजरी लगा दी थी। पुलिस द्वारा मामले की जांच के बाद न्यायालय चरखी दादरी में उसके खिलाफ चालान दिया गया था जिसकी लम्बी सुनवाई के बाद न्यायालय चरखी दादरी द्वारा राजमल को धारा 420,467,468 आईपीसी में सात साल की कैद तथा 1000रूपए का जुर्माना लगाया गया , तथा राजमल को हिरासत में लेकर जिला जेल भिवानी भेजा गया। चरखी दादरी जिले में हाजिरी रजिस्टर में कटिंग कर गलत तरीके से सेलरी लेने के मामले में कोर्ट द्वारा सात साल की सजा पाने वाला पूर्व प्राचार्य सामने आया है। उसका कहना है कि उसे गलत तरीके से फंसाया गया है। एफएसएल रिपोर्ट उसके हक में है वे सेशनल जज को अपील करेंगे,हाई कोर्ट जाना पड़ा तो वहां भी जाएंगे और न्याय के लिए लंबी लड़ाई लड़ेगे। 7 साल की सुनाई थी सजा
बता दे कि बीते 14 फरवरी को चरखी दादरी अदालत ने हाजरी रजिस्टर में कटिंग कर गलत तरीके सेलरी लेने के मामले में श्यामकलां के पूर्व हैडमास्टर को 7 साल की सजा सुनाई थी और उन्हें भिवानी जेल भेज दिया गया था। जहां वे चार दिन और चार रात रहे। उसके बाद उन्हें जमानत मिली है। जेल से बाहर आने के बाद वे कैमरे के सामने आए है और उनका कहना है कि उन्हें पूरी तरह से गलत तरीके से फंसाया गया है। एफएसएल रिपोर्ट उनके हक में है और वे न्याय के लिए लड़ाई लड़ेंगे।
हाईकोर्ट जाएंगे
मामले में 7 साल की सजा पाने वाले पूर्व प्राचार्य राजमल ने बताया कि उसे बीएनएस के तहत सजा सुनाई गई है जबकि उसका मामला पुराना है। इसके अलावा एफएसएल रिपोर्ट भी उसके हक में है। उसने कहा कि सेशन कोर्ट में याचिका की है और जरूरत पड़ी तो हाई कोर्ट की भी शरण लेंगे और न्याय पाकर ही दम लेंगे।
ये था मामला
हाजिरी रजिस्टर में कटिंग कर धोखाधड़ी करने के मामले में हैडमास्टर राजमल के खिलाफ साल 2015 में केस दर्ज हुआ था और 2022 में उसे नौकरी से बरखास्त भी किया गया था। मामले में चरखी दादरी अदालत द्वारा राजकीय हाई स्कूल श्यामकलां जिला चरखी दादरी में नियुक्त रहे राजमल हैड मास्टर को स्कूल के हाजरी रजिस्टर में ऑवर कटिंग करके अपनी हाजरी लगाकर धोखाधडी करने तथा फर्जी दस्तावेज तैयार करने के लिए सात साल कैद की सजा सुनाई गई थी। सुनील पुत्र शेरसिहं निवासी गांव द्वारका द्वारा साल 2015 में दर्ज करवाए गए केस मे राजमल मुख्याध्यापक पर स्कूल से बिना सूचना गैर हाजिर होने पर स्कूल स्टाफ द्वारा उसके हाजरी रजिस्टर के कालम में गैर हाजरी भरी गई थी। लेकिन राजमल ने बाद मे स्कूल में आकर स्कूल के हाजरी रजिस्टर में अपनी गैर हाजरी के ऊपर ओवर कटिंग करके अपनी हाजरी लगा दी थी। पुलिस द्वारा मामले की जांच के बाद न्यायालय चरखी दादरी में उसके खिलाफ चालान दिया गया था जिसकी लम्बी सुनवाई के बाद न्यायालय चरखी दादरी द्वारा राजमल को धारा 420,467,468 आईपीसी में सात साल की कैद तथा 1000रूपए का जुर्माना लगाया गया , तथा राजमल को हिरासत में लेकर जिला जेल भिवानी भेजा गया।   हरियाणा | दैनिक भास्कर