अमृतसर| थाना राजासांसी की पुलिस ने दुकान के शट्टर का ताला तोड़कर नए कपड़े और 30 हजार रुपए चोरी करने के मामले में अज्ञात युवकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस को दी शिकायत में सुखदेव सिंह निवासी कुकड़ावाला कॉलोनी ने बताया कि 17 अगस्त को वह रोजाना की तरह अपनी मनियारी की दुकान को ताला लगाकर बंद करके अपने घर चला गया। जब 18 अगस्त तड़कसार 4 बजे सैर करते हुए अपनी दुकान की ओर आया तो दुकान से एक युवक को निकल भागते हुए देखा। दुकान के शट्टर का ताला टूटा हुआ था। अमृतसर| थाना राजासांसी की पुलिस ने दुकान के शट्टर का ताला तोड़कर नए कपड़े और 30 हजार रुपए चोरी करने के मामले में अज्ञात युवकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस को दी शिकायत में सुखदेव सिंह निवासी कुकड़ावाला कॉलोनी ने बताया कि 17 अगस्त को वह रोजाना की तरह अपनी मनियारी की दुकान को ताला लगाकर बंद करके अपने घर चला गया। जब 18 अगस्त तड़कसार 4 बजे सैर करते हुए अपनी दुकान की ओर आया तो दुकान से एक युवक को निकल भागते हुए देखा। दुकान के शट्टर का ताला टूटा हुआ था। पंजाब | दैनिक भास्कर
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महिला ने फौजी की हत्या करने भेजे थे दो शूटर, गोली नाबालिग को जा लगी, मौत भास्कर न्यूज | अमृतसर मेहता के खब्बे राजपूतां में चल रहे फुटबाल टूर्नामेंट के दौरान फायरिंग में गुरसेवक (15) की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी महिला को काबू करके 3 दिन का रिमांड लिया है। आरोपी महिला ने पुलिस पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। आरोपी महिला ने बताया कि छुट्टी पर आए फौजी गुरप्रीत सिंह की हत्या करवाने के लिए 2 शूटरों को भेजा था। गोली चलाने के दौरान गुरप्रीत सिंह जख्मी हुआ, जबकि बच्चे के पीठ पर गोली लगने से उसकी मौत हो गई। बच्चे को मारने का उसका कोई प्लान नहीं था। पकड़ी गई आरोपी महिला ने बताया कि वह पहले गुरप्रीत सिंह के साथ रिलेशन में थी। गुरप्रीत के पास कोई वीडियो थी, जिसे उसने वायरल किया था। इसी के कारण उसने उसकी हत्या करवानी थी, लेकिन वह बच गया। महिला किसी व्यक्ति के संपर्क में आई और उसने उस वक्त से 2 शूटरों की मांग की। जिसके बाद यह वारदात करवाई थी। हालांकि इस मामले में पुलिस शूटरों को अभी काबू नहीं कर पाई है। एसएचओ शमशेर सिंह ने बताया कि पुलिस टीम जांच में लगी है। बता दें कि शनिवार को स्टेडियम में फुटबाल टूर्नामेंट के दौरान बाइक सवार 2 शूटरों ने 4 गोलियां चलाई थी। जिस दौरान खेल देखने आए गुरसेवक की गोली लगने से उसकी मौके पर मौत हो गई थी। इसके अलावा फौजी गुरप्रीत सिंह की एक टांग में गोली लगी और वह जख्मी हो गया। गुरप्रीत का इलाज अभी अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद मृतक गुरसेवक सिंह के परिजनों और इलाके के लोगों ने आक्रोश जताते हुए थाना मेहता के सामने बटाला-बाबा बकाला साहिब मुख्य मार्ग पर धरना लगा दिया था। गुरसेवक सिंह 3 बहनों का इकलौता भाई था। परिजनों के मुताबिक गुरसेवक घर से फुटबॉल टूर्नामेंट देखने गया था। एसपी डी हरिंदर सिंह ने बताया कि मामले में पुलिस के पास आरोपियों की लीड हैं। छापेमारी कर रहे हैं जल्द ही शूटरों को काबू कर लिया जाएगा। गुरसेवक का फाइल फोटो।

स्मृति ईरानी को हराने वाले किशोरी लाल लुधियाना पहुंचे:बोले- पंजाब के हिंदू-सिखों में नाखून-मांस का रिश्ता; BJP को श्रीराम ने सजा दी
स्मृति ईरानी को हराने वाले किशोरी लाल लुधियाना पहुंचे:बोले- पंजाब के हिंदू-सिखों में नाखून-मांस का रिश्ता; BJP को श्रीराम ने सजा दी उत्तर प्रदेश की चर्चित लोकसभा सीटों में से एक अमेठी जीतकर रविवार को पंजाब के लुधियाना पहुंचे कांग्रेस के नव-निर्वाचित सांसद किशोरी लाल शर्मा का यहां जोरदार स्वागत हुआ। उनके स्वागत के लिए जिला कांग्रेस के प्रधान संजय तलवाड़ और पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण उनके निवास स्थान शिवाजी नगर पहुंचे थे। किशोरी लाल गांधी परिवार के करीबी माने जाते हैं। उन्होंने अमेठी के चुनाव में BJP की कद्दावर नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को 1,67,196 वोटों से हराया है। एक बड़ी लड़ाई जीतकर पहली बार जब किशोरी लाल अपने गृह जिला लुधियाना में पहुंचे तो यहां उनके पारिवारिक सदस्यों ने उनका मुंह मीठा करवाया। किशोरी लाल करीब 40 साल से गांधी परिवार के साथ हैं। उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत राजीव गांधी लुधियाना से अमेठी ले गए थे। तब वह यूथ कांग्रेस में थे। किशोरी लाल ने अपना ज्यादातर जीवन अमेठी में ही बिताया है, जबकि उनका परिवार अब भी लुधियाना में ही रहता है। अब जब वह लुधियाना पहुंचे तो दैनिक भास्कर ने उनसे पार्टी के फैसलों, जीत का अनुभव, BJP कैंडिडेट की हार, आदि के बारे में बातचीत की। यहां पढ़िए सांसद किशोरी लाल शर्मा से हुई विस्तृत बातचीत के अंश… सवाल: लुधियाना के होकर अमेठी से चुनाव लड़े। कैसा रहा अनुभव?
जवाब : अमेठी का चुनाव बहुत अच्छा रहा। वहां की जनता ने खुद अपने कंधों पर जिम्मेदारी लेकर चुनाव लड़ा। मेरे चुनाव प्रचार के लिए दिन कम थे। 3 मई को टिकट घोषित हुई और 18 मई को चुनाव प्रचार बंद होना था। 20 मई को वहां चुनाव था। मैंने अपनी जिंदगी के 40 साल वहां के लोगों को दिए हैं, तो लोगों के लिए मैं नया नहीं था। पंजाब के लोगों के लिए मैं नया हो सकता हूं। सवाल: कांग्रेस को पूरे देश में 99 सीटें मिली हैं। इन्हें कांग्रेस की सीटें मानते हैं या I.N.D.I.A. की?
जवाब : अब 3 और लोगों ने कांग्रेस जॉइन कर ली है। अब कुल 102 सीटें हो गई हैं। ये सभी सीटें कांग्रेस की पक्की थीं। जहां हम महागठबंधन का हिस्सा थे, वहां हमें 6 सीटें मिली हैं। इसी तरह देश के कई राज्यों से सीटें मिली हैं। सवाल: भाजपा को इस बार लोकसभा चुनाव में पिछली बार के मुकाबले 63 सीटों का घाटा हुआ है। इसका क्या कारण है?
जवाब : उत्तर प्रदेश में सबसे बड़ा मुद्दा लावारिस पशुओं का था। ये पशु लोगों के खेतों को खराब कर देते थे। महंगाई और बेरोजगारी खास मुद्दे थे। भाजपा ने भगवान श्रीराम के नाम से लोगों को वहां बहकाना चाहा। UP का मतदाता बहुत समझदार है। लोग जानते थे कि मंदिर का निर्माण कोर्ट के आदेश पर हो रहा है। लोगों को यह भी पता था कि 4 शंकराचार्य हैं, वे मंदिर की मेन पूजा में नहीं थे। देश के राष्ट्रपति पूजा में नहीं थे। यदि राजनीतिक तौर पर देखा जाए तो राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का होना जरूरी था। यदि धार्मिक दृष्टि से देखें तो चारों शंकराचार्यों का पूजा में होना जरूरी था। मैं कहूंगा कि एक तरह भगवान श्रीराम ने भाजपा को सजा दी है। सवाल: उत्तर प्रदेश में मिली हार के बाद लगता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भाजपा हटा सकती है?
जवाब : भाजपा की उत्तर प्रदेश में हुई हार की नैतिक जिम्मेदारी पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बनती है। मोदी 400 सीटों का दावा कर रहे थे। योगी जी की तो बाद की बात है। सवाल: राहुल गांधी को रायबरेली सीट रखनी चाहिए या वायनाड?
जवाब : मैं चाहूंगा कि राहुल जी को रायबरेली सीट रखनी चाहिए। क्योंकि, इस सीट पर मैंने काफी काम किया है। सवाल: अमेठी में स्मृति ईरानी की हार का कारण क्या रहा?
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जवाब : ये सवाल रवनीत बिट्टू का है तो जवाब भी वहीं देंगे। मैं एक बात जरूर कहूंगा कि पंजाब में हिंदू और सिखों का रिश्ता नाखून और मांस वाला है। इसे कोई जुदा नहीं कर सकता। सवाल: कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा को पंजाब में विरोधी कांग्रेस जोड़ो यात्रा कह रहे थे। इस पर क्या कहेंगे?
जवाब : भारत जोड़ो यात्रा का कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं था। भारत में जो नफरत फैलाई गई थी, उसे हटाने और लोगों के दिलों को आपस में जोड़ने की यात्रा थी। सवाल: लुधियाना में राजा वड़िंग ने चुनाव लड़ा है। बेशक वह जीत गए, लेकिन गुटबाजी अब भी शहर में है। क्या राहुल गांधी तक रिपोर्ट्स पहुंच रही है?
जवाब : लुधियाना में जो पार्टी के इंचार्ज हैं, वह इस चीज को देखेंगे। हर चुनाव के बाद एक विश्लेषण होता है, जिसमें उम्मीदवार अपनी रिपोर्ट देगा, जिला प्रधान अपनी रिपोर्ट देगा। सभी रिपोर्ट्स को देखकर जो कांग्रेस हाईकमान के सचिव हैं वह भी मंथन करेंगे। इसके बाद हाईकमान फैसला लेगी। सवाल: भाजपा ने सरकार तो बना ली, लेकिन गठजोड़ पार्टियों के सांसदों को कोई मंत्रिमंडल खास नहीं मिला। इसे कैसे देखते हैं?
जवाब : गठजोड़ के नेताओं को अब सोचना है, क्योंकि उन्हीं की बैसाखी से सरकार चल रही है। अगर उन्हें महत्त्व नहीं मिलेगा तो वे वहीं जाएंगे, जहां उन्हें महत्व मिलेगा। सवाल: क्या अब भी I.N.D.I.A. की NDA गठजोड़ पार्टियों से बातचीत चल रही है?
जवाब : ये मेरा प्रश्न नहीं है। मैं तो कांग्रेस का एक छोटा सा सिपाही हूं। I.N.D.I.A. के जो घटक दल हैं, इस बारे में वहीं कुछ कह सकते हैं। सवाल: पिछले 10 साल से कांग्रेस का ग्राफ काफी गिरा था। अब एक बार फिर कांग्रेस उठ रही है। इसका क्या कारण है?
जवाब : कांग्रेस का अब ग्राफ लगातार बढ़ेगा, क्योंकि लोग अब इन तमाम पार्टियों को आजमा कर हार चुके हैं। बेशक प्रशासन और आम लोगों सभी को पता है कि कांग्रेस ही देश को चलाना जानती है। कांग्रेस सभी को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है।

शंभू बॉर्डर पर सल्फास निगलने वाले व्यक्ति की मौत:7 लाख का कर्जदार था; किसान बोले- केंद्र सरकार की अनदेखी ने आहत किया
शंभू बॉर्डर पर सल्फास निगलने वाले व्यक्ति की मौत:7 लाख का कर्जदार था; किसान बोले- केंद्र सरकार की अनदेखी ने आहत किया फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की लीगल गारंटी समेत 13 मांगों को लेकर शंभू बॉर्डर पर चल रहे संघर्ष में सल्फास निगलने वाले व्यक्ति की मौत हो गई है। उसने आज सुबह करीब 3 दिन के उपचार के बाद पटियाला के राजिंद्रा अस्पताल में दम तोड़ दिया। बता दें कि व्यक्ति का नाम रणजोध सिंह था। वह खन्ना के गांव रतनहेड़ी का रहने वाला था। उसने 14 दिसंबर को किसानों के दिल्ली कूच के प्रयास के दौरान शंभू बॉर्डर पर सल्फास निकला। इसके बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। उसकी मौत के बाद किसानों का कहना है कि केंद्र सरकार किसानों की सुनवाई नहीं कर रही है। इससे वह काफी आहत था। किसान नेताओं की मीटिंग शुरू जैसे ही किसान की मौत की खबर मोर्चे पर पहुंची है। उसके बाद किसानों की इस मुद्दे को लेकर अहम मीटिंग चल रही है। इसमें मृतक के संस्कार आदि के बारे में फैसला लिया जाना है।। हालांकि सभी बड़े किसान नेता अपने इलाकों में रेल रोको आंदोलन में शामिल होने के लिए गए हुए हैं। ऐसे में मोर्च द्वारा सारी चीजों पर विचार किया जा रहा है। किसानों के मुताबिक रणजोध सिंह किसान आंदोलन से जुड़ा हुआ थी। परिवार में उसकी पत्नी कुलदीप कौर, एक बेटा व बेटी और बुजुर्ग परिजन है। बेटी की शादी हो चुकी है। किसानों का कहना है कि काफी समय से वह आंदोलन में आ रहा है। तीन बार दिल्ली कूच की हुई कोशिश किसानों की तरफ दिसंबर माह में छह , आठ 14 दिसंबर को दिल्ली कूच की कोशिश की थी। इस दौरान केवल किसानों 101 का जत्था दिल्ली की तरफ बड़ा था। लेकिन हरियाणा सीमा पर पुलिस ने किसानों को रोक दिया। इस दौरान किसानों पर आंसू गैस के गोले और वाटर कैनन का प्रयोग किया गया था। इस वजह से किसान किसान आगे नहीं बढ़ पाए थे। तीन दिनों में करीब तीस से चालीस किसान आंदोलन घायल हुए थे।